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Slug:- साइबर अपराध पर धनबाद पुलिस का बड़ा प्रहार, अब गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान 25 लाख लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य............... रात्रि चौपाल से लेकर संचार मित्र तक............... फर्जी सिम बेचने वालों पर भी पुलिस की नजर............... Anchor:- साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए धनबाद पुलिस अब बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है। लक्ष्य है जिले की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सतर्क करना। इसके लिए शहर से लेकर गांव तक पुलिस की टीमें पहुंच रही हैं। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं, तो गांवों में अब रात्रि चौपाल के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए जाएंगे। धनबाद पुलिस साइबर अपराधियों के साथ-साथ कथित तौर पर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क पर भी नजर रख रही है। धनबाद के डीएसपी विधि-व्यवस्था कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक और पुलिस की भावी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से शुरू किए गए जागरूकता अभियान का उद्देश्य धनबाद की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना है। पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों से बचने के तरीके बता रही हैं। अभियान को सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अब ग्रामीण इलाकों में रात्रि चौपाल लगाकर पुलिस सीधे लोगों से संवाद करेगी। इसके साथ ही जागरूकता पुस्तिकाओं का वितरण, ऑडियो-वीडियो वैन के जरिए प्रचार और शॉपिंग मॉल समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष वीडियो सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाली मुहिम है। लोग खुद सतर्क रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक करें। साइबर जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए दूरसंचार विभाग और धनबाद पुलिस ने मिलकर संचार मित्र कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसके तहत आईआईटी (आइएसएम) के 13 युवाओं को संचार मित्र बनाया गया है। इन युवाओं को पुलिस और दूरसंचार विभाग की ओर से 24 घंटे की विशेष ओरिएंटेशन ट्रेनिंग दी गई है। ये संचार मित्र लोगों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ संदिग्ध मोबाइल नंबर और संचार सेवाओं की जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1930, चक्षु पोर्टल और संचार साथी पोर्टल के उपयोग की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले पोषण सखी और आंगनवाड़ी सेविकाओं को भी साइबर सुरक्षा के जमीनी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए धनबाद पुलिस अब उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। ग्रामीण एसपी के मुताबिक, डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे दुकानों और स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां कथित तौर पर फर्जी या अवैध दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इनपुट और डेटा के विश्लेषण के बाद संबंधित ठिकानों पर छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है। वहीं धनबाद की सीमा से सटे जामताड़ा, गिरिडीह और देवघर के इलाकों को साइबर अपराध के लिहाज से संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। इन इलाकों में भी चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही साइबर अपराध की राह पर जाने वाले युवाओं को पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि वे समय रहते इस रास्ते से दूर हो जाएं, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर जागरूकता अभियान को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद धनबाद पुलिस ने इसे केवल एक सप्ताह तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। अब हर सप्ताह एक से दो बार स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध पर केवल कार्रवाई से पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि आम लोग ठगी के तरीकों को पहचानें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। Byte:- एस. मोहम्मद याकूब – ग्रामीण एसपी, धनबाद। V/O-Final:- कुल मिलाकर धनबाद पुलिस की रणनीति साफ है—एक तरफ साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई, तो दूसरी तरफ आम लोगों को जागरूक कर उन्हें साइबर ठगी से बचाना। अब देखना होगा कि शहर से लेकर गांव तक चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराध पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाता है।

38 min ago
user_Niraj Kumar
Niraj Kumar
Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
38 min ago

Slug:- साइबर अपराध पर धनबाद पुलिस का बड़ा प्रहार, अब गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान 25 लाख लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य............... रात्रि चौपाल से लेकर संचार मित्र तक............... फर्जी सिम बेचने वालों पर भी पुलिस की नजर............... Anchor:- साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए धनबाद पुलिस अब बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है। लक्ष्य है जिले की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सतर्क करना। इसके लिए शहर से लेकर गांव तक पुलिस की टीमें पहुंच रही हैं। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं, तो गांवों में अब रात्रि चौपाल के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए जाएंगे। धनबाद पुलिस साइबर अपराधियों के साथ-साथ कथित तौर पर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क पर भी नजर रख रही है। धनबाद के डीएसपी विधि-व्यवस्था कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक और पुलिस की भावी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से शुरू किए गए जागरूकता अभियान का उद्देश्य धनबाद की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना है। पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों से बचने के तरीके बता रही हैं। अभियान को सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अब ग्रामीण इलाकों में रात्रि चौपाल लगाकर पुलिस सीधे लोगों से संवाद करेगी। इसके साथ ही जागरूकता पुस्तिकाओं का वितरण, ऑडियो-वीडियो वैन के जरिए प्रचार और शॉपिंग मॉल समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष वीडियो सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाली मुहिम है। लोग खुद सतर्क रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक करें। साइबर जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए दूरसंचार विभाग और धनबाद पुलिस ने मिलकर संचार मित्र कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसके तहत आईआईटी (आइएसएम) के 13 युवाओं को संचार मित्र बनाया गया है। इन युवाओं को पुलिस और दूरसंचार विभाग की ओर से 24 घंटे की विशेष

ओरिएंटेशन ट्रेनिंग दी गई है। ये संचार मित्र लोगों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ संदिग्ध मोबाइल नंबर और संचार सेवाओं की जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1930, चक्षु पोर्टल और संचार साथी पोर्टल के उपयोग की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले पोषण सखी और आंगनवाड़ी सेविकाओं को भी साइबर सुरक्षा के जमीनी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए धनबाद पुलिस अब उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। ग्रामीण एसपी के मुताबिक, डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे दुकानों और स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां कथित तौर पर फर्जी या अवैध दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इनपुट और डेटा के विश्लेषण के बाद संबंधित ठिकानों पर छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है। वहीं धनबाद की सीमा से सटे जामताड़ा, गिरिडीह और देवघर के इलाकों को साइबर अपराध के लिहाज से संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। इन इलाकों में भी चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही साइबर अपराध की राह पर जाने वाले युवाओं को पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि वे समय रहते इस रास्ते से दूर हो जाएं, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर जागरूकता अभियान को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद धनबाद पुलिस ने इसे केवल एक सप्ताह तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। अब हर सप्ताह एक से दो बार स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध पर केवल कार्रवाई से पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि आम लोग ठगी के तरीकों को पहचानें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। Byte:- एस. मोहम्मद याकूब – ग्रामीण एसपी, धनबाद। V/O-Final:- कुल मिलाकर धनबाद पुलिस की रणनीति साफ है—एक तरफ साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई, तो दूसरी तरफ आम लोगों को जागरूक कर उन्हें साइबर ठगी से बचाना। अब देखना होगा कि शहर से लेकर गांव तक चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराध पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाता है।

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    Slug:- साइबर अपराध पर धनबाद पुलिस का बड़ा प्रहार, अब गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान

25 लाख लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य...............

रात्रि चौपाल से लेकर संचार मित्र तक...............

फर्जी सिम बेचने वालों पर भी पुलिस की नजर...............


Anchor:- साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए धनबाद पुलिस अब बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है। लक्ष्य है जिले की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सतर्क करना। इसके लिए शहर से लेकर गांव तक पुलिस की टीमें पहुंच रही हैं। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं, तो गांवों में अब रात्रि चौपाल के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए जाएंगे। धनबाद पुलिस साइबर अपराधियों के साथ-साथ कथित तौर पर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क पर भी नजर रख रही है।

धनबाद के डीएसपी विधि-व्यवस्था कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक और पुलिस की भावी रणनीति की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से शुरू किए गए जागरूकता अभियान का उद्देश्य धनबाद की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना है।

पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों से बचने के तरीके बता रही हैं।

अभियान को सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अब ग्रामीण इलाकों में रात्रि चौपाल लगाकर पुलिस सीधे लोगों से संवाद करेगी।

इसके साथ ही जागरूकता पुस्तिकाओं का वितरण, ऑडियो-वीडियो वैन के जरिए प्रचार और शॉपिंग मॉल समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष वीडियो सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि साइबर सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाली मुहिम है। लोग खुद सतर्क रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक करें।

साइबर जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए दूरसंचार विभाग और धनबाद पुलिस ने मिलकर संचार मित्र कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसके तहत आईआईटी (आइएसएम) के 13 युवाओं को संचार मित्र बनाया गया है। इन युवाओं को पुलिस और दूरसंचार विभाग की ओर से 24 घंटे की विशेष ओरिएंटेशन ट्रेनिंग दी गई है।

ये संचार मित्र लोगों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ संदिग्ध मोबाइल नंबर और संचार सेवाओं की जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1930, चक्षु पोर्टल और संचार साथी पोर्टल के उपयोग की जानकारी देंगे।

उन्होंने बताया कि इससे पहले पोषण सखी और आंगनवाड़ी सेविकाओं को भी साइबर सुरक्षा के जमीनी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।

साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए धनबाद पुलिस अब उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है।

ग्रामीण एसपी के मुताबिक, डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे दुकानों और स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां कथित तौर पर फर्जी या अवैध दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए जा रहे हैं।

इनपुट और डेटा के विश्लेषण के बाद संबंधित ठिकानों पर छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है।

वहीं धनबाद की सीमा से सटे जामताड़ा, गिरिडीह और देवघर के इलाकों को साइबर अपराध के लिहाज से संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी बढ़ाई गई है।

इन इलाकों में भी चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही साइबर अपराध की राह पर जाने वाले युवाओं को पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि वे समय रहते इस रास्ते से दूर हो जाएं, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर जागरूकता अभियान को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद धनबाद पुलिस ने इसे केवल एक सप्ताह तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। अब हर सप्ताह एक से दो बार स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध पर केवल कार्रवाई से पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि आम लोग ठगी के तरीकों को पहचानें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

Byte:- एस. मोहम्मद याकूब – ग्रामीण एसपी, धनबाद।

V/O-Final:- कुल मिलाकर धनबाद पुलिस की रणनीति साफ है—एक तरफ साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई, तो दूसरी तरफ आम लोगों को जागरूक कर उन्हें साइबर ठगी से बचाना। अब देखना होगा कि शहर से लेकर गांव तक चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराध पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाता है।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    38 min ago
  • धनबाद में एक वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल वायरल वीडियो में दर्जनों की संख्या में आवारा कुत्ते एक बच्ची को काटते आ रहे नजर धनबाद में एक वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल वायरल वीडियो में दर्जनों की संख्या में आवारा कुत्ते एक बच्ची को काटते आ रहे नजर, वही जब सोशल मीडिया में इस मामले को प्रमुखता से रखा तो धनबाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुली और आनंन फानन में वैसे आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया गया। हालांकि इस दौरान एक बात और समय सामने आई आवारा कुत्तों को पकड़ दे आए निगम कर्मी ने बताया कि इस काम में उन लोगों का सहयोग नहीं मिल रहा कई बार तो जब हम उन्हें पढ़ते हैं तो कुछ लोग उन्हें छुड़ा देते हैं निगम करनी है लोगों से सहयोग की अपील भी की अब सवाल यह उठता है की क्या हर काम हम अधिकारियों और कर्मियों के भरोसे छोड़ सकते हैं क्या हमारा कोई दायित्व नहीं बनता हमें भी अपनी जिंवरी समझनी चाहिए अपना क्षेत्र साफ सुथरा हो स्वच्छ हो सुरक्षित हो इसे हमें खुद आगे बढ़कर करना चाहिए निगम या अधिकारी अन्य संस्था हमारी सेवा के लिए है उससे पहले हमें सुधारना होगा और हमें एक साफ सुरक्षित समाज का निर्माण करना होगा
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    धनबाद में एक वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल वायरल वीडियो में  दर्जनों की संख्या में आवारा कुत्ते एक बच्ची को काटते आ रहे नजर 

धनबाद में एक वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल वायरल वीडियो में  दर्जनों की संख्या में आवारा कुत्ते एक बच्ची को काटते आ रहे नजर, वही जब सोशल मीडिया में इस मामले को प्रमुखता से रखा तो धनबाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुली और आनंन फानन में वैसे आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया गया। हालांकि इस दौरान एक बात और समय सामने आई आवारा कुत्तों को पकड़ दे आए निगम कर्मी ने बताया कि इस काम में उन लोगों का सहयोग नहीं मिल रहा कई बार तो जब हम उन्हें पढ़ते हैं तो कुछ लोग उन्हें छुड़ा देते हैं निगम करनी है लोगों से सहयोग की अपील भी की अब सवाल यह उठता है की क्या हर काम हम अधिकारियों और कर्मियों के भरोसे छोड़ सकते हैं क्या हमारा कोई दायित्व नहीं बनता हमें भी अपनी जिंवरी समझनी चाहिए अपना क्षेत्र साफ सुथरा हो स्वच्छ हो सुरक्षित हो इसे हमें खुद आगे बढ़कर करना चाहिए निगम या अधिकारी अन्य संस्था हमारी सेवा के लिए है उससे पहले हमें सुधारना होगा और हमें एक साफ सुरक्षित समाज का निर्माण करना होगा
    user_मो० फारुख (पत्रकार)
    मो० फारुख (पत्रकार)
    Newspaper publisher गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड•
    55 min ago
  • आरोप प्रत्यारोप का दौर आरंभ धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के बयान के बाद अब जे एल के एम के नेता ने धनबाद सांसद पर पलटवार करते हुए क्या कुछ कहा आइए जानते हैं इस खबर में,,,,,,,,, ।
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    आरोप प्रत्यारोप का दौर आरंभ
धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के बयान के बाद अब जे एल  के एम के नेता ने धनबाद सांसद पर पलटवार करते हुए क्या कुछ कहा आइए जानते हैं इस खबर में,,,,,,,,, ।
    user_संतोष कुमार दे
    संतोष कुमार दे
    रिपोर्टर बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    1 hr ago
  • डोजर-बंदूक के जोर पर नहीं हटेंगे लोग! ई-ब्लॉक परियोजना में 5 लाख आबादी पर विस्थापन का संकट ई-ब्लॉक परियोजना से 5 लाख लोग प्रभावित! विजय झा बोले- डोजर और बंदूक से नहीं खाली होंगे घर
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    डोजर-बंदूक के जोर पर नहीं हटेंगे लोग! ई-ब्लॉक परियोजना में 5 लाख आबादी पर विस्थापन का संकट
ई-ब्लॉक परियोजना से 5 लाख लोग प्रभावित! विजय झा बोले- डोजर और बंदूक से नहीं खाली होंगे घर
    user_जनता न्यूज़ 24
    जनता न्यूज़ 24
    बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    19 hrs ago
  • रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार के पावन अवसर पर चंद्रपुरा क्षेत्र में बहन ने भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर लम्बी उम्र की कामना की।  भाई बहन का सबसे पवित्र एवं श्रेष्ठ त्यौहार रक्षाबधन शुक्रवार को चंद्रपुरा क्षेत्र में बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र ओर और सुख-समृद्धि की कामना की। इस पावन बेला में नर्रा में रिया कुमारी, चाहत कुमारी अनी कुमारी ने अपने भाई बिल्टू कुमार एवं अंशु कुमार के कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। बताया जाता है कि रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है.लड़कियां और महिलाएं पूजा की थाली सजाती हैं।थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक व मिष्ठान्न आदि होते हैं। पहले अभीष्ट देवता और कुल देवता की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके उसकी आरती उतारी जाती है व दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। भाई, बहन को उपहार अथवा शुभकामना प्रतीक कुछ न कुछ भेंट अवश्य देते हैं और उनकी रक्षा की प्रतिज्ञा लेते हैं। यह एक ऐसा पावन पर्व है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को पूरा आदर और सम्मान देता है। रिया कुमारी, चाहत कुमारी, एवं अन्नी कुमारी ने कहा कि रक्षाबंधन हमलोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई बहन के प्यार को और मजबूत बनाता है। त्योहार के दिन सभी परिवार एक हो जाते है और राखी, उपहार और मिठाई देकर अपना प्यार साझा करते है।
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    रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार के पावन अवसर पर चंद्रपुरा क्षेत्र में बहन ने भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर लम्बी उम्र की कामना की। 
भाई बहन का सबसे पवित्र एवं श्रेष्ठ त्यौहार रक्षाबधन शुक्रवार को चंद्रपुरा क्षेत्र में बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र ओर और सुख-समृद्धि की कामना की। इस पावन बेला में नर्रा में रिया कुमारी, चाहत कुमारी अनी कुमारी ने अपने भाई बिल्टू कुमार एवं अंशु कुमार के कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। बताया जाता है कि रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है.लड़कियां और महिलाएं पूजा की थाली सजाती हैं।थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक व मिष्ठान्न आदि होते हैं। पहले अभीष्ट देवता और कुल देवता की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके उसकी आरती उतारी जाती है व दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। भाई, बहन को उपहार अथवा शुभकामना प्रतीक कुछ न कुछ भेंट अवश्य देते हैं और उनकी रक्षा की प्रतिज्ञा लेते हैं। यह एक ऐसा पावन पर्व है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को पूरा आदर और सम्मान देता है। रिया कुमारी, चाहत कुमारी, एवं अन्नी कुमारी ने कहा कि रक्षाबंधन हमलोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई बहन के प्यार को और मजबूत बनाता है। त्योहार के दिन सभी परिवार एक हो जाते है और राखी, उपहार और मिठाई देकर अपना प्यार साझा करते है।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    4 hrs ago
  • MMDR बिल के विरोध में कांग्रेस का टावर चौक पर एक दिवसीय महाधरना गिरिडीह। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए खनन एवं खनिज संशोधन विधेयक (MMDR Bill) के विरोध में गिरिडीह जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से गुरुवार को टावर चौक पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। धरने में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नए खनन कानून को झारखंड के हितों के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकसभा में नया खनन बिल पारित कर झारखंड के हितों पर कुठाराघात करने का काम किया है। उनका आरोप है कि इस कानून के माध्यम से राज्य के खनिज संसाधनों पर झारखंड के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था और यहां संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का उपयोग राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं में होता है। ऐसे में नए खनन बिल से राज्य के हितों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। धरना कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग उठाई। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह कोडरमा लोकसभा प्रभारी मणिशंकर और गिरिडीह जिला कांग्रेस प्रभारी सुरेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
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    MMDR बिल के विरोध में कांग्रेस का टावर चौक पर एक दिवसीय महाधरना
गिरिडीह। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए खनन एवं खनिज संशोधन विधेयक (MMDR Bill) के विरोध में गिरिडीह जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से गुरुवार को टावर चौक पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। धरने में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नए खनन कानून को झारखंड के हितों के खिलाफ बताया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकसभा में नया खनन बिल पारित कर झारखंड के हितों पर कुठाराघात करने का काम किया है। उनका आरोप है कि इस कानून के माध्यम से राज्य के खनिज संसाधनों पर झारखंड के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था और यहां संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का उपयोग राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं में होता है। ऐसे में नए खनन बिल से राज्य के हितों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है।
धरना कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग उठाई।
कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह कोडरमा लोकसभा प्रभारी मणिशंकर और गिरिडीह जिला कांग्रेस प्रभारी सुरेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    19 hrs ago
  • ईसीएल बराकर इंजीनियरिंग & फाउंड्री वर्कशॉप चोरों का तांडव देखने को मिला ईसीएल सकतोड़िया हेडक्वार्टर अंतर्गत बराकर इंजीनियरिंग & फाउंड्री वर्कशॉप (BE&FW) में 30 से 40 की संख्या में चोरों के द्वारा सिक्योरिटी सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट कर बंधक बनाया। चोरों की संख्या 30-40 बीती रात्रि सुरक्षा कर्मियों को मारपीट कर घायल और बंधक बनाया
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    ईसीएल बराकर इंजीनियरिंग & फाउंड्री वर्कशॉप चोरों का तांडव देखने को मिला 
ईसीएल सकतोड़िया हेडक्वार्टर अंतर्गत बराकर इंजीनियरिंग & फाउंड्री वर्कशॉप (BE&FW) में 30 से 40 की संख्या में चोरों के द्वारा सिक्योरिटी सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट कर बंधक बनाया।
चोरों की संख्या 30-40 बीती रात्रि सुरक्षा कर्मियों को मारपीट कर घायल और बंधक बनाया
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Photographer निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    23 hrs ago
  • राजगंज में रफ्तार का कहर: एनएच-19 पर दो युवकों की दर्दनाक मौत, रहमतगंज में पसरा मातम धनबाद। राजगंज थाना क्षेत्र के चालीबंगला के समीप एनएच-19 पर बुधवार को दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों युवक कथित तौर पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मृतकों की पहचान पांडरपाला-रहमतगंज निवासी ओसामा और सैजान तबरेज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बुधवार को बाइक से घर से निकले थे। इसी दौरान चालीबंगला के पास उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलते ही राजगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन और चालक की तलाश में जुटी है। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। खासकर सैजान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे रहमतगंज इलाके में शोक का माहौल है।
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    राजगंज में रफ्तार का कहर: एनएच-19 पर दो युवकों की दर्दनाक मौत, रहमतगंज में पसरा मातम
धनबाद। राजगंज थाना क्षेत्र के चालीबंगला के समीप एनएच-19 पर बुधवार को दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों युवक कथित तौर पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
मृतकों की पहचान पांडरपाला-रहमतगंज निवासी ओसामा और सैजान तबरेज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बुधवार को बाइक से घर से निकले थे। इसी दौरान चालीबंगला के पास उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी।
घटना की सूचना मिलते ही राजगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन और चालक की तलाश में जुटी है।
हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। खासकर सैजान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे रहमतगंज इलाके में शोक का माहौल है।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Local News Reporter धनबाद-कम-केंदुआडीह-कम-जागता, धनबाद, झारखंड•
    21 hrs ago
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