14 अप्रैल को पीएम मोदी द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किए जाने के बाद से दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे में पूरा हो रहा है। हालांकि, इस आसान कनेक्टिविटी का असर सीधे तौर पर देहरादून की सड़कों पर दिख रहा है। उद्घाटन के अगले ही दिन यानी 15 अप्रैल से ही इस मार्ग पर वाहनों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। दिल्ली के बाद अब देहरादून की सड़कों पर भी युवाओं का तांता लगा हुआ है। इस भारी भीड़ के कारण शहर में ट्रैफिक की एक नई समस्या खड़ी हो गई है। दिल्ली से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचने वाले लोगों को अब शहर के अंदर दाखिल होने में ही 2 घंटे और लग रहे हैं। वीकेंड पर स्थिति और भी बदतर हो जाती है और शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग रहा है। इस पूरी स्थिति पर सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग चुटकी लेते हुए पूछ रहे हैं - "सब आ गए न देहरादून, कोई रह तो नहीं गया?"
14 अप्रैल को पीएम मोदी द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किए जाने के बाद से दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे में पूरा हो रहा है। हालांकि, इस आसान कनेक्टिविटी का असर सीधे तौर पर देहरादून की सड़कों पर दिख रहा है। उद्घाटन के अगले ही दिन यानी 15 अप्रैल से ही इस मार्ग पर वाहनों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। दिल्ली के बाद अब देहरादून की सड़कों पर भी युवाओं का तांता लगा हुआ है। इस भारी भीड़ के कारण शहर में ट्रैफिक की एक नई समस्या खड़ी हो गई है। दिल्ली से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचने वाले लोगों को अब शहर के अंदर दाखिल होने में ही 2 घंटे और लग रहे हैं। वीकेंड पर स्थिति और भी बदतर हो जाती है और शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग रहा है। इस पूरी स्थिति पर सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग चुटकी लेते हुए पूछ रहे हैं - "सब आ गए न देहरादून, कोई रह तो नहीं गया?"
- 14 अप्रैल को पीएम मोदी द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किए जाने के बाद से दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे में पूरा हो रहा है। हालांकि, इस आसान कनेक्टिविटी का असर सीधे तौर पर देहरादून की सड़कों पर दिख रहा है। उद्घाटन के अगले ही दिन यानी 15 अप्रैल से ही इस मार्ग पर वाहनों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। दिल्ली के बाद अब देहरादून की सड़कों पर भी युवाओं का तांता लगा हुआ है। इस भारी भीड़ के कारण शहर में ट्रैफिक की एक नई समस्या खड़ी हो गई है। दिल्ली से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचने वाले लोगों को अब शहर के अंदर दाखिल होने में ही 2 घंटे और लग रहे हैं। वीकेंड पर स्थिति और भी बदतर हो जाती है और शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग रहा है। इस पूरी स्थिति पर सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग चुटकी लेते हुए पूछ रहे हैं - "सब आ गए न देहरादून, कोई रह तो नहीं गया?"1
- सहारनपुर के ग्राम मिल्को में प्रदूषण फैलने से ग्रामीणों में भारी चिंता व्याप्त है। गांव के निवासी फरमान ठाकुर ने शासन-प्रशासन और मुख्यमंत्री से इस गंभीर समस्या पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि गांव में एक कंपनी से केमिकल लाया जा रहा है, जिसकी यहां सफाई की जाती है और फिर उसे बेचा जाता है। इस जहरीले प्रदूषण के कारण गांव के बच्चे लगातार गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं और उनके इलाज के लिए बेहद महंगी दवाइियां खिलानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाले इस कार्य को तुरंत गांव से बाहर कराया जाए और इसे संचालित करने वाले व्यक्ति पर तत्काल सख्त एक्शन लिया जाए।1
- दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में देर रात देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की और दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर राजभवन के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास पर दिए गए धरने के समर्थन में दिल्ली जा रहे सहारनपुर के कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। जिले भर में कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया, जबकि दिल्ली जा रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा को फतेहपुर-बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के बिहारीगढ़ टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस के अनुसार, नजरबंद किए गए नेताओं में जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा के अलावा जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा, हरिओम मिश्रा और सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू समेत कई पदाधिकारी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने से रोकना पूरी तरह से अनुचित है। इस पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए जिला प्रवक्ता गणेश शर्मा ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और देश तथा प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा कर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं हिरासत में लिए गए जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की तानाशाही अब हद पार कर चुकी है और लोकतंत्र में जनता व कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।2
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंगलवार दोपहर 12 बजे मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस गरिमामयी समारोह में कुल 22,315 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 19,069 स्नातक और 3,246 परास्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। इसके अलावा, विभिन्न संकायों के छह विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक तथा कुल 99 मेधावियों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। उपाधि और पदक पाकर विद्यार्थियों ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। स्वास्थ्य कारणों के चलते उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल समारोह स्थल पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं, जिसके कारण उन्होंने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डिग्री नहीं, बल्कि उनका चरित्र ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। राज्यपाल ने युवाओं से नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, एआई, स्टार्टअप और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अपनी डिग्री और अंकपत्र को डीजी लॉकर से जोड़ने की अपील की ताकि दुनिया के किसी भी कोने से इन्हें आसानी से हासिल किया जा सके। राज्यपाल ने छात्रों को नशे से दूर रहने, पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने और मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी संदेश दिया।1
- एक रेलवे स्टेशन पर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आरोप है कि कुछ यात्रियों ने एक चिप्स बेचने वाले का ठेला लूट लिया और उसका सारा सामान तहस-नहस कर दिया। इस घिनौनी हरकत के कारण पीड़ित विक्रेता की पूरी कमाई और उसकी रोज़ी-रोटी का एकमात्र जरिया पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग इस कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं और पीड़ित विक्रेता के लिए मदद की मांग उठा रहे हैं। यह दर्दनाक वाकया एक बार फिर सार्वजनिक जगहों पर छोटे व्यापारियों की सुरक्षा की आवश्यकता पर गंभीर सवाल उठाता है।1
- पेपर लीक के मुद्दे को लेकर संसद भवन की ओर बढ़ रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज, अमानवीय व्यवहार, अपशब्दों के प्रयोग और पत्रकारों के साथ की गई बदसलूकी के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा है। दिल्ली में छात्रों पर हुए इस कार्रवाई के बाद अब देहरादून में भी भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई बर्बरता और दुर्व्यवहार को लेकर अपना कड़ा आक्रोश जता रहे हैं।1