बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित बिकमा तालाब में छह मगरमच्छ के बच्चे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तालाब किनारे इन शावकों को देखा और तुरंत पुलिस तथा वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने सभी शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, ये मगरमच्छ के बच्चे हाल ही में तालाब किनारे दिए गए अंडों से बाहर निकले थे। सुबह तालाब में नहाने गए लोगों की नजर इन शावकों पर पड़ी, जिसके बाद प्रशासन को सूचित किया गया। रतनपुर पुलिस और वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी छह मगरमच्छ शावकों को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के उपरांत, वन विभाग ने इन सभी शावकों को उनके प्राकृतिक आवास खुटाघाट डैम में छोड़ दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान, बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और मगरमच्छ के बच्चों को देखने के लिए उत्सुक दिखे। वन विभाग ने यह आशंका जताई है कि बिकमा तालाब में अभी भी तीन और मगरमच्छ मौजूद हो सकते हैं। इसे देखते हुए, विभाग ने क्षेत्र के लोगों से तालाब के आसपास सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से पानी के किनारे न जाने और मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचना देने की अपील की है। वन विभाग ने बताया है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित बिकमा तालाब में छह मगरमच्छ के बच्चे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तालाब किनारे इन शावकों को देखा और तुरंत पुलिस तथा वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने सभी शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, ये मगरमच्छ के बच्चे हाल ही में तालाब किनारे दिए गए अंडों से बाहर निकले थे। सुबह तालाब में नहाने गए लोगों की नजर इन शावकों पर पड़ी, जिसके बाद प्रशासन को सूचित किया गया। रतनपुर पुलिस और वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी छह मगरमच्छ शावकों को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के उपरांत, वन विभाग ने
इन सभी शावकों को उनके प्राकृतिक आवास खुटाघाट डैम में छोड़ दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान, बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और मगरमच्छ के बच्चों को देखने के लिए उत्सुक दिखे। वन विभाग ने यह आशंका जताई है कि बिकमा तालाब में अभी भी तीन और मगरमच्छ मौजूद हो सकते हैं। इसे देखते हुए, विभाग ने क्षेत्र के लोगों से तालाब के आसपास सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से पानी के किनारे न जाने और मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचना देने की अपील की है। वन विभाग ने बताया है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- कोंडागांव से सामने आई खबर के अनुसार, वहाँ आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल किया जा रहा है। उन्हें जंगल से बाहर निकालने के लिए यह तर्क दिया जा रहा है कि उन्होंने 'औषधीय कब्जा' कर रखा है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दो सात साल की मासूम बच्चियों को रस्सी से बांधकर उनके साथ हैवानियत की गई है। इस गंभीर मामले में आरोपी को VI ट्रीटमेंट दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत परसदा के आवास पारा में एक कबाड़ी दुकान संचालक रवि शंकर चौहान पर चाकू से हमला किया गया है। यह घटना शुक्रवार रात लगभग 8:00 बजे हुई, जब आरोपी राजा रजक ने लोहा खरीदने से इनकार करने पर दुकानदार पर हमला कर दिया। प्रार्थी रवि शंकर चौहान, जिसकी उम्र 22 वर्ष है, ने बताया कि आवास पारा में रहने वाला राजा रजक कुछ लोहे का पाइप बेचने आया था, जिसे उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि वे लोहा नहीं खरीदते। इस बात से नाराज राजा रजक थोड़ी देर बाद 10-15 लड़कों के साथ वापस दुकान पर पहुंचा। उसने गाली-गलौज करते हुए सब्जी काटने वाले चाकू से रवि शंकर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी पीठ की चमड़ी पर हल्की चोट आई और कपड़े फट गए। रवि शंकर ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई, और राजा रजक ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले की शिकायत चकरभाठा थाने में दर्ज कराई गई है। प्रार्थी ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है; इससे पहले भी राजा रजक ने गुंडागर्दी करते हुए उसे और उसके पिता को बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा था। उस समय भी चकरभाठा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन उचित कार्रवाई न होने के कारण राजा रजक के हौसले बुलंद हो गए हैं। रवि शंकर ने थाना प्रभारी से राजा रजक को तत्काल हिरासत में लेकर उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया है। इसके अतिरिक्त, प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि राजा रजक आवास पारा परसदा में खुलेआम अवैध रूप से शराब बेचता है, जिससे क्षेत्र का माहौल काफी खराब हो चुका है, और वह खुद को इलाके का डॉन बताता है।1
- गरियाबंद जिले के राजिम में खनिज विभाग ने रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद अवैध रेत उत्खनन कर रहे माफियाओं के खिलाफ कलेक्टर बी एस उईके के निर्देश पर खनिज विभाग और राजिम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चौबेबाँधा सिंधौरी में छापा मारा। इस दौरान मौके से एक चैनमाउंटेन मशीन और रेत से भरा एक हाइवा वाहन जब्त किया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मानसून अवधि में 15 जून से 15 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी रेत खदान बंद रखने का निर्देश है, जिसका उद्देश्य नदियों के पर्यावरण और जल-जीवों का संरक्षण करना है। इसके बावजूद गरियाबंद जिले में रेत माफिया सक्रिय थे और दिन-रात धड़ल्ले से अवैध उत्खनन एवं परिवहन कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खनिज विभाग हरकत में आया और मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। खनिज अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि में किसी भी प्रकार का उत्खनन पूरी तरह गैरकानूनी है और दोषियों पर खनिज अधिनियम के तहत भारी जुर्माना तथा जेल की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर बी एस उईके ने भी सख्त लहजे में कहा कि जिले में अवैध रेत उत्खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही है। हालांकि, लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद भी रेत माफियाओं के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अवैध उत्खनन की सूचना तुरंत देने की अपील की है।2
- बिलासपुर के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र व्यापार विहार में दिनदहाड़े ठगों ने एक व्यापारी को 'जल्दी अमीर बनने' का झांसा देकर उससे ढाई लाख रुपये नकदी से भरा थैला पार कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह पूरा मामला तारबहार थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। जांजगीर-चांपा जिले के रोकदा निवासी एक व्यापारी अपने बेटे और पोते के साथ साप्ताहिक बाजार के लिए सामान खरीदने बिलासपुर आए थे। वे पिकअप वाहन से व्यापार विहार पहुंचे थे और खरीदारी की तैयारी कर रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे, दो अज्ञात युवक उनके पास आए और उनसे चावल खरीदने के लिए अच्छी दुकान का पता पूछा। बातों-बातों में उन्होंने व्यापारी को झांसे में ले लिया और दावा किया कि वे उसे जल्द ही अमीर बना सकते हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर किसी टोटके और चमत्कार का हवाला दिया और व्यापारी से अगरबत्ती लाने और 11 कदम आगे चलने के लिए कहा। व्यापारी उनके झांसे में आ गया। इसी दौरान, दोनों शातिर आरोपियों ने उसके पास रखी ढाई लाख रुपये नकदी से भरी थैली उठाई और मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने अपने परिजनों के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वे जा चुके थे। इसके बाद तत्काल तारबहार पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में दो संदिग्ध युवक नकदी से भरा थैला लेकर भागते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस अब उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे, चमत्कार, टोटके या जल्दी अमीर बनने के लालच में न आएं। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।1
- एक व्यक्ति की चरित्र शंका के चलते पत्थर से वार कर हत्या कर दी गई है।1
- बलौदाबाजार में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल का जन्मदिवस शुक्रवार को नगर भवन में भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में जिले भर से हजारों की संख्या में समर्थक, शुभचिंतक और आमजन शामिल हुए, जिससे दिनभर नगर भवन परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व विधायक गौरीशंकर अग्रवाल सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आकांक्षा जायसवाल ने केक काटकर जन्मदिन का उत्सव मनाया, जिसके बाद उपस्थित जनसमूह ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता निभाई। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा साहू द्वारा प्रस्तुत ‘लोक बयार मोरध्वज नगरी आरंग’ की आकर्षक प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और दर्शकों द्वारा इसकी खूब सराहना की गई। अपने संबोधन में, अतिथियों ने आकांक्षा जायसवाल के जनसेवा कार्यों की सराहना की और उन्हें जिले के विकास तथा जनता के हित में निरंतर कार्य करने वाली जनप्रतिनिधि बताया। वक्ताओं ने उनके नेतृत्व में जिला पंचायत द्वारा किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी प्रशंसा की। यह जन्मदिवस समारोह सौहार्द, सामाजिक सहभागिता और जनसमर्थन का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए आयोजन को यादगार बना दिया।1
- बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत पेन्ड्रीडीह चौक पर शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे एक ट्रेलर वाहन ने बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक चालक समीर पात्रे घायल हो गए। इस संबंध में समीर पात्रे (21 वर्ष), पिता रामप्रताप पात्रे, निवासी ग्राम पेन्ड्रीडीह ने हिर्री थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, समीर पात्रे दिनांक 12/06/2026 को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 CA 4288 से दवा लेने गए थे और वापस घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। समीर पात्रे ने अपनी शिकायत में बताया कि सकरी की ओर से आ रहे ट्रेलर क्रमांक CG 10 BR 4940 के चालक ने तेज गति, उपेक्षा और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को ठोकर मार दी। दुर्घटना में समीर मोटरसाइकिल सहित गिर गए, जिससे उनके बाएं पैर के घुटने के नीचे, बाएं पैर के पंजे और कमर में चोट लगी तथा खून बहने लगा। एक्सीडेंट के बाद राजू ढाबा के संचालक राजू ने फोन कर उनके पिता को सूचना दी, जिसके बाद पिता उन्हें इलाज के लिए दयाराम अस्पताल चकरभाठा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार कराया गया। दुर्घटना से समीर की मोटरसाइकिल भी काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना को प्रकाश घिडोरे ने देखा है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा 281, 125 ए बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है। समीर पात्रे ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है।1
- गरियाबंद जिले के पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत जतमई के घने जंगलों में एक अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जब हिरनों का एक विशाल झुंड खुले वन क्षेत्र में बेफिक्र होकर विचरण करता दिखा। हिरनों को उछल-कूद करते और समूह में दौड़ते देखकर वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए और कई लोगों ने इस खूबसूरत पल को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया। जंगल के बीचों-बीच हिरनों का यह निर्भीक विचरण क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण का संकेत माना जा रहा है। आमतौर पर बेहद सतर्क रहने वाले इन प्राणियों का इस तरह समूह में दिखाई देना वन क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को भी दर्शाता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखी सौगात साबित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि जतमई क्षेत्र में इस तरह हिरनों का बड़ा झुंड बहुत कम ही नजर आता है। इस नजारे के बाद लोगों ने वन विभाग से वन्यजीव संरक्षण के लिए सतत निगरानी बनाए रखने की मांग की है, ताकि इन बेजुबान वन्य प्राणियों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सके।1