बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत पेन्ड्रीडीह चौक पर शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे एक ट्रेलर वाहन ने बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक चालक समीर पात्रे घायल हो गए। इस संबंध में समीर पात्रे (21 वर्ष), पिता रामप्रताप पात्रे, निवासी ग्राम पेन्ड्रीडीह ने हिर्री थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, समीर पात्रे दिनांक 12/06/2026 को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 CA 4288 से दवा लेने गए थे और वापस घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। समीर पात्रे ने अपनी शिकायत में बताया कि सकरी की ओर से आ रहे ट्रेलर क्रमांक CG 10 BR 4940 के चालक ने तेज गति, उपेक्षा और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को ठोकर मार दी। दुर्घटना में समीर मोटरसाइकिल सहित गिर गए, जिससे उनके बाएं पैर के घुटने के नीचे, बाएं पैर के पंजे और कमर में चोट लगी तथा खून बहने लगा। एक्सीडेंट के बाद राजू ढाबा के संचालक राजू ने फोन कर उनके पिता को सूचना दी, जिसके बाद पिता उन्हें इलाज के लिए दयाराम अस्पताल चकरभाठा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार कराया गया। दुर्घटना से समीर की मोटरसाइकिल भी काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना को प्रकाश घिडोरे ने देखा है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा 281, 125 ए बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है। समीर पात्रे ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है।
बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत पेन्ड्रीडीह चौक पर शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे एक ट्रेलर वाहन ने बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक चालक समीर पात्रे घायल हो गए। इस संबंध में समीर पात्रे (21 वर्ष), पिता रामप्रताप पात्रे, निवासी ग्राम पेन्ड्रीडीह ने हिर्री थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, समीर पात्रे दिनांक 12/06/2026 को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 CA 4288 से दवा लेने गए थे और वापस घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। समीर पात्रे ने अपनी शिकायत में बताया कि सकरी की ओर से आ रहे ट्रेलर क्रमांक CG 10 BR 4940 के चालक ने तेज गति, उपेक्षा और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को ठोकर मार दी। दुर्घटना में समीर मोटरसाइकिल सहित गिर गए, जिससे उनके बाएं पैर के घुटने के नीचे, बाएं पैर के पंजे और कमर में चोट लगी तथा खून बहने लगा। एक्सीडेंट के बाद राजू ढाबा के संचालक राजू ने फोन कर उनके पिता को सूचना दी, जिसके बाद पिता उन्हें इलाज के लिए दयाराम अस्पताल चकरभाठा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार कराया गया। दुर्घटना से समीर की मोटरसाइकिल भी काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना को प्रकाश घिडोरे ने देखा है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा 281, 125 ए बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है। समीर पात्रे ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है।
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र स्थित नेवसा गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रफीक मोहम्मद नामक एक युवक तेज बारिश के बीच गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया। युवक ने धमकी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मघाती कदम उठा लेगा। रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पुलिस ने उन्हें सिरली के पास से पकड़ा, थाने ले जाकर कथित तौर पर मारपीट की और उनसे 23,500 रुपये जबरन ले लिए। दोनों युवकों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन पर दबाव बनाकर झूठा बयान लिखवाया गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने भी पुलिस पर लोगों को जबरन उठाने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए हैं। हालांकि, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों युवकों को क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित होने की सूचना के आधार पर पकड़ा गया था और उनके विरुद्ध शांति भंग की आशंका के चलते धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। घटना से आक्रोशित रफीक मोहम्मद पानी टंकी से नीचे उतरने से इनकार कर रहा है और लगातार इंसाफ की मांग कर रहा है। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने तथा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालों के कारण यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- मुंगेली सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की का अपहरण और शोषण करने वाले आरोपी रामेश्वर साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद शादी का झांसा देकर नाबालिग को पुणे भगा ले जाने वाले आरोपी को पकड़ा गया, वहीं पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी रामेश्वर साहू को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत गिंदोला से तिल्दा जाने वाला लोक निर्माण विभाग (PWD) का मार्ग पिछले तीन वर्षों से टेंडर प्रक्रिया में फंसा होने के कारण अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाल सड़क के कारण स्कूली बच्चों सहित आम नागरिकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे यह मार्ग शासन-प्रशासन के विकास दावों पर गंभीर सवाल उठा रहा है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग इतना जर्जर है कि कई बार स्कूल वाहन और अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। सड़क पर बरसाती पानी की निकासी के लिए डाले गए पाइप के आसपास का हिस्सा लगातार टूट रहा है, और जहाँ चार गाँवों का पानी एक साथ पार होता है, वहाँ पुल के बजाय केवल पाइप डाल दिए गए हैं, जिससे समस्या और भी गंभीर हो गई है। बरसात के दिनों में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने पिछले तीन वर्षों से लगातार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क मरम्मत के लिए आवेदन सौंपे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और संबंधित अधिकारियों को भी कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन 13 जून 2026 तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। विभाग की ओर से हर बार यही जवाब दिया जाता है कि मामला अभी टेंडर प्रक्रिया में है। अब मानसून की दस्तक के साथ ग्रामीणों को आशंका है कि जल्द ही बारिश का हवाला देकर काम को फिर टाल दिया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सिर्फ सड़क का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।1
- यह पोस्ट नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के इच्छुक लोगों और इसके विपरीत विचार रखने वालों से सीधी प्रतिक्रिया माँगती है। इसमें कहा गया है कि जो लोग मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, वे पोस्ट को 'लाइक' करें, जबकि जो लोग उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनाना चाहते, वे 'फॉलो' करें।1
- बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित बिकमा तालाब में छह मगरमच्छ के बच्चे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तालाब किनारे इन शावकों को देखा और तुरंत पुलिस तथा वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने सभी शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, ये मगरमच्छ के बच्चे हाल ही में तालाब किनारे दिए गए अंडों से बाहर निकले थे। सुबह तालाब में नहाने गए लोगों की नजर इन शावकों पर पड़ी, जिसके बाद प्रशासन को सूचित किया गया। रतनपुर पुलिस और वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी छह मगरमच्छ शावकों को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के उपरांत, वन विभाग ने इन सभी शावकों को उनके प्राकृतिक आवास खुटाघाट डैम में छोड़ दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान, बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और मगरमच्छ के बच्चों को देखने के लिए उत्सुक दिखे। वन विभाग ने यह आशंका जताई है कि बिकमा तालाब में अभी भी तीन और मगरमच्छ मौजूद हो सकते हैं। इसे देखते हुए, विभाग ने क्षेत्र के लोगों से तालाब के आसपास सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से पानी के किनारे न जाने और मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचना देने की अपील की है। वन विभाग ने बताया है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।2
- मनरेगा (MNREGA) योजना के तहत पैसे काटने के संबंध में एक इंजीनियर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंजीनियर कभी भी मौके पर उपस्थित नहीं होता और अपनी मनमर्जी से लोगों के पैसे काट लेता है। इस पूरे मामले में संबंधित इंजीनियर के खिलाफ शिकायत करने की बात सामने आई है।2
- शुक्रवार दोपहर 3 बजे, बिलासपुर के NSUI कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर स्थित भोजपुरी टोल प्लाजा पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए चेतावनी दी कि वे स्थानीय लोगों से तमीज से पेश आएं। उनकी प्रमुख मांग थी कि स्थानीय निवासियों को टोल नाके पर छूट दी जाए। कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि स्थानीय लोग शादी-ब्याह, मौत या अन्य किसी मामले में बार-बार टोल प्लाजा से गुजरते हैं और उन्हें हर बार टोल चुकाना पड़ता है, जिसका NSUI ने कड़ा विरोध किया। मामले की जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी, जिसके चलते भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। हिर्री, बिल्हा, चकरभाठा और सिरगिट्टी थानों की पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी, हालांकि प्रदर्शनकारियों की संख्या पुलिस बल के मुकाबले काफी कम थी।1
- बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कछार, सेंदरी और लोफंदी में अवैध रेत उत्खनन का कार्य लगातार जारी है, जिस पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम कछार निवासी सावन खांडे ने कलेक्टर बिलासपुर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि के पास अरपा नदी से लगातार अवैध खनन हो रहा है। विरोध करने पर खनिज माफियाओं ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी एफआईआर कोनी थाने में दर्ज है; इसके बावजूद उनकी जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और अवैध खनन का कार्य अनवरत जारी है। प्रार्थी सावन खांडे के अनुसार, इस मामले में केवल एक बार नहीं बल्कि कई स्तरों पर शिकायतें की गई हैं, जिसमें कोनी थाना, जिला प्रशासन, कलेक्टर कार्यालय और मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार कार्यक्रम तक शामिल हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, महामहिम राज्यपाल ने भी ऐसे मामलों का संज्ञान लिया था, और खनिज सचिव ने ड्रोन से निगरानी कर अवैध खनन पर नियंत्रण का दावा किया था। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों और निर्देशों के असर पर गंभीर सवाल उठाती है। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां क्षेत्रवासी स्थानीय विधायक से सक्रिय पहल की अपेक्षा कर रहे हैं। कांग्रेस नेता अंकित गौराहा ने इस मामले में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक किसान को इतने स्तरों पर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होना प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता है, और यदि शासन के सर्वोच्च स्तर से निर्देश होने पर भी हालात नहीं बदलते तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। गौराहा ने प्रदेश सरकार के अवैध खनन रोकने के बड़े-बड़े दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ग्राम कछार की स्थिति इन दावों की वास्तविकता को उजागर करती है, और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था से उठना स्वाभाविक है। अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों, राज्यपाल के संज्ञान और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था के बावजूद यदि अवैध खनन नहीं रुक रहा है, तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन है। इस प्रश्न का उत्तर केवल प्रभावित किसानों को ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक जवाबदेही और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा रखने वाले सभी लोगों को चाहिए।1
- बिलासपुर के बेलगहना थाना क्षेत्र के कंचनपुर बाजार चौक में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक बिना नंबर के जॉन डियर ट्रैक्टर ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार तीन बच्चों सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 14 वर्षीय श्रद्धा उइके, 12 वर्षीय सिमरन उइके, 9 वर्षीय वीरेंद्र प्रताप उइके और मुनेश्वर नागेशी शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में बिना नंबर के वाहनों और कथित अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका आरोप है कि लंबे समय से बिना नंबर वाले ट्रैक्टर बेखौफ दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में ट्रैक्टर चालक करन पोर्ते के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी घायल अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं और पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।3