बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कछार, सेंदरी और लोफंदी में अवैध रेत उत्खनन का कार्य लगातार जारी है, जिस पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम कछार निवासी सावन खांडे ने कलेक्टर बिलासपुर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि के पास अरपा नदी से लगातार अवैध खनन हो रहा है। विरोध करने पर खनिज माफियाओं ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी एफआईआर कोनी थाने में दर्ज है; इसके बावजूद उनकी जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और अवैध खनन का कार्य अनवरत जारी है। प्रार्थी सावन खांडे के अनुसार, इस मामले में केवल एक बार नहीं बल्कि कई स्तरों पर शिकायतें की गई हैं, जिसमें कोनी थाना, जिला प्रशासन, कलेक्टर कार्यालय और मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार कार्यक्रम तक शामिल हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, महामहिम राज्यपाल ने भी ऐसे मामलों का संज्ञान लिया था, और खनिज सचिव ने ड्रोन से निगरानी कर अवैध खनन पर नियंत्रण का दावा किया था। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों और निर्देशों के असर पर गंभीर सवाल उठाती है। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां क्षेत्रवासी स्थानीय विधायक से सक्रिय पहल की अपेक्षा कर रहे हैं। कांग्रेस नेता अंकित गौराहा ने इस मामले में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक किसान को इतने स्तरों पर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होना प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता है, और यदि शासन के सर्वोच्च स्तर से निर्देश होने पर भी हालात नहीं बदलते तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। गौराहा ने प्रदेश सरकार के अवैध खनन रोकने के बड़े-बड़े दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ग्राम कछार की स्थिति इन दावों की वास्तविकता को उजागर करती है, और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था से उठना स्वाभाविक है। अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों, राज्यपाल के संज्ञान और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था के बावजूद यदि अवैध खनन नहीं रुक रहा है, तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन है। इस प्रश्न का उत्तर केवल प्रभावित किसानों को ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक जवाबदेही और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा रखने वाले सभी लोगों को चाहिए।
बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कछार, सेंदरी और लोफंदी में अवैध रेत उत्खनन का कार्य लगातार जारी है, जिस पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम कछार निवासी सावन खांडे ने कलेक्टर बिलासपुर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि के पास अरपा नदी से लगातार अवैध खनन हो रहा है। विरोध करने पर खनिज माफियाओं ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी एफआईआर कोनी थाने में दर्ज है; इसके बावजूद उनकी जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और अवैध खनन का कार्य अनवरत जारी है। प्रार्थी सावन खांडे के अनुसार, इस मामले में केवल एक बार नहीं बल्कि कई स्तरों पर शिकायतें की गई हैं, जिसमें कोनी थाना, जिला प्रशासन, कलेक्टर कार्यालय और मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार कार्यक्रम तक शामिल हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, महामहिम राज्यपाल ने भी ऐसे मामलों का संज्ञान लिया था, और खनिज सचिव ने ड्रोन से निगरानी कर अवैध खनन पर नियंत्रण का दावा किया था। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों और निर्देशों के असर पर गंभीर सवाल उठाती है। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां क्षेत्रवासी स्थानीय विधायक से सक्रिय पहल की अपेक्षा कर रहे हैं। कांग्रेस नेता अंकित गौराहा ने इस मामले में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक किसान को इतने स्तरों पर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होना प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता है, और यदि शासन के सर्वोच्च स्तर से निर्देश होने पर भी हालात नहीं बदलते तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। गौराहा ने प्रदेश सरकार के अवैध खनन रोकने के बड़े-बड़े दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ग्राम कछार की स्थिति इन दावों की वास्तविकता को उजागर करती है, और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था से उठना स्वाभाविक है। अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों, राज्यपाल के संज्ञान और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था के बावजूद यदि अवैध खनन नहीं रुक रहा है, तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन है। इस प्रश्न का उत्तर केवल प्रभावित किसानों को ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक जवाबदेही और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा रखने वाले सभी लोगों को चाहिए।
- बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत पेन्ड्रीडीह चौक पर शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे एक ट्रेलर वाहन ने बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक चालक समीर पात्रे घायल हो गए। इस संबंध में समीर पात्रे (21 वर्ष), पिता रामप्रताप पात्रे, निवासी ग्राम पेन्ड्रीडीह ने हिर्री थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, समीर पात्रे दिनांक 12/06/2026 को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 CA 4288 से दवा लेने गए थे और वापस घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। समीर पात्रे ने अपनी शिकायत में बताया कि सकरी की ओर से आ रहे ट्रेलर क्रमांक CG 10 BR 4940 के चालक ने तेज गति, उपेक्षा और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को ठोकर मार दी। दुर्घटना में समीर मोटरसाइकिल सहित गिर गए, जिससे उनके बाएं पैर के घुटने के नीचे, बाएं पैर के पंजे और कमर में चोट लगी तथा खून बहने लगा। एक्सीडेंट के बाद राजू ढाबा के संचालक राजू ने फोन कर उनके पिता को सूचना दी, जिसके बाद पिता उन्हें इलाज के लिए दयाराम अस्पताल चकरभाठा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार कराया गया। दुर्घटना से समीर की मोटरसाइकिल भी काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना को प्रकाश घिडोरे ने देखा है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा 281, 125 ए बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है। समीर पात्रे ने पुलिस से कार्यवाही की मांग की है।1
- बिलासपुर के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र व्यापार विहार में दिनदहाड़े ठगों ने एक व्यापारी को 'जल्दी अमीर बनने' का झांसा देकर उससे ढाई लाख रुपये नकदी से भरा थैला पार कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह पूरा मामला तारबहार थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। जांजगीर-चांपा जिले के रोकदा निवासी एक व्यापारी अपने बेटे और पोते के साथ साप्ताहिक बाजार के लिए सामान खरीदने बिलासपुर आए थे। वे पिकअप वाहन से व्यापार विहार पहुंचे थे और खरीदारी की तैयारी कर रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे, दो अज्ञात युवक उनके पास आए और उनसे चावल खरीदने के लिए अच्छी दुकान का पता पूछा। बातों-बातों में उन्होंने व्यापारी को झांसे में ले लिया और दावा किया कि वे उसे जल्द ही अमीर बना सकते हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर किसी टोटके और चमत्कार का हवाला दिया और व्यापारी से अगरबत्ती लाने और 11 कदम आगे चलने के लिए कहा। व्यापारी उनके झांसे में आ गया। इसी दौरान, दोनों शातिर आरोपियों ने उसके पास रखी ढाई लाख रुपये नकदी से भरी थैली उठाई और मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने अपने परिजनों के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वे जा चुके थे। इसके बाद तत्काल तारबहार पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में दो संदिग्ध युवक नकदी से भरा थैला लेकर भागते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस अब उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे, चमत्कार, टोटके या जल्दी अमीर बनने के लालच में न आएं। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।1
- एक व्यक्ति की चरित्र शंका के चलते पत्थर से वार कर हत्या कर दी गई है।1
- बिलासपुर के युवा हॉकी खिलाड़ी अवि माणिकपुरी को गुरुवार को एक भव्य सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। अवि माणिकपुरी ने जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया है, जिससे उन्होंने पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उनके इस उल्लेखनीय प्रदर्शन ने बिलासपुर और छत्तीसगढ़ में गौरव की भावना पैदा की है, और उन्हें 'बिलासपुर का गोल्डन बॉय' कहा जा रहा है। इस सम्मान समारोह का आयोजन हॉकी बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ हॉकी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर में 7 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों द्वारा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद सिरगिट्टी थाना के एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है और जांच में भी लापरवाही बरत रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंपी है। बताया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में चरित्र शंका को लेकर एक युवक की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने युवक पर पहले मिर्च पाउडर फेंका, फिर उसकी बेरहमी से पिटाई की और बड़े पत्थर से सिर कुचलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। 4 जून 2026 को हुई इस घटना के बाद प्रार्थी आलोक सिंह ने थाना कोटा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आलोक सिंह अपने साथी यशु पोर्ते और निखिल गोस्वामी के साथ होटल 4 सीजन के आगे कच्चे मार्ग में शराब पी रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों में सवार चार युवक वहां पहुंचे और उन्होंने निखिल गोस्वामी को घेर लिया। आरोप है कि आरोपी दीपक दास उर्फ भोला दास ने निखिल की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जिसके बाद अन्य आरोपियों ने भी मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। प्रार्थी ने घटना के दौरान डायल 112 को सूचना दी थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो निखिल गोस्वामी गंभीर हालत में पड़े थे और उनके सिर को बड़े पत्थर से कुचला गया था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 26 वर्षीय दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी (निवासी ग्राम भुंडा, थाना कोटा), 24 वर्षीय निखिल राव उर्फ निक्कू (निवासी देवनगर कोनी), 24 वर्षीय करण दास मानिकपुरी (निवासी देवनगर कोनी), और 26 वर्षीय कुश साहू उर्फ बुतरू (निवासी तेलियापुराण भरारी) शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस पूरे मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, आरक्षक मनमोहन कोसले और एसीसीयू बिलासपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बलौदाबाजार में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल का जन्मदिवस शुक्रवार को नगर भवन में भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में जिले भर से हजारों की संख्या में समर्थक, शुभचिंतक और आमजन शामिल हुए, जिससे दिनभर नगर भवन परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व विधायक गौरीशंकर अग्रवाल सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आकांक्षा जायसवाल ने केक काटकर जन्मदिन का उत्सव मनाया, जिसके बाद उपस्थित जनसमूह ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता निभाई। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा साहू द्वारा प्रस्तुत ‘लोक बयार मोरध्वज नगरी आरंग’ की आकर्षक प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और दर्शकों द्वारा इसकी खूब सराहना की गई। अपने संबोधन में, अतिथियों ने आकांक्षा जायसवाल के जनसेवा कार्यों की सराहना की और उन्हें जिले के विकास तथा जनता के हित में निरंतर कार्य करने वाली जनप्रतिनिधि बताया। वक्ताओं ने उनके नेतृत्व में जिला पंचायत द्वारा किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी प्रशंसा की। यह जन्मदिवस समारोह सौहार्द, सामाजिक सहभागिता और जनसमर्थन का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए आयोजन को यादगार बना दिया।1
- शुक्रवार दोपहर 3 बजे, बिलासपुर के NSUI कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर स्थित भोजपुरी टोल प्लाजा पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए चेतावनी दी कि वे स्थानीय लोगों से तमीज से पेश आएं। उनकी प्रमुख मांग थी कि स्थानीय निवासियों को टोल नाके पर छूट दी जाए। कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि स्थानीय लोग शादी-ब्याह, मौत या अन्य किसी मामले में बार-बार टोल प्लाजा से गुजरते हैं और उन्हें हर बार टोल चुकाना पड़ता है, जिसका NSUI ने कड़ा विरोध किया। मामले की जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी, जिसके चलते भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। हिर्री, बिल्हा, चकरभाठा और सिरगिट्टी थानों की पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी, हालांकि प्रदर्शनकारियों की संख्या पुलिस बल के मुकाबले काफी कम थी।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र स्थित नेवसा गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रफीक मोहम्मद नामक एक युवक तेज बारिश के बीच गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया। युवक ने धमकी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मघाती कदम उठा लेगा। रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पुलिस ने उन्हें सिरली के पास से पकड़ा, थाने ले जाकर कथित तौर पर मारपीट की और उनसे 23,500 रुपये जबरन ले लिए। दोनों युवकों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन पर दबाव बनाकर झूठा बयान लिखवाया गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने भी पुलिस पर लोगों को जबरन उठाने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए हैं। हालांकि, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों युवकों को क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित होने की सूचना के आधार पर पकड़ा गया था और उनके विरुद्ध शांति भंग की आशंका के चलते धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। घटना से आक्रोशित रफीक मोहम्मद पानी टंकी से नीचे उतरने से इनकार कर रहा है और लगातार इंसाफ की मांग कर रहा है। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने तथा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालों के कारण यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।1