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छत्तीसगढ़ में सांप के काटने से एक 8 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई है। इस दुखद हादसे के बाद सभी लोगों को सांप और बिच्छू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Dwarika prasad Yadaw
छत्तीसगढ़ में सांप के काटने से एक 8 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई है। इस दुखद हादसे के बाद सभी लोगों को सांप और बिच्छू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले सभी कार चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि हाईवे पर उनका एक अदृश्य मददगार भी मौजूद है। यह मददगार किसी भी परिस्थिति में मात्र पंद्रह मिनट के भीतर सहायता के लिए मौके पर पहुंच जाएगा। इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों को फॉरवर्ड करने की अपील की गई है, ताकि समय पर किसी की जान बचाई जा सके और पुण्य कमाया जा सके।1
- बिलासपुर में बारिश के कारण कई क्विंटल चावल बर्बाद हो गया है। इस बर्बादी के बाद अब हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं मिल पाएगा।1
- बिलासपुर के रिंग रोड स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अजय ताम्रकार की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बाइक से गिरने पर कंधे में चोट लगने के बाद अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद अचानक उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज में लापरवाही की, महंगी दवाइयां लिखकर उनका आर्थिक शोषण किया और सही जानकारी छिपाई। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है। अब इस पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है।1
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से अब लोगों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। रविवार सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के जरिए स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हर घर आत्मनिर्भर बन रहा है। इसके साथ ही, लोगों को 24×7 ऊर्जा सुरक्षा और अतिरिक्त बिजली से कमाई का मौका मिल रहा है। इस योजना के तहत लोग न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अपने घरों में बची हुई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में वापस बेच भी रहे हैं। ग्रिड में बिजली वापस बेचकर लोग सालाना ₹15,000 तक की कमाई भी कर रहे हैं।1
- सक्ती जिले के बाराद्वार नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि इस गड़बड़ी की पूरी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस निरंतर हो रही बारिश की वजह से क्षेत्र का कर्रा जलाशय भी संकट में आ गया है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आधी रात को हुई बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया है। शहर में पानी भर जाने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव से बचने के लिए लोगों को मजबूरन अपने घरों की छतों पर चढ़ना पड़ा और उन्होंने छतों पर चढ़कर किसी तरह राहत की सांस ली है।1
- बिलासपुर के महाराणा प्रताप मार्ग स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। मृतक अजय ताम्रकार के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और पुलिस से एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता और अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अजय ताम्रकार को उपचार के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय इलाज के नाम पर राशि तो जमा करा ली, लेकिन उनका जरूरी ऑपरेशन दो दिनों तक टाले रखा और देरी से ऑपरेशन किए जाने के कारण अजय की मौत हो गई। उनका दावा है कि अजय को केवल गले के नीचे की हड्डी में चोट थी, जिसका समय पर ऑपरेशन होने से उनकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति से कभी अवगत नहीं कराया गया और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम व हस्ताक्षर भी अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अस्पताल का कहना है कि अजय ताम्रकार पहले से ही अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह जैसी बीमारियां भी थीं। प्रबंधन के मुताबिक, भर्ती के समय ही परिजनों को मरीज की नाजुक हालत और इलाज के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका के बारे में लिखित या मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया था। फिलहाल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।1