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रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 30 पर एक ट्रैक्टर और ऑटो के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
शेखर तिवारी
रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 30 पर एक ट्रैक्टर और ऑटो के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
More news from Rewa and nearby areas
- स्वर्गीय पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार पटेल की प्रतिमा की स्थापना के संबंध में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता विनोद वर्मा ने एक बयान जारी किया है।1
- रीवा जिले के सिरमौर ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु शुक्ला के नेतृत्व में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया में एक परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके घर के बगल में लगा एक हैंडपंप उखाड़ दिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह हैंडपंप उस व्यक्ति के दरवाजे के सामने था, जिसने इसे उखाड़कर अपने कब्जे में ले लिया है। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति अब हैंडपंप के पाइप का इस्तेमाल अपने निजी घर में कर रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि उनके पास इस घटना का वीडियो प्रमाण भी मौजूद है। इस कार्रवाई के कारण, वह हैंडपंप पूरी तरह से बंद हो गया है। इस हैंडपंप के बंद होने से इलाके में पानी की समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि आस-पास कोई दूसरा हैंडपंप उपलब्ध नहीं है। पीड़ित परिवार ने सरकार से गुहार लगाई है कि इस हैंडपंप को दोबारा चालू करवाया जाए, ताकि उनके परिवार और अन्य परिवारों को पानी की सुविधा मिल सके।2
- हाल ही में सामने आए वीडियो में बच्चों को ट्रैक्टर चलाते हुए देखा गया है, जो बिरसिंहपुर/सतना जैसे इलाकों में एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा बन गया है। यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के तहत, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध है, और ऐसे में नाबालिगों द्वारा भारी वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे को सीधा न्यौता देने जैसा है। इस खतरनाक स्थिति के लिए मुख्य रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं, जो अपनी लापरवाही या बच्चों की जिद के आगे झुककर उनकी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी निर्दोष परिवार का उजड़ना निश्चित है और इन मासूमों का भविष्य भी अंधकारमय हो सकता है। यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम जागरूक बनें और बच्चों को कानून का पालन करना सिखाएं ताकि सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।2
- एमआरपी से अधिक दाम वसूलने को लेकर जनता ने शराब माफियाओं को 'आईना दिखा दिया' है, जिसकी गवाही एक वायरल वीडियो दे रहा है। यह वीडियो किसी एक ग्राहक की सिर्फ फटकार नहीं है, बल्कि उन सभी शराब माफियाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो यह सोचते हैं कि वे डराकर लगातार लूटपाट करते रहेंगे। स्पष्ट संदेश दिया गया है कि एमआरपी से ज़्यादा दाम वसूलना पूरी तरह से गैरकानूनी है। पोस्ट में जनता से अपील की गई है कि जब तक वे चुप रहेंगे, ये माफिया लूटते रहेंगे, लेकिन जिस दिन वे बोलेंगे, कैमरा उठाएंगे और एमआरपी दिखाएंगे, तब इनके पसीने छूटेंगे। लोगों से कहा गया है कि अगली बार अगर कोई एमआरपी से अधिक दाम मांगे तो उसका वीडियो बनाकर सीधे कलेक्टर और आबकारी विभाग को भेजें। इस बात पर जोर दिया गया है कि शराब बेचो, लेकिन लूटो मत, और अब 'डर का धंधा' बिल्कुल नहीं चलेगा।1
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक वर्ष के भीतर प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर अवधि में कथित तौर पर 53 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामले में राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है, जिसमें इन मौतों पर चिंता व्यक्त की गई थी। आयोग ने अपनी पड़ताल में पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में निहित तथ्य सत्य हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा बनता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मृत 53 माताओं की औसत आयु 26 वर्ष थी, और इनमें से अधिकांश महिलाएं पहली या दूसरी बार मां बनने वाली थीं। NHRC ने इस पूरे मामले पर राज्य के मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।1
- रीवा जिले में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरा सामने आया है, जहाँ अस्पताल, होटल, मॉल और बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थान सीधे तौर पर इसकी चपेट में हैं। यह खुलासा हुआ है कि रीवा में स्थित इन संस्थानों में से 70% के पास अग्नि सुरक्षा के लिए अनिवार्य फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) उपलब्ध नहीं है। इस कमी के कारण इन इमारतों में किसी भी अग्निकांड की स्थिति में एक बड़ा जोखिम और संकट पैदा होने की आशंका बनी हुई है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम में दिनदहाड़े 76 हजार रुपये की बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम ककलपुर निवासी 33 वर्षीय शिवकुमार रजक, जो लालाप्रसाद रजक के पुत्र हैं, के साथ 7 जुलाई 2026 को सुबह 9:35 बजे यह धोखाधड़ी हुई। पीड़ित ने थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी को दिए आवेदन में बताया कि एटीएम में मौजूद एक अनजान व्यक्ति ने मदद के बहाने उनसे पिन पूछा और फिर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। ठग ने पहले सुबह 9:35 बजे 71 हजार रुपये और फिर 9:54 बजे 5,000 रुपये निकालकर कुल 76 हजार रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। ठग पीड़ित का पीएनबी एटीएम कार्ड भी अपने साथ ले भागा। पीड़ित का खाता पीएनबी की रामपुर बाघेलान शाखा में है, जिसका खाता क्रमांक 0041300400002778 है। थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और पीड़ित को आश्वस्त किया है कि सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान कर 48 घंटे के भीतर उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने साइबर सेल को भी अलर्ट कर दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि "जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है, साइबर ठगों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" पीड़ित शिवकुमार रजक ने 8 जून 2026 को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने, आरोपी की गिरफ्तारी और ठगी गई 76 हजार रुपये की वापसी की मांग की है। आवेदन की रिसीविंग 8 जून 2026 की लगी है। पत्रकार ऋषिकेश त्रिपाठी ने मौके से बताया कि 76 हजार रुपये की ठगी एक बहुत बड़ी घटना है, लेकिन थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की सक्रियता से पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने बैंक प्रबंधन से एटीएम में सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है और दर्शकों से आग्रह किया है कि वे एटीएम में किसी को भी अपना पिन न बताएं और कार्ड अपने हाथ से ही इस्तेमाल करें। पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद होने की संभावना है, जिससे आरोपी की पहचान हो सकेगी और थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की कार्रवाई से आरोपी जल्द सलाखों के पीछे होगा।4
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान के बी.एम.ओ. डॉ. राघवेंद्र सिंह गुर्जर पर एक आर.टी.आई. आवेदनकर्ता के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, डॉ. गुर्जर ने आर.टी.आई. आवेदन लगाने पर आवेदनकर्ता की आर.टी.आई. लेने से मना कर दिया और उन्हें चेतावनी दी कि अब उनके आवेदन कार्यालय में स्वीकार नहीं किए जाएंगे, बल्कि उन्हें पंजीकृत डाक से भेजने होंगे। बी.एम.ओ. ने आवेदनकर्ता को आर.टी.आई. लगाने के गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी है। डॉ. गुर्जर ने यह भी कहा कि उनके पास आवेदनकर्ता के अस्पताल में घूमने की वीडियो रिकॉर्डिंग है और वे यह पता कर रहे हैं कि आवेदनकर्ता और कहाँ-कहाँ आर.टी.आई. लगाता है। यह आरोप लगाया गया है कि आर.टी.आई. के नियमों के तहत आवेदन कार्यालय में ही लेने का प्रावधान है और कितनी भी आर.टी.आई. लगाने पर कोई रोक नहीं है। इसके बावजूद, यह सवाल उठाया गया है कि बी.एम.ओ. को आर.टी.आई. से इतनी परेशानी क्यों हो रही है।1