हाल ही में सामने आए वीडियो में बच्चों को ट्रैक्टर चलाते हुए देखा गया है, जो बिरसिंहपुर/सतना जैसे इलाकों में एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा बन गया है। यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के तहत, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध है, और ऐसे में नाबालिगों द्वारा भारी वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे को सीधा न्यौता देने जैसा है। इस खतरनाक स्थिति के लिए मुख्य रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं, जो अपनी लापरवाही या बच्चों की जिद के आगे झुककर उनकी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी निर्दोष परिवार का उजड़ना निश्चित है और इन मासूमों का भविष्य भी अंधकारमय हो सकता है। यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम जागरूक बनें और बच्चों को कानून का पालन करना सिखाएं ताकि सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हाल ही में सामने आए वीडियो में बच्चों को ट्रैक्टर चलाते हुए देखा गया है, जो बिरसिंहपुर/सतना जैसे इलाकों में एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा बन गया है। यातायात नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के तहत, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध है, और ऐसे में नाबालिगों द्वारा भारी वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे को सीधा न्यौता देने जैसा है। इस खतरनाक स्थिति के लिए मुख्य रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं, जो अपनी लापरवाही या बच्चों की जिद के आगे झुककर उनकी और दूसरों की जान खतरे में डाल
रहे हैं। पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। यह चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी निर्दोष परिवार का उजड़ना निश्चित है और इन मासूमों का भविष्य भी अंधकारमय हो सकता है। यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम जागरूक बनें और बच्चों को कानून का पालन करना सिखाएं ताकि सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- स्वर्गीय पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार पटेल की प्रतिमा की स्थापना के संबंध में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता विनोद वर्मा ने एक बयान जारी किया है।1
- रीवा जिले के सिरमौर ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु शुक्ला के नेतृत्व में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया में एक परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके घर के बगल में लगा एक हैंडपंप उखाड़ दिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह हैंडपंप उस व्यक्ति के दरवाजे के सामने था, जिसने इसे उखाड़कर अपने कब्जे में ले लिया है। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति अब हैंडपंप के पाइप का इस्तेमाल अपने निजी घर में कर रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि उनके पास इस घटना का वीडियो प्रमाण भी मौजूद है। इस कार्रवाई के कारण, वह हैंडपंप पूरी तरह से बंद हो गया है। इस हैंडपंप के बंद होने से इलाके में पानी की समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि आस-पास कोई दूसरा हैंडपंप उपलब्ध नहीं है। पीड़ित परिवार ने सरकार से गुहार लगाई है कि इस हैंडपंप को दोबारा चालू करवाया जाए, ताकि उनके परिवार और अन्य परिवारों को पानी की सुविधा मिल सके।2
- मध्य प्रदेश के रीवा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 6 साल की मासूम बच्ची अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है। इस अमानवीय कृत्य का आरोप बच्ची के सगे ताऊ (बड़े पापा) पर है। बताया गया है कि आरोपी ने बच्ची की मां से हुए घरेलू विवाद का बदला उस मासूम से लिया, जिससे उसका बचपन उजाड़ गया। इस घटना ने समाज को स्तब्ध कर दिया है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह मांग उठाई गई है कि ऐसे दरिंदों को बीच चौराहे पर कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके। वीडियो में इस पूरी घटना की सच्चाई और आरोपी के "काले इतिहास" को उजागर करने की बात भी कही गई है। लोग ऐसे अपराधियों को मिलने वाली सजा पर अपनी राय कमेंट में देने और इस वीडियो को साझा करके न्याय की आवाज़ बुलंद करने की अपील कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक निर्माणाधीन कुआं अचानक भरभरा कर धंस गया। इस दर्दनाक हादसे में 5 मजदूर मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार, कुएं की खुदाई और निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचानक मिट्टी ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गया। ताज़ा स्थिति के मुताबिक, मलबे से अब तक 2 मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि शेष 3 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल है और स्थानीय अधिकारी पूरे बचाव कार्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा घायलों को तुरंत बेहतर उपचार के लिए अस्पताल भेजने की भी तैयारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- बाजारों में मिलावट की शिकायतों के मद्देनजर, खाद्य विभाग की एक टीम 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील' वैन के साथ अमरपाटन पहुँची। इस दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने विशेष रूप से मिठाई की दुकानों और होटलों को लक्षित करते हुए कार्रवाई की, जहाँ तीन प्रतिष्ठित और स्थानीय दुकानों से मिठाइयों के नमूने लिए गए। टीम ने नमूनों की मौके पर ही जांच के लिए अत्याधुनिक मोबाइल लैब का इस्तेमाल किया। साथ ही, 'फूड सेफ्टी लैब वैन' के माध्यम से लोगों को यह भी सिखाया गया कि मिठाइयों में स्टार्च या किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित रंगों की मिलावट कैसे जांची और परखी जाती है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान फूड इंस्पेक्टर अभिषेक गौर सहित एक तीन सदस्यीय टीम मौजूद रही।3
- कुएं में गंदगी देखी गई है।2
- मैहर जिले के धतूरा क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस अभियान के दौरान, बुलडोजर का इस्तेमाल करके एक मंजिला मकान सहित अन्य कई निर्माणों को हटाया गया। यह अतिक्रमण उस जगह पर था जहां से कुछ ही दूरी पर जिले का निर्माणाधीन संयुक्त कलेक्टर भवन स्थित है। प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर राजस्व और अन्य विभागों की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में केवल एक ही नहीं, बल्कि शासकीय भूमि पर कई मकान और अन्य निर्माण किए गए थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे धतूरा क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अतिक्रमण के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या प्रशासन जिले में अन्य शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई करेगा। आम जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शासकीय भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमणों पर प्रशासन का क्या रुख रहता है। फिलहाल, धतूरा में हुई यह कार्रवाई जिले की प्रमुख प्रशासनिक कार्रवाइयों में गिनी जा रही है और पूरे क्षेत्र में चर्चा का एक मुख्य विषय बनी हुई है।1
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने आपराधिक प्रकरण को छुपाया है।1