मध्य प्रदेश में वनरक्षक और जेल प्रहरी की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद एनएसयूआई ने व्यापम के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में विद्यार्थियों को तीन घंटे तक कैद करके रखा गया और उसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। उनके अनुसार, यह सरकार की नाकामी है और युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने जैसा कृत्य है। एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परीक्षार्थियों की फीस वापस की जाए। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार सहित प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में वनरक्षक और जेल प्रहरी की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद एनएसयूआई ने व्यापम के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में विद्यार्थियों को तीन घंटे तक कैद करके रखा गया और उसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। उनके अनुसार, यह सरकार की नाकामी है और युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने जैसा कृत्य है। एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परीक्षार्थियों की फीस वापस की जाए। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार सहित प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश में एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कांग्रेस और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अपने बयान में उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि "यह मुल्क़ किसी के बाप का नहीं है।"1
- राजधानी भोपाल में ऑटो चालकों ने अपनी बिगड़ती आर्थिक स्थिति के विरोध में फटी चड्ढी दिखाकर एक अनोखा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने बढ़ती महंगाई, साथ ही डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की लगातार बढ़ रही कीमतों का हवाला देते हुए सरकार से ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग की। यह धरना-प्रदर्शन नवीन छावनी पठार, रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में ऑटो संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ऑटो चालक शामिल हुए। संगठन से जुड़े पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी चालकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान, चालकों ने फटी चड्ढी को प्रतीकात्मक रूप से दिखाते हुए अपनी बदहाली जाहिर की। उनका कहना था कि ऑटो की किस्तें भरने, ईंधन और वाहन के रखरखाव पर खर्च करने के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाते-निभाते उनकी आर्थिक हालत बेहाल हो चुकी है। चालकों ने स्पष्ट किया कि, "किस्त भरते-भरते चड्ढी फट गई है। इतनी महंगाई में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।" संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार ने बताया कि जहां एक ओर ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, वहीं ऑटो किराए में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं किया गया है। इससे हजारों ऑटो चालकों की आय बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऑटो किराए का पुनर्निर्धारण किया जाए, ताकि चालक समय पर वाहन की किस्तें जमा कर सकें और अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर सकें। पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है, जिससे उनकी रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन पर ही खर्च हो जाता है और बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऑटो चालकों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाया और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही ऑटो किराए में उचित संशोधन किया जाएगा। उनका मानना है कि किराए में बढ़ोतरी से हजारों ऑटो चालकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।1
- भोपाल पुलिस के मानवीय चेहरे ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक अनमोल जान बचाई है। यह घटना तब हुई जब देवेंद्र सक्सेना को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। इस आपात स्थिति में, आरक्षक मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी ने तत्काल सीपीआर देकर देवेंद्र सक्सेना को नई जिंदगी दी। पुलिस ने यह त्वरित सहायता केवल पाँच मिनट के भीतर प्रदान कर एक जान बचा ली। इसके बाद, आरआई जयसिंह तोमर ने उन्हें अपने वाहन से तुरंत अनंत हॉस्पिटल पहुँचाया ताकि उनका आगे का उपचार हो सके। इस प्रकार, भोपाल पुलिस ने अपने मानवीय चेहरे का परिचय देते हुए अपना फर्ज बखूबी निभाया।1
- राजधानी भोपाल में ऑटो चालकों ने अपनी आर्थिक बदहाली को उजागर करने के लिए एक अनोखा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने फटी चड्ढी दिखाकर सरकार से ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग की। यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, साथ ही डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में नवीन छावनी पठार, रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास आयोजित किया गया था। ऑटो संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चालकों ने इसमें भाग लिया, जिसमें पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान, चालकों ने प्रतीकात्मक रूप से फटी चड्ढी दिखाकर अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति बयां की। उनका कहना था कि ऑटो की मासिक किस्तें, ईंधन पर होने वाला खर्च, वाहन का रखरखाव और परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाते-निभाते उनकी कमर टूट गई है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि "किस्त भरते-भरते चड्ढी फट गई है" और इतनी बढ़ती महंगाई में परिवार का गुजारा चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। गोल्डन संजू अहिरवार ने बताया कि ईंधन की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन ऑटो किराए में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे हजारों ऑटो चालकों की आय सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती महंगाई का सबसे बुरा असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है। ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों के कारण उनकी रोजाना की कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है, जिससे बचत करना तो दूर, परिवार की बुनियादी जरूरतें भी पूरी कर पाना एक चुनौती बन गया है। चालकों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन और सरकार तक अपनी मांगें पहुँचाईं और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही ऑटो किराए में उचित संशोधन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किराए में वृद्धि से हजारों ऑटो चालकों और उनके परिवारों को बहुत राहत मिलेगी।1
- भोपाल में मातृ शक्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर एक लघुकथा संग्रह किताब का भी विमोचन किया गया।1
- भोपाल जिले के परवलिया थाना क्षेत्र स्थित झिरनिया गांव में जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किए जा रहे पौधारोपण कार्य का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है, आरोप लगाया है कि इस परियोजना से उनकी आजीविका छीनने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे जिस जमीन पर पौधारोपण किया जा रहा है, उस पर पिछले लगभग 50 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं और पीढ़ियों से इसी भूमि से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि NHAI हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के नाम पर उनकी उपजाऊ कृषि भूमि पर पेड़ लगाने की योजना बना रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग रखते हुए सुझाव दिया है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में बंजर और खाली जमीन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और NHAI को वृक्षारोपण करना ही है, तो उन बंजर भूमि पर किया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य भी पूरा होगा और किसानों की खेती भी प्रभावित नहीं होगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। साथ ही, उन्होंने प्रशासन को यह भी भरोसा दिलाया है कि बंजर जमीन पर होने वाले वृक्षारोपण अभियान में गांव के सभी लोग पूरा सहयोग करेंगे। फिलहाल, ग्रामीणों ने प्रशासन से इस परियोजना को तत्काल प्रभाव से रोकने और मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि किसानों की आजीविका और पर्यावरण संरक्षण के बीच इस विवाद का समाधान प्रशासन किस तरह निकालता है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया है, जहाँ सीपीआर की मदद से एक अनमोल जान बचाई गई है। यह घटना पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हुई, जब देवेंद्र सक्सेना को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। बिना समय गंवाए, आरक्षक मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी ने तुरंत देवेंद्र सक्सेना को सीपीआर देना शुरू किया। पुलिस की इस त्वरित मदद से महज पाँच मिनट के भीतर उनकी जान बचाई जा सकी और उन्हें नई जिंदगी मिली। इसके बाद, आरआई जयसिंह तोमर ने अपने वाहन से देवेंद्र सक्सेना को उपचार के लिए अनंत हॉस्पिटल पहुँचाया। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि भोपाल पुलिस ने अपनी मानवीयता का परिचय देते हुए अपना फर्ज बखूबी निभाया है।1
- भोपाल में पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक मानवीय घटना सामने आई, जहाँ भोपाल पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति की अनमोल जान बचाई। देवेंद्र सक्सेना नामक व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे वहाँ हड़कंप मच गया। आरक्षक मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सीपीआर (CPR) दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें नई ज़िंदगी मिली। पुलिस ने यह मदद पाँच मिनट के भीतर पहुँचाई और अपने फर्ज को बखूबी निभाया। इसके बाद, आरआई जयसिंह तोमर ने अपने वाहन से देवेंद्र सक्सेना को उपचार के लिए अनंत हॉस्पिटल पहुँचाया।1
- मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पुलिसकर्मी ने रात्रि में फिल्म देखकर लौट रहे एक युवक को उसकी पत्नी के सामने ही थप्पड़ मार दिया। इस घटना का वीडियो युवक ने खुद बना लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।1