अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता पर बयान बाजी तेज हो गई है इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान में सियासी और मीडिया हलकों में बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने दावा किया है कि इस कूटनीतिक मौके का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने खुद को क्षेत्रीय स्तर पर एक अहम खिलाड़ी के रूप में पेश किया है। एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान नजम सेठी ने कहा कि चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए कोई देश आगे नहीं आ रहा था, ऐसे में पाकिस्तान को डिप्लोमेसी दिखाने का अवसर मिल गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के चलते पाकिस्तान अचानक वैश्विक मंच पर चर्चा में आ गया है। कार्यक्रम में शामिल अन्य पाकिस्तानी विश्लेषकों ने भी इस घटनाक्रम को बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उनका कहना है कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता हो या नहीं, लेकिन पाकिस्तान ने इस मौके को भुनाकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत करने की कोशिश की है।
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता पर बयान बाजी तेज हो गई है इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान में सियासी और मीडिया हलकों में बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने दावा किया है कि इस कूटनीतिक मौके का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने खुद को क्षेत्रीय स्तर पर एक अहम खिलाड़ी के रूप में पेश किया है। एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान नजम सेठी ने कहा कि चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए कोई देश आगे नहीं आ रहा था, ऐसे में पाकिस्तान को डिप्लोमेसी दिखाने का अवसर मिल गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के चलते पाकिस्तान अचानक वैश्विक मंच पर चर्चा में आ गया है। कार्यक्रम में शामिल अन्य पाकिस्तानी विश्लेषकों ने भी इस घटनाक्रम को बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उनका कहना है कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता हो या नहीं, लेकिन पाकिस्तान ने इस मौके को भुनाकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत करने की कोशिश की है।
- मलेशिया एजेंसी रविवार को सबाह के काम्पोंग बहागिया गांव में भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। यह इलाका ‘वाटर विलेज’ के नाम से जाना जाता है, जहां अधिकतर घर लकड़ी से बने होते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 1500 घर जलकर खाक हो गए। घरों के आपस में सटे होने और तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस हादसे के चलते लगभग 12,000 लोग बेघर हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी ठिकाने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।1
- इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान में सियासी और मीडिया हलकों में बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने दावा किया है कि इस कूटनीतिक मौके का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने खुद को क्षेत्रीय स्तर पर एक अहम खिलाड़ी के रूप में पेश किया है। एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान नजम सेठी ने कहा कि चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए कोई देश आगे नहीं आ रहा था, ऐसे में पाकिस्तान को डिप्लोमेसी दिखाने का अवसर मिल गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के चलते पाकिस्तान अचानक वैश्विक मंच पर चर्चा में आ गया है। कार्यक्रम में शामिल अन्य पाकिस्तानी विश्लेषकों ने भी इस घटनाक्रम को बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उनका कहना है कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता हो या नहीं, लेकिन पाकिस्तान ने इस मौके को भुनाकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत करने की कोशिश की है।1
- बिहार की सियासत से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक इंटरव्यू के दौरान पत्रकार1
- हाय....ये गर्मी, उपर से बंद फाटक ने और अधिक कर दिया परेशान कोटगेट-सांखला फाटक बंद होने से परेशान आम जनता गर्मी से बेहाल हुए लोग, बच्चे-बुजुर्ग भीड़ में फसे करीब आधे घंटे बंद रहा फाटक, जाम में फसे लोग कोसते रहे व्यवस्था को दो गाडिय़ों के बीच 30 मिनट का अंतराल फिर भी गेट नहीं खुला जाम में फसे लोगो ने जताया विरोध, कहा- यह कैसी व्यवस्था? लोगों ने अपने वाहनों का हॉर्न बजाकर किया विरोध बता दें कि गर्मी के सीजन में कोटगेट-सांखला फाटक पर छाया के लिए की जाती है टैंट की व्यवस्था, लेकिन इस बार अभी नहीं जागा प्रशासन भीषण गर्मी में लोग घंटों फसे रहते है जाम में #bikanernews #news #bikaner #वायरल1
- Post by Sakir Husen1983 news reporter 88246157231
- Post by सैय्यद अख्तर (पत्रकार), बीकानेर4
- महाराज श्री डूंगर सिंह जी की लगेगी प्रतिमा1
- इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान में सियासी और मीडिया हलकों में बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने दावा किया है कि इस कूटनीतिक मौके का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने खुद को क्षेत्रीय स्तर पर एक अहम खिलाड़ी के रूप में पेश किया है। एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान नजम सेठी ने कहा कि चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए कोई देश आगे नहीं आ रहा था, ऐसे में पाकिस्तान को डिप्लोमेसी दिखाने का अवसर मिल गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के चलते पाकिस्तान अचानक वैश्विक मंच पर चर्चा में आ गया है। कार्यक्रम में शामिल अन्य पाकिस्तानी विश्लेषकों ने भी इस घटनाक्रम को बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उनका कहना है कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता हो या नहीं, लेकिन पाकिस्तान ने इस मौके को भुनाकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत करने की कोशिश की है।1