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मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राजभवन के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र नेता शामिल हुए हैं। राजभवन के बाहर एकत्रित हुए इन प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्र समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने छात्र मुद्दों पर सरकार को घेरा है।
Naved khan
मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राजभवन के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र नेता शामिल हुए हैं। राजभवन के बाहर एकत्रित हुए इन प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्र समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने छात्र मुद्दों पर सरकार को घेरा है।
- Ranjeet Dehariyaछिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेशसांसद को sansad me चर्चा करनी चाहिए3 hrs ago
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- भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और पर्सनल लॉ के अनुसार जीवन जीने का अधिकार देता है। शहर काजी ने स्पष्ट किया कि क्रिमिनल लॉ और सिविल लॉ का पालन सभी करते हैं, लेकिन पर्सनल लॉ व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इस पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि पर्सनल लॉ से जुड़े मामलों को वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही संचालित किया जाए और धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास होने के बाद भोपाल के यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में मुस्लिम समाज ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने UCC को "काला कानून" करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस धरने में बड़ी संख्या में मुस्लिम पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। धरने में शामिल हुए भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने ऐलान किया कि UCC को अदालत में चुनौती दी जाएगी और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून केवल मुसलमानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। आरिफ मसूद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में "एक देश, एक कानून" की बात करती है, तो किसी भी वर्ग को इससे अलग नहीं रखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब कुछ समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, तो "एक देश, एक कानून" का दावा सही नहीं माना जा सकता। आरिफ मसूद ने चेतावनी दी कि यह विरोध केवल धरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा और आज से प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने भी मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की बात कही। पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।4
- 'गोदी मीडिया' पर तीखा तंज कसते हुए एक नया वीडियो सामने आया है। "एक वीडियो ये भी!" कहते हुए मीडिया के रवैये पर निशाना साधा गया है।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में छात्रों के मुद्दे पर भारी सियासी संग्राम छिड़ गया है। कैलाश विजयवर्गीय के कथित "कीड़ा" वाले बयान पर कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस बयान से छात्रों का अपमान हुआ है और मंत्री को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा के अंदर और बाहर जोरदार हंगामा हुआ है, जिससे छात्रों के सम्मान और अधिकारों पर नई बहस छिड़ गई है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में गरमा गया है और इस पर छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजर बनी हुई है।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC बिल पारित होने पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इस ऐतिहासिक कदम के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी का आभार व्यक्त किया। कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने पहले जिन्ना के आगे घुटने टेके थे और आज दो मुस्लिम विधायकों के सामने अपने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बता दिया है कि वह हिंदुओं के साथ नहीं है और UCC का विरोध कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनसंख्या पर नियंत्रण हिंदुस्तान की माँग है।1
- शायर गंगाधर मलाजपुरे की पंक्तियों में मोहब्बत और दिल की हिचकिचाहट को बयां किया गया है। इसमें कहा गया है कि दिल कितना पागल है जो प्यार तो तुमसे ही करता है, लेकिन जब शाम को तुम सामने आते हो तो यह कुछ भी कहने से डरने लगता है। अपनी इस भावना को व्यक्त करते हुए अंत में कहा गया है कि उन्हें मोहब्बत रास नहीं आई।1
- मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू कर दिया गया है, जहां आज विधानसभा में यूसीसी विधेयक को मंजूरी मिल गई। इस बीच, भोपाल के शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने इस यूसीसी विधेयक को लेकर एक बयान जारी किया है।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामे और विपक्ष की नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। सदन के भीतर जहां विपक्ष ने विधेयक को लेकर जोरदार विरोध जताया, वहीं विधानसभा के बाहर भी इस कानून को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने इस विधेयक पर आपत्ति जताते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। विधेयक पारित होने के बाद भोपाल के शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है, जिसमें अपनी धार्मिक मान्यताओं और पर्सनल लॉ के अनुसार जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिमिनल लॉ और सिविल लॉ के दायरे में कानून का पालन किया जाता है और उसमें कोई विवाद नहीं है, लेकिन पर्सनल लॉ व्यक्तिगत और धार्मिक जिंदगी से जुड़ा विषय है। इस मामले में समझौता नहीं किया जा सकता क्योंकि यह हर व्यक्ति की निजी आस्था का हिस्सा है। शहर काजी ने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की कि पर्सनल लॉ के तहत संचालित मामलों को उसी व्यवस्था के अनुसार चलने दिया जाए, चेतावनी देते हुए कि ऐसा कानून लागू होने से भविष्य में कई नए सामाजिक और कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। UCC विधेयक को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानून की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष और कई मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता और पर्सनल लॉ में सीधा हस्तक्षेप बताते हुए विरोध कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।4