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केन बेतवा लिंक परियोजना से आदिवासियों के घर उजाड़ रही सरकार मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना केन बेतवा लिंक परियोजना अब विवादों में घिर चुकी है है। सरकार इसे बुंदेलखंड के लिए पानी, सिंचाई और विकास का बड़ा समाधान बता रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। नदी में खड़े होकर शांतिपूर्ण तरीके से आदिवासी समुदाय, बच्चे और बुजुर्ग अपनी जमीन, जंगल और अधिकार बचाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस परियोजना से गांव डूब सकते हैं, बड़े स्तर पर विस्थापन होगा और आजीविका पर असर पड़ेगा। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह परियोजना वास्तव में विकास लाएगी या लोगों के लिए एक नई समस्या खड़ी करेगी, और विरोध के बीच सरकार की चुप्पी क्यों है।
Dharmendra kher
केन बेतवा लिंक परियोजना से आदिवासियों के घर उजाड़ रही सरकार मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना केन बेतवा लिंक परियोजना अब विवादों में घिर चुकी है है। सरकार इसे बुंदेलखंड के लिए पानी, सिंचाई और विकास का बड़ा समाधान बता रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। नदी में खड़े होकर शांतिपूर्ण तरीके से आदिवासी समुदाय, बच्चे और बुजुर्ग अपनी जमीन, जंगल और अधिकार बचाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस परियोजना से गांव डूब सकते हैं, बड़े स्तर पर विस्थापन होगा और आजीविका पर असर पड़ेगा। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह परियोजना वास्तव में विकास लाएगी या लोगों के लिए एक नई समस्या खड़ी करेगी, और विरोध के बीच सरकार की चुप्पी क्यों है।
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- इंदौर की किसान दीदी ने जगाई पराली नहीं जलाने की अलख, 600 बीघा खेत बचाए इंदौर 23 अप्रैल 2026 उत्तर भारत में फसल कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गांव में एक महिला किसान ने इस प्रवृति को बदलने की दिशा में मिसाल पेश की है। गांव की रहने वाली श्रीमती पपीता रावत ने न केवल किसानों को जागरूक किया, बल्कि वैकल्पिक समाधान देकर पराली जलाने पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयं सहायता समूह से शुरू हुआ सफर श्रीमती पपीता रावत, जो एक स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष है ने अपनी यात्रा आजीविका मिशन से जुड़कर शुरू की। शुरुआती आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने सिलाई कार्य से शुरुआत की। कृषि गतिविधियों में रूचि के चलते बाद में स्व-सहायता समूह और बैंक से ऋण लेकर स्ट्रा रीपर मशीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने गांव और आसपास के किसानों को पराली जलाने के नुकसान और उससे भूसा बनाने के फायदे समझाए। 600 बीघा खेत में पराली जलाने से बचाया जिले के धुलेट गांव के आसपास दूर-दूर तक कोई भी किसान अब अपने खेत में पराली (गेहूं कटाई के बाद बचे हुए ठूंठ,अवशेष) नहीं जलाता। इसका कारण महिला किसान श्रीमती पपीता रावत है। पपीता रावत बताती है -"शुरुआती दिनों में मैं घर ही रहती और मेरे पति महेश मजदूरी करने जाते थे। घर में तंगी बनी रहती। एक दिन गांव में आजीविका मिशन के अधिकारी आए। द्वारकाधीश सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाया। सिलाई मशीन ली और काम शुरू किया। इसके बाद मैंने लोन लेकर 'स्ट्रा रीपर मशीन' खरीद ली। गांव सहित आसपास के किसान परिवारों को पराली जलाने के नुकसान और भूसा तैयार करने के फायदे बताए। देखते ही देखते इस साल हमने 600 बीघा से ज्यादा खेत में फसल कटने के बाद पराली जलने से बचा लिया। इस बार पराली से भूसा तैयार कर किसानों को लाभ पहुंचाया। वे इसका उपयोग मवेशियों के 'केटल फीड' के रूप में कर रहे है। डे आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक गायत्री राठौड़ बताती है-"इस समूह को विलेज ऑर्गेनाइज़ेशन के साथ आस्था संकुल संगठन खुड़ैल से जोड़ा गया। किसान दीदी के रूप में पपीता रावत बेहतर काम कर रही ही है। पशु पालन से जुड़कर भी चार मवेशियों के माध्यम से दूध उत्पादन का व्यवसाय भी कर रही है।" *पराली जलाने से यह होता है नुकसान* कृषि वैज्ञानिकों का कहना है किसानों द्वारा पराली जलाने की मानसिकता बनी हुई है। प्रदेश में ही सैकड़ों एकड़ खेत में पराली जलाने से उनकी उपजाऊ क्षमता दांव पर लगी हुई है। वैज्ञानिकों के अनुसार "पराली जलाने से जहां अगले सीज़न में फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वहीं पराली (सूखी फसल अवशेष या STUBBLE) जलाने से CO2 (कॉर्बन डाय ऑक्साइड), नाइट्रोजन ऑक्साइड सहित हानिकारक गैस बनती है जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग प्रभावित होती है। मिट्टी उर्वरता (सॉइल फर्टिलिटी) के साथ सूक्ष्मजीव और बैक्टीरिया नष्ट हो जाते है।" जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक कर रहा है। यहां तक कि पराली जलाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। प्रशासन भी कर रहा प्रोत्साहित जिला पंचायत इंदौर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली नहीं जलाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहे है और नियमों के तहत जुर्माने का प्रावधान भी है। अधिकारियों का कहना है कि श्रीमती रावत जैसी किसान दीदियां न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही है, बल्कि समाज और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। धुलेट गांव की यह पहल दिखाती है कि जागरूकता, नवाचार और सामूहिक प्रयास से पराली जताने जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है। आने वाले समय में ऐसी पहलें कृषि सुधार और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकती है।1
- Post by Aarti Raikwar1
- इंदौर में प्रीतम लोधी मामले में बीजेपी सख्त, प्रदेश अध्यक्ष बोले—नोटिस जारी किया है इंदौर। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रीतम लोधी से जुड़े मामले को लेकर स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि पार्टी अब इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के मूड में है। उन्होंने कहा कि मामला पार्टी के संज्ञान में है और इसे अनुशासनहीनता के दायरे में लेते हुए नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि “पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है। प्रीतम लोधी को नोटिस दिया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है। जवाब के आधार पर पार्टी स्तर पर जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह निश्चित रूप से की जाएगी।” उन्होंने यह भी साफ किया कि बीजेपी में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संगठन के नियमों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया तय होगी। एंकर मध्य प्रदेश में प्रथम लोधी जो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता है उसको लेकर भाजपा ने उनके बयानों पर उनको नोटिस जारी करते हुए कारण पूछे गए हैं लेकिन जिस तरीके से उनके बयान सामने आ रहे हैं उससे कई तरह के सवाल या निशान विपक्षी पार्टी खड़े कर रही है और भाजपा की नीति और रीति के साथ ही कार्यकर्ताओं नेताओं के संस्कारों को सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बाइट हेमंत खंडेलवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष1
- मध्यप्रदेश के इंदौर में गुरुवार शाम दो बच्चे रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। दोनों बच्चे तिरुपति गार्डन के पास खेल रहे थे। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक नाबालिग लड़की उन्हें अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दे रही है। लापता बच्चों की पहचान नैतिक और सम्राट के रूप में हुई है। दोनों पास के ही इलाके के रहने वाले हैं। बच्चों के दादा पूनमचंद जयदेव ने बताया कि उन्हें एक महिला ने वीडियो कॉल के जरिए 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी। कहा कि 15 लाख रुपए दो और दोनों बच्चों को ले जाओ। इसके बाद वह नंबर बंद हो गया। सूचना मिलते ही टीआई सुरेंद्र रघुवंशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पलासिया थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना केन बेतवा लिंक परियोजना अब विवादों में घिर चुकी है है। सरकार इसे बुंदेलखंड के लिए पानी, सिंचाई और विकास का बड़ा समाधान बता रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। नदी में खड़े होकर शांतिपूर्ण तरीके से आदिवासी समुदाय, बच्चे और बुजुर्ग अपनी जमीन, जंगल और अधिकार बचाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस परियोजना से गांव डूब सकते हैं, बड़े स्तर पर विस्थापन होगा और आजीविका पर असर पड़ेगा। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह परियोजना वास्तव में विकास लाएगी या लोगों के लिए एक नई समस्या खड़ी करेगी, और विरोध के बीच सरकार की चुप्पी क्यों है।1
- लोग ब्रेकर पर ही अपनी गाड़ी लगा देते है जिससे आम जन परेशान होता है और लाइन में लगने को मजबूर हो जाता है वह पर खड़े लोग तो डायरेक्शन देते है नदारत रहते है आज शाम की बात है देखिए कैसे लोग रोड को अपन घर समझते है और कही भी रोड पर पार्क कर देते है2
- Post by Vishal Jadhav1
- शादी के मंडप में घुसे उपद्रवी, जमकर करी तोड़फोड़ और मारपीट, 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला जुलूस एंकर - इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की पुष्टि की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। वीओ - दरअसल यह मामला तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के माचल गांव का है, जहां बाहर से आई एक बारात के दौरान शादी समारोह अचानक जंग का मैदान बन गया, स्थानीय युवकों और बारातियों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, आरोप है कि कुछ युवक मंडप में घुस गए और वहां जमकर तोड़फोड़ की, इतना ही नहीं, उन्होंने महिला-पुरुषों के साथ भी मारपीट की, जिसमें कई लोग घायल हो गए, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई, जांच के बाद पुलिस ने साहिल, अमान, मोनू सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसमें पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों का इलाके में जुलूस भी निकाला, ताकि असामाजिक तत्वों में कानून का डर बना रहे, फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बाइट - अमरेंद्र सिंह --- एडिशनल डीसीपी1