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बंटी हत्याकांड को लेकर दानापुर प्रखण्ड कार्यालय के सामने सामाजिक कार्यक्रम द्वारा एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान बंटी हत्याकांड की न्याय जांच कराने तथा परिवार वालों को एक करोड़ रुपये या नौकरी देने की मांग उठाई गई। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में मनोज यादव, पप्पू यादव और अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे।
IPM NEWS
बंटी हत्याकांड को लेकर दानापुर प्रखण्ड कार्यालय के सामने सामाजिक कार्यक्रम द्वारा एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान बंटी हत्याकांड की न्याय जांच कराने तथा परिवार वालों को एक करोड़ रुपये या नौकरी देने की मांग उठाई गई। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में मनोज यादव, पप्पू यादव और अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे।
- User7631Delhi😤1 hr ago
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- नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर पूरे देश में क्रांति छिड़ी हुई है और कॉकरोच जनता पार्टी ने इस मुद्दे को उठाते हुए जंतर-मंतर पर धरना शुरू कर दिया। इसी समर्थन में और लगातार आत्महत्या कर रहे छात्रों व उनके खराब होते भविष्य के हक में सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। 19 दिन बीत जाने के बाद प्रशासन ने उन्हें जबरन जंतर-मंतर से उठा लिया और अस्पताल में एडमिट करा दिया, जिससे पूरे देश के माहौल में हड़कंप मच गया और दूर-दूर से लोग जंतर-मंतर पर जुटने लगे। मौके पर पहुंची इस भीड़ पर पुलिस प्रशासन ने बड़ी बर्बरता दिखाते हुए लाठियां बरसाईं। सोनम वांगचुक लगातार भूख हड़ताल पर बैठे रहे, लेकिन किसी भी नेता ने उनसे बात करना जरूरी नहीं समझा। भूख हड़ताल खत्म होने के बाद वह दोबारा देश के बच्चों के लिए आवाज उठाना चाहते हैं। इस दौरान अस्पताल में उनके साथ प्रशासन किस तरह पेश आ रहा है और वे न्याय के लिए कैसे लड़ रहे हैं, इसका वीडियो पूरे देश में तेजी से वायरल हो रहा है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।1
- जहां लोगों को लग रहा था कि नारेबाज़ी होगी, वहीं एक बुज़ुर्ग के बयान ने पूरा माहौल ही बदल दिया। बुज़ुर्ग ने सीधे तौर पर कहा कि "असली चोर सिस्टम में बैठे हैं।" उनकी इस बात ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया और पूरे घटनाक्रम का रुख ही बदल गया।1
- डीएमके सांसद कनिमोझी ने NEET परीक्षा को पूरी तरह खत्म करने की मांग उठाई है। दिल्ली में बोलते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की हमेशा से यही मांग रही है कि राज्य में NEET नहीं चाहिए और इसे हमेशा के लिए खत्म किया जाना चाहिए। आज यह बात पूरी तरह सही साबित हो चुकी है कि NEET सिर्फ छात्रों को बाहर करने के लिए एक एग्जाम है, उन्हें पढ़ाने या आगे बढ़ाने के लिए नहीं। देश भर के छात्र अब यह समझ चुके हैं कि यह परीक्षा केवल कुछ ही लोगों की मदद करती है। कनिमोझी ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु की मांग देश के बाकी हिस्सों से थोड़ी अलग है। जहां बाकी देश सही परीक्षा, सरकारी जवाबदेही और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं तमिलनाडु का स्पष्ट मानना है कि NEET को ही पूरी तरह खत्म करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार इन छात्रों को सपोर्ट नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें धमका रही है और कुछ जगहों पर उन पर हमले भी हुए हैं। दिल्ली और तमिलनाडु में हो रही घटनाओं में ज्यादा फर्क नहीं दिखता और अब छात्रों के लिए खुद सवाल पूछने का समय आ गया है।1
- दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस पूरी चोरी की साजिश घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका निर्मला ने ही रची थी। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि निर्मला ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही चोरी की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई है और पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।1
- बंटी हत्याकांड को लेकर दानापुर प्रखण्ड कार्यालय के सामने सामाजिक कार्यक्रम द्वारा एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान बंटी हत्याकांड की न्याय जांच कराने तथा परिवार वालों को एक करोड़ रुपये या नौकरी देने की मांग उठाई गई। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में मनोज यादव, पप्पू यादव और अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे।1
- गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर देशभर में जनअभियान चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी मुहिम के माध्यम से गौ माता को राष्ट्रमाता का स्थान और दर्जा दिलाए जाने की मांग को पूरे देश में प्रमुखता से उठाया जा रहा है।1
- देश के छात्रों ने तीन ऐसी प्रमुख और स्पष्ट मांगें सामने रखी हैं, जिनसे किसी भी सूरत में समझौता नहीं हो सकता। छात्रों का साफ कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत कैबिनेट से हटाया जाए। इसके अलावा, छात्रों पर बर्बरता करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए और नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से माफी मांगें।1