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हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने हिसार बस अड्डे के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सरकारी बसों के पहिए थाम दिए हैं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में तड़पना पड़ा। यह कदम कर्मचारियों के 'महा-तांडव' का हिस्सा है, जो प्रशासन के प्रति भयंकर गुस्से को दर्शाता है और उन्होंने 'सिस्टम' को हिला दिया है। कर्मचारियों ने जीएम (जनरल मैनेजर) और पूरी व्यवस्था के खिलाफ 'आर-पार की जंग' का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, तपती दोपहर में पुलिस और कर्मचारी आमने-सामने आ गए, और हिसार बस अड्डे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस घटना से 'सिस्टम फेल' होने के कारण जनता बेहाल नजर आई और पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
JPH NEWS HARYANA
हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने हिसार बस अड्डे के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सरकारी बसों के पहिए थाम दिए हैं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में तड़पना पड़ा। यह कदम कर्मचारियों के 'महा-तांडव' का हिस्सा है, जो प्रशासन के प्रति भयंकर गुस्से को दर्शाता है और उन्होंने 'सिस्टम' को हिला दिया है। कर्मचारियों ने जीएम (जनरल मैनेजर) और पूरी व्यवस्था के खिलाफ 'आर-पार की जंग' का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, तपती दोपहर में पुलिस और कर्मचारी आमने-सामने आ गए, और हिसार बस अड्डे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस घटना से 'सिस्टम फेल' होने के कारण जनता बेहाल नजर आई और पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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- हरियाणा में HTET परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है, जो 13 और 14 जून को आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 2.45 लाख छात्र 820 केंद्रों पर हिस्सा लेंगे, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा 13 जून को शाम के सत्र में, और 14 जून को सुबह व शाम दोनों सत्रों में आयोजित होगी। बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने एक नया और ऐतिहासिक नियम लागू किया है, जिसके तहत OMR शीट खाली छोड़ने वाले छात्रों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले केंद्रों पर पहुंचना अनिवार्य होगा, जहां उनकी बायोमैट्रिक जांच भी की जाएगी।1
- एक ही वीडियो में हरियाणा की 50 बड़ी खबरें शामिल की गई हैं। इन सभी महत्वपूर्ण खबरों को दर्शक सिर्फ 10 मिनट में देख सकते हैं।1
- पूरे देश में तेल और गैस की बढ़ती कीमतों तथा उनकी किल्लत के कारण इस समय हाहाकार मचा हुआ है। इस गंभीर स्थिति के बीच, रूस और ईरान जैसे देश सस्ते दामों पर तेल उपलब्ध कराने को तैयार हैं। ऐसे में सरकार और जनता के बीच यह अहम सवाल उठ रहा है कि क्या भारत को इन देशों से सस्ता तेल खरीदना चाहिए। यह एक ऐसा फैसला है जिसका देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर सीधा और गहरा असर पड़ेगा।1
- रोहतक से रोडवेज का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो के कारण, एक बस से कई लोगों की जान खतरे में बताई जा रही है।1
- जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में इनेलो कार्यकर्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें इनेलो नेता अभय चौटाला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस बैठक की अध्यक्षता इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भाजपा सरकार और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। अभय चौटाला ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार पर हर वर्ग को नुकसान पहुंचाने और लोगों को जाति व धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास कार्य पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल के शासनकाल में हुए थे, जब टैक्स समाप्त किए गए, बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना शुरू की गई और गांवों में जलघर बनवाए गए, साथ ही किसानों को फसल खराब होने पर उचित मुआवजा मिलता था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यह आम आदमी की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने का काम करता था। कांग्रेस पर हमला करते हुए चौटाला ने कहा कि जिस क्षेत्र ने भूपेंद्र हुड्डा को सम्मान दिया, वहीं की जमीनें बिकवाने का काम किया गया और किसानों को कमजोर करने वाले फैसलों के कारण ही जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू न करके काले कानून लागू करने का भी आरोप लगाया, जिसके खिलाफ किसानों को आंदोलन करना पड़ा। जजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जजपा भाजपा की गोद में बैठकर सत्ता का सुख भोगती रही, लेकिन बाद में भाजपा ने उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर कर दिया। चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर कांग्रेस सरकार बनने से रोकने और राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त करवाने का आरोप भी लगाया, साथ ही कहा कि इनेलो न तो भाजपा की बी टीम है और न ही वोट काटने वाली पार्टी, बल्कि भाजपा को हराने का काम करेगी। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री रात को तेल बचाने की बात करता है और सुबह विदेश दौरों पर निकल जाता है, जबकि लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों से आम जनता परेशान है। उन्होंने इनेलो विधायक अभय चौटाला द्वारा किसानों के हितों की लड़ाई में अपने पद से इस्तीफा देने का उल्लेख किया और कहा कि किसी अन्य दल के विधायक ने ऐसा साहस नहीं दिखाया। माजरा ने कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान किसी भी कांग्रेस विधायक ने किसानों के समर्थन में इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जब लाखों बुजुर्गों की पेंशन काटी गई थी, तब अभय चौटाला की चेतावनी के बाद सरकार को झुकते हुए पेंशन बहाल करनी पड़ी थी। माजरा ने प्रदेश सरकार पर किसानों पर तरह-तरह की शर्तें थोपने और युवाओं के हकों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया, साथ ही कहा कि बाहरी राज्यों के युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि हरियाणा के युवाओं के अधिकारों के लिए अभय चौटाला लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी प्रदेश के कई गांव पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इस मौके पर इनेलो महासचिव धर्मेंद्र ढुल, प्रताप लाठर, प्रदीप गिल आदि भी मौजूद रहे।1
- महेंद्रगढ़ के सतनाली मार्केट में बंदरों का आतंक देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय दुकानदार और राहगीर अत्यधिक परेशान हैं। इस उत्पात के कारण बाजार के दुकानदारों और आम नागरिकों, दोनों में ही भय का माहौल व्याप्त है।1
- भिवानी के पूर गांव में एक घटना के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से संबंधित सवालों पर आपा खो बैठे। कैमरे पर कैद हुए इस पल में, मंत्री ने पत्रकारों को उंगली दिखाकर चुप करा दिया, जिसे 'सत्ता का घमंड' बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री अपनी उपलब्धियों का बखान कर रहे थे, लेकिन जैसे ही एक रिपोर्टर ने जनता के दर्द, विशेषकर महंगाई और ईंधन की कीमतों पर सवाल उठाया, मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने पत्रकारों को चुप रहने का इशारा करते हुए उन्हें धमकाया। इस घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या लोकतंत्र में जनता के हक के सवाल पूछना एक अपराध है, और क्या सत्ता का यह 'रौब' उचित है। यह स्थिति पत्रकारों के लिए भारी पड़ी है और इसे मंत्री की 'धमकी' वाली उंगली तथा 'पावर' का गुस्सा करार दिया गया है। इस वीडियो को व्यापक रूप से साझा करने का आह्वान किया गया है ताकि 'सच हर आंख तक पहुंचे', साथ ही यह प्रश्न भी उठाया गया है कि क्या नेताओं को जनता के तीखे सवालों से डर लगता है।1
- भिवानी के पूर गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का पारा उस वक्त चढ़ गया जब उनसे महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल पूछे गए। जनता के दर्द पर जवाब देने के बजाय, मंत्री जी कैमरे के सामने ही पत्रकारों की ओर उंगली उठाते हुए दिखाई दिए, जिससे 'सत्ता का घमंड' कैमरे में कैद होता नजर आया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब जनता के ज्वलंत मुद्दों पर सवाल पूछना भी नेताओं को नागवार गुजरने लगा है। महंगाई से त्रस्त जनता जहां जवाब की उम्मीद कर रही है, वहीं सवाल उठाने वालों को चुप कराने की कोशिश क्यों की जा रही है, इस पर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना पत्रकार का अधिकार है, न कि सत्ता के लिए कोई चुनौती। यह सवाल उठाया गया है कि क्या जनप्रतिनिधियों को जनता के कठिन सवालों का जवाब देना चाहिए या गुस्सा दिखाना चाहिए। जनता से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सच खुद सामने आ सके और लोग इसे देख सकें।1
- जिले में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण का कार्य 16 जून तक संपन्न कर लिया जाएगा। इस सर्वेक्षण के तहत सभी पांडुलिपियों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, संबंधित व्यक्तियों को उनके दस्तावेज वापस लौटा दिए जाएंगे।1