बरसाना के भीड़भाड़ वाले और श्रद्धालुओं के मार्गों पर बाइकों की तेज़ रफ्तार लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक तेज़ रफ्तार बाइक की जोरदार टक्कर से एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें चलने-फिरने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति में सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह सामने आ रही है कि कई बाइक चालक जानबूझकर अपने वाहनों की नंबर प्लेट तोड़ देते हैं, उन्हें मोड़ देते हैं या बिना नंबर प्लेट के ही बेधड़क वाहन चलाते हैं। दुर्घटना होने की स्थिति में ऐसे चालकों और वाहनों की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से तुरंत और सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। मांग की गई है कि बरसाना के व्यस्त मार्गों पर तेज़ रफ्तार वाहनों की गति पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाए, बिना नंबर प्लेट या क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू की जाए।
बरसाना के भीड़भाड़ वाले और श्रद्धालुओं के मार्गों पर बाइकों की तेज़ रफ्तार लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक तेज़ रफ्तार बाइक की जोरदार टक्कर से एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें चलने-फिरने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति में सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह सामने आ रही है कि कई बाइक चालक जानबूझकर अपने वाहनों की नंबर प्लेट तोड़ देते हैं, उन्हें मोड़ देते हैं या बिना नंबर प्लेट के ही बेधड़क वाहन चलाते हैं। दुर्घटना होने की स्थिति में ऐसे चालकों और वाहनों की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से तुरंत और सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। मांग की गई है कि बरसाना के व्यस्त मार्गों पर तेज़ रफ्तार वाहनों की गति पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाए, बिना नंबर प्लेट या क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू की जाए।
- मथुरा के गोवर्धन में प्रसिद्ध 'मुड़िया पूर्णिमा मेला' का भव्य आगाज़ गुरुवार से हो रहा है, जो 30 जुलाई तक चलेगा। मेले में उमड़ने वाले लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सहूलियत को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद बुधवार शाम 6 बजे SSP श्लोक कुमार ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। मेला परिसर की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को 9 सुपर ज़ोन, 21 ज़ोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां हर समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर नज़र रखने के लिए 31 वॉच टावर और यातायात नियंत्रण हेतु 150 बैरियर लगाए गए हैं। साथ ही, गोवर्धन धाम की 24 घंटे निगरानी के लिए 183 हाईटेक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी पहरेदारी कंट्रोल रूम से की जाएगी।4
- मथुरा के कोसी कलां क्षेत्र स्थित ग्राम जटवारी के रहने वाले अग्निवीर जनक गुर्जर की फतेहगढ़ में ट्रेनिंग के दौरान इलाज के क्रम में मौत हो गई। जवान के निधन की दुखद खबर सामने आते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। तीन भाइयों में सबसे बड़े अग्निवीर जनक गुर्जर की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। देर शाम शहीद जनक गुर्जर का पार्थिव शरीर जटवारी गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों और परिजनों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।1
- फौजियों ने स्पष्ट कहा है कि अंधभक्त किसी भी भ्रम में न रहें, क्योंकि वे पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़े हैं। इसके साथ ही फौजियों ने दिल्ली पुलिस को सीधा चैलेंज देते हुए कहा है कि पुलिस उन्हें पीटकर दिखाए।1
- डीग के जिला अस्पताल में बुधवार को पीएमओ डॉ. जितेंद्र फौजदार का जन्मदिवस सेवा और मानवता के भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अस्पताल स्टाफ द्वारा केक काटकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं और अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। इस आयोजन में अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग दिया, जिसमें युवा नेता नरेश फौजदार पहलवाड़ा की विशेष भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. जितेंद्र फौजदार अपने सरल, मिलनसार और संवेदनशील स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। वे चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। अपने इसी सेवाभावी व्यक्तित्व के कारण वे आमजन और अस्पताल स्टाफ के बीच विशेष सम्मान रखते हैं। उपस्थित लोगों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। इससे पहले पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह ने नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय का उद्घाटन भी किया। इस दौरान नर्सिंग अधीक्षक विजय प्रताप सिंह ठाकुर को माला पहनाकर, साफा बांधकर और मिठाई खिलाकर उनका अभिनंदन किया गया।4
- भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित पृथ्वी पैलेस में जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे के नेतृत्व में छाता विधानसभा का विशाल बूथ सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, मुख्य अतिथि आगरा महानगर अध्यक्ष शिव शंकर शर्मा, जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे, ब्लाक प्रमुख शोभाराम शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मुदिता शर्मा और मंडल अध्यक्ष सौरभ जैन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि भाजपा सरकार ने छाता विधानसभा में अभूतपूर्व विकास कार्य कराए हैं, जिसके तहत क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्रों की संख्या 8 से बढ़कर 18 से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि शिव शंकर शर्मा ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताया। वहीं जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे ने बताया कि छाता विधानसभा में लगभग 416 बूथ हैं और प्रत्येक बूथ अध्यक्ष को बूथ कार्यकारिणी के गठन तथा पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख शोभाराम शर्मा ने कहा कि विरोधी पार्टियां भाजपा के बढ़ते वर्चस्व को पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में गृह मंत्री अमित शाह और हरियाणा के मुख्यमंत्री भी बूथ अध्यक्ष रहे हैं। इस सम्मेलन में हेमराज मंडल, कोसीकलां मंडल, नंदगांव मंडल, चौमुहा मंडल एवं छाता मंडल के सभी बूथ अध्यक्षों, पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, वीरेंद्र कटारा, प्रेम सिंह, विनय उपाध्याय, विजय शर्मा, पवन शर्मा, युवा नेता विवेक चौधरी, दीपक बडगूजर और भगत सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।2
- Bhika gadhi post Barchwali chhata mathura1
- आषाढ़ माह की पूर्णिमा के अवसर पर आज गोवर्धन में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु नंगे पैर गिरिराज जी की 21 कोस की परिक्रमा करने आ रहे हैं। गोवर्धन के मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने इस मेले की गूढ़ मान्यता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुड़िया पूर्णिमा सिर्फ एक मेला नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि का पर्व है। इस दिन भक्त गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी करके अपना सिर मुंडवाते हैं और अपने केश गिरिराज जी को अर्पित करते हैं। सिर मुंडवाने यानी 'मुंडिया' से ही इसका नाम 'मुड़िया पूर्णिमा' पड़ा है। संत रामकृष्ण दास महाराज के अनुसार मुड़िया पूर्णिमा का अर्थ अपने अहंकार और पापों का मुंडन करना है। इसका संबंध कृष्ण-गोवर्धन लीला से जुड़ा है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए 7 दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था। संकट टलने के बाद ब्रजवासियों ने आषाढ़ पूर्णिमा को ही गिरिराज जी की विशाल परिक्रमा की थी और मुंडन करवाकर उनका आभार जताया था, तभी से यह परंपरा लगातार चल रही है। शास्त्रों के अनुसार मुड़िया पूर्णिमा पर की गई एक परिक्रमा का पुण्य चारों धाम 100 बार करने के बराबर है। आज के दिन गिरिराज जी की 21 कोस परिक्रमा और मुंडन करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं। यह पूर्ण समर्पण का दिन है और जो भी सच्चे भाव से गिरिराज महाराज को पुकारता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।2
- बरसाना के भीड़भाड़ वाले और श्रद्धालुओं के मार्गों पर बाइकों की तेज़ रफ्तार लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक तेज़ रफ्तार बाइक की जोरदार टक्कर से एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें चलने-फिरने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति में सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह सामने आ रही है कि कई बाइक चालक जानबूझकर अपने वाहनों की नंबर प्लेट तोड़ देते हैं, उन्हें मोड़ देते हैं या बिना नंबर प्लेट के ही बेधड़क वाहन चलाते हैं। दुर्घटना होने की स्थिति में ऐसे चालकों और वाहनों की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से तुरंत और सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। मांग की गई है कि बरसाना के व्यस्त मार्गों पर तेज़ रफ्तार वाहनों की गति पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाए, बिना नंबर प्लेट या क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू की जाए।1