*छिंदवाड़ा: प्राइवेट अस्पताल की तीसरी मंजिल से गिरी पानी की टंकी, नीचे काम कर रहे मजदूर की मौत* *छिंदवाड़ा:* कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के श्याम टॉकीज इलाके में स्थित तीन मंजिला बिंद्रा हॉस्पिटल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की छत से पानी की टंकी गिरने से नीचे खड़े एक बुजुर्ग मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। *कैसे हुआ हादसा* जानकारी के अनुसार अस्पताल की तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टंकी अचानक नीचे गिर गई। उस समय एक मजदूर टंकी के नीचे काम कर रहा था। टंकी गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। *परिजनों ने किया हंगामा* मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बिंद्रा हॉस्पिटल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। *पुलिस ने कराया शांत* सूचना मिलते ही कुंडीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। *जांच में जुटी पुलिस* कुंडीपुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी। *छिंदवाड़ा: प्राइवेट अस्पताल की तीसरी मंजिल से गिरी पानी की टंकी, नीचे काम कर रहे मजदूर की मौत* *छिंदवाड़ा:* कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के श्याम टॉकीज इलाके में स्थित तीन मंजिला बिंद्रा हॉस्पिटल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की छत से पानी की टंकी गिरने से नीचे खड़े एक बुजुर्ग मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। *कैसे हुआ हादसा* जानकारी के अनुसार अस्पताल की तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टंकी अचानक नीचे गिर गई। उस समय एक मजदूर टंकी के नीचे काम कर रहा था। टंकी गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। *परिजनों ने किया हंगामा* मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बिंद्रा हॉस्पिटल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। *पुलिस ने कराया शांत* सूचना मिलते ही कुंडीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। *जांच में जुटी पुलिस* कुंडीपुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
*छिंदवाड़ा: प्राइवेट अस्पताल की तीसरी मंजिल से गिरी पानी की टंकी, नीचे काम कर रहे मजदूर की मौत* *छिंदवाड़ा:* कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के श्याम टॉकीज इलाके में स्थित तीन मंजिला बिंद्रा हॉस्पिटल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की छत से पानी की टंकी गिरने से नीचे खड़े एक बुजुर्ग मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। *कैसे हुआ हादसा* जानकारी के अनुसार अस्पताल की तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टंकी अचानक नीचे गिर गई। उस समय एक मजदूर टंकी के नीचे काम कर रहा था। टंकी गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। *परिजनों ने किया हंगामा* मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बिंद्रा हॉस्पिटल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। *पुलिस ने कराया शांत* सूचना मिलते ही कुंडीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। *जांच में जुटी पुलिस* कुंडीपुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी। *छिंदवाड़ा: प्राइवेट अस्पताल की तीसरी मंजिल से गिरी पानी की टंकी, नीचे काम कर रहे मजदूर की मौत* *छिंदवाड़ा:* कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के श्याम टॉकीज इलाके में स्थित तीन मंजिला बिंद्रा हॉस्पिटल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की छत से पानी की टंकी गिरने से नीचे खड़े एक बुजुर्ग मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। *कैसे हुआ हादसा* जानकारी के अनुसार अस्पताल की तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टंकी अचानक नीचे गिर गई। उस समय एक मजदूर टंकी के नीचे काम कर रहा था। टंकी गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। *परिजनों ने किया हंगामा* मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बिंद्रा हॉस्पिटल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। *पुलिस ने कराया शांत* सूचना मिलते ही कुंडीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। *जांच में जुटी पुलिस* कुंडीपुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
- छिंदवाड़ा हादसे के बाद अब इंसाफ की लड़ाई शुरू.युवा नेता प्रवीण धुर्वे और उनकी टीम पहुंचे अस्पताल,पीड़ित परिवार के लिए FIR और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज... 3 बेटियों का क्या होगा? क्या मिलेगा परिवार को न्याय ? अपनी राय जरूर दें इस खबर को शेयर करें1
- संभागीय रोप स्कीपिंग प्रतियोगिता का समापन केंद्रीय विद्यालय बड़कुही ओवरऑल चैंपियन केंद्रीय विद्यालय1
- अमरवाड़ा शादी से लौट रहे परिजनों और रिश्तेदारों से भारी ऑटो अभियंटित होकर पलट गई जिससे 6 लोग घायल हो गए1
- पांढुर्णा। वर्तमान में सूर्यदेव अपने रौद्र रूप में हैं और आसमान से आग बरस रही है। बढ़ते तापमान और असहनीय गर्मी ने आम जनजीवन को झुलसा कर रख दिया है। लेकिन क्या हमने कभी गौर किया कि इस तपिश का असली जिम्मेदार कौन है? प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ शासन और प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है, यह उसी का दुष्परिणाम है। एक तरफ बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई की जा रही है, हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काटकर बेचा जा रहा है, तो दूसरी तरफ पर्यावरण बचाने के नाम पर केवल फोटोबाजी का खेल चल रहा है। शासन का दोहरा चरित्र: विनाश और दिखावा एक साथ हैरानी की बात यह है कि जिस तंत्र पर पर्यावरण की रक्षा की जिम्मेदारी है, वही तंत्र जंगलों के विनाश का मूकदर्शक बना हुआ है। जंगल साफ किए जा रहे हैं, सड़कों और इमारतों के नाम पर सदियों पुराने पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है। जब जंगल ही नहीं रहेंगे, तो शीतलता कहां से आएगी? इस विनाश को छिपाने के लिए प्रशासन अब 'दिखावटी पौधारोपण' का सहारा ले रहा है। छोटे-छोटे पौधे लगाकर अधिकारी और नेता फोटो खिंचवाते हैं और अखबारों में सुर्खियां बटोरते हैं, जबकि हकीकत में उन पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। क्या चंद फोटो खिंचवाने से पर्यावरण बच जाएगा? जल गंगा संवर्धन योजना: जब प्यासी है धरती, तब जागी सरकार सरकार की एक और कथित महत्वाकांक्षी योजना 'जल गंगा संवर्धन' इन दिनों चर्चा में है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब भीषण गर्मी (धुपकाले) में चारों तरफ जलस्त्रोत सूख चुके हैं, तब जल बचाने की बात करना क्या महज एक मजाक नहीं है? जब धरती प्यासी है और नदी-नाले पूरी तरह दम तोड़ चुके हैं, तब प्रशासन जल बचाने की मुहिम चला रहा है। संगठनों की गहरी निद्रा और प्रशासन की अनदेखी विडंबना देखिए कि जब मानसून के दौरान नदी, नालों और जलाशयों में पानी का भरपूर संग्रह होता है और पानी व्यर्थ बह जाता है, तब ये सरकारी संगठन और प्रशासन गहरी नींद में सोए रहते हैं। उस समय न तो जल संचय की सुध आती है और न ही बहते पानी को रोकने का कोई ठोस प्रयास किया जाता है। स्थानीय प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि धरातल पर कोई काम नजर नहीं आता, बस कागजों पर योजनाएं तैर रही हैं। जनता पूछ रही सवाल आज आम आदमी पूछ रहा है कि क्या केवल नारों और दिखावटी अभियानों से प्रकृति को बचाया जा सकता है? अगर प्रशासन वास्तव में गंभीर है, तो पहले पेड़ों की अवैध कटाई पर रोक लगाए और जल संरक्षण के प्रयासों को केवल गर्मी के महीनों तक सीमित न रखकर साल भर ईमानदारी से लागू करे। वरना यह बढ़ता तापमान आने वाले समय में और भी भयावह रूप अख्तियार कर लेगा। अटल प्रगति जिला ब्युरो चिफ पांढुर्णा निलेश कलसकर/89660534521
- "न दवा मिली, न मरहम, बस थमा दिया बिल" - जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे के सर्वाइवर का छलका दर्द।1
- *अंधेरी सड़क पर मौत की चाल * *बाघ का सामना कैमरे में कैद ,खौप का सच*1
- Post by Anand uikey1
- जनगणना 2027 को लेकर मादवाड़ा में मकान का सूचीकरण प्रारंभ हुआ है 1 में से 30 में तक किया अभियान निरंतर जारीरहेगा1
- SP सुनील मेहता का ट्रांसफर, कृष्ण लालचंदानी बने नए कप्तान1