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आसपुर, 27 जुलाई। 'गौ सम्मान आवाहन अभियान' के तहत सोमवार को गौ रक्षा दल आसपुर और बजरंग दल आसपुर के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी आसपुर को गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। दिनेश जी त्रिवेदी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रमुख आधार है। लेकिन वर्तमान में क्षेत्र में अनेक गौवंश घायल अवस्था में, प्लास्टिक खाने से बीमार, सड़क दुर्घटनाओं का शिकार और लावारिस घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए प्रशासन से त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से उपखंड क्षेत्र में निराश्रित एवं घायल गौवंश के लिए स्थायी रेस्क्यू एवं उपचार व्यवस्था, ग्राम पंचायतों एवं नगर क्षेत्र में चारा और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, सड़कों पर विचरण करने वाले गौवंश की सुरक्षा, प्लास्टिक मुक्त स्वच्छता अभियान, अवैध गौ तस्करी एवं गौ क्रूरता पर कठोर कार्रवाई, गौशालाओं को आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग तथा गौ संरक्षण के प्रति नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से गौमाता की सुरक्षा एवं सम्मान के इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान राजेन्द्रसिंह अमृतिया, यशपाल सिंह, मयंक शर्मा, प्रदीप सेवक, शुभम सुथार, शैतान सिंह, गौरव भाटिया, महेंद्र मीणा, वीरेंद्र सुथार, अरविंद, मनीष, सुजल एवं प्रशांत बनकोडा सहित गौ रक्षा दल एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

2 hrs ago
user_Pravin Kothari
Pravin Kothari
पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

आसपुर, 27 जुलाई। 'गौ सम्मान आवाहन अभियान' के तहत सोमवार को गौ रक्षा दल आसपुर और बजरंग दल आसपुर के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी आसपुर को गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। दिनेश जी त्रिवेदी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रमुख आधार है। लेकिन वर्तमान में क्षेत्र में अनेक गौवंश घायल अवस्था में, प्लास्टिक खाने से बीमार, सड़क दुर्घटनाओं का शिकार और लावारिस घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए प्रशासन से त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से उपखंड क्षेत्र में निराश्रित एवं घायल गौवंश के लिए स्थायी रेस्क्यू एवं उपचार व्यवस्था, ग्राम पंचायतों एवं नगर क्षेत्र में चारा और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, सड़कों पर विचरण करने वाले गौवंश की सुरक्षा, प्लास्टिक मुक्त स्वच्छता अभियान, अवैध गौ तस्करी एवं गौ क्रूरता पर कठोर कार्रवाई, गौशालाओं को आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग तथा गौ संरक्षण के प्रति नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से गौमाता की सुरक्षा एवं सम्मान के इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान राजेन्द्रसिंह अमृतिया, यशपाल सिंह, मयंक शर्मा, प्रदीप सेवक, शुभम सुथार, शैतान सिंह, गौरव भाटिया, महेंद्र मीणा, वीरेंद्र सुथार, अरविंद, मनीष, सुजल एवं प्रशांत बनकोडा सहित गौ रक्षा दल एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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  • राज कुमार रोत adivasi news........................... .
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    राज कुमार रोत adivasi news........................... .
    user_Suraj. sadana. toda
    Suraj. sadana. toda
    Farmer सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • सीमलवाड़ा के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के पाडली गुजरेश्वर मंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत महूडी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधानसभा प्रत्याशी कारीलालजी ननेमा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनदयालजी चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रवीण रोत एडवोकेट, मंडल महामंत्री देवी सिंह चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष भंवरलालजी, वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिजी, मंडल उपाध्यक्ष रमेशजी कटारा, बूथ अध्यक्ष जीतमलजी, नारायणजी सहित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और उन्हें विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो पाती हैं। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
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    सीमलवाड़ा के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के पाडली गुजरेश्वर मंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत महूडी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधानसभा प्रत्याशी कारीलालजी ननेमा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनदयालजी चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रवीण रोत एडवोकेट, मंडल महामंत्री देवी सिंह चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष भंवरलालजी, वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिजी, मंडल उपाध्यक्ष रमेशजी कटारा, बूथ अध्यक्ष जीतमलजी, नारायणजी सहित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और उन्हें विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो पाती हैं। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उपखंड के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, धर्मपत्नी पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित करते हुए धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
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    डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उपखंड के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, धर्मपत्नी पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित करते हुए धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
    user_प्रीति पंड्या
    प्रीति पंड्या
    सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उप-जिले के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार की धर्मपत्नी, के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
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    डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उप-जिले के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार की धर्मपत्नी, के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • डूंगरपुर-बांसवाड़ा से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। इसके साथ ही सांसद राजकुमार रोत ने केंद्र सरकार को छात्र आंदोलन, UCCG, पेपर लीक, आदिवासी विस्थापन और देश के वर्तमान हालात सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरा और इन सभी विषयों को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे।
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    डूंगरपुर-बांसवाड़ा से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया।

इसके साथ ही सांसद राजकुमार रोत ने केंद्र सरकार को छात्र आंदोलन, UCCG, पेपर लीक, आदिवासी विस्थापन और देश के वर्तमान हालात सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरा और इन सभी विषयों को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक कठिन रास्ते की वजह से लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते को पार करना बेहद मुश्किल है और वे इस समस्या को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने इस परेशानी को शेयर करने की अपील की है ताकि अधिक से अधिक लोग इस समस्या से अवगत हो सकें और संभवतः कोई समाधान निकल सके।
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    राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक कठिन रास्ते की वजह से लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते को पार करना बेहद मुश्किल है और वे इस समस्या को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने इस परेशानी को शेयर करने की अपील की है ताकि अधिक से अधिक लोग इस समस्या से अवगत हो सकें और संभवतः कोई समाधान निकल सके।
    user_Pooja bhil Pooja bhil
    Pooja bhil Pooja bhil
    Nurse प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • आसपुर थाना क्षेत्र के सड़ा गांव में एक युवक अपनी भैंसों को सोम नदी से निकालने के दौरान पैर फिसलने से नदी में गिर गया और दो दिन से लापता है। युवक का नाम राइया (40) है, जो कैसिया बरगोट मीणा का पुत्र है और सड़ा खुदरड़ा का निवासी है। रविवार दोपहर को यह घटना हुई जब राइया अपनी भैंसों को नदी से निकालने का प्रयास कर रहा था। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया। पास में मवेशी चरा रहे लोगों ने यह देखा और तत्काल गांव में सूचना दी। सूचना पर कई लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने पानी में तैर कर ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बाद में आसपुर पुलिस को जानकारी दी गई। थानाधिकारी शैलेन्द्र सिंह और हेड कांस्टेबल शांतिलाल मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी ने डूंगरपुर एसडीआरएफ टीम को सूचना दी, जो सोमवार सुबह दस बजे सोम नदी पहुंचे और तलाश शुरू की। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं लगा है। सोम नदी के किनारे पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीआरएफ की D 4 टीम डूंगरपुर के निर्देशन में ADGP रुपिंदर सिंह और कमांडेंट SDRF राजेंद्र सिंह सिसोदिया, IPS के नेतृत्व में तलाशी अभियान जारी है।
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    आसपुर थाना क्षेत्र के सड़ा गांव में एक युवक अपनी भैंसों को सोम नदी से निकालने के दौरान पैर फिसलने से नदी में गिर गया और दो दिन से लापता है। युवक का नाम राइया (40) है, जो कैसिया बरगोट मीणा का पुत्र है और सड़ा खुदरड़ा का निवासी है। रविवार दोपहर को यह घटना हुई जब राइया अपनी भैंसों को नदी से निकालने का प्रयास कर रहा था। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया। पास में मवेशी चरा रहे लोगों ने यह देखा और तत्काल गांव में सूचना दी। सूचना पर कई लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने पानी में तैर कर ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बाद में आसपुर पुलिस को जानकारी दी गई। थानाधिकारी शैलेन्द्र सिंह और हेड कांस्टेबल शांतिलाल मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी ने डूंगरपुर एसडीआरएफ टीम को सूचना दी, जो सोमवार सुबह दस बजे सोम नदी पहुंचे और तलाश शुरू की। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं लगा है। सोम नदी के किनारे पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

एसडीआरएफ की D 4 टीम डूंगरपुर के निर्देशन में ADGP रुपिंदर सिंह और कमांडेंट SDRF राजेंद्र सिंह सिसोदिया, IPS के नेतृत्व में तलाशी अभियान जारी है।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।
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    राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उप-जिले में स्थित एक श्मशान घाट की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत का घेराव किया और मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट की स्थिति दयनीय है और यहां न तो पर्याप्त जगह है और न ही कोई बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। इस हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल सुधार की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की दुर्दशा लंबे समय से जारी है और इसके बावजूद पंचायत प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। हंगामे के बाद पंचायत प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा और जल्द ही सुधार के कदम उठाए जाएंगे।
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    राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उप-जिले में स्थित एक श्मशान घाट की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत का घेराव किया और मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट की स्थिति दयनीय है और यहां न तो पर्याप्त जगह है और न ही कोई बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। इस हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल सुधार की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की दुर्दशा लंबे समय से जारी है और इसके बावजूद पंचायत प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। हंगामे के बाद पंचायत प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा और जल्द ही सुधार के कदम उठाए जाएंगे।
    user_Baba
    Baba
    अरनोद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    8 hrs ago
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