राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में थाना परिसर के ठीक पीछे स्थित खाली ज़मीन पर कथित तौर पर एक बड़ा अवैध डग्गामार बस अड्डा संचालित होने की चर्चा तेज़ हो गई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस अड्डे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी बसें यात्रियों को लेकर अलग-अलग ज़िलों के लिए रवाना होती हैं, जबकि इन बसों के संचालन में नियमों का पालन न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत बस स्टेशन का उपयोग किए यात्रियों को बैठाकर बसों का संचालन हो रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकार को भारी राजस्व हानि होने की आशंका भी जताई जा रही है। क्षेत्र के नागरिकों के अनुसार, बसों के भारी जमावड़े के कारण आसपास की सड़कों पर अक्सर जाम लग जाता है और सड़क किनारे यात्रियों के चढ़ने-उतरने से दुर्घटना का ख़तरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों में इस समस्या के स्थायी समाधान न होने पर भारी नाराजगी है, क्योंकि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद इस कथित अवैध संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है, जिससे इन विभागों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रमुख सवालों में यह शामिल है कि क्या इन बसों के पास सभी आवश्यक अनुमति और दस्तावेज़ हैं, यदि संचालन अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, क्या संबंधित विभाग नियमित जांच कर रहे हैं, और सरकारी राजस्व को हो रहे संभावित नुकसान की ज़िम्मेदारी कौन तय करेगा। इन गंभीर चिंताओं के बीच, स्थानीय नागरिकों ने ज़िला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करने और अवैध रूप से संचालित इस बस स्टैंड पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में थाना परिसर के ठीक पीछे स्थित खाली ज़मीन पर कथित तौर पर एक बड़ा अवैध डग्गामार बस अड्डा संचालित होने की चर्चा तेज़ हो गई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस अड्डे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी बसें यात्रियों को लेकर अलग-अलग ज़िलों के लिए रवाना होती हैं, जबकि इन बसों के संचालन में नियमों का पालन न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत बस स्टेशन का उपयोग किए यात्रियों को बैठाकर बसों का संचालन हो रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकार को भारी राजस्व हानि होने की आशंका भी जताई जा रही है। क्षेत्र के नागरिकों के अनुसार, बसों के भारी जमावड़े के कारण आसपास की सड़कों पर अक्सर जाम लग जाता है और सड़क किनारे यात्रियों के चढ़ने-उतरने से दुर्घटना का ख़तरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों में इस समस्या के स्थायी समाधान न होने पर भारी नाराजगी है, क्योंकि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद इस कथित अवैध संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है, जिससे इन विभागों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रमुख सवालों में यह शामिल है कि क्या इन बसों के पास सभी आवश्यक अनुमति और दस्तावेज़ हैं, यदि संचालन अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, क्या संबंधित विभाग नियमित जांच कर रहे हैं, और सरकारी राजस्व को हो रहे संभावित नुकसान की ज़िम्मेदारी कौन तय करेगा। इन गंभीर चिंताओं के बीच, स्थानीय नागरिकों ने ज़िला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करने और अवैध रूप से संचालित इस बस स्टैंड पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
- राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में थाना परिसर के ठीक पीछे स्थित खाली ज़मीन पर कथित तौर पर एक बड़ा अवैध डग्गामार बस अड्डा संचालित होने की चर्चा तेज़ हो गई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस अड्डे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी बसें यात्रियों को लेकर अलग-अलग ज़िलों के लिए रवाना होती हैं, जबकि इन बसों के संचालन में नियमों का पालन न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत बस स्टेशन का उपयोग किए यात्रियों को बैठाकर बसों का संचालन हो रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकार को भारी राजस्व हानि होने की आशंका भी जताई जा रही है। क्षेत्र के नागरिकों के अनुसार, बसों के भारी जमावड़े के कारण आसपास की सड़कों पर अक्सर जाम लग जाता है और सड़क किनारे यात्रियों के चढ़ने-उतरने से दुर्घटना का ख़तरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों में इस समस्या के स्थायी समाधान न होने पर भारी नाराजगी है, क्योंकि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद इस कथित अवैध संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है, जिससे इन विभागों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रमुख सवालों में यह शामिल है कि क्या इन बसों के पास सभी आवश्यक अनुमति और दस्तावेज़ हैं, यदि संचालन अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, क्या संबंधित विभाग नियमित जांच कर रहे हैं, और सरकारी राजस्व को हो रहे संभावित नुकसान की ज़िम्मेदारी कौन तय करेगा। इन गंभीर चिंताओं के बीच, स्थानीय नागरिकों ने ज़िला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करने और अवैध रूप से संचालित इस बस स्टैंड पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- जनपद सुल्तानपुर के कोतवाली नगर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में 21 जून 2026 को पेमेंट को लेकर हुए विवाद में तीन लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे, राजन और संजीव तिवारी नामक चार व्यक्ति होटल में खाना खाने गए थे, जहां पेमेंट के दौरान उनका होटल मालिक से विवाद हो गया। इस विवाद में तीन व्यक्तियों के सिर पर चोटें आईं। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। इस संबंध में तहरीर प्राप्त कर अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पुलिस ने होटल के मालिक हर्षित पोपटानी और पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, घटना स्थल पर शांति व्यवस्था सामान्य है और अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। इस पूरे प्रकरण पर क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त ने भी जनपद सुल्तानपुर के कोतवाली नगर के घंटाघर चौकी क्षेत्र के लक्ष्मी होटल पर हुई घटना के संबंध में अपनी बाइट दी।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा में एक छात्रा को निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पहुँचने के कारण परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल सकी। केंद्र प्रशासन ने परीक्षा नियमों का सख्ती से पालन करते हुए उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया, जिससे छात्रा परीक्षा नहीं दे पाई। इस घटना के बाद छात्रा और उसके परिजन बेहद निराश दिखाई दिए, क्योंकि वे लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और इसका बेसब्री से इंतजार था। बताया गया कि मात्र कुछ मिनटों की देरी के चलते उन्हें यह भारी नुकसान उठाना पड़ा और उनकी सारी मेहनत व्यर्थ चली गई। यह घटना सभी अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान समय का विशेष ध्यान रखना कितना आवश्यक है। परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुँचकर किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या बाधा से बचा जा सकता है, जिससे ऐसी गंभीर चूक से बचा जा सके।1
- संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, देश इस समय अपने इतिहास के दूसरे सबसे सूखे जून महीने का सामना कर रहा है। इस दौरान पूरे देश में सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे भीषण गर्मी और मानसून की देरी की स्थिति बनी हुई है। इस मौसम के बीच, राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे हैं, जबकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों के लिए हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है।1
- Post by Suresh Kumar1
- काली जी मंदिर के पास स्थित Zepto ss स्टोर में मारपीट की घटना होने के बाद चौक थाने की पुलिस भारी तादाद में मौके पर पहुंची।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में बीती रात शंकर भगवान मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद (70) की सोते वक्त पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सच्चिदानंद ने यह मंदिर अपनी ही जमीन पर बना रखा था। हमले के वक्त उनकी शिष्या जाग गई, लेकिन अंधेरे के कारण वह हमलावरों की पहचान नहीं कर पाई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की कई विशेषज्ञ और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है।1
- लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके में बिजली आपूर्ति न होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने एएलवाई मैनपुरिया स्कूल के पास आलम नगर रोड को जाम कर दिया है। क्षेत्र में बिजली न मिलने के कारण गुस्साए निवासियों ने यह प्रदर्शन शुरू किया है। मौके पर पारा पुलिस मौजूद है, लेकिन प्रदर्शनकारी क्षेत्र निवासियों का कहना है कि पुलिस भी भ्रष्ट बिजली से संबंधित अधिकारियों के पक्ष में है। इसी वजह से क्षेत्र के निवासियों का गुस्सा प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा है।1