*भेटौरा हत्याकांड: परिजनों के विरोध के बीच पत्रकारों की पहल से हुआ अंतिम संस्कार, जितेंद्र कुमार की भूमिका सराहनीय* शिवगढ़, सुल्तानपुर। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भेटौरा गांव में युवक की निर्मम हत्या के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। मंगलवार शाम सब्जी लेकर घर लौट रहे 28 वर्षीय जसवंत सिंह की लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन आक्रोशित हो गए और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, जिलाधिकारी (डीएम) के मौके पर आने और आर्थिक मुआवजे की मांग रख दी। इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मृतक के भाई बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पति मान सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत करने की रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। साथ ही हमलावरों पर मोबाइल और 10 हजार रुपये लूटने का भी आरोप है। घटना के बाद से मृतक की पत्नी दिव्या और दो मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान वर्मा के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस लगातार परिजनों को समझाने में जुटी रही, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसी बीच स्थानीय पत्रकारों ने आगे बढ़कर स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खासकर पत्रकार जितेंद्र कुमार ने परिजनों से संवाद स्थापित किया और उन्हें धैर्यपूर्वक समझाया। उनके प्रयासों और समझाइश के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। अंततः पत्रकारों, प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से देर शाम अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम में पत्रकार जितेंद्र कुमार की भूमिका को क्षेत्र में काफी सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि उनकी पहल से एक बड़ी सामाजिक और प्रशासनिक जटिलता का समाधान संभव हो सका। यह घटना जहां एक ओर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर संकट की घड़ी में समाज और पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका को भी उजागर करती है।
*भेटौरा हत्याकांड: परिजनों के विरोध के बीच पत्रकारों की पहल से हुआ अंतिम संस्कार, जितेंद्र कुमार की भूमिका सराहनीय* शिवगढ़, सुल्तानपुर। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भेटौरा गांव में युवक की निर्मम हत्या के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। मंगलवार शाम सब्जी लेकर घर लौट रहे 28 वर्षीय जसवंत सिंह की लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन आक्रोशित हो गए और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, जिलाधिकारी (डीएम) के मौके पर आने और आर्थिक मुआवजे की मांग रख दी। इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और भारी पुलिस
बल तैनात करना पड़ा। मृतक के भाई बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पति मान सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत करने की रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। साथ ही हमलावरों पर मोबाइल और 10 हजार रुपये लूटने का भी आरोप है। घटना के बाद से मृतक की पत्नी दिव्या और दो मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान वर्मा के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस लगातार परिजनों को समझाने में जुटी रही, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसी बीच स्थानीय पत्रकारों ने आगे बढ़कर स्थिति को
संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खासकर पत्रकार जितेंद्र कुमार ने परिजनों से संवाद स्थापित किया और उन्हें धैर्यपूर्वक समझाया। उनके प्रयासों और समझाइश के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। अंततः पत्रकारों, प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से देर शाम अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम में पत्रकार जितेंद्र कुमार की भूमिका को क्षेत्र में काफी सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि उनकी पहल से एक बड़ी सामाजिक और प्रशासनिक जटिलता का समाधान संभव हो सका। यह घटना जहां एक ओर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर संकट की घड़ी में समाज और पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका को भी उजागर करती है।
- *ब्रेकिंग चांदा* *संदिग्ध परिस्थितियों में , मस्जिद में छात्र का शव फंदे से लटका मिला* *पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच में जुटी पुलिस* *चांदा कोतवाली क्षेत्र के तातोमुरैनी गांव की है घटना* *चांदा,सुल्तानपुर।* कोतवाली क्षेत्र के तातोमुरैनी गांव स्थित मस्जिद के मदरसे में गुरुवार को एक छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान रेहान 14 वर्ष पुत्र नौशाद के रूप में हुई है। वह कक्षा 6 का छात्र था और गांव में ही प्रधान के घर के पास स्थित मदरसे में पढ़ने आया था। सूचना पर पहुंची चांदा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की माने तो प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।4
- बताया जा रहा है कि मौर्या मिष्ठान भण्डार के सामने किसी छोटी सी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने श्रद्धालु को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान की जा रही है। सवाल उठता है — धार्मिक नगरी में श्रद्धालु भी सुरक्षित नहीं?1
- *वाराणसी में निषाद पार्टी की ‘राजनैतिक एकता’ महारैली, डॉ. आशीष तिवारी की अगुवाई में उमड़ा जनसैलाब* लंभुआ सुलतानपुर निषाद पार्टी की ‘राजनैतिक एकता’ विशाल महारैली वाराणसी में लंभुआ विधानसभा (190) से वरिष्ठ नेता डॉ. आशीष तिवारी हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने जोशीले नारों और तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया और जुलूस की शक्ल में मंच तक ले गए। पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और ऊर्जा का माहौल नजर आया।महारैली के मुख्य अतिथि डॉ. संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, का डॉ. आशीष तिवारी ने 51 किलो की विशाल माला पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी एकता और संगठन की मजबूती का संकल्प दोहराया।अपने संबोधन में डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि निषाद पार्टी समाज के दबे-कुचले, वंचित और असहाय वर्गों की सशक्त आवाज बनकर उभरी है। “हमारी लड़ाई केवल चुनाव तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अधिकारों की स्थापना के लिए है। सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे,” उन्होंने कहा। उन्होंने ‘सेवार्थम फाउंडेशन’ के माध्यम से चल रही जनसेवा गतिविधियों का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी टीम निरंतर जरूरतमंदों की सहायता में जुटी है। मुख्य अतिथि डॉ. संजय निषाद ने अपने वक्तव्य में पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों और भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निषाद पार्टी वंचित समाज को सम्मान, भागीदारी और अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। महारैली में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने निषाद पार्टी के बढ़ते जनाधार और क्षेत्र में उसकी मजबूत होती राजनीतिक पकड़ का स्पष्ट संकेत दिया।4
- इटावा जिले के एक गांव में महिलाओं का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्होंने शराब की ठेके पर अचानक धावा बोल दिया आक्रोशित महिलाओं ने शराब को बाहर निकाल कर मिट्टी में मिला दिया घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया महिलाओं का आरोप है गांव के बीचों बीच यह शराब ठेका उनके परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रहा है आए दिन परिवार में झगड़ा और कलह की स्थिति पैदा होती है। ग्रामीणों का कहना है यह ठेका अन्य गांव के लिए आवंटित था।लेकिन यहांअवैध तरीके से यहां शराब का ठेका चलाया जा रहा है।1
- Post by Anurag upadhyay1
- आज साबित कर दिया मां अपने बेटे के लिए क्या कुछ नहीं कर सकती ऐसी मां को सलूट करते हैं1
- Post by अपना प्रतापगढ़ 🙏🙏1
- वाराणसी में आयोजित निषाद पार्टी की ‘राजनैतिक एकता’ महारैली में भारी जनसैलाब उमड़ा। लंभुआ विधानसभा (190) से वरिष्ठ नेता डॉ. आशीष तिवारी हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। महारैली में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान डॉ. आशीष तिवारी ने 51 किलो की माला पहनाकर उनका सम्मान किया। 👉 इस रैली में: संगठन मजबूती पर जोर वंचित समाज के अधिकारों की बात बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने का आह्वान डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि निषाद पार्टी समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज है और सामाजिक न्याय के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।1