Shuru
Apke Nagar Ki App…
सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।
Ghanshyam Verma
सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।
- Santosh kumarJaisinghpur, Sultanpursir kisi dusre ka likha bol rahe ho,jo aapne dekha wo batao1 hr ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में दिनांक 29-6-26 को वादी बादल वर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि मृतक आज़ाद वर्मा अपने तीन साथियों—अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा उर्फ कल्लू (लगभग 21 वर्ष), अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा (लगभग 23 वर्ष), और अमन वर्मा पुत्र दिलीप वर्मा—के साथ अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो में एक नई अवैध पिस्टल लेकर आए थे। पिस्टल चलाने के प्रयास में अभिषेक पुत्र विजय बहादुर द्वारा गलती से हुई फायरिंग में एक गोली गाड़ी की सीट से आर-पार होकर आज़ाद वर्मा की कमर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अमन वर्मा का बाकी तीनों से विवाद हो गया, जिसके बाद उसे गाड़ी से उतार दिया गया। खून तेज़ी से बहता देख, तीनों अभियुक्त आज़ाद को स्कॉर्पियो से सुल्तानपुर ले गए और वहां पुलिस को सूचना देने के बाद लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ में उन्होंने पूर्व प्रचलित क्रॉस अभियोगों से संबंधित अभियुक्त/वादी और गवाहों का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे मामले को गुमराह करने का प्रयास किया गया। विश्वसनीय और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर की गई पड़ताल में पता चला कि घटना के बाद तीनों आरोपी गांव से फरार हो गए थे। दिनांक 8-9, 7-26 की रात को मिली विश्वसनीय सूचना पर थाना पीजीआई, लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर 16 से अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो को बाईपास रेलवे ओवरब्रिज पकरौली से बरामद किया गया। फील्ड यूनिट की तलाशी में वाहन से घटना में प्रयुक्त हथियार, खोखा कारतूस और खून के निशान मिले हैं, साथ ही ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर गोली के प्रवेश और निकास के छेद भी मौजूद हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।1
- सुल्तानपुर जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में एक महिला द्वारा व्यक्ति के साथ की गई कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना पुराने ज़मीनी विवाद से संबंधित बताई जा रही है, और वीडियो सामने आते ही पूरे मामले का संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है और मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। इसके साथ ही, घटना के समय संबंधित चौकी इंचार्ज के चौकी पर मौजूद रहने के बावजूद हुई घटना के कारण उनकी भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।1
- 8 जुलाई को हुई एक दुर्घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रदान की गई जानकारी को भ्रामक और मिथ्या बताया गया है। शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने दुर्घटना का जो समय बताया, वह गलत है; वास्तविक घटना 1:00 बजे हुई थी। साथ ही, जिस व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु हुई, वह ऑल सैंट स्कूल में कंडक्टर के रूप में कार्यरत थे। अधिकारियों द्वारा इस प्रकार की गलत और भ्रामक सूचना का दिया जाना बिल्कुल भी उचित नहीं है।1
- थप्पड़ कांड मामले में पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, वहीं संबंधित चौकी इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी तेजी से हलचल मच गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अनुशासनहीनता या अधिकारों के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।1
- सुल्तानपुर में भाजपा कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन पर 'सत्ता का भूत सवार' होने का आरोप है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें वह शाहगंज पुलिस चौकी के भीतर एक युवक को दरोगा के सामने थप्पड़ मारती और धमकाती दिखाई दे रही हैं। यह घटना बुधवार रात सामने आई, जिसके बाद गुरुवार सुबह केस दर्ज किया गया और सीओ सिटी ने संबंधित दरोगा के विरुद्ध जांच शुरू करने की बात कही। पीड़ित अरुण कुमार कोरी, जो पल्टू का पुरवा (आदर्श नगर, घोसियाना, कोतवाली नगर) के निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से 'सहारा ट्रेडिंग कंपनी' में काम करते हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 जुलाई को जब वे अपने मालिक हर्षित बरनवाल के काम से शाहगंज चौराहे के पास पहुंचे, तो बाइक पर सवार पूजा कसौधन और उनके बेटे रौनक कसौधन ने उन्हें देखते ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र गालियां देना शुरू कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन पर नौकरी छोड़ने का दबाव डालते हुए कहा कि "तुम्हारी जाति वालों का दिमाग खराब हो गया है, तुम्हें कितनी बार कहा है कि इनके यहां नौकरी करना छोड़ दो।" जब अरुण ने इसका विरोध किया, तो रौनक और पूजा कसौधन ने चौराहे पर ही उनके साथ मारपीट की। अपनी जान बचाने के लिए पीड़ित भागकर पास ही स्थित शाहगंज पुलिस चौकी परिसर में जा घुसा, लेकिन चौकी प्रभारी अविनाश चन्द्र की उपस्थिति में ही पूजा कसौधन ने उसे दोबारा जातिसूचक शब्द कहे और फिर से पिटाई कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि पूजा कसौधन ने जाते-जाते उसे धमकी दी कि "समय रहते सुधर जाओ, नहीं तो शासन-प्रशासन मेरा है। तुम मारे जाओगे और कोई पूछने वाला भी नहीं मिलेगा।" वायरल वीडियो में पूजा कसौधन युवक का मोबाइल छीनकर चेक करती दिख रही हैं और यह भी कह रही हैं कि युवक उनका पीछा कर रहा था। उन्होंने युवक को धमकाते हुए कहा, "तुम्हारा दिमाग सही कर देंगे अब देखना तुम कहां जाओगे।" सीओ सिटी राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला और आवेदक के बीच पुराने जमीनी विवाद को लेकर मारपीट हुई है और वीडियो को संज्ञान में लेकर आवेदक की तहरीर पर समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि चौकी इंचार्ज की उपस्थिति में हुई घटना के संबंध में जांच चल रही है।4