सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में दिनांक 29-6-26 को वादी बादल वर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि मृतक आज़ाद वर्मा अपने तीन साथियों—अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा उर्फ कल्लू (लगभग 21 वर्ष), अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा (लगभग 23 वर्ष), और अमन वर्मा पुत्र दिलीप वर्मा—के साथ अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो में एक नई अवैध पिस्टल लेकर आए थे। पिस्टल चलाने के प्रयास में अभिषेक पुत्र विजय बहादुर द्वारा गलती से हुई फायरिंग में एक गोली गाड़ी की सीट से आर-पार होकर आज़ाद वर्मा की कमर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अमन वर्मा का बाकी तीनों से विवाद हो गया, जिसके बाद उसे गाड़ी से उतार दिया गया। खून तेज़ी से बहता देख, तीनों अभियुक्त आज़ाद को स्कॉर्पियो से सुल्तानपुर ले गए और वहां पुलिस को सूचना देने के बाद लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ में उन्होंने पूर्व प्रचलित क्रॉस अभियोगों से संबंधित अभियुक्त/वादी और गवाहों का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे मामले को गुमराह करने का प्रयास किया गया। विश्वसनीय और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर की गई पड़ताल में पता चला कि घटना के बाद तीनों आरोपी गांव से फरार हो गए थे। दिनांक 8-9, 7-26 की रात को मिली विश्वसनीय सूचना पर थाना पीजीआई, लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर 16 से अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो को बाईपास रेलवे ओवरब्रिज पकरौली से बरामद किया गया। फील्ड यूनिट की तलाशी में वाहन से घटना में प्रयुक्त हथियार, खोखा कारतूस और खून के निशान मिले हैं, साथ ही ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर गोली के प्रवेश और निकास के छेद भी मौजूद हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में दिनांक 29-6-26 को वादी बादल वर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि मृतक आज़ाद वर्मा अपने तीन साथियों—अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा उर्फ कल्लू (लगभग 21 वर्ष), अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा (लगभग 23 वर्ष), और अमन वर्मा पुत्र दिलीप वर्मा—के साथ अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो में एक नई अवैध पिस्टल लेकर आए थे। पिस्टल चलाने के प्रयास में अभिषेक पुत्र विजय बहादुर द्वारा गलती से हुई फायरिंग में एक गोली गाड़ी की सीट से आर-पार होकर आज़ाद वर्मा की कमर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अमन वर्मा का बाकी तीनों से विवाद हो गया, जिसके बाद उसे गाड़ी से उतार दिया गया। खून तेज़ी से बहता देख, तीनों अभियुक्त आज़ाद को स्कॉर्पियो से सुल्तानपुर ले गए और वहां पुलिस को सूचना देने के बाद लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ में उन्होंने पूर्व प्रचलित क्रॉस अभियोगों से संबंधित अभियुक्त/वादी और गवाहों का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे मामले को गुमराह करने का प्रयास किया गया। विश्वसनीय और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर की गई पड़ताल में पता चला कि घटना के बाद तीनों आरोपी गांव से फरार हो गए थे। दिनांक 8-9, 7-26 की रात को मिली विश्वसनीय सूचना पर थाना पीजीआई, लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर 16 से अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो को बाईपास रेलवे ओवरब्रिज पकरौली से बरामद किया गया। फील्ड यूनिट की तलाशी में वाहन से घटना में प्रयुक्त हथियार, खोखा कारतूस और खून के निशान मिले हैं, साथ ही ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर गोली के प्रवेश और निकास के छेद भी मौजूद हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
- गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने सुल्तानपुर के लंभुआ विकास खंड परिसर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही देर की वर्षा के बाद पूरा ब्लॉक परिसर पानी से लबालब भर गया और तालाब में तब्दील हो गया। कार्यालय आने वाले कर्मचारियों, फरियादियों और आम नागरिकों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्यालयों तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण हर साल बरसात में ऐसी ही समस्या उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हल्की बारिश में यह स्थिति है, तो लगातार या मूसलाधार बारिश होने पर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत नालियों की सफाई कराने और ब्लॉक परिसर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। हल्की बारिश में ही विकास खंड परिसर के जलमग्न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है और वे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।1
- समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि 'लोकतंत्र खतरे में है' और मौजूदा स्थिति में 'पूरा ढांचा बदलना चाहिए'।1
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।1
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में दिनांक 29-6-26 को वादी बादल वर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि मृतक आज़ाद वर्मा अपने तीन साथियों—अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा उर्फ कल्लू (लगभग 21 वर्ष), अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा (लगभग 23 वर्ष), और अमन वर्मा पुत्र दिलीप वर्मा—के साथ अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो में एक नई अवैध पिस्टल लेकर आए थे। पिस्टल चलाने के प्रयास में अभिषेक पुत्र विजय बहादुर द्वारा गलती से हुई फायरिंग में एक गोली गाड़ी की सीट से आर-पार होकर आज़ाद वर्मा की कमर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अमन वर्मा का बाकी तीनों से विवाद हो गया, जिसके बाद उसे गाड़ी से उतार दिया गया। खून तेज़ी से बहता देख, तीनों अभियुक्त आज़ाद को स्कॉर्पियो से सुल्तानपुर ले गए और वहां पुलिस को सूचना देने के बाद लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ में उन्होंने पूर्व प्रचलित क्रॉस अभियोगों से संबंधित अभियुक्त/वादी और गवाहों का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे मामले को गुमराह करने का प्रयास किया गया। विश्वसनीय और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर की गई पड़ताल में पता चला कि घटना के बाद तीनों आरोपी गांव से फरार हो गए थे। दिनांक 8-9, 7-26 की रात को मिली विश्वसनीय सूचना पर थाना पीजीआई, लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर 16 से अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो को बाईपास रेलवे ओवरब्रिज पकरौली से बरामद किया गया। फील्ड यूनिट की तलाशी में वाहन से घटना में प्रयुक्त हथियार, खोखा कारतूस और खून के निशान मिले हैं, साथ ही ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर गोली के प्रवेश और निकास के छेद भी मौजूद हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।1
- सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगर कोतवाली की शाहगंज पुलिस चौकी के भीतर भाजपा नेत्री पूजा कसौधन को एक दलित युवक को सरेआम थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया है। इस दौरान कानून और वर्दी दोनों का सरेआम मजाक बना दिया गया। वीडियो में थप्पड़ मारने के बाद नेत्री कथित तौर पर उस व्यक्ति से यह कहती भी सुनाई दे रही हैं कि "अब तुम अपनी औकात भूल जाओगे।" इस पूरी घटना के दौरान सबसे शर्मनाक बात यह रही कि वहाँ मौजूद पुलिस, जिसमें चौकी प्रभारी भी शामिल थे, पूरी तरह मूकदर्शक बनी रही। यह घटना गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या किसी राजनीतिक पद या प्रभाव के दम पर पुलिस चौकी के भीतर ही किसी के साथ मारपीट और अभद्रता करने की छूट मिल जाती है, और यदि ऐसा है तो पुलिस सिर्फ तमाशा क्यों देखती रही? बताया गया है कि संबंधित भाजपा नेत्री पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं, और यह ताजा घटना कानून व्यवस्था पर और भी गंभीर सवाल खड़े करती है, यह दर्शाते हुए कि "सत्ता के नशे में कानून की धज्जियाँ उड़ी हैं।" अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन और भाजपा संगठन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यह देखना बाकी है कि इस मामले में कोई निष्पक्ष कार्रवाई होगी या फिर हमेशा की तरह राजनीतिक दबाव में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1