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अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर जलालगढ़, एक संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं। अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।

3 hrs ago
user_SHIPRA KUMARI
SHIPRA KUMARI
रिपोर्टर जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
3 hrs ago

अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर जलालगढ़, एक संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं। अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।

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  • दो पक्षो के बिच बात से विवाद होकर,बात पहुंची मार पिट तक,एक पक्ष घायल अवस्था में पहुंचे जलालगढ़ अस्पताल, वहीं बेहतरीन इलाज के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेजें #purnia #News #Jalalgarh #Police Purnea Police
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    दो पक्षो के बिच बात से विवाद होकर,बात पहुंची मार पिट तक,एक पक्ष घायल अवस्था में पहुंचे जलालगढ़ अस्पताल, वहीं बेहतरीन इलाज के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेजें #purnia #News #Jalalgarh #Police Purnea Police
    user_Simanchal News
    Simanchal News
    Jalalgarh, Purnia•
    23 hrs ago
  • कलियुग की चरम सीमा! 😱 कलंक है ऐसी ममता पर! ​एक महिला 3 साल पहले अपने दो मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई। पति दर-दर की ठोकरें खाता रहा, बच्चों को अकेले पालता रहा। जब 3 साल बाद पत्नी मिली, तो शर्मिंदा होने के बजाय उसने जो कहा, उसे सुनकर रूह कांप जाएगी! 💔 #dpruttrakhand ​#Justice #Motherhood #BrokenFamily #SocialAwareness FacebookPost
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    कलियुग की चरम सीमा! 😱 कलंक है ऐसी ममता पर!
​एक महिला 3 साल पहले अपने दो मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई। पति दर-दर की ठोकरें खाता रहा, बच्चों को अकेले पालता रहा। जब 3 साल बाद पत्नी मिली, तो शर्मिंदा होने के बजाय उसने जो कहा, उसे सुनकर रूह कांप जाएगी! 💔
#dpruttrakhand ​#Justice #Motherhood #BrokenFamily #SocialAwareness FacebookPost
    user_PublicPowerNews24
    PublicPowerNews24
    Newsagent कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Araria News
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    Post by Araria News
    user_Araria News
    Araria News
    Media company Araria, Bihar•
    5 hrs ago
  • अश्लील हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल अश्लील हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल।
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    अश्लील हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल अश्लील हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल।
    user_Seemanchal Bytes
    Seemanchal Bytes
    Media company पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    10 hrs ago
  • Rajesh Yadav 😈⚔️☝️🎤🔊
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    Rajesh Yadav 😈⚔️☝️🎤🔊
    user_Rajesh Yadav
    Rajesh Yadav
    Grain Shop अररिया, अररिया, बिहार•
    12 hrs ago
  • DRDA निदेशक वैभव कुमार के घर EOU की छापेमारी, आय से 78% अधिक संपत्ति का आरोप सहरसा में आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। DRDA के निदेशक वैभव कुमार के नया बाजार स्थित आवास पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने मंगलवार सुबह से छापेमारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सुबह से लगातार जारी है और टीम घर के अंदर दस्तावेजों व संपत्ति से जुड़े साक्ष्य खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार, वैभव कुमार पर 2 करोड़ 41 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो उनकी घोषित आय से लगभग 78 प्रतिशत ज्यादा बताई जा रही है। इसी मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए EOU की टीम ने यह छापेमारी की है। फिलहाल, अधिकारी सहरसा में ही पदस्थापित हैं और छापेमारी के दौरान उनसे भी पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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    DRDA निदेशक वैभव कुमार के घर EOU की छापेमारी, आय से 78% अधिक संपत्ति का आरोप
सहरसा में आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। DRDA के निदेशक वैभव कुमार के नया बाजार स्थित आवास पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने मंगलवार सुबह से छापेमारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सुबह से लगातार जारी है और टीम घर के अंदर दस्तावेजों व संपत्ति से जुड़े साक्ष्य खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार, वैभव कुमार पर 2 करोड़ 41 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो उनकी घोषित आय से लगभग 78 प्रतिशत ज्यादा बताई जा रही है। इसी मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए EOU की टीम ने यह छापेमारी की है। फिलहाल, अधिकारी सहरसा में ही पदस्थापित हैं और छापेमारी के दौरान उनसे भी पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।
    user_अल्लामा ग़ज़ाली
    अल्लामा ग़ज़ाली
    Artist जोकीहाट, अररिया, बिहार•
    23 hrs ago
  • अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
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    अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को मिला फेरोमोन ट्रैप, आम की फसल सुरक्षा पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दस किसानों को नि:शुल्क फेरोमोन ट्रैप का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों को आम की फसल में लगने वाले खतरनाक कीटों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के एम सिंह  ने बताया कि आम एवं अन्य सब्जी फसल जैसे बैंगन टमाटर,झिंगनी,घेरा, कद्दू आदि  की फसल के लिए फल मक्खी एक प्रमुख और हानिकारक कीट है, जिससे फसल को भारी नुकसान होता है उन्होंने कहा कि फेरोमोन ट्रैप  एक पर्यावरण-अनुकूल उपकरण है, जो विशेष फेरोमोन गंध (लूर) का उपयोग करके फसलों को हानिकारक कीटों से बचाता है। यह मादा कीटों की गंध से नर कीटों को आकर्षित करता है, जो जाल में फंसकर मर जाते हैं, जिससे प्रजनन रुक जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फल मक्खी आम के फलों के अंदर सुरंग बनाकर उन्हें खराब कर देती है, जिससे फल गिरने और सड़ने लगते हैं। इसके कारण न केवल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि बाजार में फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमोन ट्रैप लगाकर फल मक्खी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके साथ साथ डॉ. गोविंद कुमार एवं डॉ. संतोष कुमार ने भी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों एवं फसल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी फसल की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    रिपोर्टर जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    3 hrs ago
  • जलालगढ़ में अवैध ‘न्यू स्टार हॉस्पिटल’ सील, जांच में चौंकाने वाली लापरवाही उजागर #hospitality #news #PurniaNews #sdmpurnia #viralchallenge District Administration, Purnea Santosh Kumar Kushwaha Nitesh Kumar Singh Purnea Police Rajesh Ranjan Leshi Singh Irfan Pramukh Kasba Vijay Khemka
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    जलालगढ़ में अवैध ‘न्यू स्टार हॉस्पिटल’ सील, जांच में चौंकाने वाली लापरवाही उजागर #hospitality #news #PurniaNews #sdmpurnia #viralchallenge District Administration, Purnea Santosh Kumar Kushwaha Nitesh Kumar Singh Purnea Police Rajesh Ranjan Leshi Singh Irfan Pramukh Kasba Vijay Khemka
    user_Simanchal News
    Simanchal News
    Jalalgarh, Purnia•
    23 hrs ago
  • सहकारिता विभाग के पैक्स उप चुनाव 2026 से संबंधित पद प्रतियासी से खास बात चित चुनावी मुद्दा पर। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall
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    सहकारिता विभाग के पैक्स उप चुनाव 2026 से संबंधित पद प्रतियासी से खास बात चित चुनावी मुद्दा पर। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall
    user_PublicPowerNews24
    PublicPowerNews24
    Newsagent कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    9 hrs ago
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