सवाई माधोपुर के वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के खंडीप में पिछले 20 दिनों से चल रही किसान महापंचायत बुधवार को राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। यह महापंचायत पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर आयोजित की गई थी। आंदोलन के अंतिम दिन हजारों किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने इसे एक ऐतिहासिक आंदोलन का रूप दे दिया। किसानों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने घोषणा की कि अगले छह दिनों के भीतर, यानि 1 जुलाई तक, पांचना बांध का पानी नहरों के माध्यम से कमांड क्षेत्र तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यह पानी न केवल खरीफ बल्कि रबी फसल के लिए भी उपलब्ध होगा। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि यदि 1 जुलाई तक नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो वह स्वयं पांचना बांध पर जाकर किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। उन्होंने खंडीप की जनता और पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे किसानों का आभार व्यक्त करते हुए उनके अनुशासन, एकता, धैर्य और संघर्ष की सराहना की, जिसने सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा है। महापंचायत में दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने कहा कि पांचना बांध के पानी का विवाद लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन उन्होंने इतना व्यापक और जनभागीदारी वाला आंदोलन पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने इसे जनभावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से किसानों की मांग मानने की अपील की। गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा ने किसानों से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व पर भरोसा रखने की बात कही और आश्वस्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि किसानों के साथ खड़े हैं और नहरों में पानी लाकर रहेंगे। महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने किसानों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया, क्योंकि अब समाधान का रास्ता खुल चुका है और जल्द ही नहरों में पानी पहुंचने तथा वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का विश्वास जताया। सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने इस आंदोलन को किसानों का बताते हुए कहा कि पांचना बांध एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका पानी किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि सभी किसानों का अधिकार है। बामनवास विधायक इन्द्रा मीणा, जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्र पाल मीणा और वरिष्ठ किसान नेता भागचंद सैनी ने भी महापंचायत को संबोधित किया। महापंचायत समिति ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि, किसानों की निगाहें अब 1 जुलाई पर टिकी हैं। यदि तय समय सीमा तक नहरों में पानी पहुंचता है, तो यह आंदोलन क्षेत्र के इतिहास में किसानों की एक बड़ी जीत के रूप में दर्ज होगा। वहीं, यदि आश्वासन पूरा नहीं होता है, तो किसानों ने पुनः संघर्ष की चेतावनी भी दी है।
सवाई माधोपुर के वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के खंडीप में पिछले 20 दिनों से चल रही किसान महापंचायत बुधवार को राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। यह महापंचायत पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर आयोजित की गई थी। आंदोलन के अंतिम दिन हजारों किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने इसे एक ऐतिहासिक आंदोलन का रूप दे दिया। किसानों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने घोषणा की कि अगले छह दिनों के भीतर, यानि 1 जुलाई तक, पांचना बांध का पानी नहरों के माध्यम से कमांड क्षेत्र तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यह पानी न केवल खरीफ बल्कि रबी फसल के लिए भी उपलब्ध होगा। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि यदि 1 जुलाई तक नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो वह स्वयं पांचना बांध पर जाकर किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। उन्होंने खंडीप की जनता और पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे किसानों का आभार व्यक्त करते हुए उनके अनुशासन, एकता, धैर्य और संघर्ष की सराहना की, जिसने सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा है। महापंचायत में दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने कहा कि पांचना बांध के पानी का विवाद लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन उन्होंने इतना व्यापक और जनभागीदारी वाला आंदोलन पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने इसे जनभावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से किसानों की मांग मानने की अपील की। गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा ने किसानों से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व पर भरोसा रखने की बात कही और आश्वस्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि किसानों के साथ खड़े हैं और नहरों में पानी लाकर रहेंगे। महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने किसानों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया, क्योंकि अब समाधान का रास्ता खुल चुका है और जल्द ही नहरों में पानी पहुंचने तथा वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का विश्वास जताया। सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने इस आंदोलन को किसानों का बताते हुए कहा कि पांचना बांध एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका पानी किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि सभी किसानों का अधिकार है। बामनवास विधायक इन्द्रा मीणा, जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्र पाल मीणा और वरिष्ठ किसान नेता भागचंद सैनी ने भी महापंचायत को संबोधित किया। महापंचायत समिति ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि, किसानों की निगाहें अब 1 जुलाई पर टिकी हैं। यदि तय समय सीमा तक नहरों में पानी पहुंचता है, तो यह आंदोलन क्षेत्र के इतिहास में किसानों की एक बड़ी जीत के रूप में दर्ज होगा। वहीं, यदि आश्वासन पूरा नहीं होता है, तो किसानों ने पुनः संघर्ष की चेतावनी भी दी है।
- सवाई माधोपुर के वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के खंडीप में पिछले 20 दिनों से चल रही किसान महापंचायत बुधवार को राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। यह महापंचायत पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर आयोजित की गई थी। आंदोलन के अंतिम दिन हजारों किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने इसे एक ऐतिहासिक आंदोलन का रूप दे दिया। किसानों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने घोषणा की कि अगले छह दिनों के भीतर, यानि 1 जुलाई तक, पांचना बांध का पानी नहरों के माध्यम से कमांड क्षेत्र तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यह पानी न केवल खरीफ बल्कि रबी फसल के लिए भी उपलब्ध होगा। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि यदि 1 जुलाई तक नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो वह स्वयं पांचना बांध पर जाकर किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। उन्होंने खंडीप की जनता और पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे किसानों का आभार व्यक्त करते हुए उनके अनुशासन, एकता, धैर्य और संघर्ष की सराहना की, जिसने सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर खींचा है। महापंचायत में दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने कहा कि पांचना बांध के पानी का विवाद लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन उन्होंने इतना व्यापक और जनभागीदारी वाला आंदोलन पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने इसे जनभावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से किसानों की मांग मानने की अपील की। गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा ने किसानों से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व पर भरोसा रखने की बात कही और आश्वस्त किया कि सभी जनप्रतिनिधि किसानों के साथ खड़े हैं और नहरों में पानी लाकर रहेंगे। महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने किसानों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया, क्योंकि अब समाधान का रास्ता खुल चुका है और जल्द ही नहरों में पानी पहुंचने तथा वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का विश्वास जताया। सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने इस आंदोलन को किसानों का बताते हुए कहा कि पांचना बांध एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका पानी किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि सभी किसानों का अधिकार है। बामनवास विधायक इन्द्रा मीणा, जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्र पाल मीणा और वरिष्ठ किसान नेता भागचंद सैनी ने भी महापंचायत को संबोधित किया। महापंचायत समिति ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि, किसानों की निगाहें अब 1 जुलाई पर टिकी हैं। यदि तय समय सीमा तक नहरों में पानी पहुंचता है, तो यह आंदोलन क्षेत्र के इतिहास में किसानों की एक बड़ी जीत के रूप में दर्ज होगा। वहीं, यदि आश्वासन पूरा नहीं होता है, तो किसानों ने पुनः संघर्ष की चेतावनी भी दी है।1
- Gurjar समाज Ne Aaj ................. ..................1
- गंगापुर सिटी गांव, बाढ़ रॉयल, नयागांव और कैमला में स्थित नंगेश्वर बाबा की धूनी पर आयोजित 41 दिवसीय धूनी तपस्या का भव्य समापन किया गया। इस अवसर पर विशेष हवन का आयोजन हुआ, जिसके उपरांत भंडारे का कार्यक्रम भी सम्पन्न कराया गया। समापन समारोह के दौरान साधु-संतों को श्रद्धापूर्वक दक्षिणा भी प्रदान की गई।1
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करने के लिए धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित रहे। आज किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष और युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। धरना स्थल पर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी मौजूद रहीं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने घोषणा की कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने इस आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ये जनप्रतिनिधि 24 जून 2026 को धरना स्थल पर नहीं आते हैं, तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ 'कचौड़ी-समौसे' के स्वाद का प्रचार कर रहा है, किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। विधायक रामकेश मीना ने बताया कि पूरे राजस्थान में इस आंदोलन की चर्चा दिल्ली तक है, और उन्होंने 27 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए सरकार को हमारी नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करने की चेतावनी दी। उन्होंने सरकार पर हाईकोर्ट के आदेश और जनता की चिंता न करने का आरोप लगाया, और गृहमंत्री के खण्डीप न आने पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। समिति ने यह भी बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं और पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। सांसद हरिशचन्द मीना ने कहा कि उनकी मांग सरकार से है, और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन की सफलता पर विश्वास व्यक्त करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल जी सहित सभी नेताओं से मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।2
- महापंचायत में चल रहा धरना समाप्त हो गया है। यह घोषणा डॉ. किरोड़ी लाल मीना द्वारा किए गए एक बड़े ऐलान के बाद हुई।1
- राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बुधवार को हिंडौन सिटी के कैमरी गांव का दौरा किया। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने मंत्री बेढ़म का भव्य स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान, मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म सीधे भगवान जगदीशजी के मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान जगदीशजी की प्रतिमा के दर्शन कर विधिवत पूजा अर्चना की और प्रदेश तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष घनश्याम खटाना, सदस्य शीशराम खटाना और मीडिया प्रभारी भूपेंद्र खटाना ने मंत्री का साफा बांधकर और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इसके बाद, मंत्री बेढ़म ने कैमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के नवीन भवन का शिलान्यास भी किया। गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने जगदीशजी मंदिर प्रांगण में उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया।1
- पांचना बांध विवाद को लेकर कमांड एरिया के किसानों का 20 दिनों से चला आ रहा धरना समाप्त हो गया है। यह धरना मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा एक जुलाई तक कमांड एरिया की नहरों में पानी खोले जाने के आश्वासन के बाद खत्म हुआ। खंडीप गांव में 20 दिन से चल रहा यह धरना मंत्री के आश्वासन पर समाप्त हुआ, जो भाजपा के पांच विधायकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे थे।1
- देवनारायण भगवान मंदिर हिगोटिया पाचना बांध से जुड़े मसले पर कल एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों ने आस-पास के क्षेत्रों से सभी लोगों से बड़ी संख्या में पहुँचकर इस महापंचायत को सफल बनाने का निवेदन किया है, जिसमें 700 से अधिक गाँवों के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आह्वान 'जय श्री देव नारायण' और 'जय जय गुर्जर' के उद्घोष के साथ किया गया है, जो इस आयोजन के महत्व और सामुदायिक भावना को दर्शाता है।1