Shuru
Apke Nagar Ki App…
चलो आगे देखते हैं क्या होता है 👀😱
Topesh Kumar
चलो आगे देखते हैं क्या होता है 👀😱
More news from झारखंड and nearby areas
- धोरैया थाना क्षेत्र के बटसार के पास… आज सड़क पर जो मंजर था… उसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए… चीखें थीं… सन्नाटा था… और बिखरे पड़े थे… एक भयानक हा..दसे1
- धोरैया थाना क्षेत्र के बड़सर गांव में लगी भीषण टक्कर सड़क हादसे में स्कॉर्पियो के उड़े पर खर्च पुलिस ने संभाला मोर्चा स्कॉर्पियो की स्पीड1
- 461 अंक प्राप्त कर शिवम बना भागलपुर जिला टॉपर।कहलगांव STS Ambition के और भी कई बच्चे ने रचा इतिहास।1
- 😍im ❤️rasghar 🥲king🥰☠️1
- Post by SR AMIT NEWS1
-   +7  सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। विकिपीडिया +4 सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है। विकिपीडिया +6 सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।1
- जमशेदपुर ब्रेकिंग: बहरागोड़ा में 'अमेरिकी ब.म' डिफ्यूज ऑपरेशन, सेना ने संभाला मोर्चा1
- I love you 🥲🥹🥹4
- झारखंड का चर्चित ककरघाट नेचर पार्क लोगों के मन में तरह-तरह का चर्चा 10 से 15000 पर्यटक आए घूमने ईद को लेकर #post1