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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हाईवे पर हुई मोबाइल लूट की एक घटना का एक घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हाईवे पर हुई मोबाइल लूट की एक घटना का एक घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हाईवे पर हुई मोबाइल लूट की एक घटना का एक घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश से RE-NEET परीक्षा से जुड़ा एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण एक छात्रा को प्रवेश नहीं मिला। वीडियो में दिखाया गया है कि छात्रा अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंची थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के कारण नियमों के तहत उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यह हृदय विदारक दृश्य देख, अपनी बेटी के भविष्य के लिए कथित तौर पर अपनी ज़मीन-जायदाद तक बेचकर उसकी तैयारी कराने वाले पिता का सब्र टूट गया और वह वहीं सड़क पर फूट-फूटकर रोने लगे। पिता की ऐसी हालत देखकर बेटी भी खुद को संभाल नहीं पाई और वह भी फूट-फूटकर रो पड़ी। इस घटना से यह बड़ी सीख मिलती है कि परीक्षा के दिन समय का हर एक मिनट अत्यंत कीमती होता है और ऐसी दुखद स्थिति से बचने के लिए हमेशा समय से काफी पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना चाहिए।1
- विदिशा के ग्राम मणिपुर में रहने वाले कई किसानों ने कलेक्टर के सामने गुहार लगाई है। किसानों का आरोप है कि मालम सिंह नामक एक व्यक्ति ने उनके खेतों तक बिजली पहुंचाने वाली पंप लाइन को बीच में रोककर उस पर कब्जा कर लिया है, जिससे पिछले तीन महीनों से पानी की आपूर्ति बंद है। उनका कहना है कि लाइन खोलने के लिए कहने पर वह व्यक्ति खुद आत्महत्या करने की चेतावनी देता है और उन्हें जान से मारने की धमकी भी देता है। किसानों ने बताया कि इस कब्जे के कारण उनकी मूंग की फसल खराब हो चुकी है। अब वे धान की फसल की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यदि समय पर पानी नहीं मिला तो यह फसल भी खराब हो जाएगी। किसानों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर विभिन्न जगहों पर शिकायतें की थीं, लेकिन कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकला, जिसके बाद वे आज कलेक्टर से शिकायत करने आए हैं।4
- भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में ADG सुधांशु कुमार ने पुलिस की लापरवाही स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि 16 जून को एनकाउंटर से पहले जो पुलिसकर्मी तिवारी से बात करने गए थे, वे स्थिति को ठीक से संभाल नहीं पाए। इसी बीच, इस भोजपुर एनकाउंटर मामले में अधिवक्ता एसके झा की याचिका पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और भोजपुर के एसपी को तलब किया है, साथ ही उनसे चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आयोग 13 जुलाई को इस पूरे मामले की समीक्षा करेगा।1
- एक विद्यालय की छत पिछले 12 सालों से टूटी हुई है, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय विधायक और अन्य नेताओं को आवेदन दिए गए हैं। हालांकि, हर बार इन जनप्रतिनिधियों ने केवल झूठी तसल्ली देकर आश्वासन दिया, लेकिन आज तक विद्यालय के निर्माण का काम पूरा नहीं हो पाया है।4
- मध्य प्रदेश ATS ने भोपाल से एक कोचिंग टीचर मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि मोहम्मद फराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं से संपर्क स्थापित करता था और उन्हें कट्टर विचारधारा की ओर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी मोहम्मद फराज कई ऑनलाइन ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। इस मामले की आगे की जांच जारी है, और ATS इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हुई है।1
- 1857 की क्रांति की महान वीरांगना और झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के छठवीं पीढ़ी के वंशज का विदिशा की पवित्र धरती पर भव्य स्वागत किया गया। विदिशा विरासत ग्रुप के परिवार द्वारा उनका जोरदार सम्मान किया गया। इस दौरान, वंशज ने महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल के पास स्थित प्रतिमा का अवलोकन किया और ज्योति स्तंभ को भी देखने पहुँचे। विदिशा विरासत ग्रुप के अध्यक्ष गोविंद देवरिया और महारानी लक्ष्मीबाई के छठवीं पीढ़ी के वंशज से इस संबंध में चर्चा की गई।4
- इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में अभिभावकों ने हंगामा किया, जब योग दिवस पर दिए गए भोजन या पानी के सेवन के बाद के.जी. क्लास से लेकर चौथी क्लास तक के कई बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों को पेट दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह पूरा मामला दूषित भोजन का बताया जा रहा है, जिसके कारण आज भी के.जी. से चौथी क्लास तक के कई छात्र बीमार होने के चलते स्कूल नहीं जा पाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दूषित पानी और भोजन की तत्काल जांच की मांग की जा रही है।1