दरभंगा की कड़वी हकीकत: सड़क बनी कूड़ाघर, प्लास्टिक खाने को मजबूर गौमाता! सो रहा नगर निगम? आज हम बात कर रहे हैं दरभंगा की उस कड़वी हकीकत की, जो स्वच्छता के तमाम सरकारी दावों और आश्वासनों की धज्जियां उड़ा रही है। तस्वीरें दरभंगा नगर निगम क्षेत्र के लहेरियासराय अंतर्गत बेता-शाहगंज इलाके की हैं, जहाँ की मुख्य सड़क आज किसी कूड़ाघर में तब्दील हो चुकी है। बीच सड़क पर कचरे का विशाल अंबार लगा हुआ है और वहीं से शहर के सैकड़ों लोग हर रोज़ बदबू और संक्रमण के साए में गुजरने को विवश हैं। लेकिन सबसे ज़्यादा झकझोर देने वाली बात यह है कि जिस देश और राज्य में गौ संरक्षण के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, गौशालाओं के रख-रखाव के नाम पर हर महीने लाखों रुपये के फंड जारी किए जाते हैं, उसी शहर में हमारी 'गौमाता' सड़कों पर कचरे के ढेर से प्लास्टिक और सड़ा-गला कचरा खाने पर मजबूर हैं। वार्ड 43 के इस मुख्य मार्ग पर नगर निगम का बोर्ड तो लगा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर न तो सफाई व्यवस्था दिख रही है और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ियां। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि नगर विधायक का रवैया पूरी तरह सुस्त और उदासीन बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों की आंखें बंद हैं और दरभंगा नगर निगम का प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। जब गौशालाओं के नाम पर बजट का लाखों रुपया खर्च होता है, तो ये बेसहारा गोवंश सड़कों पर जहर खाने को मजबूर क्यों हैं? क्या दरभंगा की जनता टैक्स केवल इसलिए देती है ताकि वे बीमारियों और बदबू के बीच जीने को मजबूर रहें? और आखिर कब टूटेगी नगर विधायक और नगर निगम के आला अधिकारियों की नींद? दरभंगा से यह ग्राउंड रिपोर्ट हमारे सिस्टम की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।"
दरभंगा की कड़वी हकीकत: सड़क बनी कूड़ाघर, प्लास्टिक खाने को मजबूर गौमाता! सो रहा नगर निगम? आज हम बात कर रहे हैं दरभंगा की उस कड़वी हकीकत की, जो स्वच्छता के तमाम सरकारी दावों और आश्वासनों की धज्जियां उड़ा रही है। तस्वीरें दरभंगा नगर निगम क्षेत्र के लहेरियासराय अंतर्गत बेता-शाहगंज इलाके की हैं, जहाँ की मुख्य सड़क आज किसी कूड़ाघर में तब्दील हो चुकी है। बीच सड़क पर कचरे का विशाल अंबार लगा हुआ है और वहीं से शहर के सैकड़ों लोग हर रोज़ बदबू और संक्रमण के साए में गुजरने को विवश हैं। लेकिन सबसे ज़्यादा झकझोर देने वाली बात यह है कि जिस देश और राज्य में गौ संरक्षण के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, गौशालाओं के रख-रखाव के नाम पर हर महीने लाखों रुपये के फंड जारी किए जाते हैं, उसी शहर में हमारी 'गौमाता' सड़कों पर कचरे के ढेर से प्लास्टिक और सड़ा-गला कचरा खाने पर मजबूर हैं। वार्ड 43 के इस मुख्य मार्ग पर नगर निगम का बोर्ड तो लगा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर न तो सफाई व्यवस्था दिख रही है और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ियां। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि नगर विधायक का रवैया पूरी तरह सुस्त और उदासीन बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों की आंखें बंद हैं और दरभंगा नगर निगम का प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। जब गौशालाओं के नाम पर बजट का लाखों रुपया खर्च होता है, तो ये बेसहारा गोवंश सड़कों पर जहर खाने को मजबूर क्यों हैं? क्या दरभंगा की जनता टैक्स केवल इसलिए देती है ताकि वे बीमारियों और बदबू के बीच जीने को मजबूर रहें? और आखिर कब टूटेगी नगर विधायक और नगर निगम के आला अधिकारियों की नींद? दरभंगा से यह ग्राउंड रिपोर्ट हमारे सिस्टम की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।"
- Saurav Das का PM Modi पर तीखा बयान, बोले- 'मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे'!1
- दरभंगा की कड़वी हकीकत: सड़क बनी कूड़ाघर, प्लास्टिक खाने को मजबूर गौमाता! सो रहा नगर निगम? आज हम बात कर रहे हैं दरभंगा की उस कड़वी हकीकत की, जो स्वच्छता के तमाम सरकारी दावों और आश्वासनों की धज्जियां उड़ा रही है। तस्वीरें दरभंगा नगर निगम क्षेत्र के लहेरियासराय अंतर्गत बेता-शाहगंज इलाके की हैं, जहाँ की मुख्य सड़क आज किसी कूड़ाघर में तब्दील हो चुकी है। बीच सड़क पर कचरे का विशाल अंबार लगा हुआ है और वहीं से शहर के सैकड़ों लोग हर रोज़ बदबू और संक्रमण के साए में गुजरने को विवश हैं। लेकिन सबसे ज़्यादा झकझोर देने वाली बात यह है कि जिस देश और राज्य में गौ संरक्षण के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, गौशालाओं के रख-रखाव के नाम पर हर महीने लाखों रुपये के फंड जारी किए जाते हैं, उसी शहर में हमारी 'गौमाता' सड़कों पर कचरे के ढेर से प्लास्टिक और सड़ा-गला कचरा खाने पर मजबूर हैं। वार्ड 43 के इस मुख्य मार्ग पर नगर निगम का बोर्ड तो लगा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर न तो सफाई व्यवस्था दिख रही है और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ियां। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि नगर विधायक का रवैया पूरी तरह सुस्त और उदासीन बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों की आंखें बंद हैं और दरभंगा नगर निगम का प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। जब गौशालाओं के नाम पर बजट का लाखों रुपया खर्च होता है, तो ये बेसहारा गोवंश सड़कों पर जहर खाने को मजबूर क्यों हैं? क्या दरभंगा की जनता टैक्स केवल इसलिए देती है ताकि वे बीमारियों और बदबू के बीच जीने को मजबूर रहें? और आखिर कब टूटेगी नगर विधायक और नगर निगम के आला अधिकारियों की नींद? दरभंगा से यह ग्राउंड रिपोर्ट हमारे सिस्टम की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।"1
- Post by Jaswant चमारजी1
- दरभंगा: बागमती नदी में जलकुंभी का अंबार, दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने दी सड़क जाम की चेतावनी। दरभंगा: बागमती नदी में जलकुंभी का अंबार, दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने दी सड़क जाम की चेतावनी।1
- दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार बोल पैसे की कमी के कारण मैं हार गया ! दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार बोल पैसे की कमी के कारण मैं हार गया !1
- बरहेता पुल के पास बागमती नदी में जलकुंभी का अंबार, दुर्गंध से परेशान ग्रामीण, छठ से पहले सफाई की मांग दरभंगा में छठ महापर्व की तैयारी को लेकर जहां एक ओर लोग घाटों की साफ-सफाई में जुटने वाले हैं, वहीं दूसरी ओर बहादुरपुर प्रखंड के खराजपुर पंचायत स्थित बरहेता पुल के पास बागमती नदी की बदहाल स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। नदी में भारी मात्रा में जलकुंभी और गंदगी जमा है। आलम यह है कि आसपास के इलाकों में फैल रही दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक साल से बनी इस समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक सफाई की कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने छठ पूजा से पहले नदी की सफाई कराने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर सड़क जाम कर आंदोलन की चेतावनी दी है।1
- तेरे बिन दिल नहीं लगता दिल नहीं लगता तो क्या करता ? अपनी अपनी कमेंट जरुर करें। तेरे बिन दिल नहीं लगता दिल नहीं लगता तो क्या करता ?1
- Kangana Ranaut's Controversial Statement on Naseeruddin Shah Goes Viral1