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पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे। पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।

23 hrs ago
user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
23 hrs ago

पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे। पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।

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  • आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द में ग्रामीणों ने सरपंच सचिव को घेरा ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द के ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव को घेरा पात्र हितग्राहियों को आवास नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में सौंपा आवेदन सीधी/रामपुर नैकिन। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डी खुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव से सवाल-जवाब करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में आवास योजना का लाभ देने में कथित तौर पर पैसों का लेन-देन हुआ है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने पैसा दिया, उन्हें आवास योजना का लाभ मिल गया, जबकि जिन पात्र हितग्राहियों ने पैसा नहीं दिया, वे आज भी आवास से वंचित हैं। मामले को लेकर ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में भी लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आवास योजना की पात्रता सूची कैसे तैयार की गई? क्या वास्तव में हितग्राहियों से राशि की मांग की गई थी? यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? प्रशासन से मांग: कलेक्टर सीधी से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द में आवास योजना के स्वीकृत हितग्राहियों, पात्रता सूची, जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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    आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द में ग्रामीणों ने सरपंच सचिव को घेरा
ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, खड्डी खुर्द के ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव को घेरा
पात्र हितग्राहियों को आवास नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में सौंपा आवेदन
सीधी/रामपुर नैकिन। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डी खुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव से सवाल-जवाब करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में आवास योजना का लाभ देने में कथित तौर पर पैसों का लेन-देन हुआ है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने पैसा दिया, उन्हें आवास योजना का लाभ मिल गया, जबकि जिन पात्र हितग्राहियों ने पैसा नहीं दिया, वे आज भी आवास से वंचित हैं।
मामले को लेकर ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में भी लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आवास योजना की पात्रता सूची कैसे तैयार की गई? क्या वास्तव में हितग्राहियों से राशि की मांग की गई थी? यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
प्रशासन से मांग: कलेक्टर सीधी से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत खड़ी खुर्द में आवास योजना के स्वीकृत हितग्राहियों, पात्रता सूची, जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है। इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं। मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है। इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं। मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
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    ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी

देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है।

पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई

देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है।

इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं।

मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।


ड्रग्स माफिया और अवैध शराब कारोबारियों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य; शहीद जवान की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी और परिवार को एक करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दीपावली पर कानून-व्यवस्था और खतरनाक पटाखों को लेकर भी दिए सख्त निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को मजबूत कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नक्सलवाद की तरह ड्रग्स माफिया पर भी होगी निर्णायक कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलता हासिल की है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अवैध शराब के परिवहन और भंडारण के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जवान दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी
देवास जिले में अवैध शराब पकड़ने के दौरान पुलिस जवान दिलीप पुरी के साथ हुई दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात और घटना की समीक्षा के लिए भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण गंवाने वाले जवान दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जवानों का साहस और समर्पण हम सभी के लिए गौरव की बात है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है।
पांच जिलों में फैले अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई
देवास की घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पांच जिलों में फैले इस अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त किया गया है।
इस मामले में मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। जांच में वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अप्पू रावत निवासी आलीराजपुर और वाहन उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड निवासी आलीराजपुर की भूमिका भी सामने आई है। केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
दीपावली पर खतरनाक पटाखों से बचें, बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में आगामी दीपावली पर्व को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और विस्फोटक सामग्री से होने वाले खतरों को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सभी लोग सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं।
मुख्य संदेश: ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन... भोपाल मंडल में अब तक 89 किमी रेललाइन का काम पूरा... शेष 22 किमी नरसिंहगढ़-कुरावर रेलखंड दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य... नई रेललाइन से भोपाल-कोटा के बीच दूरी 42 किमी कम होगी और यात्रा में 3 घंटे की बचत होगी।
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    रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन
रेल संरक्षा आयुक्त ने 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया सफल ट्रायल रन...
भोपाल मंडल में अब तक 89 किमी रेललाइन का काम पूरा...
शेष 22 किमी नरसिंहगढ़-कुरावर रेलखंड दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य...
नई रेललाइन से भोपाल-कोटा के बीच दूरी 42 किमी कम होगी और यात्रा में 3 घंटे की बचत होगी।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *स्वामित्व योजना के सर्वे में गड़बड़ी का आरोप, छूटे हुए मकानों को सूची में शामिल करने ग्रामीणों ने कलेक्टर मैहर से लगाई गुहार जन सुनवाई में पहुंच दिया आवेदन* मैहर। जिले की ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। सरपंच गया प्रसाद पटेल एवं दुर्गेश सोनी उप सरपंच धनवाही के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने कलेक्टर मैहर को जन सुनवाई में लिखित आवेदन सौंपकर सर्वे में छूटे हुए मकानों एवं पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल कराने की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा 3 नवंबर मंगलवार 2026 को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत पूर्व में किए गए सर्वे में कई प्रकार की त्रुटियां हुई हैं। आवेदन के अनुसार, कई ऐसे मकान हैं जिनका सर्वे ही नहीं किया गया, जबकि जिन मकानों का सर्वे किया गया है, उनमें कुछ वास्तविक मकान मालिकों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची में दर्ज हैं, उनके मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल और सर्वे सूची में दर्शाए गए क्षेत्रफल में भी काफी अंतर है। इसके बावजूद हल्का पटवारी द्वारा इसी सूची के आधार पर स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री की जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि त्रुटिपूर्ण सूची के आधार पर रजिस्ट्री की गई तो भविष्य में क्षेत्रफल और स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जन सुनवाई में आवेदन देने आए ग्रामीण सोनू पटेल, जितेन्द्र पटेल, महादेव अग्रवाल, दीपक पटेल,नीरज पटेल,लक्ष्मण प्रसाद पटेल,पद्मलाल पटेल आदि रहे मौजूद। आवेदन में छूटे हुए नामों में शंकर लाल पटेल, सोमवती पटेल, छोटेलाल पटेल, कपसी केवट, लक्ष्मण पटेल, छक्कोड़ी लाल पटेल, विजय पटेल, विकास कुमार सोनी, सावित्री नामदेव एवं पदम पटेल, मोतीलाल पटेल सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा छूटे हुए मकानों और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में जोड़े जाएं। साथ ही मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल का दोबारा सत्यापन कराकर त्रुटियों को सुधारा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और स्वामित्व योजना के सर्वे में सामने आई कथित गड़बड़ियों का निराकरण कब तक किया जाता है। स्वामित्व योजना के सर्वे में गड़बड़ी का आरोप, छूटे हुए मकानों को सूची में शामिल करने ग्रामीणों ने कलेक्टर मैहर से लगाई गुहार जन सुनवाई में पहुंच दिया आवेदन,,, मैहर। जिले की ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। सरपंच गया प्रसाद पटेल एवं दुर्गेश सोनी उप सरपंच धनवाही के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने कलेक्टर मैहर को जन सुनवाई में लिखित आवेदन सौंपकर सर्वे में छूटे हुए मकानों एवं पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल कराने की मांग की है,ग्रामीणों द्वारा 3 नवंबर मंगलवार 2026 को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत पूर्व में किए गए सर्वे में कई प्रकार की त्रुटियां हुई हैं। आवेदन के अनुसार, कई ऐसे मकान हैं जिनका सर्वे ही नहीं किया गया, जबकि जिन मकानों का सर्वे किया गया है, उनमें कुछ वास्तविक मकान मालिकों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची में दर्ज हैं, उनके मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल और सर्वे सूची में दर्शाए गए क्षेत्रफल में भी काफी अंतर है। इसके बावजूद हल्का पटवारी द्वारा इसी सूची के आधार पर स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री की जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि त्रुटिपूर्ण सूची के आधार पर रजिस्ट्री की गई तो भविष्य में क्षेत्रफल और स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जन सुनवाई में आवेदन देने आए ग्रामीण सोनू पटेल, जितेन्द्र पटेल, महादेव अग्रवाल, दीपक पटेल,नीरज पटेल,लक्ष्मण प्रसाद पटेल,पद्मलाल पटेल आदि रहे मौजूद। आवेदन में छूटे हुए नामों में शंकर लाल पटेल, सोमवती पटेल, छोटेलाल पटेल, कपसी केवट, लक्ष्मण पटेल, छक्कोड़ी लाल पटेल, विजय पटेल, विकास कुमार सोनी, सावित्री नामदेव एवं पदम पटेल, मोतीलाल पटेल सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा छूटे हुए मकानों और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में जोड़े जाएं। साथ ही मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल का दोबारा सत्यापन कराकर त्रुटियों को सुधारा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और स्वामित्व योजना के सर्वे में सामने आई कथित गड़बड़ियों का निराकरण कब तक किया जाता है।
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    *स्वामित्व योजना के सर्वे में गड़बड़ी का आरोप, छूटे हुए मकानों को सूची में शामिल करने ग्रामीणों ने कलेक्टर मैहर से लगाई गुहार जन सुनवाई में पहुंच दिया आवेदन*

मैहर। जिले की ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। सरपंच गया प्रसाद पटेल एवं दुर्गेश सोनी उप सरपंच धनवाही के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने कलेक्टर मैहर को जन सुनवाई में लिखित आवेदन सौंपकर सर्वे में छूटे हुए मकानों एवं पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल कराने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा 3 नवंबर मंगलवार 2026 को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत पूर्व में किए गए सर्वे में कई प्रकार की त्रुटियां हुई हैं। आवेदन के अनुसार, कई ऐसे मकान हैं जिनका सर्वे ही नहीं किया गया, जबकि जिन मकानों का सर्वे किया गया है, उनमें कुछ वास्तविक मकान मालिकों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची में दर्ज हैं, उनके मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल और सर्वे सूची में दर्शाए गए क्षेत्रफल में भी काफी अंतर है। इसके बावजूद हल्का पटवारी द्वारा इसी सूची के आधार पर स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री की जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि त्रुटिपूर्ण सूची के आधार पर रजिस्ट्री की गई तो भविष्य में क्षेत्रफल और स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जन सुनवाई में आवेदन देने आए ग्रामीण सोनू पटेल, जितेन्द्र पटेल, महादेव अग्रवाल, दीपक पटेल,नीरज पटेल,लक्ष्मण प्रसाद पटेल,पद्मलाल पटेल आदि रहे मौजूद।

आवेदन में छूटे हुए नामों में शंकर लाल पटेल, सोमवती पटेल, छोटेलाल पटेल, कपसी केवट, लक्ष्मण पटेल, छक्कोड़ी लाल पटेल, विजय पटेल, विकास कुमार सोनी, सावित्री नामदेव एवं पदम पटेल, मोतीलाल पटेल सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा छूटे हुए मकानों और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में जोड़े जाएं। साथ ही मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल का दोबारा सत्यापन कराकर त्रुटियों को सुधारा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और स्वामित्व योजना के सर्वे में सामने आई कथित गड़बड़ियों का निराकरण कब तक किया जाता है।
स्वामित्व योजना के सर्वे में गड़बड़ी का आरोप, छूटे हुए मकानों को सूची में शामिल करने ग्रामीणों ने कलेक्टर मैहर से लगाई गुहार जन सुनवाई में पहुंच दिया आवेदन,,,
मैहर। जिले की ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। सरपंच गया प्रसाद पटेल एवं दुर्गेश सोनी उप सरपंच धनवाही के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने कलेक्टर मैहर को जन सुनवाई में लिखित आवेदन सौंपकर सर्वे में छूटे हुए मकानों एवं पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल कराने की मांग की है,ग्रामीणों द्वारा 3 नवंबर मंगलवार 2026 को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत धनवाही में स्वामित्व योजना के तहत पूर्व में किए गए सर्वे में कई प्रकार की त्रुटियां हुई हैं। आवेदन के अनुसार, कई ऐसे मकान हैं जिनका सर्वे ही नहीं किया गया, जबकि जिन मकानों का सर्वे किया गया है, उनमें कुछ वास्तविक मकान मालिकों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची में दर्ज हैं, उनके मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल और सर्वे सूची में दर्शाए गए क्षेत्रफल में भी काफी अंतर है। इसके बावजूद हल्का पटवारी द्वारा इसी सूची के आधार पर स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री की जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि त्रुटिपूर्ण सूची के आधार पर रजिस्ट्री की गई तो भविष्य में क्षेत्रफल और स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जन सुनवाई में आवेदन देने आए ग्रामीण सोनू पटेल, जितेन्द्र पटेल, महादेव अग्रवाल, दीपक पटेल,नीरज पटेल,लक्ष्मण प्रसाद पटेल,पद्मलाल पटेल आदि रहे मौजूद।
आवेदन में छूटे हुए नामों में शंकर लाल पटेल, सोमवती पटेल, छोटेलाल पटेल, कपसी केवट, लक्ष्मण पटेल, छक्कोड़ी लाल पटेल, विजय पटेल, विकास कुमार सोनी, सावित्री नामदेव एवं पदम पटेल, मोतीलाल पटेल सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वामित्व योजना के तहत किए गए सर्वे की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा छूटे हुए मकानों और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में जोड़े जाएं। साथ ही मकानों के वास्तविक क्षेत्रफल का दोबारा सत्यापन कराकर त्रुटियों को सुधारा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और स्वामित्व योजना के सर्वे में सामने आई कथित गड़बड़ियों का निराकरण कब तक किया जाता है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • *बड़ी खबर*💥 *सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार 💥*बड़ी खबर*💥 *सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार* 220 केवी सतना-सितपुरा उपकेंद्र में सुबह 6:30 बजे तीन महिलाएं कॉपर चोरी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 33 केवी यार्ड में घुस गईं। सीसीटीवी में हरकत दिखते ही गार्ड ने डायल 112 बुलाकर तीनों को पकड़कर नागौद पुलिस को सौंपा। एक चूक से न केवल कई जगह की बिजली ठप्प हो सकती थी बल्कि इन महिलाओं की जान भी जा सकती थी । क्योंकि चोरी कर रही इन महिलाओं को अंदाजा भी न रहा होगा कि 33 केवी की लाइन को छूना भी नहीं पड़ता 2 फिट पास जाते करंट खींच लेता और शरीर राख हो जाता।
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    *बड़ी खबर*💥
*सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार
💥*बड़ी खबर*💥
*सतना जिले में मौत के यार्ड में घुसीं 3 महिलाएं, करंट से राख हो जाता शरीर! हुई गिरफ्तार*
220 केवी सतना-सितपुरा उपकेंद्र में सुबह 6:30 बजे तीन महिलाएं कॉपर चोरी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 33 केवी यार्ड में घुस गईं। सीसीटीवी में हरकत दिखते ही गार्ड ने डायल 112 बुलाकर तीनों को पकड़कर नागौद पुलिस को सौंपा। एक चूक से न केवल कई जगह की बिजली ठप्प हो सकती थी बल्कि इन महिलाओं की जान भी जा सकती थी । क्योंकि चोरी कर रही इन महिलाओं को अंदाजा भी न रहा होगा कि 33 केवी की लाइन को छूना भी नहीं पड़ता 2 फिट पास जाते करंट खींच लेता और शरीर राख हो जाता।
    user_अनिल कुमार साहू
    अनिल कुमार साहू
    अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की
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    माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की
माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआजदिनांक 4,11,26 दिन बुधवार के प्रातःकालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई ‌की
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • kitna Haseen Chehra Cover By ✨ Sandeep Raj Thakur ✨ .... kitna Haseen Chehra Cover By ✨ Sandeep Raj Thakur ✨ ....
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    kitna Haseen Chehra Cover By ✨ Sandeep Raj Thakur ✨ ....
kitna Haseen Chehra Cover By ✨ Sandeep Raj Thakur ✨ ....
    user_Sandeep Raj Thakur
    Sandeep Raj Thakur
    Video Creator सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे। पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।
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    पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।
पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती, 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी; 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन
भोपाल। पत्रकार कुंदन सिंह।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस जवानों के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैती, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को पूरी दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की समस्याओं का समाधान करना और पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, बहादुरी और समर्पण का परिचय देने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योग्य एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देकर उनका उत्साह बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक पुलिस जवान पूरे आत्मविश्वास और मनोबल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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