रोपवे बंद, टिकट चालू— दर्शनार्थी दिनभर भटकते रहे मेंटिनेंस के नाम पर सेवा ठप, फिर भी ऑनलाइन बुकिंग जारी - प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल मैहर। मां शारदा देवी धाम मैहर में रोपवे व्यवस्था को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और रोपवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे बने कि *“अंधेर नगरी चौपट राजा”* वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आई। एक ओर चैत मेले की तैयारियों के नाम पर रोपवे सेवा बंद कर दी गई, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन टिकट बुकिंग जारी रही, जिससे बाहर से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार *उत्तर प्रदेश से आए एक दर्शनार्थी ने दिनांक 05 मार्च 2026* को मां शारदा देवी के दर्शन के लिए रोपवे से जाने हेतु ऑनलाइन टिकट बुक की थी। लेकिन चैत मेले को दृष्टिगत रखते हुए रोपवे में मेंटिनेंस कार्य चलने के कारण आम श्रद्धालुओं के लिए रोपवे सेवा बंद कर दी गई थी।बताया जाता है कि रोपवे बंद होने की जानकारी मिलने के बाद भी उक्त श्रद्धालु किसी तरह पैदल या अन्य माध्यम से मां शारदा देवी के दर्शन करने पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने अपनी ऑनलाइन टिकट कैंसिल कर भुगतान की गई *राशि वापस करने की मांग रोपवे प्रबंधन से की, लेकिन आरोप है कि रोपवे प्रबंधक द्वारा न तो टिकट का पैसा वापस किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।* दर्शनार्थी का कहना है कि वह दिनभर रोपवे कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के पास भटकता रहा, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। न तो रोपवे बंद होने के कारण किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान की गई और न ही ऑनलाइन टिकट का रिफंड किया गया, जिससे उसे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा। *सबसे बड़ा सवाल* *जब रोपवे सेवा पहले से बंद थी तो,ऑनलाइन टिकट बुकिंग क्यों जारी रही?* 📍*प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल* इस पूरे घटनाक्रम के बाद मैहर जिला देवीजी प्रशासन और प्रशासक की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रोपवे सेवा बंद थी तो इसकी पूर्व सूचना सार्वजनिक रूप से जारी की गई थी तो ऑनलाइन टिकट बुकिंग तत्काल क्यों नहीं रोकी गई। 📍*प्रबंधन पर तानाशाही रवैये का आरोप* रोपवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोपवे प्रबंधन का रवैया तानाशाही जैसा हो गया है, जहां श्रद्धालुओं की समस्याओं को सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आता। 📍*श्रद्धालुओं में नाराजगी* घटना के बाद श्रद्धालुओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि *धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ यदि इस तरह की अव्यवस्था होगी, तो यह न केवल व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करेगा बल्कि मैहर की धार्मिक छवि को भी प्रभावित करेगा।
रोपवे बंद, टिकट चालू— दर्शनार्थी दिनभर भटकते रहे मेंटिनेंस के नाम पर सेवा ठप, फिर भी ऑनलाइन बुकिंग जारी - प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल मैहर। मां शारदा देवी धाम मैहर में रोपवे व्यवस्था को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और रोपवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे बने कि *“अंधेर नगरी चौपट राजा”* वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आई। एक ओर चैत मेले की तैयारियों के नाम पर रोपवे सेवा बंद कर दी गई, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन टिकट बुकिंग जारी रही, जिससे बाहर से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार *उत्तर प्रदेश से आए एक दर्शनार्थी ने दिनांक 05 मार्च 2026* को मां शारदा देवी के दर्शन के लिए रोपवे से जाने हेतु ऑनलाइन टिकट बुक की थी। लेकिन चैत मेले को दृष्टिगत रखते हुए रोपवे में मेंटिनेंस कार्य चलने के कारण आम श्रद्धालुओं के लिए रोपवे सेवा
बंद कर दी गई थी।बताया जाता है कि रोपवे बंद होने की जानकारी मिलने के बाद भी उक्त श्रद्धालु किसी तरह पैदल या अन्य माध्यम से मां शारदा देवी के दर्शन करने पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने अपनी ऑनलाइन टिकट कैंसिल कर भुगतान की गई *राशि वापस करने की मांग रोपवे प्रबंधन से की, लेकिन आरोप है कि रोपवे प्रबंधक द्वारा न तो टिकट का पैसा वापस किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।* दर्शनार्थी का कहना है कि वह दिनभर रोपवे कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के पास भटकता रहा, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। न तो रोपवे बंद होने के कारण किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान की गई और न ही ऑनलाइन टिकट का रिफंड किया गया, जिससे उसे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा। *सबसे बड़ा सवाल* *जब रोपवे सेवा पहले से बंद थी तो,ऑनलाइन टिकट बुकिंग क्यों जारी रही?*
📍*प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल* इस पूरे घटनाक्रम के बाद मैहर जिला देवीजी प्रशासन और प्रशासक की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रोपवे सेवा बंद थी तो इसकी पूर्व सूचना सार्वजनिक रूप से जारी की गई थी तो ऑनलाइन टिकट बुकिंग तत्काल क्यों नहीं रोकी गई। 📍*प्रबंधन पर तानाशाही रवैये का आरोप* रोपवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोपवे प्रबंधन का रवैया तानाशाही जैसा हो गया है, जहां श्रद्धालुओं की समस्याओं को सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आता। 📍*श्रद्धालुओं में नाराजगी* घटना के बाद श्रद्धालुओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि *धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ यदि इस तरह की अव्यवस्था होगी, तो यह न केवल व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करेगा बल्कि मैहर की धार्मिक छवि को भी प्रभावित करेगा।
- सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नागौद थाना क्षेत्र के पोड़ी चौकी के अंतर्गत महाराजपुर घाट पर एक तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ऑटो में सवार एक ही परिवार के 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे का विवरण जानकारी के मुताबिक, सतना शहर के पतेरी निवासी शर्मा परिवार मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहा था। ऑटो (क्रमांक MP 19 ZM 6414) में कुल 10 लोग सवार थे। जैसे ही ऑटो महाराजपुर घाट के पास पहुँचा, सड़क पर बिखरे पत्थरों के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया और ऑटो बीच सड़क पर ही पलट गया। राहत और बचाव कार्य घायलों की स्थिति: हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को ऑटो से बाहर निकाला गया। अस्पताल: सभी 5 घायलों को तुरंत जिला अस्पताल सतना में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। वजह: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑटो की रफ्तार काफी तेज थी और सड़क पर पड़े पत्थर हादसे का मुख्य कारण बने। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।1
- *“देशभक्ति-जनसेवा के नारे पर अमानवीयता का दाग: क्या बदेरा थाना में लौट आया अंग्रेजी दौर का कोतवाली राज?” महज 3000 रुपये की लूट की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे फरियादी के साथ कथित मारपीट, पैरों के तलवों पर गंभीर चोट का आरोप — कार्रवाई न होने से उठे सवाल* *मैहर* जिले के बदेरा थाना से सामने आई एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पुलिस का आदर्श वाक्य *“देशभक्ति और जनसेवा”* बताया जाता है, उसी पर एक फरियादी के साथ कथित अमानवीय व्यवहार करने के आरोप लगने से क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना कहीं न कहीं अंग्रेजी हुकूमत के उस दौर की याद दिलाती है,*जब पुलिस आम जनता के लिए भय का प्रतीक मानी जाती थी।* प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला मात्र 3000 रुपये की लूट की शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। *भदनपुर निवासी रामभजन प्रजापति* अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई बार बदेरा थाना पहुंचे। आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें बार-बार टालते हुए *“दूसरे दिन आने”* के लिए कहा जाता रहा। बताया जाता है कि *3 मार्च 2026 को रामभजन प्रजापति लूट की एफआईआर दर्ज कराने थाने गए थे।* रिपोर्ट दर्ज न होने पर वे अगले दिन भी थाने पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि *4 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे उन्हें थाने बुलाया गया, जहां पहले उन्हें खाना खिलाया गया और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।* पीड़ित के अनुसार इस मारपीट से उनके *पैरों के तलवों में गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उनका चलना-फिरना और दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है।* इस घटना को पुलिस की ज्यादती बताते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैहर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। *हालांकि घटना सामने आने के बाद भी अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिलने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।* लोगों का कहना है कि यदि एक साधारण नागरिक अपनी छोटी-सी शिकायत लेकर थाने जाता है और उसके साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो यह कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। *अब सभी की निगाहें प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं* कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाती है या नहीं और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।4
- *थाना बदेरा पुलिस को लेकर ग्रुप में चल रही खबर की क्या है हकीकत, पूरे घटनाक्रम की होना चाहिए जांच।* *मैहर/बदेरा* मामला भागलपुर पहाड़ उत्तर पट्टी थाना बदेरा जिला मैहर का है। जिसमें खबर एवं वीडियो के माध्यम से मुकेश साकेत के द्वारा अपने बयान में बदेरा पुलिस के कार्यशैली को लेकर बदेरा थाना प्रभारी सहित आरक्षकों पर आरोप लगाया जा रहा है। वीडियो के माध्यम से जिसको सुना और देखा जा सकता है। लेकिन मामला को जिस तरह बताया जा रहा है। इस तारतम्य में वही के निवासी पसिंगा पारधि एवं उसके घर की महिलाओं के द्वारा जो कुछ वीडियो के माध्यम से बताया जा रहा है उसमें कुछ और ही हकीकत प्रतीत हो रहा है। जो एक गहन जांच का विषय है कि आखिर वास्तविकता क्या है? क्योंकि ऐसा लग रहा है कि इस मामले में कुछ अलग ही दिखाकर मामले को दिखाया जा रहा है। जिसकी पूरी हकीकत गहन जांच के उपरांत थी स्पष्ट हो सकती है। भदनपुर पहाड़ में गुंडागर्दीक का आतंक फैला है जिससे पारधी बे घर होने पर मजबूर है। फिलहाल पुरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने के आदेश मैहर जिले के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने दे दिए हैं। सात दिवस के भीतर रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, साथ ही जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी पसिंगा पारधी आत्महत्या करने पर विवश हो रहे । पसिंगा पारधी एवं उसके परिवार का दर्दभरा एक वीडियो वायरल हो रहा है सुनिए क्या कहा जा रहा ईस विडिओ मे।2
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- न्याय मांगने पहुंचे फरियादी, बदेरा थाना में मिली लाठी! एक का पैर टूटा, मामला गरमाया, दूसरे का बयान आया सामने!1
- *थाना बदेरा पुलिस को लेकर ग्रुप में चल रही खबर की क्या है हकीकत, पूरे घटनाक्रम की होना चाहिए जांच।* *मैहर/बदेरा* मामला भागलपुर पहाड़ उत्तर पट्टी थाना बदेरा जिला मैहर का है। जिसमें खबर एवं वीडियो के माध्यम से मुकेश साकेत के द्वारा अपने बयान में बदेरा पुलिस के कार्यशैली को लेकर बदेरा थाना प्रभारी सहित आरक्षकों पर आरोप लगाया जा रहा है। वीडियो के माध्यम से जिसको सुना और देखा जा सकता है। लेकिन मामला को जिस तरह बताया जा रहा है। इस तारतम्य में वही के निवासी पसिंगा पारधि एवं उसके घर की महिलाओं के द्वारा जो कुछ वीडियो के माध्यम से बताया जा रहा है उसमें कुछ और ही हकीकत प्रतीत हो रहा है। जो एक गहन जांच का विषय है कि आखिर वास्तविकता क्या है? क्योंकि ऐसा लग रहा है कि इस मामले में कुछ अलग ही दिखाकर मामले को दिखाया जा रहा है। जिसकी पूरी हकीकत गहन जांच के उपरांत थी स्पष्ट हो सकती है। भदनपुर पहाड़ में गुंडागर्दीक का आतंक फैला है जिससे पारधी बे घर होने पर मजबूर है। फिलहाल पुरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने के आदेश मैहर जिले के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने दे दिए हैं। सात दिवस के भीतर रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, साथ ही जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी पसिंगा पारधी आत्महत्या करने पर विवश हो रहे । पसिंगा पारधी एवं उसके परिवार का दर्दभरा एक वीडियो वायरल हो रहा है सुनिए क्या कहा जा रहा ईस विडिओ मे।1
- नागौद थाना क्षेत्र में कुछ लोगों के विवाद में बीच बचाव करना एक युवक को भारी पड़ा। विवाद के बाद पहुंचे लोगों ने युवक की बेल्ट से की बेदम पिटाई, जिससे पीठ, गर्दन और छाती सहित दाहिने आंख के लगी है गंभीर चोट। मामला थाने पहुंचा1
- *थाना बदेरा पुलिस को लेकर ग्रुप में चल रही खबर की क्या है हकीकत, पूरे घटनाक्रम की होना चाहिए जांच।* *मैहर/बदेरा* मामला भागलपुर पहाड़ उत्तर पट्टी थाना बदेरा जिला मैहर का है। जिसमें खबर एवं वीडियो के माध्यम से मुकेश साकेत के द्वारा अपने बयान में बदेरा पुलिस के कार्यशैली को लेकर बदेरा थाना प्रभारी सहित आरक्षकों पर आरोप लगाया जा रहा है। वीडियो के माध्यम से जिसको सुना और देखा जा सकता है। लेकिन मामला को जिस तरह बताया जा रहा है। इस तारतम्य में वही के निवासी पसिंगा पारधि एवं उसके घर की महिलाओं के द्वारा जो कुछ वीडियो के माध्यम से बताया जा रहा है उसमें कुछ और ही हकीकत प्रतीत हो रहा है। जो एक गहन जांच का विषय है कि आखिर वास्तविकता क्या है? क्योंकि ऐसा लग रहा है कि इस मामले में कुछ अलग ही दिखाकर मामले को दिखाया जा रहा है। जिसकी पूरी हकीकत गहन जांच के उपरांत थी स्पष्ट हो सकती है। भदनपुर पहाड़ में गुंडागर्दीक का आतंक फैला है जिससे पारधी बे घर होने पर मजबूर है। फिलहाल पुरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने के आदेश मैहर जिले के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने दे दिए हैं। सात दिवस के भीतर रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, साथ ही जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी पसिंगा पारधी आत्महत्या करने पर विवश हो रहे । पसिंगा पारधी एवं उसके परिवार का दर्दभरा एक वीडियो वायरल हो रहा है सुनिए क्या कहा जा रहा ईस विडिओ मे।1
- *जो वक्त नहीं दे पा रहे हैं... वो साथ क्या देंगे..!!! जो मेरा करना सब मिलकर करो किसी हम नहीं बोलेंगे शिव सिंह राजपूत दहिया वीरदत्त हाउस थाना अमरपाटन विधान सभा क्षेत्र*1