पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैहर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। *“देशभक्ति-जनसेवा के नारे पर अमानवीयता का दाग: क्या बदेरा थाना में लौट आया अंग्रेजी दौर का कोतवाली राज?” महज 3000 रुपये की लूट की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे फरियादी के साथ कथित मारपीट, पैरों के तलवों पर गंभीर चोट का आरोप — कार्रवाई न होने से उठे सवाल* *मैहर* जिले के बदेरा थाना से सामने आई एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पुलिस का आदर्श वाक्य *“देशभक्ति और जनसेवा”* बताया जाता है, उसी पर एक फरियादी के साथ कथित अमानवीय व्यवहार करने के आरोप लगने से क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना कहीं न कहीं अंग्रेजी हुकूमत के उस दौर की याद दिलाती है,*जब पुलिस आम जनता के लिए भय का प्रतीक मानी जाती थी।* प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला मात्र 3000 रुपये की लूट की शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। *भदनपुर निवासी रामभजन प्रजापति* अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई बार बदेरा थाना पहुंचे। आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें बार-बार टालते हुए *“दूसरे दिन आने”* के लिए कहा जाता रहा। बताया जाता है कि *3 मार्च 2026 को रामभजन प्रजापति लूट की एफआईआर दर्ज कराने थाने गए थे।* रिपोर्ट दर्ज न होने पर वे अगले दिन भी थाने पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि *4 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे उन्हें थाने बुलाया गया, जहां पहले उन्हें खाना खिलाया गया और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।* पीड़ित के अनुसार इस मारपीट से उनके *पैरों के तलवों में गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उनका चलना-फिरना और दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है।* इस घटना को पुलिस की ज्यादती बताते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैहर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। *हालांकि घटना सामने आने के बाद भी अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिलने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।* लोगों का कहना है कि यदि एक साधारण नागरिक अपनी छोटी-सी शिकायत लेकर थाने जाता है और उसके साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो यह कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। *अब सभी की निगाहें प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं* कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाती है या नहीं और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैहर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। *“देशभक्ति-जनसेवा के नारे पर अमानवीयता का दाग: क्या बदेरा थाना में लौट आया अंग्रेजी दौर का कोतवाली राज?” महज 3000 रुपये की लूट की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे फरियादी के साथ कथित मारपीट, पैरों के तलवों पर गंभीर चोट का आरोप — कार्रवाई न होने से उठे सवाल* *मैहर* जिले के बदेरा थाना से सामने आई एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पुलिस का आदर्श वाक्य *“देशभक्ति और जनसेवा”* बताया जाता है, उसी पर एक फरियादी के साथ कथित अमानवीय व्यवहार
करने के आरोप लगने से क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना कहीं न कहीं अंग्रेजी हुकूमत के उस दौर की याद दिलाती है,*जब पुलिस आम जनता के लिए भय का प्रतीक मानी जाती थी।* प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला मात्र 3000 रुपये की लूट की शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। *भदनपुर निवासी रामभजन प्रजापति* अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई बार बदेरा थाना पहुंचे। आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें बार-बार टालते हुए *“दूसरे दिन आने”* के लिए कहा जाता रहा। बताया जाता है कि *3 मार्च 2026
को रामभजन प्रजापति लूट की एफआईआर दर्ज कराने थाने गए थे।* रिपोर्ट दर्ज न होने पर वे अगले दिन भी थाने पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि *4 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे उन्हें थाने बुलाया गया, जहां पहले उन्हें खाना खिलाया गया और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।* पीड़ित के अनुसार इस मारपीट से उनके *पैरों के तलवों में गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उनका चलना-फिरना और दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है।* इस घटना को पुलिस की ज्यादती बताते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैहर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
की मांग की है। *हालांकि घटना सामने आने के बाद भी अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिलने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।* लोगों का कहना है कि यदि एक साधारण नागरिक अपनी छोटी-सी शिकायत लेकर थाने जाता है और उसके साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो यह कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। *अब सभी की निगाहें प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं* कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाती है या नहीं और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।
- *“देशभक्ति-जनसेवा के नारे पर अमानवीयता का दाग: क्या बदेरा थाना में लौट आया अंग्रेजी दौर का कोतवाली राज?” महज 3000 रुपये की लूट की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे फरियादी के साथ कथित मारपीट, पैरों के तलवों पर गंभीर चोट का आरोप — कार्रवाई न होने से उठे सवाल* *मैहर* जिले के बदेरा थाना से सामने आई एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पुलिस का आदर्श वाक्य *“देशभक्ति और जनसेवा”* बताया जाता है, उसी पर एक फरियादी के साथ कथित अमानवीय व्यवहार करने के आरोप लगने से क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना कहीं न कहीं अंग्रेजी हुकूमत के उस दौर की याद दिलाती है,*जब पुलिस आम जनता के लिए भय का प्रतीक मानी जाती थी।* प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला मात्र 3000 रुपये की लूट की शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। *भदनपुर निवासी रामभजन प्रजापति* अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई बार बदेरा थाना पहुंचे। आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें बार-बार टालते हुए *“दूसरे दिन आने”* के लिए कहा जाता रहा। बताया जाता है कि *3 मार्च 2026 को रामभजन प्रजापति लूट की एफआईआर दर्ज कराने थाने गए थे।* रिपोर्ट दर्ज न होने पर वे अगले दिन भी थाने पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि *4 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे उन्हें थाने बुलाया गया, जहां पहले उन्हें खाना खिलाया गया और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।* पीड़ित के अनुसार इस मारपीट से उनके *पैरों के तलवों में गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उनका चलना-फिरना और दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है।* इस घटना को पुलिस की ज्यादती बताते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैहर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। *हालांकि घटना सामने आने के बाद भी अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिलने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।* लोगों का कहना है कि यदि एक साधारण नागरिक अपनी छोटी-सी शिकायत लेकर थाने जाता है और उसके साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो यह कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। *अब सभी की निगाहें प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं* कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाती है या नहीं और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।4
- थाना बदेरा कि खबर सुर्खियों में1
- सतना। जिले में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ अपने प्रेमी की प्रताड़ना और मारपीट से आहत होकर एक 20 वर्षीय युवती ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपने हाथ की नस काट ली। राहगीरों की मदद से युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रमुख घटनाक्रम: वजह: घूरडांग निवासी 20 वर्षीय युवती अपने प्रेमी द्वारा की गई मारपीट से काफी आहत थी। अस्पताल में ड्रामा: घटना के बाद आरोपी प्रेमी मौके से फरार हो गया था, लेकिन वह बाद में अस्पताल पहुँच गया। वहाँ उसने न केवल युवती बल्कि उसके परिजनों को भी धमकाना शुरू कर दिया। पब्लिक का गुस्सा: प्रेमी की इस हरकत को देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर धुनाई कर दी। पुलिस कार्रवाई: मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोट: युवती की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है।1
- सतना में मनचले युवको की शर्मनाक हरकत स्कूल से घर जा रही नाबालिक छात्रा से छेड़छाड़ घटना स्टेशन रोड की बताई जा रही2
- नागौद थाना क्षेत्र में कुछ लोगों के विवाद में बीच बचाव करना एक युवक को भारी पड़ा। विवाद के बाद पहुंचे लोगों ने युवक की बेल्ट से की बेदम पिटाई, जिससे पीठ, गर्दन और छाती सहित दाहिने आंख के लगी है गंभीर चोट। मामला थाने पहुंचा1
- Post by Unchehra news1
- न्याय मांगने पहुंचे फरियादी, बदेरा थाना में मिली लाठी! एक का पैर टूटा, मामला गरमाया, दूसरे का बयान आया सामने!1
- सतना (मध्य प्रदेश): जिले के नागौद थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक बेखौफ हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक किसान की निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने किसान पर 5 गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रमुख बिंदु: स्थान: बारापत्थर गांव, नागौद थाना इलाका। समय: बुधवार शाम। मृतक: किसान अभय यादव। वजह: छोटे भाई को थप्पड़ मारने का बदला लेने की रंजिश। पूरी घटना: जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत आरोपी के छोटे भाई को थप्पड़ मारने से हुई थी। इसी का बदला लेने के लिए हिस्ट्रीशीटर बदमाश अपने साथियों के साथ बारापत्थर गांव पहुंचा और किसान अभय यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अभय यादव को कुल 5 गोलियां लगीं: 2 गोलियां पीठ में। 1 गोली पेट में। 1 गोली गर्दन पर। 1 गोली पसली में। अत्यधिक खून बह जाने के कारण अभय यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हमलावरों ने मृतक के बेटे को भी निशाना बनाते हुए फायरिंग की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की कार्रवाई: घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। नागौद थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी गई है। लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट्स के लिए हमारे ऐप के साथ जुड़े रहें।1