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गोईलकेरा से सोनुआ रोड पर 1 से 2 बजे के बीच बालू से लदे ट्रैक्टरों को तेज रफ्तार से गुजरते हुए देखा गया है। इन ट्रैक्टरों को कथित बालू माफिया द्वारा तेज गति से चलाया जा रहा था, जो सोनुआ रोड से होकर निकल रहे थे।

10 hrs ago
user_Sudhir
Sudhir
गोइलकेरा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
10 hrs ago

गोईलकेरा से सोनुआ रोड पर 1 से 2 बजे के बीच बालू से लदे ट्रैक्टरों को तेज रफ्तार से गुजरते हुए देखा गया है। इन ट्रैक्टरों को कथित बालू माफिया द्वारा तेज गति से चलाया जा रहा था, जो सोनुआ रोड से होकर निकल रहे थे।

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  • गोईलकेरा से सोनुआ रोड पर 1 से 2 बजे के बीच बालू से लदे ट्रैक्टरों को तेज रफ्तार से गुजरते हुए देखा गया है। इन ट्रैक्टरों को कथित बालू माफिया द्वारा तेज गति से चलाया जा रहा था, जो सोनुआ रोड से होकर निकल रहे थे।
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    गोईलकेरा से सोनुआ रोड पर 1 से 2 बजे के बीच बालू से लदे ट्रैक्टरों को तेज रफ्तार से गुजरते हुए देखा गया है। इन ट्रैक्टरों को कथित बालू माफिया द्वारा तेज गति से चलाया जा रहा था, जो सोनुआ रोड से होकर निकल रहे थे।
    user_Sudhir
    Sudhir
    गोइलकेरा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    10 hrs ago
  • पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत मकरंडा पंचायत के सागजोड़ी पीड़िटोला और नावाडीह में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार रात हाथियों के एक झुंड ने दो घरों को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया और धान खाने की कोशिश की। सागजोड़ी के पीड़िटोला निवासी लादुरा गुड़िया और मकरंडा पंचायत के टोला नावाडीह निवासी सुखमन सुरीन के घरों पर हाथियों ने हमला किया, जिसमें नावाडीह में रात करीब 9 बजे और पीड़िटोला में लगभग 11 बजे हाथियों ने धान रखे कमरे की दीवार तोड़ दी। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के कारण उन्होंने शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ दिया, जिससे बड़ी क्षति टल गई और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त होने से परिवारों को नुकसान हुआ। घटना की सूचना शुक्रवार सुबह वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षति का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ रेंज कार्यालय में आवेदन जमा करने का निर्देश दिया। इस बीच, वन विभाग ने हाथी हमले में मृत एक ग्रामीण के आश्रित को मुआवजा राशि भी प्रदान की है। 20 दिसंबर, 2025 को समठा गांव निवासी चंदन जोजो जंगल में लकड़ी लाने गए थे, जहां घर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वन विभाग ने मृतक की पत्नी नंदी जोजो को अनुग्रह सहायता के रूप में 4 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस चेक वितरण कार्यक्रम में पूर्व पंचायत समिति सदस्य संदीप गुड़िया, फॉरेस्टर कमल, वनकर्मी बासुदेव सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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    पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत मकरंडा पंचायत के सागजोड़ी पीड़िटोला और नावाडीह में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार रात हाथियों के एक झुंड ने दो घरों को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया और धान खाने की कोशिश की। सागजोड़ी के पीड़िटोला निवासी लादुरा गुड़िया और मकरंडा पंचायत के टोला नावाडीह निवासी सुखमन सुरीन के घरों पर हाथियों ने हमला किया, जिसमें नावाडीह में रात करीब 9 बजे और पीड़िटोला में लगभग 11 बजे हाथियों ने धान रखे कमरे की दीवार तोड़ दी। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के कारण उन्होंने शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ दिया, जिससे बड़ी क्षति टल गई और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त होने से परिवारों को नुकसान हुआ।

घटना की सूचना शुक्रवार सुबह वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षति का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ रेंज कार्यालय में आवेदन जमा करने का निर्देश दिया।

इस बीच, वन विभाग ने हाथी हमले में मृत एक ग्रामीण के आश्रित को मुआवजा राशि भी प्रदान की है। 20 दिसंबर, 2025 को समठा गांव निवासी चंदन जोजो जंगल में लकड़ी लाने गए थे, जहां घर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वन विभाग ने मृतक की पत्नी नंदी जोजो को अनुग्रह सहायता के रूप में 4 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस चेक वितरण कार्यक्रम में पूर्व पंचायत समिति सदस्य संदीप गुड़िया, फॉरेस्टर कमल, वनकर्मी बासुदेव सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Saranda News25
    Saranda News25
    पत्रकार मनोहरपुर, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    18 hrs ago
  • पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांड्रासाली ओपी क्षेत्र के कुंबराम गांव के पास स्थित पुण्डुगुटु जंगल में 18 वर्षीय छात्रा आशा माई तीयू का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। वह दो दिनों से लापता थी, और उसकी संदिग्ध मौत के बाद से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गिंडीमुंडी गांव निवासी आशा माई तीयू चाईबासा नगरपालिका बांग्ला मध्य विद्यालय में कक्षा 9 की छात्रा थी। घटना के समय बुधवार को परिवार के लोग बाहर गए थे, और जब वे लौटे तो आशा घर पर नहीं मिली। दो दिन बाद, गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर पुण्डुगुटु जंगल में एक छोटे से पेड़ पर लतर के सहारे उसका शव बंधा हुआ पाया गया। इस स्थिति को देखते हुए, गांव वाले इसे आशा की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने की साजिश मान रहे हैं। मृतका के पिता लोपोर सिंह तीयू और उनके रिश्तेदारों ने भी स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या करके शव को पेड़ से लटकाया गया है। पांड्रासाली ओपी पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और चाईबासा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। परिवार वाले इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह पता लगाया जाए कि मृतका दो दिनों तक कहां थी और वास्तविक दोषी व्यक्ति की पहचान कर उसे सजा दी जाए। आशा माई तीयू की मौत से परिवार में गहरा दुख है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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    पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांड्रासाली ओपी क्षेत्र के कुंबराम गांव के पास स्थित पुण्डुगुटु जंगल में 18 वर्षीय छात्रा आशा माई तीयू का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में मिलने का मामला सामने आया है। वह दो दिनों से लापता थी, और उसकी संदिग्ध मौत के बाद से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

गिंडीमुंडी गांव निवासी आशा माई तीयू चाईबासा नगरपालिका बांग्ला मध्य विद्यालय में कक्षा 9 की छात्रा थी। घटना के समय बुधवार को परिवार के लोग बाहर गए थे, और जब वे लौटे तो आशा घर पर नहीं मिली। दो दिन बाद, गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर पुण्डुगुटु जंगल में एक छोटे से पेड़ पर लतर के सहारे उसका शव बंधा हुआ पाया गया। इस स्थिति को देखते हुए, गांव वाले इसे आशा की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने की साजिश मान रहे हैं। मृतका के पिता लोपोर सिंह तीयू और उनके रिश्तेदारों ने भी स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या करके शव को पेड़ से लटकाया गया है।

पांड्रासाली ओपी पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और चाईबासा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। परिवार वाले इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह पता लगाया जाए कि मृतका दो दिनों तक कहां थी और वास्तविक दोषी व्यक्ति की पहचान कर उसे सजा दी जाए। आशा माई तीयू की मौत से परिवार में गहरा दुख है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
    user_कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    Local News Reporter चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    13 hrs ago
  • चाईबासा स्थित पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एसी-डीसी बिलों के समायोजन से संबंधित एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार के साथ-साथ जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, विभिन्न विभागों और संलग्न कार्यालयों के प्रमुख उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के लंबित एसी एवं डीसी बिलों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसी-डीसी बिलों का समय पर समायोजन अत्यंत आवश्यक है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि लंबित मामलों के कारण वित्तीय कार्यों के संचालन और लेखा संधारण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके मद्देनजर, उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित डीसी बिलों का समायोजन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में अधिकारियों ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।
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    चाईबासा स्थित पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एसी-डीसी बिलों के समायोजन से संबंधित एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार के साथ-साथ जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, विभिन्न विभागों और संलग्न कार्यालयों के प्रमुख उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान, उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के लंबित एसी एवं डीसी बिलों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसी-डीसी बिलों का समय पर समायोजन अत्यंत आवश्यक है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि लंबित मामलों के कारण वित्तीय कार्यों के संचालन और लेखा संधारण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके मद्देनजर, उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित डीसी बिलों का समायोजन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में अधिकारियों ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।
    user_CITI LIVE Jharkhand
    CITI LIVE Jharkhand
    Photographer चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    14 hrs ago
  • गुमला के बसिया अनुमंडल में वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ फिल्मी अंदाज़ में भाग रहे तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए लगभग ₹10 लाख मूल्य की अवैध साल की लकड़ी (बोटा) से लदे एक ट्रक को जब्त किया गया। यह घटना शुक्रवार तड़के करीब 3:00 बजे हुई, जो किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पुष्पा' के सीन जैसी प्रतीत हो रही थी। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना कुरकुरा थाना क्षेत्र के रामपुर पंचायत की है। वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा की तरफ से भारी मात्रा में अवैध साल की लकड़ी (बोटा) लादकर एक ट्रक बसिया के रास्ते गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही फॉरेस्टर शेखर सिंह ने अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला और संदिग्ध रास्तों पर नाकेबंदी कर दी। वन विभाग की टीम ने जैसे ही ट्रक को आता देखा, उसे रुकने का इशारा किया। लेकिन तस्करों ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेडिंग तोड़कर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने जब ट्रक का पीछा किया, तो खुद को घिरता देख चालक और खलासी ने दुस्साहस दिखाया; वे चलती हुई तेज रफ्तार गाड़ी से नीचे कूद गए और अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की तरफ भाग निकले। इसके बाद बिना ड्राइवर के यह ट्रक कुछ दूर तक सड़क पर अनियंत्रित होकर दौड़ता रहा और अंततः सड़क किनारे एक खेत में जाकर पलट गया। वाहन के पलटते ही पीछा कर रहे वनकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे चालक और खलासी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन घने जंगल और तड़के सुबह के अंधेरे का लाभ उठाकर दोनों तस्कर फरार होने में कामयाब रहे। फॉरेस्टर शेखर सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और उसमें लदे करीब ₹10 लाख की अवैध साल की लकड़ियों को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। विभाग द्वारा अज्ञात तस्करों और वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के वन माफियाओं और अवैध लकड़ी तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।
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    गुमला के बसिया अनुमंडल में वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ फिल्मी अंदाज़ में भाग रहे तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए लगभग ₹10 लाख मूल्य की अवैध साल की लकड़ी (बोटा) से लदे एक ट्रक को जब्त किया गया। यह घटना शुक्रवार तड़के करीब 3:00 बजे हुई, जो किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पुष्पा' के सीन जैसी प्रतीत हो रही थी।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना कुरकुरा थाना क्षेत्र के रामपुर पंचायत की है। वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा की तरफ से भारी मात्रा में अवैध साल की लकड़ी (बोटा) लादकर एक ट्रक बसिया के रास्ते गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही फॉरेस्टर शेखर सिंह ने अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला और संदिग्ध रास्तों पर नाकेबंदी कर दी। वन विभाग की टीम ने जैसे ही ट्रक को आता देखा, उसे रुकने का इशारा किया। लेकिन तस्करों ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेडिंग तोड़कर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने जब ट्रक का पीछा किया, तो खुद को घिरता देख चालक और खलासी ने दुस्साहस दिखाया; वे चलती हुई तेज रफ्तार गाड़ी से नीचे कूद गए और अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की तरफ भाग निकले। इसके बाद बिना ड्राइवर के यह ट्रक कुछ दूर तक सड़क पर अनियंत्रित होकर दौड़ता रहा और अंततः सड़क किनारे एक खेत में जाकर पलट गया।

वाहन के पलटते ही पीछा कर रहे वनकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे चालक और खलासी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन घने जंगल और तड़के सुबह के अंधेरे का लाभ उठाकर दोनों तस्कर फरार होने में कामयाब रहे। फॉरेस्टर शेखर सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और उसमें लदे करीब ₹10 लाख की अवैध साल की लकड़ियों को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।

विभाग द्वारा अज्ञात तस्करों और वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के वन माफियाओं और अवैध लकड़ी तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
  • रामगढ़ जिले के गोला और चित्रपुर इलाकों में कुल 22 जंगली हाथियों ने अपना डेरा जमा लिया है। हाथियों की इस मौजूदगी के कारण स्थानीय ग्रामीण पूरी रात पहरेदारी करने को मजबूर हैं। जंगली हाथियों के क्षेत्र में आ जाने से इलाके में चारों ओर दहशत का माहौल बना हुआ है।
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    रामगढ़ जिले के गोला और चित्रपुर इलाकों में कुल 22 जंगली हाथियों ने अपना डेरा जमा लिया है। हाथियों की इस मौजूदगी के कारण स्थानीय ग्रामीण पूरी रात पहरेदारी करने को मजबूर हैं। जंगली हाथियों के क्षेत्र में आ जाने से इलाके में चारों ओर दहशत का माहौल बना हुआ है।
    user_JULI KUMARI
    JULI KUMARI
    News Anchor Khunti, Jharkhand•
    13 hrs ago
  • खूंटी में सिविल सर्जन डॉ. ललित रंजन पाठक की अध्यक्षता में विश्व रक्तदाता दिवस के सफल क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में खूंटी नगर पंचायत की अध्यक्ष रानी टूटी, उपाध्यक्ष शशांक शेखर और सभी निर्वाचित वार्ड पार्षद शामिल हुए। कार्यशाला का संयुक्त उद्घाटन सिविल सर्जन और नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में, सिविल सर्जन डॉ. पाठक ने बताया कि आगामी 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाएगा और इस वर्ष का कार्यक्रम 'वन ड्रॉप ऑफ ह्यूमनिटी, गिव ब्लड सेव्स लाइव्स' यानी 'मानवता की एक बूंद, रक्तदान करे जीवन बचाए' थीम पर आधारित है। उन्होंने खूंटी जिले में थैलीसीमिया पीड़ितों, दुर्घटना के शिकार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित बच्चों व बुजुर्गों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जिले के रक्तकोष में रक्त की कमी को देखते हुए, उन्होंने जनभागीदारी से रक्तदान सुनिश्चित करने का आग्रह किया और उपस्थित वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी रक्तदान के क्षेत्र में आगे आना चाहिए, और उन्होंने सभी पार्षदों को रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. शोभा किस्पोट्टा ने गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से मुक्त रखने हेतु नियमित आयरन व कैल्शियम की गोलियां खाने के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला के पश्चात, उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों को रक्तदाता दिवस के अवसर पर शपथ दिलाई गई और वार्डवार रक्तदान शिविर आयोजित करने हेतु ब्लड डोनेशन कैलेंडर वितरित किया गया। इस कैलेंडर के अनुसार, 14 जून, 2026 को वार्ड नंबर 04 में पहला शिविर लगेगा, और यह सिलसिला 28 जुलाई, 2026 को वार्ड नंबर 19 तक जारी रहेगा, जिसमें 16/06/2026 को वार्ड नंबर 01, 18/06/2026 को वार्ड नंबर 02, 20/06/2026 को वार्ड नंबर 03, 22/06/2026 को वार्ड नंबर 05, 24/06/2026 को वार्ड नंबर 06, 27/06/2026 को वार्ड नंबर 07, 30/06/2026 को वार्ड नंबर 08, 02/07/2026 को वार्ड नंबर 09, 08/07/2026 को वार्ड नंबर 10, 10/07/2026 को वार्ड नंबर 11, 13/07/2026 को वार्ड नंबर 12, 15/07/2026 को वार्ड नंबर 13, 17/07/2026 को वार्ड नंबर 14, 20/07/2026 को वार्ड नंबर 15, 22/07/2026 को वार्ड नंबर 16, 24/07/2026 को वार्ड नंबर 17, 26/07/2026 को वार्ड नंबर 18 और 28/07/2026 को वार्ड नंबर 19 में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का संचालन काउंसलर निशांत झा ने किया, जबकि उपाधीक्षक डॉ. आनंद किशोर उरांव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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    खूंटी में सिविल सर्जन डॉ. ललित रंजन पाठक की अध्यक्षता में विश्व रक्तदाता दिवस के सफल क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में खूंटी नगर पंचायत की अध्यक्ष रानी टूटी, उपाध्यक्ष शशांक शेखर और सभी निर्वाचित वार्ड पार्षद शामिल हुए। कार्यशाला का संयुक्त उद्घाटन सिविल सर्जन और नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी द्वारा किया गया।

अपने संबोधन में, सिविल सर्जन डॉ. पाठक ने बताया कि आगामी 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाएगा और इस वर्ष का कार्यक्रम 'वन ड्रॉप ऑफ ह्यूमनिटी, गिव ब्लड सेव्स लाइव्स' यानी 'मानवता की एक बूंद, रक्तदान करे जीवन बचाए' थीम पर आधारित है। उन्होंने खूंटी जिले में थैलीसीमिया पीड़ितों, दुर्घटना के शिकार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित बच्चों व बुजुर्गों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जिले के रक्तकोष में रक्त की कमी को देखते हुए, उन्होंने जनभागीदारी से रक्तदान सुनिश्चित करने का आग्रह किया और उपस्थित वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी रक्तदान के क्षेत्र में आगे आना चाहिए, और उन्होंने सभी पार्षदों को रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. शोभा किस्पोट्टा ने गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से मुक्त रखने हेतु नियमित आयरन व कैल्शियम की गोलियां खाने के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला के पश्चात, उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों को रक्तदाता दिवस के अवसर पर शपथ दिलाई गई और वार्डवार रक्तदान शिविर आयोजित करने हेतु ब्लड डोनेशन कैलेंडर वितरित किया गया। इस कैलेंडर के अनुसार, 14 जून, 2026 को वार्ड नंबर 04 में पहला शिविर लगेगा, और यह सिलसिला 28 जुलाई, 2026 को वार्ड नंबर 19 तक जारी रहेगा, जिसमें 16/06/2026 को वार्ड नंबर 01, 18/06/2026 को वार्ड नंबर 02, 20/06/2026 को वार्ड नंबर 03, 22/06/2026 को वार्ड नंबर 05, 24/06/2026 को वार्ड नंबर 06, 27/06/2026 को वार्ड नंबर 07, 30/06/2026 को वार्ड नंबर 08, 02/07/2026 को वार्ड नंबर 09, 08/07/2026 को वार्ड नंबर 10, 10/07/2026 को वार्ड नंबर 11, 13/07/2026 को वार्ड नंबर 12, 15/07/2026 को वार्ड नंबर 13, 17/07/2026 को वार्ड नंबर 14, 20/07/2026 को वार्ड नंबर 15, 22/07/2026 को वार्ड नंबर 16, 24/07/2026 को वार्ड नंबर 17, 26/07/2026 को वार्ड नंबर 18 और 28/07/2026 को वार्ड नंबर 19 में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का संचालन काउंसलर निशांत झा ने किया, जबकि उपाधीक्षक डॉ. आनंद किशोर उरांव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    3 hrs ago
  • चाईबासा-हाता मुख्य मार्ग पर बुधवार सुबह आयता गांव के समीप एक ट्रेलर और कार की जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना में संत जेवियर स्कूल जाने के लिए अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहीं दो स्कूली छात्राएं, अनुष्का और लवली, अनियंत्रित वाहन की चपेट में आकर घायल हो गईं। हादसे के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने वाहन चालक की पिटाई करने के बाद सड़क जाम कर दिया, जिसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल छात्राओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेजा गया, जहाँ प्राथमिक जांच के उपरांत एक छात्रा को बेहतर उपचार के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
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    चाईबासा-हाता मुख्य मार्ग पर बुधवार सुबह आयता गांव के समीप एक ट्रेलर और कार की जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना में संत जेवियर स्कूल जाने के लिए अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहीं दो स्कूली छात्राएं, अनुष्का और लवली, अनियंत्रित वाहन की चपेट में आकर घायल हो गईं।

हादसे के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने वाहन चालक की पिटाई करने के बाद सड़क जाम कर दिया, जिसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल छात्राओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेजा गया, जहाँ प्राथमिक जांच के उपरांत एक छात्रा को बेहतर उपचार के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
    user_CITI LIVE Jharkhand
    CITI LIVE Jharkhand
    Photographer चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    21 hrs ago
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