चित्रकूट पहाड़ी ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नोनार का रास्ता बना जलभराव का संकट प्राथमिक विद्यालय नोनार का रास्ता बना जलभराव का संकट चित्रकूट। पहाड़ी ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नोनार में बच्चों के स्कूल पहुंचने वाले रास्ते पर भारी जलभराव ने मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश के बाद रास्ते पर इतना पानी भर गया है कि नौनिहालों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते बच्चों के फिसलने, गिरने और कपड़े-किताबें खराब होने का खतरा बना हुआ है। सवाल यह है कि जब बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित नहीं है तो जिम्मेदार विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि विद्यालय के रास्ते से जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि बच्चों को परेशानी और किसी संभावित हादसे से बचाया जा सके। सवाल बड़ा है—बारिश में जब बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए पानी से जूझ रहे हैं, तो जिम्मेदारों की नजर आखिर कब पड़ेगी?
चित्रकूट पहाड़ी ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नोनार का रास्ता बना जलभराव का संकट प्राथमिक विद्यालय नोनार का रास्ता बना जलभराव का संकट चित्रकूट। पहाड़ी ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नोनार में बच्चों के स्कूल पहुंचने वाले रास्ते पर भारी जलभराव ने मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश के बाद रास्ते पर इतना पानी भर गया है कि नौनिहालों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते बच्चों के फिसलने, गिरने और कपड़े-किताबें खराब होने का खतरा बना हुआ है। सवाल यह है कि जब बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित नहीं है तो जिम्मेदार विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि विद्यालय के रास्ते से जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि बच्चों को परेशानी और किसी संभावित हादसे से बचाया जा सके। सवाल बड़ा है—बारिश में जब बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए पानी से जूझ रहे हैं, तो जिम्मेदारों की नजर आखिर कब पड़ेगी?
- 🚨 एक बार इस रास्ते पर ध्यान दीजिए… 🚨 📍 श्री बालकृष्ण इण्टर कालेज, भरतकूप — चित्रकूट 🚨 जनहित में जरूरी ध्यानाकर्षण 🚨 यह रास्ता श्री बालकृष्ण इण्टर कालेज, भरतकूप की ओर जाता है। इस मार्ग से तीन सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी रोज़ आते-जाते हैं। ⚠️ इस रास्ते पर बहुत सारे वाहनों का आवागमन भी होता है। ऐसे में रास्ते की खराब स्थिति विद्यार्थियों, अभिभावकों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। 👦👧 बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। 🙏 माननीय जिलाधिकारी महोदय, चित्रकूट (DM Chitrakoot) से विनम्र अनुरोध है कि कृपया इस मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने की कृपा करें। 📍 भरतकूप, चित्रकूट यह केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि रोज़ाना विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। — Dr Vipul Shukla #DMChitrakoot #चित्रकूट #भरतकूप #जनहित #छात्रसुरक्षा1
- चित्रकूट पहाड़ी ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नोनार का रास्ता बना जलभराव का संकट प्राथमिक विद्यालय नोनार का रास्ता बना जलभराव का संकट चित्रकूट। पहाड़ी ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नोनार में बच्चों के स्कूल पहुंचने वाले रास्ते पर भारी जलभराव ने मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश के बाद रास्ते पर इतना पानी भर गया है कि नौनिहालों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते बच्चों के फिसलने, गिरने और कपड़े-किताबें खराब होने का खतरा बना हुआ है। सवाल यह है कि जब बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित नहीं है तो जिम्मेदार विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि विद्यालय के रास्ते से जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि बच्चों को परेशानी और किसी संभावित हादसे से बचाया जा सके। सवाल बड़ा है—बारिश में जब बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए पानी से जूझ रहे हैं, तो जिम्मेदारों की नजर आखिर कब पड़ेगी?1
- चित्रकूट जिले के पठारी क्षेत्र मानिकपुर के चमरौंहा गांव के पास बरदहा नदी में बना रपटा जिम्मेदारों की अनदेखी का शिकार.... बारिश में भारी बाढ़ के चलते आवागमन हो जाता है ठप्प... कई गांवों का टूट जाता है संपर्क...1
- ग्रामीण विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए भभौंर ग्राम में चौपाल हुआ आयोजन मुख्य अतिथि अर्चना नितिन उपाध्याय ने चौपाल में बैठकर सुनी जन समस्याएं और गांव में किया भ्रमण चित्रकूट । जिले के सदर ब्लॉक कर्वी की ग्राम पंचायत भंभौर में ग्रामीण विकास और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। हनुमान मंदिर के समीप आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों ने गांव की बुनियादी जरूरतों और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने पर जोर दिया गया। ग्राम चौपाल का आयोजन समाजसेवी सूरज यादव और हीरालाल यादव के प्रयास से किया गया। कार्यक्रम में जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी अर्चना नितिन उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके साथ ही ‘चलो गांव की ओर’ जागरूकता अभियान के संस्थापक अध्यक्ष संजय सिंह राणा ने भी चौपाल में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और गांव के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। गांव की समस्याओं को लेकर खुलकर हुई चर्चा ग्राम चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास करना रहा। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, जल निकासी, आवास, पेंशन, राशन, रोजगार, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण समस्याओं को सामने रखा। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बिजली कटौती एक प्रमुख समस्या है। अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसी तरह पेयजल संकट और खराब हैंडपंपों की समस्या भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। गांव की खराब सड़कों, नालियों और जलभराव का मुद्दा भी चौपाल में प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर परेशानी बढ़ जाती है। साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था और नालियों की बेहतर देखरेख की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। ग्राम चौपाल की मुख्य अतिथि अर्चना नितिन उपाध्याय ने केवल चौपाल में बैठकर समस्याएं सुनने तक सीमित न रहते हुए गांव में भ्रमण भी किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामभजन से गांव में कराए जा रहे विकास कार्यों और प्रस्तावित कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।2
- बारिश ने छीना गरीब का आशियाना: पलक झपकते भरभराकर गिरा कच्चा घर, बेघर हुआ परिवार मलबे में दबने से बाल-बाल बची जान, खाने-पीने का सामान और गृहस्थी तबाह; बरसात में खुले आसमान के नीचे परिवार, मदद की आस में टिकी निगाहें बारिश ने छीना गरीब का आशियाना: पलक झपकते भरभराकर गिरा कच्चा घर, बेघर हुआ परिवार मलबे में दबने से बाल-बाल बची जान, खाने-पीने का सामान और गृहस्थी तबाह; बरसात में खुले आसमान के नीचे परिवार, मदद की आस में टिकी निगाहें मानिकपुर, चित्रकूट। बारिश किसी के लिए मौसम की ठंडक लेकर आती है, तो किसी गरीब के लिए मुसीबत का पहाड़ बन जाती है। मानिकपुर नगर पंचायत के सुभाष नगर में वीरेंद्र कुशवाहा के परिवार पर भी बारिश कहर बनकर टूटी। बरसात के बीच उनका कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। घर गिरने की आवाज के साथ ही परिवार की वर्षों की मेहनत और गृहस्थी मलबे के ढेर में बदल गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के लोग मलबे की सीधी चपेट में नहीं आए और उनकी जान बच गई। कुछ पल के अंतर ने एक गरीब परिवार को मातम से बचा लिया। लेकिन हादसे के बाद उनकी जिंदगी में ऐसा सन्नाटा पसरा है, जिसका दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस घर में परिवार ने मेहनत की कमाई से एक-एक सामान जोड़कर गृहस्थी बसाई थी, वही घर अब ईंट-मिट्टी और टूटे सामान के ढेर में तब्दील हो चुका है। खाद्य सामग्री सहित लाखों रुपये का घरेलू सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। परिवार के पास न सिर छिपाने को छत बची और न ही सामान्य जिंदगी शुरू करने के लिए जरूरी सामान। बरसात के इस मौसम में बेघर हुआ परिवार अब खुले आसमान के नीचे रात काटने को मजबूर है। आसमान में बादल देखते ही परिवार की चिंता और बढ़ जाती है—कहीं फिर बारिश न शुरू हो जाए और बचा-खुचा सामान भी पूरी तरह बर्बाद न हो जाए। बच्चों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। वीरेंद्र कुशवाहा का परिवार अब सरकारी मदद की राह देख रहा है। पीड़ित परिवार की मांग है कि प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले और आर्थिक सहायता के साथ रहने के लिए सुरक्षित आशियाने की व्यवस्था करे, ताकि बरसात में परिवार को दर-दर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े। हादसा टला, मगर सवाल छोड़ गया यह घटना सिर्फ एक मकान गिरने की नहीं, बल्कि उस गरीब परिवार की बेबसी की कहानी है जिसने अपनी छोटी-सी दुनिया को अपनी आंखों के सामने उजड़ते देखा। हादसे में जान तो बच गई, लेकिन आशियाना, राशन और वर्षों की जमा गृहस्थी चली गई। अब पीड़ित परिवार की नजर प्रशासन पर है। देखना होगा कि सरकारी तंत्र की मदद की यह उम्मीद कब हकीकत में बदलती है और बारिश के बीच बेघर परिवार को कब राहत मिलती है।1
- नाग पंचमी के अवसर पर नाग दर्शन कर चर के मंदिर में परिक्रमा1
- मैहर। खेल मैदान की दुर्दशा पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष तो चुप है,जन प्रतिनिधि भी चुप है लेकिन कांग्रेस नगर अध्यक्ष ने कही बड़ी बात,सीएम आए तो धान का रोपा भी साथ लाए। सुनिए प्रभात द्विवेदी को...?1
- सोमनाथ मंदिर चर में दर्शन पूजा परिक्रमा किया इसके बाद संत1