आगरा पुलिस ने बसई जगनेर से जुड़े एक वायरल वीडियो पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत बसई जगनेर के थाना प्रभारी (SHO) का तबादला कर दिया गया है। पुलिस ने मार्च में दर्ज एक मुकदमे के इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसने क्षेत्र में खासी हलचल बढ़ा दी थी। पुलिस की यह कार्रवाई महिला सुरक्षा को लेकर उसकी सख्ती और सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का आदेश दिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी ACP प्रीता दुबे को सौंपी गई है। DCP पश्चिमी ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ही SHO का स्थानांतरण किया गया है, और वे जांच पूरी होने तक पद पर नहीं रहेंगे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगरा पुलिस महिला अपराधों के मामलों में पूरी तरह सतर्क है और इसे एक बड़ा प्रशासनिक कदम बताया जा रहा है।
आगरा पुलिस ने बसई जगनेर से जुड़े एक वायरल वीडियो पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत बसई जगनेर के थाना प्रभारी (SHO) का तबादला कर दिया गया है। पुलिस ने मार्च में दर्ज एक मुकदमे के इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसने क्षेत्र में खासी हलचल बढ़ा दी थी। पुलिस की यह कार्रवाई महिला सुरक्षा को लेकर उसकी सख्ती और सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का आदेश दिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी ACP प्रीता दुबे को सौंपी गई है। DCP पश्चिमी ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ही SHO का स्थानांतरण किया गया है, और वे जांच पूरी होने तक पद पर नहीं रहेंगे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगरा पुलिस महिला अपराधों के मामलों में पूरी तरह सतर्क है और इसे एक बड़ा प्रशासनिक कदम बताया जा रहा है।
- अटर के बजरिया क्षेत्र में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मोहर्रम की सभी रस्में अदा कीं। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील स्थानों सहित पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी, जिसके फलस्वरूप जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासन ने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील भी की।1
- मेहगांव निवासी श्री संतोष बघेल की रेत माफिया के डंपर की टक्कर से हुई दर्दनाक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना में एक परिवार ने अपना बेटा और अपना सहारा खो दिया। हालांकि, इससे भी अधिक पीड़ादायक बात यह सामने आई है कि जब शोकाकुल परिजन न्याय की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर चक्काजाम करने को मजबूर हुए, तब उनकी पीड़ा सुनने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने की खबर मिली। इस घटना ने एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या इस प्रदेश में पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के गरीब परिवारों की आवाज़ इतनी कमज़ोर हो गई है कि उन्हें न्याय मांगने पर भी लाठियां झेलनी पड़ें। इन बयानों के अनुसार, एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन का दायित्व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और उनकी संवेदनाओं को समझना होता है, न कि उनके आक्रोश को बलपूर्वक दबाना। हेमंत कटारे ने स्वर्गीय संतोष बघेल जी के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि न्याय की गुहार लगा रहे लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उनके अनुसार, न्याय मांगना अपराध नहीं है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही सच्ची संवेदना होगी।1
- शुक्रवार को फतेहाबाद कस्बे में मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और आपसी सौहार्द के साथ भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से आए ताजिए परिहार मोहल्ले में एकत्रित हुए, जहाँ से 'या हुसैन' की सदाओं और मातमी धुनों के बीच यह विशाल जुलूस करबला के लिए रवाना हुआ। जुलूस बाह रोड, गांधी चौक, सदर बाजार, अंबेडकर चौक, रोडवेज बस स्टैंड और अवंतीबाई चौक से होते हुए करबला पहुँचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अखाड़ों के युवाओं ने जुलूस में आगे-आगे लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं के हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग बैंड-बाजों और मातमी धुनों के साथ शामिल हुए। जुलूस के दौरान कस्बे में गंगा-जमुनी तहजीब की एक सुंदर मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न स्थानों पर हिंदू समाज के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का पुष्पवर्षा कर गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय, फल और अन्य खाद्य सामग्री का भी वितरण किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; एसीपी इमरान अहमद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र सहित भारी पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात था, और अधिकारियों ने स्वयं जुलूस के साथ चलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि रवि प्रकाश शल्या, पूर्व चेयरमैन शैलेश यादव, राजेश शर्मा, मुन्ना फारुकी, जफर खान मलिक सूफी खान, डॉ. जमीर बेग, जाकिर अहमद, इकरार खान, राशिद खान, दानिश खान, कासिम मलिक, राजू मंसूरी, शमसाद अली, नीरज चक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- जसवंतनगर में शुक्रवार को मुहर्रम की 10वीं तारीख (आशूरा) पर पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरी श्रद्धा, अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में निकाले गए। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले इन जुलूसों में इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों को याद किया गया, जहाँ पूरे मार्ग पर "या हुसैन" के नारे गूँजते रहे। इस अवसर पर दोनों समुदायों के लोगों ने आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का एक उत्कृष्ट संदेश दिया। मोहल्ला सराय खाम की फारुकी ताजिया कमेटी द्वारा लगभग 150 किलोग्राम वजनी और 7 फीट ऊंचा पीतल निर्मित ताजिया निकाला गया, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक साज-सज्जा से सुसज्जित इस ताजिए को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ईदगाह के पेश इमाम हाफिज शमीउद्दीन फारुकी ने बताया कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला में सत्य, न्याय, इंसानियत और धर्म की रक्षा के लिए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को त्याग, सब्र और इंसाफ की अमर मिसाल बताया, यह भी कहा कि मुहर्रम हमें अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने विभिन्न स्थानों पर ताजियों का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे मार्ग पर मुस्तैद रहा, जिससे सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए। देर रात सभी ताजियों को हजरत भोलनाथ शाह दरगाह के निकट स्थित कर्बला में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया गया।1
- फतेहाबाद कस्बे में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर परंपरागत श्रद्धा और आपसी सौहार्द के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। 'या हुसैन' की सदाओं और मातमी धुनों के बीच, कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से आए ताजिए परिहार मोहल्ला में एकत्रित हुए, जिसके बाद यह विशाल जुलूस करबला के लिए रवाना हुआ। यह जुलूस बाह रोड, गांधी चौक, सदर बाजार, अंबेडकर चौक, रोडवेज बस स्टैंड और अवंतीबाई चौक से होते हुए करबला पहुंचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस में अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जबकि बैंड-बाजों और मातमी धुनों के बीच बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। इस दौरान, कस्बे में गंगा-जमुनी तहजीब की सुंदर मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न स्थानों पर हिंदू समाज के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय, फल और अन्य खाद्य सामग्री का भी वितरण किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। एसीपी इमरान अहमद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र सहित भारी पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात था, और अधिकारियों ने स्वयं जुलूस के साथ चलकर सुरक्षा का जायजा लिया। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि रवि प्रकाश शल्या, पूर्व चेयरमैन शैलेश यादव, राजेश शर्मा, मुन्ना फारुकी, सूफी खान, डॉ. जमीर बेग, जाकिर अहमद, इकरार खान, राशिद खान, दानिश खान, कासिम मलिक, राजू मंसूरी, शमसाद अली, नीरज चक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।2
- शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे, समाज सेवियों ने भिंड शहर कोतवाली के सामने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन भरत चौधरी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह निर्मम हत्या भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।1
- आगरा पुलिस ने बसई जगनेर से जुड़े एक वायरल वीडियो पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत बसई जगनेर के थाना प्रभारी (SHO) का तबादला कर दिया गया है। पुलिस ने मार्च में दर्ज एक मुकदमे के इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसने क्षेत्र में खासी हलचल बढ़ा दी थी। पुलिस की यह कार्रवाई महिला सुरक्षा को लेकर उसकी सख्ती और सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का आदेश दिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी ACP प्रीता दुबे को सौंपी गई है। DCP पश्चिमी ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ही SHO का स्थानांतरण किया गया है, और वे जांच पूरी होने तक पद पर नहीं रहेंगे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगरा पुलिस महिला अपराधों के मामलों में पूरी तरह सतर्क है और इसे एक बड़ा प्रशासनिक कदम बताया जा रहा है।1
- पिनाहट में छेड़छाड़ और अश्लील वीडियो वायरल होने से पीड़ित एक किशोरी ने पिनाहट पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किशोरी ने न्याय न मिलने की स्थिति में आत्महत्या करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। पीड़िता के अनुसार, थाना पिनाहट क्षेत्र के कस्बे के एक मोहल्ले में एक युवक ने उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसके साथ छेड़छाड़ की थी। युवक उसे यह वीडियो दिखाकर जबरन अवैध संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। जब किशोरी ने इसका विरोध किया, तो युवक ने उसके अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर कुछ दबंगों ने पीड़ित किशोरी और उसके पिता के साथ मारपीट भी की। किशोरी का आरोप है कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। युवक उसे आए दिन परेशान कर रहा है, जिससे उसका घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित किशोरी ने अपने पिता के साथ पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।1