RMS धौलपुर को कक्षा 12वीं के उत्कृष्ट परिणामों पर चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी धौलपुर। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) धौलपुर को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 12वीं के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए प्रतिष्ठित चीफ ऑफ एयर स्टाफ (CAS) ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों के बीच विद्यालय के श्रेष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शन की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया। यह ट्रॉफी विद्यालय के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अमित शर्मा, वीएसएम ने कैडेट प्रतिनिधि के साथ नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों के वार्षिक प्रधानाचार्य सम्मेलन में प्राप्त की। सम्मेलन की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल विपुल शिंगल, एवीएसएम, एसएम, डीसीओएएस (आईएस एंड टी) ने की। सम्मेलन में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों, पूर्व छात्रों तथा सभी पांच राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह सम्मान RMS धौलपुर द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रभावी शैक्षणिक निगरानी तथा कैडेटों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण माना जा रहा है। विद्यालय ने उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों के साथ सैन्य मूल्यों—अनुशासन, नेतृत्व और चरित्र निर्माण—के बीच संतुलन बनाए रखने की परंपरा को कायम रखा है। नवंबर 2023 में प्रधानाचार्य का दायित्व संभालने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अमित शर्मा के नेतृत्व में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। साथ ही एनडीए चयन, खेलकूद, साहसिक गतिविधियों, सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों, कौशल शिक्षा और नेतृत्व विकास के क्षेत्रों में कैडेटों के लिए नए अवसर विकसित किए गए हैं। विद्यालय ने एनडीए चयन, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं तथा अंतर-आरएमएस गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मॉडल यूनाइटेड नेशंस और अंतर-आरएमएस पंचकोणीय बैठक में भी कैडेटों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। अनुभवात्मक एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर विकास, निशानेबाजी, बढ़ईगीरी, मृद्भांड निर्माण, कला, नाट्यकला, सामुदायिक सेवा और साहसिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न क्लब संचालित किए जा रहे हैं। खेल एवं शैक्षणिक आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ कैडेट कल्याण और आवासीय व्यवस्थाओं में भी लगातार सुधार किया गया है। CAS ट्रॉफी विद्यालय की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ी है। राष्ट्रीय स्तर की स्कूल रैंकिंग में भी RMS धौलपुर ने उल्लेखनीय स्थान प्राप्त कर अग्रणी सरकारी आवासीय शिक्षण संस्थान के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। विद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय कैडेटों, शिक्षकों, हाउस मास्टर्स, प्रशासनिक कर्मचारियों, अभिभावकों और विद्यालय से जुड़े सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। विद्यालय का आदर्श वाक्य ‘शीलं परम भूषणम्’ (चरित्र ही सर्वोच्च आभूषण है) इसके मूल उद्देश्यों को प्रतिबिंबित करता है। विद्यालय का लक्ष्य ऐसे युवा नेताओं का निर्माण करना है, जो शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट, शारीरिक रूप से सक्षम, अनुशासित और मूल्यपरक हों तथा राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।
RMS धौलपुर को कक्षा 12वीं के उत्कृष्ट परिणामों पर चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी धौलपुर। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) धौलपुर को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 12वीं के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए प्रतिष्ठित चीफ ऑफ एयर स्टाफ (CAS) ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों के बीच विद्यालय के श्रेष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शन की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया। यह ट्रॉफी विद्यालय के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अमित शर्मा, वीएसएम ने कैडेट प्रतिनिधि के साथ नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों के वार्षिक प्रधानाचार्य सम्मेलन में प्राप्त की। सम्मेलन की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल विपुल शिंगल, एवीएसएम, एसएम, डीसीओएएस (आईएस एंड टी) ने की। सम्मेलन में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों, पूर्व छात्रों तथा सभी पांच राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह सम्मान RMS धौलपुर द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रभावी शैक्षणिक निगरानी तथा कैडेटों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण माना जा रहा है। विद्यालय ने उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों के साथ सैन्य मूल्यों—अनुशासन, नेतृत्व और चरित्र निर्माण—के बीच संतुलन बनाए रखने की परंपरा को कायम रखा है। नवंबर 2023 में प्रधानाचार्य का दायित्व संभालने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अमित शर्मा के नेतृत्व में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। साथ ही एनडीए चयन, खेलकूद, साहसिक गतिविधियों, सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों, कौशल शिक्षा और नेतृत्व विकास के क्षेत्रों में कैडेटों
के लिए नए अवसर विकसित किए गए हैं। विद्यालय ने एनडीए चयन, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं तथा अंतर-आरएमएस गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मॉडल यूनाइटेड नेशंस और अंतर-आरएमएस पंचकोणीय बैठक में भी कैडेटों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। अनुभवात्मक एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर विकास, निशानेबाजी, बढ़ईगीरी, मृद्भांड निर्माण, कला, नाट्यकला, सामुदायिक सेवा और साहसिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न क्लब संचालित किए जा रहे हैं। खेल एवं शैक्षणिक आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ कैडेट कल्याण और आवासीय व्यवस्थाओं में भी लगातार सुधार किया गया है। CAS ट्रॉफी विद्यालय की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ी है। राष्ट्रीय स्तर की स्कूल रैंकिंग में भी RMS धौलपुर ने उल्लेखनीय स्थान प्राप्त कर अग्रणी सरकारी आवासीय शिक्षण संस्थान के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। विद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय कैडेटों, शिक्षकों, हाउस मास्टर्स, प्रशासनिक कर्मचारियों, अभिभावकों और विद्यालय से जुड़े सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। विद्यालय का आदर्श वाक्य ‘शीलं परम भूषणम्’ (चरित्र ही सर्वोच्च आभूषण है) इसके मूल उद्देश्यों को प्रतिबिंबित करता है। विद्यालय का लक्ष्य ऐसे युवा नेताओं का निर्माण करना है, जो शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट, शारीरिक रूप से सक्षम, अनुशासित और मूल्यपरक हों तथा राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।
- देवछठ मचकुंड मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट एसपी विकास सांगवान ने मेला स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात व पार्किंग व्यवस्थाओं का लिया जायजा धौलपुर। ऐतिहासिक एवं धार्मिक देवछठ मचकुंड मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर धौलपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाएं की हैं। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने मचकुंड मेला परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, वृताधिकारी धौलपुर प्रदीप नेहरा सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। एसपी ने मेला परिसर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मचकुंड सरोवर, पार्किंग स्थल, मेला कंट्रोल रूम और महिला पेट्रोलिंग यूनिट सहित विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी ने अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती एवं निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस मेले के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने पार्किंग स्थलों और यातायात प्रबंधन व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग, यातायात के सुचारू संचालन और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति नहीं बनने देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कंट्रोल रूम से रहेगी निगरानी एसपी ने मेला कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर वहां से की जा रही निगरानी एवं समन्वय व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने किसी भी सूचना पर त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने तथा विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी जोर मेले में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए तैनात महिला पेट्रोलिंग यूनिट की व्यवस्थाओं का भी एसपी ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं समन्वित तरीके से संचालित की जाएं।3
- धौलपुर में दशलक्षण महापर्व का हुआ शुभारंभ 16 सितंबर से शुरू हुए व्रत एवं धार्मिक आयोजन, मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को श्रद्धा एवं धार्मिक वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर व्रत एवं संयम का संकल्प लिया। महापर्व के शुभारंभ के साथ ही 16 सितंबर से व्रत प्रारंभ हो गए हैं। दस दिनों तक जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग एवं आत्मचिंतन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को सुबह 6 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी जी चैत्यालय में श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह 6:45 बजे मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ प्रभु जी का स्वर्ण कलशों द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया। इस दौरान महापात्र का चयन बोली के माध्यम से किया गया। इसके बाद सुबह 7:15 बजे श्रीजी की शांतिधारा एवं आरती हुई तथा 7:30 बजे से पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। सुबह 9:30 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा। दिनभर चले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन महापर्व के प्रथम दिन दोपहर 2:30 बजे धार्मिक क्लास आयोजित की गई। शाम को 7 बजे श्रीजी की संगीतमय आरती हुई। इसके बाद 7:30 बजे शास्त्र वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं रात्रि 8 बजे धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर होगा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य जैसे दस उत्तम धर्मों पर विशेष रूप से चिंतन किया जाएगा। जैन धर्म में इस पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मनिरीक्षण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। उत्तम क्षमा के माध्यम से क्रोध और वैरभाव छोड़ने, उत्तम मार्दव से अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने, उत्तम आर्जव से मन-वचन-कर्म में सरलता रखने तथा उत्तम शौच से आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तम सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्यक्ति को सत्यनिष्ठा, आत्मअनुशासन, त्याग, मोह-ममता से विरक्ति तथा पवित्र जीवन की ओर प्रेरित किया जाता है। मंदिर में पूजन सामग्री की व्यवस्था मंदिर कमेटी के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए धुली पूजन द्रव्य की व्यवस्था मंदिर परिसर में की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर से की गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा, संयम एवं आत्मचिंतन के साथ मनाएं। निवेदक — 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर 🙏 जय जिनेन्द्र 🙏 धौलपुर में दशलक्षण महापर्व का हुआ शुभारंभ 16 सितंबर से शुरू हुए व्रत एवं धार्मिक आयोजन, मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को श्रद्धा एवं धार्मिक वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर व्रत एवं संयम का संकल्प लिया। महापर्व के शुभारंभ के साथ ही 16 सितंबर से व्रत प्रारंभ हो गए हैं। दस दिनों तक जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग एवं आत्मचिंतन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को सुबह 6 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी जी चैत्यालय में श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह 6:45 बजे मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ प्रभु जी का स्वर्ण कलशों द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया। इस दौरान महापात्र का चयन बोली के माध्यम से किया गया। इसके बाद सुबह 7:15 बजे श्रीजी की शांतिधारा एवं आरती हुई तथा 7:30 बजे से पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। सुबह 9:30 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा। दिनभर चले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन महापर्व के प्रथम दिन दोपहर 2:30 बजे धार्मिक क्लास आयोजित की गई। शाम को 7 बजे श्रीजी की संगीतमय आरती हुई। इसके बाद 7:30 बजे शास्त्र वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं रात्रि 8 बजे धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर होगा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य जैसे दस उत्तम धर्मों पर विशेष रूप से चिंतन किया जाएगा। जैन धर्म में इस पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मनिरीक्षण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। उत्तम क्षमा के माध्यम से क्रोध और वैरभाव छोड़ने, उत्तम मार्दव से अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने, उत्तम आर्जव से मन-वचन-कर्म में सरलता रखने तथा उत्तम शौच से आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तम सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्यक्ति को सत्यनिष्ठा, आत्मअनुशासन, त्याग, मोह-ममता से विरक्ति तथा पवित्र जीवन की ओर प्रेरित किया जाता है। मंदिर में पूजन सामग्री की व्यवस्था मंदिर कमेटी के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए धुली पूजन द्रव्य की व्यवस्था मंदिर परिसर में की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर से की गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा, संयम एवं आत्मचिंतन के साथ मनाएं।4
- धौलपुर में दशलक्षण महापर्व का हुआ शुभारंभ 16 सितंबर से शुरू हुए व्रत एवं धार्मिक आयोजन, मंदिरों में हुई विशेष पूजा-अर्चना धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार, 16 सितंबर 2026 को श्रद्धा एवं धार्मिक वातावरण के बीच शुभारंभ हुआ। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महापर्व के पहले दिन श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर व्रत एवं संयम का संकल्प लिया। महापर्व के शुभारंभ के साथ ही 16 सितंबर से व्रत प्रारंभ हो गए हैं। दस दिनों तक जैन समाज में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग एवं आत्मचिंतन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह से शुरू हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला महापर्व के प्रथम दिन बुधवार को सुबह 6 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी जी चैत्यालय में श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह 6:45 बजे मूलनायक 1008 श्री आदिनाथ प्रभु जी का स्वर्ण कलशों द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया। इस दौरान महापात्र का चयन बोली के माध्यम से किया गया। इसके बाद सुबह 7:15 बजे श्रीजी की शांतिधारा एवं आरती हुई तथा 7:30 बजे से पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। सुबह 9:30 बजे तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा। दिनभर चले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन महापर्व के प्रथम दिन दोपहर 2:30 बजे धार्मिक क्लास आयोजित की गई। शाम को 7 बजे श्रीजी की संगीतमय आरती हुई। इसके बाद 7:30 बजे शास्त्र वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं रात्रि 8 बजे धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर होगा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य जैसे दस उत्तम धर्मों पर विशेष रूप से चिंतन किया जाएगा। जैन धर्म में इस पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मनिरीक्षण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। उत्तम क्षमा के माध्यम से क्रोध और वैरभाव छोड़ने, उत्तम मार्दव से अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने, उत्तम आर्जव से मन-वचन-कर्म में सरलता रखने तथा उत्तम शौच से आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया जाता है। इसी प्रकार उत्तम सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्यक्ति को सत्यनिष्ठा, आत्मअनुशासन, त्याग, मोह-ममता से विरक्ति तथा पवित्र जीवन की ओर प्रेरित किया जाता है। मंदिर में पूजन सामग्री की व्यवस्था मंदिर कमेटी के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए धुली पूजन द्रव्य की व्यवस्था मंदिर परिसर में की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर से की गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा, संयम एवं आत्मचिंतन के साथ मनाएं।4
- बाड़ी तुलसीवन में भरा देवछठ पर मेला, पूर्वजों को भोग लगाने दूर-दूर से आए लोग, पूर्वजों बाड़ी तुलसीवन में भरा देवछठ पर मेला, पूर्वजों को भोग लगाने दूर-दूर से आए लोग, पूर्वजों की स्मृति में बने हैं सैकड़ो चबूतरे तुलसीवन परिसर में, हर वर्ष होता है देव छठ पर मेले का आयोजन, तुलसीवन में मुरली मनोहर के दर्शन करने भी पहुंचे श्रद्धालु, चबूतरो पर विप्रो को कराया भोजन,अपने पूर्वजों को किया याद, बामणी नदी में ग्रामीण परिवारों द्वारा किया गया मोहरी एवं कलंगी का विसर्जन1
- कुल्हाौली मोड़ पर किराना दुकानदार और पड़ोसियों पर जानलेवा हमला, शराब-रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कुल्हाौली मोड़ पीपल वाली चौकी के पास किराना दुकान चलाने वाले भीकम रजक और उनके पड़ोसियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गाली-गलौज का विरोध करने पर शुरू हुआ विवाद फरियादी भीकम रजक ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 14 सितंबर 2026 की रात करीब 9:00 बजे जब वह अपनी पत्नी के साथ दुकान पर थे, तब पड़ोस में मनीष रावत और उसका दोस्त विजय बघेल शराब के नशे में गाली-गलौज और अश्लील बातें कर रहे थे। मना करने पर दोनों आरोपी अभद्रता पर उतारू हो गए। उस समय अन्य दुकानदारों के आ जाने से आरोपी वहां से चले गए थे। हथियारों और बेल्ट से किया हमला, रंगदारी की मांग अगले दिन 15 सितंबर को दोपहर करीब 2:00 बजे आरोपी मनीष रावत, अजय रावत, विजय बघेल, सोनू रावत, पारस जाटव, पवन जाटव और 2 अन्य साथी चार मोटरसाइकिलों से आए। आरोपियों ने एकराय होकर पीड़िता के साथ गाली-गलौज की और शराब के लिए 5,000 रुपये की मांग की। पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने लात-घूंसों और बेल्ट से मारपीट शुरू कर दी। अजय रावत ने बेल्ट से फरियादी के सिर पर वार कर दिया, जिससे सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर पड़े। बचाने आए पड़ोसियों से भी मारपीट फरियादी को बचाने आए पड़ोसी दुकानदार नीतेश श्रीवास और मांगीलाल धाकड़ के साथ भी आरोपियों ने लात-घूंसों और बेल्ट से जमकर मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। तीन आरोपी मौके पर दबोचे गए घटनास्थल पर पत्नी और अन्य राहगीरों के इकट्ठा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भागने लगे। भागने के दौरान ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तीन आरोपियों—विजय बघेल, मनीष रावत और अजय रावत—को मौके पर ही पकड़ लिया गया। भागते समय गिरने से आरोपियों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- रोडवेज एटक की नई कार्यकारिणी गठित, ध्यान सिंह लांगी बने अध्यक्ष 22 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, कर्मचारियों के हितों को लेकर संगठन को मजबूत करने पर जोर धौलपुर। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन ‘एटक’ शाखा धौलपुर आगार की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठन की ओर से जारी कार्यकारिणी सूची के अनुसार ध्यान सिंह लांगी को अध्यक्ष, प्रदीप गुप्ता एवं राजरूप सिंह लांगी को कार्यकारी अध्यक्ष तथा विजय सिंह को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा ताराचंद अग्रवाल को वित्त सचिव बनाया गया है। संयुक्त सचिव के पद पर गणेश कुमार पाल, हेमेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार, जितेन्द्र चौधरी और विनीत कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकारिणी में धीरबल सिंह, दिनेश त्यागी, राघवेन्द्र सिंह और सुरेश चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं बालेराम चौधरी एवं अच्युत सिंह परमार को सलाहकार की जिम्मेदारी मिली है। मीडिया/प्रचार सचिव के पद पर धीरेन्द्र कुमार, संगठन सचिव के पद पर श्याम सुंदर, मुकेश यादव, श्याम सुंदर त्यागी एवं प्रताप सिंह, जबकि संजय त्यागी को संयुक्त वित्त सचिव बनाया गया है।4
- राजाखेड़ा धौलपुर राजाखेड़ा में धौलपुर बाईपास पर बाइक का संतुलन बिगड़ने से अंबरपुर के तीन युवक गंभीर रूप से घायल, घायलों का राजाखेड़ा शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय में चल रहा है इलाज गांव से राजाखेड़ा सामान लेने आ रहे थे तीनों नाबालिग/युवक, एक ही बाइक पर थे सवार, घायलों की पहचान मोनू (16), छोटू (17) और सुनील (18) के रूप में हुई हादसा आज दोपहर 1 बजे राजाखेड़ा मार्ग पर हुआ जब बाइक का संतुलन बिगड़ने से तीन बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। युवक अपने गांव से राजाखेड़ा सामान लेने आ रहे थे। घायलों की पहचान 1.मोनू पुत्र अतर सिंह, उम्र 16 वर्ष 2.छोटू पुत्र श्रीकृष्ण, उम्र 17 वर्ष 3.सुनील पुत्र मानसिंह, उम्र 18 वर्ष तीनों निवासी - अंबरपुर, राजाखेड़ा तीनों को स्थानीय लोगों ने तुरंत राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है, सिर में चोट ज्यादा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों एक ही बाइक पर तेज रफ्तार में थे, जिससे बाइक अनियंत्रित हो गई। राजाखेड़ा धौलपुर राजाखेड़ा में धौलपुर बाईपास पर बाइक का संतुलन बिगड़ने से अंबरपुर के तीन युवक गंभीर रूप से घायल, घायलों का राजाखेड़ा शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय में चल रहा है इलाज गांव से राजाखेड़ा सामान लेने आ रहे थे तीनों नाबालिग/युवक, एक ही बाइक पर थे सवार, घायलों की पहचान मोनू (16), छोटू (17) और सुनील (18) के रूप में हुई हादसा आज दोपहर 1 बजे राजाखेड़ा मार्ग पर हुआ जब बाइक का संतुलन बिगड़ने से तीन बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। युवक अपने गांव से राजाखेड़ा सामान लेने आ रहे थे। घायलों की पहचान 1.मोनू पुत्र अतर सिंह, उम्र 16 वर्ष 2.छोटू पुत्र श्रीकृष्ण, उम्र 17 वर्ष 3.सुनील पुत्र मानसिंह, उम्र 18 वर्ष तीनों निवासी - अंबरपुर, राजाखेड़ा तीनों को स्थानीय लोगों ने तुरंत राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है, सिर में चोट ज्यादा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों एक ही बाइक पर तेज रफ्तार में थे, जिससे बाइक अनियंत्रित हो गई।1
- देव छठ मेले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाया जागरूकता अभियान परिवहन विभाग ने बांटे पेंपलेट, वाहनों पर लगाए जागरूकता स्टीकर धौलपुर। जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से ऐतिहासिक देव छठ मेले में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। विभागीय टीम ने मेले में आने वाले वाहन चालकों और आमजन को यातायात नियमों की पालना के लिए जागरूक किया। इस दौरान पेंपलेट वितरित करने के साथ वाहनों पर सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता स्टीकर लगाए गए। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। वाहन चालकों से हेलमेट, सीट बेल्ट का उपयोग करने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने वाहन चालकों से तेज गति व लापरवाही से वाहन नहीं चलाने, पैदल यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। साथ ही निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करने, क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठाने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी गई। घायलों की मदद कर निभाएं गुड सेमेरिटन की भूमिका अभियान के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया गया। विभागीय टीम ने बताया कि दुर्घटना के बाद समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से घायल की जान बचाने में मदद मिल सकती है। आमजन से घायलों को नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाने में सहयोग कर गुड सेमेरिटन की भूमिका निभाने की अपील की गई। अभियान के माध्यम से सुरक्षित वाहन संचालन और यातायात नियमों की पालना का संदेश दिया गया।4