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मथुरा सहित पाँच शहरों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि लखनऊ में बादल छाए रहे। आगरा में आई आंधी के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे कई कारें पिचक गईं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में मानसून दस्तक दे सकता है।
Jitendra bahadur Dubey
मथुरा सहित पाँच शहरों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि लखनऊ में बादल छाए रहे। आगरा में आई आंधी के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे कई कारें पिचक गईं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में मानसून दस्तक दे सकता है।
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- मथुरा सहित पाँच शहरों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि लखनऊ में बादल छाए रहे। आगरा में आई आंधी के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे कई कारें पिचक गईं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में मानसून दस्तक दे सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के संभल में 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी संदीप को खोजी कुत्ते मैरी ने मात्र 5 मिनट में ढूंढ निकाला। घटना एक खेत में हुई थी, जहाँ एक गमछा पड़ा मिला। मैरी ने उस गमछे को सूंघकर 200 मीटर दूर स्थित संदीप के घर तक का पता लगाया। इस सराहनीय कार्य के लिए एसपी कृष्ण बिश्नोई ने मैरी को ₹10,000 का इनाम दिया है।1
- काशी मेडिकेयर हॉस्पिटल के निदेशक, वरिष्ठ फिजिशियन और प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित 'एमिनेंट डॉक्टर पर्सनैलिटी अवार्ड' से सम्मानित किया जाएगा। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि डॉ. श्रीवास्तव देश के पहले ऐसे फिजिशियन बनने जा रहे हैं, जिन्हें IMA मुख्यालय से तीनों राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होंगे। यह भव्य सम्मान समारोह 18 जुलाई को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती, जिसे 'डॉक्टर्स डे' के रूप में मनाया जाता है, के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि डॉ. मनोज श्रीवास्तव को इससे पूर्व वर्ष 2022 में IMA मुख्यालय द्वारा 'मानद प्रोफेसरशिप अवार्ड' और 2024 में 'नेशनल एकेडमी एक्सीलेंस अवार्ड' से नवाजा जा चुका है। IMA के अनुसार, देश में यह पहली बार है कि किसी फिजिशियन को ये तीनों प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहे हैं। इन सम्मानों के अतिरिक्त, डॉ. श्रीवास्तव ओलंपिक एवं एशियन गेम्स के आधिकारिक चिकित्सक भी रह चुके हैं। उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर पूरे चिकित्सा जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर, IMA वाराणसी के सचिव डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन, पूर्व अध्यक्ष डॉ. पी.के. तिवारी, डॉ. ओ.पी. तिवारी और डॉ. भानु शंकर पांडेय ने बधाई दी है। इसके साथ ही, API वाराणसी के संस्थापक अध्यक्ष एवं BHU चिकित्सा विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. वी.पी. सिंह, पद्मश्री प्रो. श्याम सुंदर, पद्मश्री प्रो. कमलाकर त्रिपाठी, प्रो. सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रो. एल.पी. मीना, प्रो. दीपक गौतम, प्रो. धीरज किशोर, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक कुमार सिंह, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. मोनिका गुप्ता ने भी शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार सदस्य डॉ. शिप्रा धर, प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा, पंकज सिंह, विवेक सूद, डॉ. शालिनी टंडन, डॉ. रितु गर्ग, डॉ. नीति सिंह, डॉ. अतुल सिंह, वरिष्ठ फार्मासिस्ट संपूर्णानंद पांडेय एवं डॉ. विनीता श्रीवास्तव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी डॉ. मनोज को इस विशिष्ट सम्मान के लिए बधाई दी है।1
- काशी मेडिकेयर हॉस्पिटल के निदेशक, वरिष्ठ फिजिशियन और प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित 'एमिनेंट डॉक्टर पर्सनैलिटी अवार्ड' से सम्मानित किया जाएगा। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि डॉ. श्रीवास्तव देश के पहले ऐसे फिजिशियन बनने जा रहे हैं, जिन्हें IMA मुख्यालय से तीनों राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होंगे। यह भव्य सम्मान समारोह डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती, जिसे 'डॉक्टर्स डे' के रूप में मनाया जाता है, के उपलक्ष्य में 18 जुलाई को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि डॉ. मनोज श्रीवास्तव को इससे पूर्व वर्ष 2022 में IMA मुख्यालय द्वारा 'मानद प्रोफेसरशिप अवार्ड' और 2024 में 'नेशनल एकेडमी एक्सीलेंस अवार्ड' से नवाजा जा चुका है। IMA के अनुसार, देश में यह पहली बार है कि किसी फिजिशियन को ये तीनों प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहे हैं। इन सम्मानों के अतिरिक्त, डॉ. श्रीवास्तव ओलंपिक एवं एशियन गेम्स के आधिकारिक चिकित्सक भी रह चुके हैं। उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर पूरे चिकित्सा जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर, IMA वाराणसी के सचिव डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन, पूर्व अध्यक्ष डॉ. पी.के. तिवारी, डॉ. ओ.पी. तिवारी और डॉ. भानु शंकर पांडेय ने बधाई दी है। इसके साथ ही, API वाराणसी के संस्थापक अध्यक्ष एवं BHU चिकित्सा विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. वी.पी. सिंह, पद्मश्री प्रो. श्याम सुंदर, पद्मश्री प्रो. कमलाकर त्रिपाठी, प्रो. सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रो. एल.पी. मीना, प्रो. दीपक गौतम, प्रो. धीरज किशोर, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक कुमार सिंह, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. मोनिका गुप्ता ने भी शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार सदस्य डॉ. शिप्रा धर, प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा, पंकज सिंह, विवेक सूद, डॉ. शालिनी टंडन, डॉ. रितु गर्ग, डॉ. नीति सिंह, डॉ. अतुल सिंह, वरिष्ठ फार्मासिस्ट संपूर्णानंद पांडेय एवं डॉ. विनीता श्रीवास्तव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी डॉ. मनोज को इस विशिष्ट सम्मान के लिए बधाई दी है।1
- जौनपुर में 24 जून को, भारत की वीरांगनाओं में अग्रणी, अदम्य साहस, त्याग और स्वाभिमान की प्रतीक महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन द्वारा उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रप्रेम को स्मरण करते हुए कहा गया कि रानी दुर्गावती का जीवन आज भी देश की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। संगठन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस दौरान बताया कि रानी दुर्गावती ने अपने राज्य, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुगल आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने पराधीनता स्वीकार करने के बजाय मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और इतिहास में अमर हो गईं। पाण्डेय ने यह भी कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान हमें अन्याय, अत्याचार और दमन के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है तथा उनका जीवन संदेश देता है कि साहस, आत्मसम्मान और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने रानी दुर्गावती को 'वीरता की अमर गाथा, नारी शक्ति का गौरव और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान' बताते हुए उनके बलिदान दिवस पर शत-शत नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने भी उन्हें शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर प्रतीक बताया।1
- वाराणसी में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मंगलवार को काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। इस अभियान में विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अवैध रूप से कब्जा किए गए कमरों को खाली कराया गया। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और चीफ वार्डेन की मांग पर की गई थी। कार्रवाई के दौरान, लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के 10 कमरों और नरेंद्र देव छात्रावास के 39 कमरों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। कुल मिलाकर, 49 कमरों को कब्जामुक्त कराने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन पर ताले लगवा दिए। इस अभियान में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति अराजकता फैलाने, लगाए गए तालों से छेड़छाड़ करने, या दोबारा अवैध कब्जा करने का प्रयास करेगा, तो विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें नियमित छात्रों और छात्र नेताओं ने भी प्रशासन का सहयोग किया।1
- जौनपुर से आए श्रद्धालुओं ने नकटश्वरी भवानी मंदिर पहुंचकर पूजा-पाठ की।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज ज़िले में शराब के नशे में धुत एक युवक बिजली के 11 हज़ार वोल्ट के तार पर लेटा दिखा, यह कहकर कि उसे आराम करने का मन हुआ था। इस हैरान करने वाली घटना से बिजली विभाग और पुलिस विभाग में तत्काल हड़कंप मच गया। युवक को बिजली के खंभे पर चढ़कर तार पर आराम फरमाते देख, बिजली विभाग ने तुरंत आपूर्ति बंद करवाई। इसके बाद, पुलिस की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद उस युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।1