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प्रयागराज के कौंधियारा में पुलिस और नारकोटिक्स की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जब्त किए गए गांजे का अपष्टिकरण किया है। इस कार्रवाई के दौरान कौंधियारा पुलिस द्वारा पूर्व में जब्त किए गए 1 कुंतल 44 किलोग्राम नशीले पदार्थ गांजे की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹72,31,500 बताई गई है।
Umesh chandra patrkar
प्रयागराज के कौंधियारा में पुलिस और नारकोटिक्स की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जब्त किए गए गांजे का अपष्टिकरण किया है। इस कार्रवाई के दौरान कौंधियारा पुलिस द्वारा पूर्व में जब्त किए गए 1 कुंतल 44 किलोग्राम नशीले पदार्थ गांजे की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹72,31,500 बताई गई है।
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- प्रयागराज के कौंधियारा में पुलिस और नारकोटिक्स की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जब्त किए गए गांजे का अपष्टिकरण किया है। इस कार्रवाई के दौरान कौंधियारा पुलिस द्वारा पूर्व में जब्त किए गए 1 कुंतल 44 किलोग्राम नशीले पदार्थ गांजे की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹72,31,500 बताई गई है।1
- पेपर लीक के मुद्दे पर PM मोदी ने एक नया वीडियो संदेश जारी किया है। अपने इस वीडियो संदेश में उन्होंने एलान किया है कि इस समस्या से निपटने के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर के पिताम्बरा लाइफ लाइन अस्पताल में शनिवार को पेट दर्द के इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान सीटकी गांव निवासी 35 वर्षीय सुशीला भारतीय के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, पेट में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी जान चली गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। उग्र लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची मेजा पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।1
- प्रयागराज के बारा क्षेत्र स्थित रामगढ़ मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से वन विहार सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से लोगों के बीच सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित बिजौरा ग्राम सभा में शनिवार को समाजसेवी सुनील कुमार निषाद के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी के प्रति जागरूक किया गया। इस आयोजन में लगभग 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं के सशक्त होने को परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला बताया और उनसे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने व सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर गांव की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी आवाज उठी। महिलाओं और ग्रामीणों ने एनटीपीसी के बगल से आवागमन के लिए रास्ता उपलब्ध कराने तथा साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने की मांग रखी। कार्यक्रम के दौरान सिरसा चौकी प्रभारी प्रभाकर शुक्ला पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। आयोजक सुनील कुमार निषाद ने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी समाज सही मायनों में आगे बढ़ेगा। उन्होंने हर गांव की महिलाओं को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही। इस मौके पर राजेश कुमार, अरविंद कुमार, कैलाश चंद्र, देवी शैल कुमारी, सीमा देवी, बिट्टन देवी, रामकली सहित निषाद परिवार के सदस्य, गणमान्य नागरिक और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित रामनगर के पिताम्बरा अस्पताल में एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान सीटकी गाँव निवासी सुशीला भारतीय के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ एकत्र हो गई और उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण सुशीला भारतीय की जान गई। परिजनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह खबर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, तथा अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर का पक्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।1