मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे 'सुशासन तिहार 2026' अभियान के तहत सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। अमराई की शीतल छांव में आयोजित यह शिविर ग्रामीणों के लिए शासन-प्रशासन से सीधे संवाद करने और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं, मांगें और सुझाव रखे, वहीं अधिकारियों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। 'सुशासन तिहार' का मुख्य उद्देश्य आमजन तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से समाधान उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे 'सुशासन तिहार 2026' अभियान के तहत सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। अमराई की शीतल छांव में आयोजित यह शिविर ग्रामीणों के लिए शासन-प्रशासन से सीधे संवाद करने और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं, मांगें और सुझाव रखे, वहीं अधिकारियों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। 'सुशासन तिहार' का मुख्य उद्देश्य आमजन तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से समाधान उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
- अंबिकापुर स्थित सुषमा ऑटोमोबाइल वाहनों की खरीद, उनकी सर्विसिंग और ग्राहक सेवा के क्षेत्र में अपनी समर्पित टीम के साथ लगातार लोगों का विश्वास जीत रहा है। यह प्रतिष्ठान अपनी बेहतर सुविधाओं, पारदर्शी व्यवहार और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए विशेष पहचान बना चुका है। ग्राहकों की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, सुषमा ऑटोमोबाइल ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और भरोसेमंद कार्यशैली के दम पर अपनी पहचान स्थापित की है, जो इसे उम्मीदों का भरोसेमंद साथी और विश्वास, गुणवत्ता तथा बेहतरीन सेवा का पर्याय बनाती है।1
- चिरमिरी में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की घोर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी नमक पर आवारा कुत्ते मुँह मार रहे हैं, जिससे गरीबों के हक और उनके लिए निर्धारित सरकारी नमक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना सीधे तौर पर एसडीएम की अनदेखी और लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है, जिसके कारण गरीबों के अधिकार के नमक पर आवारा कुत्ते अपना कब्ज़ा जमा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ में कलेक्टर कार्यालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए भर्ती की घोषणा की गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत आवासीय अधीक्षक, कार्यालय सहायक और चौकीदार जैसे विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 8वीं पास, 12वीं पास या कॉलेज पास होना चाहिए।1
- सुशासन तिहार में सम्मिलित होने के लिए बस्तर के दो दिवसीय प्रवास पर एक अधिकारी या प्रतिनिधि जा रहे हैं। इस प्रवास के प्रथम दिवस, कोंडागांव, नारायणपुर और सुकमा का दौरा किया जाएगा। रात्रि विश्राम सुकमा में ही रहेगा, और यहीं तीनों जिलों की समीक्षा बैठक भी ली जाएगी। कल दूसरे दिन, वे कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा के दौरे पर रहेंगे।1
- मध्य प्रदेश के कोतमा में स्थानीय प्रशासन ने सोमवार को आम जनता की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अतिक्रमण और खुले में अवैध रूप से मांस बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नगर पालिका कोतमा की टीम ने जेसीबी मशीनों के साथ मुख्य मार्ग पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने खुले में मांस बेचने वालों को अंतिम चेतावनी भी जारी की है।4
- अयोध्या में आयोजित होने वाले श्री राम मारुति महायज्ञ में भाग लेने के लिए जावरा से 150 श्रद्धालुओं का एक समूह रवाना हुआ है। इस आयोजन को लेकर भक्तों में उत्साह है और इस यात्रा को एक बड़ी धार्मिक यात्रा के रूप में देखा जा रहा है।1
- सरगुजा के उदयपुर में कटकोना से सिरकोतांगा होते हुए रजपुरी कला तक सड़क निर्माण की मांग अब जोर पकड़ रही है। प्रशासन को दिए गए 10 दिनों के अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री रणविजय सिंह देव के नेतृत्व में 3 जून, बुधवार को दोपहर 2:00 बजे से सिंगीटाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर 'चक्का जाम' किया जाएगा। यह पूरा मामला ग्रामीणों द्वारा 20 मई 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रा.नि. मंडल उदयपुर को सौंपे गए ज्ञापन से जुड़ा है। इस ज्ञापन में कटकोना से रजपुरी कला तक सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिनों के भीतर निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी 1 जून तक न तो SECL और न ही किसी संबंधित विभाग ने सड़क निर्माण को लेकर कोई सकारात्मक पहल की है, जिससे सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे गया है। आगामी 3 जून के आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। आंदोलन की रणनीति के तहत, दोपहर 2:00 बजे से सिंगीटाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमेरा खदान में चल रहे कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा और हाईवे पर चक्का जाम करके विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री रणविजय सिंह देव स्वयं उपस्थित होकर ग्रामीणों का नेतृत्व करेंगे। इस बड़े आंदोलन के ऐलान से प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है।2
- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे 'सुशासन तिहार 2026' अभियान के तहत सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। अमराई की शीतल छांव में आयोजित यह शिविर ग्रामीणों के लिए शासन-प्रशासन से सीधे संवाद करने और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं, मांगें और सुझाव रखे, वहीं अधिकारियों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। 'सुशासन तिहार' का मुख्य उद्देश्य आमजन तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से समाधान उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1