श्रावण के अंतिम सोमवार पर दक्ष प्रजापति समाज ने निकाली भव्य कांवड़-कलश यात्रा मां पार्वती नदी से गंगाजल लेकर नंगे पैर पहुंचे धूमेश्वर धाम, भगवान शिव का किया जलाभिषेक भितरवार। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना को लेकर समूचे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का वातावरण बना हुआ है। कहीं शिव भक्त कांवड़ यात्राएं निकाल रहे हैं तो कहीं भंडारे और कई जगह तमाम तरह के धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर भितरवार के दक्ष प्रजापति समाज द्वारा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना को लेकर भव्य कांवड़-कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा सोमवार की सुबह करीब 11:00 बजे मां पार्वती नदी के दियादाह घाट से शुरू होकर करीब 16 से 17 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हुए भगवान श्री धूमेश्वर महादेव धाम पहुंची। कांवड़ यात्रा में दक्ष प्रजापति समाज की सैकड़ों महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार पवित्र गंगाजल लेकर नंगे पैर धूमेश्वर धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा शुरू होने से पहले दियादाह घाट पर मां पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किया, जबकि पुरुष और बच्चे कंधों पर कांवड़ लेकर पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष तथा डीजे पर बज रहे भगवान भोलेनाथ के भजनों पर नाचते-झूमते श्रद्धालु धूमेश्वर धाम की ओर बढ़ते रहे। रास्ते में जगह-जगह नगरवासियों द्वारा कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। भक्ति और आस्था से सराबोर इस यात्रा ने पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना दिया। धूमेश्वर धाम पहुंचने पर मंदिर के महंत महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज के सानिध्य में भगवान भूत-भूतेश्वर श्री धूमेश्वर महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। इसी दौरान प्रजापति समाज के अलावा क्षेत्र के कई युवा भी सुबह से अपनी-अपनी टोलियों के साथ पार्वती नदी से गंगाजल लेकर रवाना हुए। कुछ श्रद्धालु धूमेश्वर धाम पहुंचे तो कुछ भगवान गोलेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। सभी शिव भक्तों ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर निकली कांवड़ यात्रा ने भितरवार क्षेत्र में शिवभक्ति और धार्मिक आस्था की अनुपम छटा बिखेर दी। तो वहीं आखिरी सोमवार होने के चलते शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालु भक्तों की भीड़ देखने को मिली खासकर भूरेश्वर धाम पर हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की।
श्रावण के अंतिम सोमवार पर दक्ष प्रजापति समाज ने निकाली भव्य कांवड़-कलश यात्रा मां पार्वती नदी से गंगाजल लेकर नंगे पैर पहुंचे धूमेश्वर धाम, भगवान शिव का किया जलाभिषेक भितरवार। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना को लेकर समूचे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का वातावरण बना हुआ है। कहीं शिव भक्त कांवड़ यात्राएं निकाल रहे हैं तो कहीं भंडारे और कई जगह तमाम तरह के धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर भितरवार के दक्ष प्रजापति समाज द्वारा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना को लेकर भव्य कांवड़-कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा सोमवार की सुबह करीब 11:00 बजे मां पार्वती नदी के दियादाह घाट से शुरू होकर करीब 16 से 17 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हुए भगवान श्री धूमेश्वर महादेव धाम पहुंची। कांवड़ यात्रा में दक्ष प्रजापति समाज की सैकड़ों महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार पवित्र गंगाजल लेकर नंगे पैर धूमेश्वर धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा शुरू होने से पहले दियादाह घाट पर मां पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किया, जबकि पुरुष और बच्चे कंधों पर कांवड़ लेकर पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष तथा डीजे पर बज रहे भगवान भोलेनाथ के भजनों पर नाचते-झूमते श्रद्धालु धूमेश्वर धाम की ओर बढ़ते रहे। रास्ते में जगह-जगह नगरवासियों द्वारा कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। भक्ति और आस्था से सराबोर इस यात्रा ने पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना दिया। धूमेश्वर धाम पहुंचने पर मंदिर के महंत महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज के सानिध्य में भगवान भूत-भूतेश्वर श्री धूमेश्वर महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। इसी दौरान प्रजापति समाज के अलावा क्षेत्र के कई युवा भी सुबह से अपनी-अपनी टोलियों के साथ पार्वती नदी से गंगाजल लेकर रवाना हुए। कुछ श्रद्धालु धूमेश्वर धाम पहुंचे तो कुछ भगवान गोलेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। सभी शिव भक्तों ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर निकली कांवड़ यात्रा ने भितरवार क्षेत्र में शिवभक्ति और धार्मिक आस्था की अनुपम छटा बिखेर दी। तो वहीं आखिरी सोमवार होने के चलते शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालु भक्तों की भीड़ देखने को मिली खासकर भूरेश्वर धाम पर हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की।
- ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का एक और वीडियो सामने आया है, ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें गर्लफ्रेंड कार को किस करते हुए नजर आ रही है। कार पर करीब 900 रुपये की लिपस्टिक से लगभग 3400 किस के निशान बनाए गए थे। बताया जा रहा है कि विदेशी ट्रेंड से प्रभावित होकर गर्लफ्रेंड ने कार को यह अनोखा डिजाइन दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार को पकड़ा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। गोला का मंदिर ट्रैफिक थाना पुलिस ने कार चालक का 5,500 रुपये का चालान किया। #socialmediaviralvedio #KissingCar #traficpolice #TrafficChallan1
- नाली की सफाई के बजाय सड़क खोदने का आरोप, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग शिवपुरी/नरवर। जनपद पंचायत नरवर के ग्राम पंचायत जैतपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम काशीपुर में नाली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नरवर को शिकायत सौंपकर सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम काशीपुर में लंबे समय से बंद पड़ी नाली को खुलवाकर साफ कराने के बजाय सड़क को खोदकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। शिकायत के अनुसार नाली का गंदा पानी खेतों में पहुंचने लगा, जिससे ग्रामीणों की फसलों को नुकसान होने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने बताया कि नाली का पानी चौक होकर सड़क पर जमा हो रहा है और आसपास रहने वाले लोगों के घरों के सामने भी गंदा पानी भर रहा है। इससे गांव में गंदगी फैलने के साथ बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। सड़क पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में कहा गया है कि ग्रामीणों ने मौके पर पंचायत के सरपंच एवं सचिव से नाली की सफाई कराने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि नाली की सफाई कराने के बजाय सड़क को खोद दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान होने के बजाय स्थिति और खराब हो गई। ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मामले की जांच कराने, बंद नाली को खुलवाकर पानी की निकासी की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा ग्राम पंचायत जैतपुर की सरपंच ममता सोलंकी एवं सचिव देवेंद्र शर्मा के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों की ओर से यह शिकायत 24 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत नरवर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दी गई है।1
- डबरा नगर पालिका परिषद में पार्षदों ने भैंस के आगे बीन बजा कर नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों ने किया अनोखा प्रदर्शन डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश ग्वालियर जिले की डबरा नगर पालिका परिषद में पार्षदों ने भैंस के आगे बीन बजा कर नगर पालिका के अध्यक्ष के खिलाफ किया अनोखा प्रदर्शन , दो दिनों से चल रहा है पार्षदों का धरना प्रदर्शन, डबरा में फैली अव्यवस्थाओं, जर्जर सड़कों, गौशाला की दुर्दशा , गंदगी एवं अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस, बीजेपी, आम आदमी पार्टी सहित एक ही मंच पर बैठकर कर रही है नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ विरुद्ध प्रदर्शन ।3
- रतनगढ़ माता धाम पर पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ₹10 वसूली का आरोप, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल दतिया रतनगढ़। प्रसिद्ध रतनगढ़ माता धाम पर श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर ₹10 लिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बसई मलिक क्षेत्र में श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क के नाम पर राशि लेते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इस वसूली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि पार्किंग शुल्क निर्धारित है तो इसकी स्पष्ट जानकारी मौके पर प्रदर्शित की जानी चाहिए और प्रत्येक वाहन चालक को विधिवत रसीद उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वहीं, यदि बिना किसी अधिकृत आदेश, ठेके या निर्धारित शुल्क के राशि ली जा रही है तो यह गंभीर जांच का विषय है। रतनगढ़ माता धाम में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेले एवं विशेष अवसरों पर प्रशासन द्वारा वाहनों की पार्किंग और यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाते रहे हैं। पूर्व में बसई मलिक क्षेत्र को भी पार्किंग व्यवस्था के लिए उपयोग किए जाने का उल्लेख मिलता है।ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पार्किंग व्यवस्था और शुल्क वसूली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि ₹10 की राशि किस आदेश के तहत ली जा रही है, पार्किंग का ठेका किसके पास है और वसूली करने वाले लोगों को अधिकृत किया गया है या नहीं। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों से किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली नहीं होनी चाहिए। यदि पार्किंग शुल्क शासन अथवा प्रशासन द्वारा निर्धारित है तो उसका रेट बोर्ड लगाया जाए और रसीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में प्रशासन की जांच और अधिकृत स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ₹10 की वसूली वैध पार्किंग शुल्क है अथवा अनधिकृत वसूली। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन एवं रतनगढ़ धाम प्रबंधन इस मामले की जांच करता है या नहीं और श्रद्धालुओं से ली जा रही राशि के संबंध में क्या स्थिति स्पष्ट की जाती है।1
- भैंस के आगे बीन बजाना यानि काला अक्षर भैंस बराबर, वहस छिड़ी डबरा मे नगर पालिका भवन के मुख्य प्रवेशद्वार पर पारसद भैंस के आगे बीन बजाते हुए1
- 32 लाख रुपये के 150 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए शिवपुरी। साइबर सेल शिवपुरी ने चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन आपकी अमानत” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 32 लाख रुपये कीमत के 150 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेस कर बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में 5 आईफोन भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 450 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने शिवपुरी पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है। 32 लाख रुपये के 150 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए शिवपुरी। साइबर सेल शिवपुरी ने चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन आपकी अमानत” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 32 लाख रुपये कीमत के 150 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेस कर बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में 5 आईफोन भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 450 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने शिवपुरी पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है।1
- दतिया में सब्जी खरीदने गए बुजुर्ग की जेब से 5500 रुपए और दस्तावेज सिद्धार्थ कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय बलवान सिंह यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 21 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे वे नजिया बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास खड़े होकर बातचीत करते रहे और मौका पाकर शर्ट की ऊपरी जेब से 5500 रुपए नकद चोरी कर लिए। फरियादी के मुताबिक जेब में रखे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और रेलवे रिजर्वेशन पास भी चोरी हो गए। घटना के बाद उन्होंने दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दतिया में सब्जी खरीदने गए बुजुर्ग की जेब से 5500 रुपए और दस्तावेज सिद्धार्थ कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय बलवान सिंह यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 21 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे वे नजिया बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास खड़े होकर बातचीत करते रहे और मौका पाकर शर्ट की ऊपरी जेब से 5500 रुपए नकद चोरी कर लिए। फरियादी के मुताबिक जेब में रखे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और रेलवे रिजर्वेशन पास भी चोरी हो गए। घटना के बाद उन्होंने दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- दिनारा में मिट्टी से सजा शिव परिवार, सावनभर गूंज रहे भोलेनाथ के जयकारे तीन साल से लगातार निभाई जा रही परंपरा, अच्छी बारिश और सुख-समृद्धि की कामना से हो रहा आयोजन दिनारा। सावन मास में दिनारा के अशोक होटल हनुमान मंदिर परिसर में आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। यहां पवित्र मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश, कार्तिकेय और नंदी सहित पूरे शिव परिवार का निर्माण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर के पुजारी पुष्पेंद्र तिवारी ने बताया कि यह धार्मिक परंपरा पिछले तीन वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। सावन मास की शुरुआत में मिट्टी से शिव परिवार का निर्माण किया जाता है और पूरे महीने प्रतिदिन पूजा, अभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। आयोजन का उद्देश्य अच्छी बारिश, किसानों की खुशहाली और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करना है। सुबह से ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में माता-बहनें पहुंचकर शिव परिवार पर जल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की आराधना कर रही हैं। सावन के सोमवार को मंदिर में विशेष पूजा, आरती, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। आयोजन से जुड़े कल्लू महाराज ने बताया कि सावन समापन के बाद मिट्टी से निर्मित शिव परिवार का गिर्राज धरण मंदिर के पवित्र तालाब में विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। मिट्टी से शिव परिवार निर्माण की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को एकजुट करने का माध्यम भी बन रही है। सावन में आयोजित होने वाला यह अनूठा आयोजन अब धीरे-धीरे दिनारा क्षेत्र की धार्मिक पहचान बनता जा रहा है। दिनारा में मिट्टी से सजा शिव परिवार, सावनभर गूंज रहे भोलेनाथ के जयकारे तीन साल से लगातार निभाई जा रही परंपरा, अच्छी बारिश और सुख-समृद्धि की कामना से हो रहा आयोजन दिनारा। सावन मास में दिनारा के अशोक होटल हनुमान मंदिर परिसर में आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। यहां पवित्र मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश, कार्तिकेय और नंदी सहित पूरे शिव परिवार का निर्माण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर के पुजारी पुष्पेंद्र तिवारी ने बताया कि यह धार्मिक परंपरा पिछले तीन वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। सावन मास की शुरुआत में मिट्टी से शिव परिवार का निर्माण किया जाता है और पूरे महीने प्रतिदिन पूजा, अभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। आयोजन का उद्देश्य अच्छी बारिश, किसानों की खुशहाली और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करना है। सुबह से ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में माता-बहनें पहुंचकर शिव परिवार पर जल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की आराधना कर रही हैं। सावन के सोमवार को मंदिर में विशेष पूजा, आरती, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। आयोजन से जुड़े कल्लू महाराज ने बताया कि सावन समापन के बाद मिट्टी से निर्मित शिव परिवार का गिर्राज धरण मंदिर के पवित्र तालाब में विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। मिट्टी से शिव परिवार निर्माण की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को एकजुट करने का माध्यम भी बन रही है। सावन में आयोजित होने वाला यह अनूठा आयोजन अब धीरे-धीरे दिनारा क्षेत्र की धार्मिक पहचान बनता जा रहा है।1