जिले में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने बड़ी कार्रवाई की। डूंगरपुर के धंबोला थाना क्षेत्र में पीठ-झलाई मुख्य मार्ग पर ओवरलोड बजरी से भरे तीन ट्रोलों को जब्त कर लिया गया, जिससे बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत डीएसटी टीम द्वारा की गई। टीम ने पीठ-झलाई मार्ग पर संदिग्ध ट्रोलों को रोककर उनकी जांच की, जिसमें पता चला कि तीनों ट्रोलों में निर्धारित क्षमता से अधिक बजरी भरी हुई थी। जब्त किए गए इन वाहनों को अग्रिम कार्रवाई के लिए धंबोला थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, और मामले की सूचना खनन विभाग को भी भेज दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब्त की गई बजरी पड़ोसी राज्य गुजरात से लाई गई थी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बजरी खनन और परिवहन के संबंध में सख्त नियम लागू हैं। इसी वजह से बजरी माफिया अक्सर गुजरात से बजरी लाकर राजस्थान में उसका परिवहन करते हैं। कई मामलों में रॉयल्टी की निर्धारित मात्रा से अधिक बजरी भरकर ओवरलोड परिवहन किया जाता है, जिससे सरकार को राजस्व हानि होती है, सड़कों को नुकसान पहुंचता है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। अब खनन विभाग ट्रोलों में भरी बजरी की मात्रा, रॉयल्टी से संबंधित दस्तावेज और परिवहन की वैधता की जांच करेगा। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों और चालकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और डीएसटी, पुलिस तथा खनन विभाग की संयुक्त निगरानी में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे बजरी माफियाओं पर लगातार शिकंजा कसता रहेगा।
जिले में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने बड़ी कार्रवाई की। डूंगरपुर के धंबोला थाना क्षेत्र में पीठ-झलाई मुख्य मार्ग पर ओवरलोड बजरी से भरे तीन ट्रोलों को जब्त कर लिया गया, जिससे बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत डीएसटी टीम द्वारा की गई। टीम ने पीठ-झलाई मार्ग पर संदिग्ध ट्रोलों को रोककर उनकी जांच की, जिसमें पता चला कि तीनों ट्रोलों में निर्धारित क्षमता से अधिक बजरी भरी हुई थी। जब्त किए गए इन वाहनों को अग्रिम कार्रवाई के लिए धंबोला थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, और मामले की सूचना खनन विभाग को भी भेज दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब्त की गई बजरी पड़ोसी राज्य गुजरात से लाई गई थी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बजरी खनन और परिवहन के संबंध में सख्त नियम लागू हैं। इसी वजह से बजरी माफिया अक्सर गुजरात से बजरी लाकर राजस्थान में उसका परिवहन करते हैं। कई मामलों में रॉयल्टी की निर्धारित मात्रा से अधिक बजरी भरकर ओवरलोड परिवहन किया जाता है, जिससे सरकार को राजस्व हानि होती है, सड़कों को नुकसान पहुंचता है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। अब खनन विभाग ट्रोलों में भरी बजरी की मात्रा, रॉयल्टी से संबंधित दस्तावेज और परिवहन की वैधता की जांच करेगा। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों और चालकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और डीएसटी, पुलिस तथा खनन विभाग की संयुक्त निगरानी में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे बजरी माफियाओं पर लगातार शिकंजा कसता रहेगा।
- सीमलवाड़ा में धंबोला थाना पुलिस ने अवैध रूप से परिवहन की जा रही इमारती गीली नीम की लकड़ी से भरे एक ट्रक को जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ट्रक चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जबकि मामले में वन विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है। धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल ने बताया कि पुलिस को संदिग्ध ट्रक की सूचना मिलने पर मांडली के पास नाकाबंदी की गई और ट्रक को रुकवाया गया। तलाशी लेने पर ट्रक में बड़ी मात्रा में इमारती गीली नीम की लकड़ी भरी मिली। जब चालक से लकड़ी के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने ट्रक और उसमें भरी लकड़ी को जब्त कर लिया तथा अग्रिम कार्रवाई के लिए इसे क्षेत्रीय वन कार्यालय अधिकारी नरेश कुमार निनामा के सुपुर्द कर दिया। प्रारंभिक तौर पर इस लकड़ी को गुजरात तस्करी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्रीय वन अधिकारी नरेश कुमार निनामा ने पुष्टि की कि ट्रक में इमारती गीली नीम की लकड़ी भरी हुई थी। वन विभाग अब यह जांच कर रहा है कि लकड़ी किस स्थान से काटी या भरकर लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था, साथ ही लकड़ी की वैधता और परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जिस मार्ग पर यह ट्रक पकड़ा गया है, वह राजस्थान से गुजरात की ओर जाने वाला एक प्रमुख मार्ग माना जाता है, जिससे गुजरात में लकड़ी खपाने की संभावना को बल मिलता है। हालांकि, वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तस्करी के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। पुलिस और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध लकड़ी परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच पूरी होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अधिनियम और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।1
- जनजाति वागड़ क्षेत्र में वर्षा ऋतु का समय अत्यंत निकट आ चुका है। इस स्थिति को देखते हुए, क्षेत्र के किसानों ने अपने खेत-खलिहानों की साफ-सफाई का कार्यभार संभाल लिया है, ताकि आगामी बारिश के लिए तैयारी की जा सके।1
- डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र के कोचरी अम्बाड़ा गांव में स्थित कड़ाना बैकवाटर में नहाते समय एक 20 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान लिमबड़िया निवासी राहुल के रूप में हुई है, जो मनीलाल का बेटा था। राहुल अपनी बहन के ससुराल में चल रहे एक शादी समारोह में हिस्सा लेने आया था। इस दुखद हादसे के बाद उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है, और उसकी विधवा मां का सहारा छिन गया है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में बिछीवाड़ा थाने की महिला कॉन्स्टेबल रीना गर्ग को सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर के बाद निलंबित कर दिया गया है। इस तस्वीर में वह एक बुजुर्ग फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी दिखाई दे रही थीं, जिस पर लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। डूंगरपुर एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निलंबन के आदेश जारी किए। इसी बीच, उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में एक गाय के बछड़े का आधा जला हुआ शव मिलने से तनाव फैल गया, जिसके बाद हिंदू संगठनों और गौ-रक्षकों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दो दिन में जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त कराया। राजनीतिक मोर्चे पर, डूंगरपुर में कांग्रेस के "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत विधायक गणेश घोघरा ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए माही बांध के पानी को बाहर ले जाने की योजना का भी विरोध किया और आंदोलन की चेतावनी दी। राज्य के विभिन्न अंचलों से कई गंभीर आपराधिक मामले और दुर्घटनाएँ भी सामने आईं। बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र में छह बच्चों की मां के साथ भाग रहे एक युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, पुलिस के अनुसार उनके बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे और आरोपी फरार हैं। वहीं, झुंझुनूं जिले के खेतड़ी इलाके में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहाँ आरोप है कि एक बेटे ने अपने ही पिता को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला; पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है। जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में हाईवोल्टेज लाइन का तार टूटने और खेत की तारबंदी पर गिरने से करंट फैल गया, जिससे किसान विशनाराम विश्नोई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा, खैरथल-तिजारा के भिवाड़ी नगर परिषद में मुख्य सफाई निरीक्षक दिनेश मीणा के साथ ऑटो टिपर चालकों और अधिकारियों के बीच विवाद के दौरान हाथापाई का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक ने निरीक्षक को थप्पड़ मारा और कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते के हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके चेहरे और हाथ पर करीब 40 टांके लगे; ग्रामीणों का कहना है कि यह कुत्ता पहले भी दो लोगों पर हमला कर चुका है। कोटा में धार्मिक प्रतीकों से जुड़े एक मामले में आरोपी युवक के मोबाइल से कुछ संदिग्ध ऑडियो मिलने का दावा किया गया है। कुछ संगठनों ने पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क होने के आरोप लगाए हैं, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल को एफएसएल भेजा गया है और रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। इस बीच, नगर पालिका सागवाड़ा में शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ नागरिकों को एक ही स्थान पर पट्टे, जन्म प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल सहित कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। विधायक शंकरलाल डेचा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- Available for Sale Brand : Kwid Model : Kwid 2022 Year of Registration : 2022 Price (₹) : 320000 City / Locality : Dungarpur Vehicle Type : Car Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Petrol 2022 model good condition1
- डूंगरपुर में मोहर्रम का पर्व अकीदत और पूरे जोश के साथ मनाया गया, जहाँ 'या हुसैन' की गूंज के साथ 6 विशाल ताजिए निकाले गए। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से आए अकीदतमंदों का हुजूम दोपहर में ऐतिहासिक कानेरा पोल पर एकत्रित हुआ। यहाँ से मुख्य जुलूस शुरू हुआ, जो दर्जीवाड़ा, माणक चौक और घाँटी सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में डूबा रहा। जुलूस में शामिल युवाओं का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही थी। विशाल नगाड़ों की गूंज और उनकी थाप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर कोई कर्बला के शहीदों को याद कर भावुक नजर आया। यह जुलूस पारंपरिक रास्तों से होता हुआ देर शाम प्रसिद्ध गेप सागर की पाल पर पहुँचा, जहाँ इसका शांतिपूर्ण तरीके से समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि ये ताजिए हजरत इमाम हुसैन के कर्बला स्थित पवित्र रौज़े (मजार) का प्रतीक हैं। करीब 1400 साल पहले हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपने 72 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में अपनी जान कुर्बान कर दी थी।3
- डूंगरपुर में अकीदत और जोश के साथ मोहर्रम का त्योहार मनाया गया, जिसमें 'या हुसैन' की गूंज के साथ 6 विशाल ताजिए निकाले गए। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से आए अकीदतमंदों का हुजूम आज दोपहर ऐतिहासिक कानेरा पोल में उमड़ पड़ा, जहाँ सभी ताजिए एकत्रित हुए। यहाँ से मोहर्रम का मुख्य जुलूस शुरू हुआ, जो दर्जीवाड़ा, माणक चौक और घाँटी होते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में डूबा रहा। जुलूस में शामिल युवाओं का जोश और अकीदत देखने लायक थी, विशाल नगाड़ों की गूंज और उनकी थाप ने समां बांध दिया। हर कोई कर्बला के शहीदों को याद कर भावुक नजर आया। यह जुलूस पारंपरिक रास्तों से होता हुआ देर शाम प्रसिद्ध गेप सागर की पाल पहुंचा, जहाँ इसका शांतिपूर्ण तरीके से समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि ये ताजिए दरअसल हजरत इमाम हुसैन के कर्बला स्थित पवित्र रौज़े (मजार) का प्रतीक हैं। करीब 1400 साल पहले, हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए कर्बला के मैदान में अपने 72 साथियों के साथ अपनी जान कुर्बान कर दी थी।3
- जिले में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने बड़ी कार्रवाई की। डूंगरपुर के धंबोला थाना क्षेत्र में पीठ-झलाई मुख्य मार्ग पर ओवरलोड बजरी से भरे तीन ट्रोलों को जब्त कर लिया गया, जिससे बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत डीएसटी टीम द्वारा की गई। टीम ने पीठ-झलाई मार्ग पर संदिग्ध ट्रोलों को रोककर उनकी जांच की, जिसमें पता चला कि तीनों ट्रोलों में निर्धारित क्षमता से अधिक बजरी भरी हुई थी। जब्त किए गए इन वाहनों को अग्रिम कार्रवाई के लिए धंबोला थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, और मामले की सूचना खनन विभाग को भी भेज दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब्त की गई बजरी पड़ोसी राज्य गुजरात से लाई गई थी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बजरी खनन और परिवहन के संबंध में सख्त नियम लागू हैं। इसी वजह से बजरी माफिया अक्सर गुजरात से बजरी लाकर राजस्थान में उसका परिवहन करते हैं। कई मामलों में रॉयल्टी की निर्धारित मात्रा से अधिक बजरी भरकर ओवरलोड परिवहन किया जाता है, जिससे सरकार को राजस्व हानि होती है, सड़कों को नुकसान पहुंचता है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। अब खनन विभाग ट्रोलों में भरी बजरी की मात्रा, रॉयल्टी से संबंधित दस्तावेज और परिवहन की वैधता की जांच करेगा। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों और चालकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और डीएसटी, पुलिस तथा खनन विभाग की संयुक्त निगरानी में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे बजरी माफियाओं पर लगातार शिकंजा कसता रहेगा।1