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लोहरदगा जिले के सेन्हा एवं कोराम्बे में रथयात्रा के पावन अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। इस रथयात्रा में श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मेले में पहुंचे भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना करने के बाद भक्तों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया।
आलोक कुमार
लोहरदगा जिले के सेन्हा एवं कोराम्बे में रथयात्रा के पावन अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। इस रथयात्रा में श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मेले में पहुंचे भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना करने के बाद भक्तों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया।
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- झारखंड में JMM, कांग्रेस और BJP के खिलाफ जनता की लड़ाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। राज्य में चर्चा है कि क्या इन राजनीतिक दलों के खिलाफ जनता के हक की लड़ाई सिर्फ JLKM पार्टी ही लड़ सकती है। झारखंड के लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और रांची जैसे हिस्सों में इस बात को लेकर बहस छिड़ी है कि क्या वाकई अब JLKM ही जनता के अधिकारों के लिए एकमात्र विकल्प बनकर खड़ी हो सकती है।1
- लातेहार के सदर थाना क्षेत्र में नवोदय विद्यालय रोड स्थित कस्तूरबा स्कूल के पास वज्रपात की चपेट में आने से दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। मृतकों की पहचान धर्मपुर निवासी पीयूष कुमार (पिता दीपक प्रसाद) और चंदनडीह निवासी पवन साहू (पिता उमेश प्रसाद गुप्ता, मूल निवासी रांची रामगढ़ ब्यांग) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि पीयूष कुमार और पवन साहू मोटरसाइकिल से नवोदय रोड की तरफ किसी काम से जा रहे थे, तभी अचानक तेज बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए दोनों महुआ के पेड़ के पास खड़े हो गए, लेकिन इसी दौरान आसमानी बिजली कड़की और सीधे पेड़ पर गिरी। इस वज्रपात के कारण मृतक का मोबाइल भी ब्लास्ट होकर पूरी तरह टूट गया। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर लातेहार के प्रभारी थाना प्रभारी रमाकांत गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर लातेहार सदर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।1
- लातेहार के स्टेशन रोड में राजू उरांव द्वारा स्वास्तिक अमृतुलय व फास्ट फूड शॉप की शुरुआत की गई है।1
- रांची के मांडर में खोखड़ी खाने को लेकर एक व्यक्ति असमंजस में पड़ गया, जिसके बाद उसने सुरक्षा के लिहाज से इसे फेंक देना ही बेहतर समझा। व्यक्ति का कहना है कि आज उसे बहुत सारी खोखड़ी मिली थी, लेकिन उसने उसे खाया नहीं। इस खोखड़ी को न खाने के पीछे का कारण लोगों के बीच की विरोधाभासी राय है। व्यक्ति के अनुसार, कुछ लोगों का कहना है कि इसे खाया जा सकता है, जबकि कुछ अन्य लोग इसे जहर बता रहे हैं। इसी भ्रम और डर के चलते आखिरकार उसने खोखड़ी को फेंक दिया। अब व्यक्ति ने लोगों से यह स्पष्ट करने के लिए सवाल पूछा है कि क्या खोखड़ी को सचमुच खाया जाना चाहिए या नहीं, ताकि इस बात की सही जानकारी मिल सके कि यह खाने योग्य है या नहीं।4
- लातेहार जिले के ग्राम गुर्गु चला टोंका में 16 जुलाई 2026, गुरुवार को पारंपरिक झंडा बदली का कार्यक्रम धूमधाम और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत धर्म गुरु श्री भगेस्वर भगत द्वारा विशेष पूजा-पाठ कराकर की गई। इस पावन अवसर पर दस पदहा राजा नरेश उरांव विशेष रूप से उपस्थित रहे। ग्राम के धार्मिक अगुआ श्री सुनेशरा उरांव, उपेंद्र उरांव, अशोक उरांव और नंदेव उरांव ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। इस पारंपरिक उत्सव में सामाजिक कार्यकर्ता सकलदेव उरांव, संतोष उरांव, सुरजदेव उरांव और शंकर उरांव सहित बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने मिलकर परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ झंडा बदली की और गांव की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। ग्रामीणों ने बताया कि झंडा बदली आदिवासी समाज की एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है। इसके माध्यम से नई फसल और गांव की रक्षा के लिए प्रार्थना की जाती है। यह पूरा धार्मिक आयोजन अत्यंत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- झारखंड में स्थापित राजनीतिक दलों के खिलाफ जनता के संघर्ष को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या JMM, कांग्रेस और BJP जैसी बड़ी पार्टियों के खिलाफ जनता के हक की लड़ाई सिर्फ JLKM पार्टी ही लड़ सकती है, यह बात अब प्रमुखता से उठाई जा रही है। लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और रांची सहित पूरे राज्य में इस बात को लेकर बहस तेज है कि क्या जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अब केवल JLKM ही एकमात्र विकल्प बची है।1
- लातेहार के पंडित दीनदयाल उपाध्याय टाउन हॉल में आगामी 19 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में राजद के लातेहार जिलाध्यक्ष राम प्रवेश यादव ने जिला कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी साझा की। इस सम्मेलन में पार्टी के मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक और जिले के सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा आगामी रणनीति तैयार करना है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सम्मेलन के दौरान जिले में ओबीसी आरक्षण शून्य होने, बढ़ते जमीन विवाद समेत विभिन्न जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।1
- ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान आज (16 जुलाई 2026) 'बड़ा दांड' (Grand Road) पर उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ में दम घुटने और भगदड़ जैसी स्थिति बनने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस हादसे के बाद 100 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। यह हादसा उस समय हुआ जब महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा की 'पहांडी' रस्म के बाद रथों को खींचने की तैयारी चल रही थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मरीचकोट चौक के पास भीड़ के बीच से एक एम्बुलेंस को निकालने के लिए जब पुलिस ने श्रद्धालुओं को पीछे धकेला, तो अचानक भीड़ का संतुलन बिगड़ गया और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इसके अलावा, लगातार हो रही बारिश और अत्यधिक भीड़ के कारण हवा में भारी उमस थी, जिससे सिंहद्वार के पास भारी दबाव के चलते लगभग 100 से अधिक श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर गिरने लगे। ओडिशा पुलिस, अग्निशमन सेवा और स्पेशल रेस्क्यू यूनिट ने तुरंत मोर्चा संभालकर बेहोश हो रहे लोगों को ऑक्सीजन और प्राथमिक उपचार दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों में से एक की पहचान 35 वर्षीय अनिल दास के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक (उम्र 60 वर्ष से अधिक) की पहचान सुनिश्चित की जा रही है। अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में से दो श्रद्धालुओं की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने गहरा शोक व्यक्त किया है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई व्यवस्थागत विफलता नहीं थी बल्कि एम्बुलेंस को रास्ता देने के दौरान अचानक बना स्थानीय दबाव था। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने घटना पर दुख जताते हुए सरकार से भीड़ प्रबंधन को और पुख्ता करने की मांग की है। फिलहाल सुरक्षा कड़ी कर रथ खींचने का काम दोबारा शुरू कर दिया गया है।1