logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

स्वाध्याय और चिंतन से ही बढ़ेगी एकाग्रता, पुण्य के बिना नहीं मिलते भगवान के दर्शन : मुनिश्री संस्कार सागर आष्टा। नगर के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, अरिहंतपुरम अलीपुर में विराजमान पूज्य वात्सल्य रत्नाकर मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस संसार में बिना कारण कोई भी कार्य नहीं होता। प्रत्येक घटना के पीछे कर्मों का सिद्धांत कार्यरत रहता है। इसलिए मनुष्य को केवल स्वाध्याय ही नहीं, बल्कि स्वाध्याय के पश्चात गहन चिंतन-मनन भी करना चाहिए। जब व्यक्ति चिंतन करता है तो ज्ञान का सार प्रकट होता है, एकाग्रता बढ़ती है और आत्मा का उपयोग अपने वास्तविक स्वरूप की ओर लगता है। मुनिश्री ने कहा कि आत्मा के स्वरूप और आत्महित पर मनन करना आवश्यक है। यदि हम ऐसा करेंगे तो निश्चित रूप से परमात्मा द्वारा बताए गए मोक्षमार्ग पर चलने का प्रयास करेंगे। आप सभी वीर प्रभु के दरबार में बैठे हैं, उनकी वाणी का श्रवण कर रहे हैं। यह संयोग यूं ही नहीं मिला, इसके पीछे पुण्य का उदय है। बिना पुण्य के न तो भगवान के दर्शन संभव हैं और न ही गुरु की देशना का श्रवण। उन्होंने कहा कि हम भगवान महावीर स्वामी के शासन में बैठे हैं, यह उनका महान उपकार है। किंतु आश्चर्य की बात है कि अनेक लोगों को भगवान महावीर के जीवन और सिद्धांतों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को अपने पिता का नाम, परिचय और इतिहास ज्ञात होता है, उसी प्रकार भगवान के बारे में भी जानना चाहिए। इसके लिए नियमित स्वाध्याय और आगम अध्ययन अनिवार्य है। जिनेन्द्र भगवान की देशना की महिमा को समझे बिना आत्मकल्याण संभव नहीं। मुनिश्री ने आदिनाथ भगवान का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ चार हजार राजाओं ने वैराग्य लेकर दीक्षा ग्रहण की थी। यह सब पूर्वजन्म के पुण्य का परिणाम था। हमें भी उच्चकुल और जैन कुल में जन्म पुण्योदय से मिला है। जब पुण्य प्रबल होता है तभी व्यक्ति भगवान के दर्शन-पूजन करता है और सम्मेद शिखरजी जैसे पावन तीर्थ की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त करता है। देशना में मारीचि के जीव का प्रसंग सुनाते हुए मुनिश्री ने बताया कि तीर्थंकर बनने का वचन मिलने के बाद भी पापकर्म के उदय से वह समोशरण से उठकर चला गया। पाप कर्म आने पर मति भ्रमित हो जाती है। इसलिए परिणामों को शुद्ध बनाए रखना आवश्यक है। सम्यकदृष्टि जीव कभी खोटे काल में जन्म नहीं लेता। उन्होंने वर्तमान समय की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं, लेकिन वहां धर्म और संस्कारों से दूर हो जाते हैं। यदि बचपन से स्वाध्याय और संस्कारों का बीजारोपण नहीं किया गया तो भविष्य में धर्म से दूरी बढ़ती जाएगी। पुण्य अर्जन के लिए शुभ भाव आवश्यक हैं। जब भाव अच्छे होते हैं तो व्यक्ति स्वतः भगवान के दर्शन, पूजा-अर्चना और धर्मसभा में बैठने के लिए प्रेरित होता है। मिथ्यादृष्टि जीव को जिनवाणी और धर्मकथा सुहाती नहीं। मुनिश्री ने कहा कि जिनवाणी श्रवण के समय पूर्ण एकाग्रता आवश्यक है। पापकर्म के प्रभाव से व्यक्ति धर्मसभा में भी इधर-उधर की बातें करता है या नींद निकालता है। मंदिर में बैठकर भाव अच्छे रहते हैं, लेकिन बाहर निकलते ही सांसारिक चर्चाओं में मन लग जाता है। यदि विकल्पों से रहित होकर धर्मसभा में बैठेंगे तो अवश्य ही पुण्य का अर्जन होगा। उन्होंने समझाया कि जहां अशुभ कार्य हो रहे हों, वहां जाने से परिणाम भी अशुभ हो जाते हैं। शुभ भावों की वृद्धि के लिए गुरु-साधु संतों का सानिध्य आवश्यक है। जहां कहीं स्वाध्याय, प्रवचन और पुण्य की बातें हो रही हों, वहां अवश्य उपस्थित रहें। श्रावक धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति निश्चित ही आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर होता है। मुनिश्री ने प्रेरणा देते हुए कहा कि ऐसे भाव बनाएं कि नित्य भगवान का अभिषेक करें। यह सौभाग्य भी अत्यधिक पुण्य से ही प्राप्त होता है। उन्होंने जीव के अनादि संसार का उल्लेख करते हुए बताया कि जीव सर्वाधिक समय निगोद में व्यतीत करता है, जहां एक जीव 66 हजार 336 बार जन्म-मरण कर लेता है। अतः मनुष्य जन्म अत्यंत दुर्लभ है, इसे धर्म और आत्मसाधना में लगाना चाहिए। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और मुनिश्री के प्रेरक वचनों से आत्मकल्याण का संकल्प लिया।

7 hrs ago
user_Rajendra Gangwal
Rajendra Gangwal
Ashta, Sehore•
7 hrs ago
b8ccb053-b1b0-4d46-8d41-05638780ffaf

स्वाध्याय और चिंतन से ही बढ़ेगी एकाग्रता, पुण्य के बिना नहीं मिलते भगवान के दर्शन : मुनिश्री संस्कार सागर आष्टा। नगर के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, अरिहंतपुरम अलीपुर में विराजमान पूज्य वात्सल्य रत्नाकर मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस संसार में बिना कारण कोई भी कार्य नहीं होता। प्रत्येक घटना के पीछे कर्मों का सिद्धांत कार्यरत रहता है। इसलिए मनुष्य को केवल स्वाध्याय ही नहीं, बल्कि स्वाध्याय के पश्चात गहन चिंतन-मनन भी करना चाहिए। जब व्यक्ति चिंतन करता है तो ज्ञान का सार प्रकट होता है, एकाग्रता बढ़ती है और आत्मा का उपयोग अपने वास्तविक स्वरूप की ओर लगता है। मुनिश्री ने कहा कि आत्मा के स्वरूप और आत्महित पर मनन करना आवश्यक है। यदि हम ऐसा करेंगे तो निश्चित रूप से परमात्मा द्वारा बताए गए मोक्षमार्ग पर चलने का प्रयास करेंगे। आप सभी वीर प्रभु के दरबार में बैठे हैं, उनकी वाणी का श्रवण कर रहे हैं। यह संयोग यूं ही नहीं मिला, इसके पीछे पुण्य का उदय है। बिना पुण्य के न तो भगवान के दर्शन संभव हैं और न ही गुरु की देशना का श्रवण। उन्होंने कहा कि हम भगवान महावीर स्वामी के शासन में बैठे हैं, यह उनका महान उपकार है। किंतु आश्चर्य की बात है कि अनेक लोगों को भगवान महावीर के जीवन और सिद्धांतों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को अपने पिता का नाम, परिचय और इतिहास ज्ञात होता है, उसी प्रकार भगवान के बारे में भी जानना चाहिए। इसके लिए नियमित स्वाध्याय और आगम अध्ययन अनिवार्य है। जिनेन्द्र भगवान की देशना की महिमा को समझे बिना आत्मकल्याण संभव नहीं। मुनिश्री ने आदिनाथ भगवान का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ चार हजार राजाओं ने वैराग्य लेकर दीक्षा ग्रहण की थी। यह सब पूर्वजन्म के पुण्य का परिणाम था। हमें भी उच्चकुल और जैन कुल में जन्म पुण्योदय से मिला है। जब पुण्य प्रबल होता है तभी व्यक्ति भगवान के दर्शन-पूजन करता है और सम्मेद शिखरजी जैसे पावन तीर्थ की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त करता है। देशना में मारीचि के जीव का प्रसंग सुनाते हुए मुनिश्री ने बताया कि तीर्थंकर बनने का वचन मिलने के बाद भी पापकर्म के उदय से वह समोशरण से उठकर चला गया। पाप कर्म आने पर मति भ्रमित हो जाती है। इसलिए परिणामों को शुद्ध बनाए रखना आवश्यक है। सम्यकदृष्टि जीव कभी खोटे काल में जन्म नहीं लेता। उन्होंने वर्तमान समय की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं, लेकिन वहां धर्म और संस्कारों से दूर हो जाते हैं। यदि बचपन से स्वाध्याय और संस्कारों का बीजारोपण नहीं किया गया तो भविष्य में धर्म से दूरी बढ़ती जाएगी। पुण्य अर्जन के लिए शुभ भाव आवश्यक हैं। जब भाव अच्छे होते हैं तो व्यक्ति स्वतः भगवान के दर्शन, पूजा-अर्चना और धर्मसभा में बैठने के लिए प्रेरित होता है। मिथ्यादृष्टि जीव को जिनवाणी और धर्मकथा सुहाती नहीं। मुनिश्री ने कहा कि जिनवाणी श्रवण के समय पूर्ण एकाग्रता आवश्यक है। पापकर्म के प्रभाव से व्यक्ति धर्मसभा में भी इधर-उधर की बातें करता है या नींद निकालता है। मंदिर में बैठकर भाव अच्छे रहते हैं, लेकिन बाहर निकलते ही सांसारिक चर्चाओं में मन लग जाता है। यदि विकल्पों से रहित होकर धर्मसभा में बैठेंगे तो अवश्य ही पुण्य का अर्जन होगा। उन्होंने समझाया कि जहां अशुभ कार्य हो रहे हों, वहां जाने से परिणाम भी अशुभ हो जाते हैं। शुभ भावों की वृद्धि के लिए गुरु-साधु संतों का सानिध्य आवश्यक है। जहां कहीं स्वाध्याय, प्रवचन और पुण्य की बातें हो रही हों, वहां अवश्य उपस्थित रहें। श्रावक धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति निश्चित ही आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर होता है। मुनिश्री ने प्रेरणा देते हुए कहा कि ऐसे भाव बनाएं कि नित्य भगवान का अभिषेक करें। यह सौभाग्य भी अत्यधिक पुण्य से ही प्राप्त होता है। उन्होंने जीव के अनादि संसार का उल्लेख करते हुए बताया कि जीव सर्वाधिक समय निगोद में व्यतीत करता है, जहां एक जीव 66 हजार 336 बार जन्म-मरण कर लेता है। अतः मनुष्य जन्म अत्यंत दुर्लभ है, इसे धर्म और आत्मसाधना में लगाना चाहिए। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और मुनिश्री के प्रेरक वचनों से आत्मकल्याण का संकल्प लिया।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • आष्टा - समस्त सफाई कर्मचारियों के साथ राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा भोपाल संभाग अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि ने पिछले माह सफाई कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय के लिए माननीय जिला कलेक्टर ,अनुविभागी अधिकारी , नगर पालिका अधिकारी , नगर पालिका अध्यक्ष सभी को निम्न मांगों का ज्ञापन दिया था लेकिन आज दिनांक तक सुनवाई न होने पर सफाई कर्मी दिनांक 19 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने की सूचना दी । निम्न मांगे जिन पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है 1. पिछले 7 माह से बंद सफाई कर्मचारियों को पुणे कड़ी पर रखना 2. समय पर वेतन न मिलने से सफाई कर्मियों के सिविल खराब होना और अन्य परेशानी 3. पिछले कई सालों से कर्मचारियों का पी एफ जीएफ जमा नहीं हुआ 4. कचरा गाड़ी कर्मचारियों को कलेक्टर रेट वेतन नहीं दिया जा रहा 5. बिना कार्य में लापरवाही के नोटिस के बाद भी कर्मचारियों के अदला बदली लगातार चलती हुई मनमानी से परेशान
    1
    आष्टा - समस्त सफाई कर्मचारियों के साथ राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा भोपाल संभाग अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि ने पिछले माह सफाई कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय के लिए माननीय जिला कलेक्टर ,अनुविभागी अधिकारी , नगर पालिका अधिकारी , नगर पालिका अध्यक्ष सभी को निम्न मांगों का ज्ञापन दिया था लेकिन आज दिनांक तक सुनवाई न होने पर सफाई कर्मी दिनांक 19 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने की सूचना दी ।
निम्न मांगे जिन पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है 
1. पिछले 7 माह से बंद सफाई कर्मचारियों को पुणे कड़ी पर रखना 
2. समय पर वेतन न मिलने से सफाई कर्मियों के सिविल खराब होना और अन्य परेशानी 
3. पिछले कई सालों से कर्मचारियों का पी एफ जीएफ जमा नहीं हुआ 
4. कचरा गाड़ी कर्मचारियों को कलेक्टर रेट वेतन नहीं दिया जा रहा 
5. बिना कार्य में लापरवाही के नोटिस के बाद भी कर्मचारियों के अदला बदली लगातार चलती हुई मनमानी से परेशान
    user_Deepak Kumar bairagi
    Deepak Kumar bairagi
    Local News Reporter आष्टा, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *वृद्वजनों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए दो दिवसीय योग शिविर का आयोजन* भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से म.प्र. शासन के आयुष विभाग के द्वारा 19 व 20 फरवरी गुरूवार एवं शुक्रवार को सुबह 8 से 12 बजे तक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु दो दिवसीय वृद्वजन योग शिविर का आयोजन स्थानीय हाट मेदान स्थित गिरासिया घाट पर किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य वृद्धजनों को शारीरिक रूप से सुदृढ़, मानसिक रूप से शांत तथा जीवन के प्रति सकारात्मक बनाए रखना है। शिविर में आमंत्रित योग प्रशिक्षकों द्वारा सरल एवं लाभकारी योगासन, प्राणायाम तथा सहज ध्यान की विधियाँ कराई जाएंगी, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी रहेंगी। शिविर के दौरान आयुष विभाग की ओर से *वृद्धजनों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और शारीरिक बीमारियों का उपचार हौम्योपैथी पद्वति* से करने के लिए चिकित्सकों व दवाईयोें की व्यवस्था भी की जाएगी।
    1
    *वृद्वजनों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए दो दिवसीय योग शिविर का आयोजन*
भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से म.प्र. शासन के आयुष विभाग के द्वारा  19 व 20 फरवरी गुरूवार एवं शुक्रवार को सुबह 8 से 12 बजे तक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु दो दिवसीय वृद्वजन योग शिविर का आयोजन स्थानीय हाट मेदान स्थित गिरासिया घाट पर किया जा रहा है। 
इस शिविर का उद्देश्य वृद्धजनों को शारीरिक रूप से सुदृढ़, मानसिक रूप से शांत तथा जीवन के प्रति सकारात्मक बनाए रखना है। शिविर में आमंत्रित योग प्रशिक्षकों द्वारा सरल एवं लाभकारी योगासन, प्राणायाम तथा सहज ध्यान की विधियाँ कराई जाएंगी, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी रहेंगी। शिविर के दौरान आयुष विभाग की ओर से *वृद्धजनों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और शारीरिक बीमारियों का उपचार हौम्योपैथी पद्वति* से करने के लिए चिकित्सकों व दवाईयोें की व्यवस्था भी की जाएगी।
    user_Rajesh kumar Kundan
    Rajesh kumar Kundan
    Photographer कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • राजस्थान :: *शादियाँ साधारण रूप से किजिए, दिखावा ना करें।कृपया एकबार पूरा विडिओ जरूर सुनें। समाज में सुधार लायें।मध्यम वर्ग में लड़की वालों की मजबूरी होती है अतः लड़के वालों को आगे आना चाहिए।*!!,
    1
    राजस्थान ::
*शादियाँ साधारण रूप से किजिए, दिखावा ना करें।कृपया एकबार पूरा विडिओ जरूर सुनें। समाज में सुधार लायें।मध्यम वर्ग में लड़की वालों की मजबूरी होती है अतः लड़के वालों को आगे आना चाहिए।*!!,
    user_Jitendra Patidar
    Jitendra Patidar
    Local News Reporter कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    1
    Post by सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    user_सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    पत्रकार Shujalpur, Shajapur•
    5 hrs ago
  • सीहोर जिले के जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सील खेडा के जुगराजपुरा से सील खेडा तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी एवं माननीय विधायक सुदेश राय जी के नेतृत्व में सीहोर जिले के जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले सील खेडा पंचायत को जुगराजपुरा और सील खेडा को सड़क निर्माण की सौगात मिली है सील खेडा के सरपंच हेमराज मीना और ग्रामीण एवं जुगराजपुरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी एवं सीहोर विधायक श्रीमान सुदेश राय जी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना की विशेष रिपोर्ट
    1
    सीहोर जिले के जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सील खेडा के  जुगराजपुरा से सील खेडा तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी एवं माननीय विधायक सुदेश राय जी के नेतृत्व में सीहोर जिले के जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले सील खेडा पंचायत को जुगराजपुरा और सील खेडा को सड़क निर्माण की सौगात मिली है सील खेडा के सरपंच हेमराज मीना और ग्रामीण एवं जुगराजपुरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी एवं सीहोर विधायक श्रीमान सुदेश राय जी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना की विशेष रिपोर्ट
    user_रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
    रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
    Local News Reporter सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Golu Lala
    1
    Post by Golu Lala
    user_Golu Lala
    Golu Lala
    Architect सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सत्यमेव जयते
    1
    सत्यमेव जयते
    user_वरिष्ठ पत्रकार अजब सिंह मीना
    वरिष्ठ पत्रकार अजब सिंह मीना
    पत्रकार Shujalpur, Bhopal•
    17 hrs ago
  • जैसे ही दोनों संत आमने-सामने आए, मंच पर एक अद्भुत शांति छा गई। शब्द कम थे, लेकिन भावनाएं बहुत गहरी थीं। श्रद्धा, सम्मान और आत्मीयता का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित भक्तों की आंखें भी नम कर दीं। यह केवल दो संतों का मिलन नहीं था, बल्कि आस्था और अध्यात्म का संगम था, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
    1
    जैसे ही दोनों संत आमने-सामने आए, मंच पर एक अद्भुत शांति छा गई। शब्द कम थे, लेकिन भावनाएं बहुत गहरी थीं। श्रद्धा, सम्मान और आत्मीयता का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित भक्तों की आंखें भी नम कर दीं।
यह केवल दो संतों का मिलन नहीं था, बल्कि आस्था और अध्यात्म का संगम था, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
    user_Deepak Kumar bairagi
    Deepak Kumar bairagi
    Local News Reporter आष्टा, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.