झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित पोकटा गांव में पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ भाग लिया। इस सांस्कृतिक और सामाजिक समागम में आदिवासी संस्कृति की अनूठी और समृद्ध झलक देखने को मिली, जहाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। समारोह के मुख्य अतिथि सिसई के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने पत्थलगड़ी परंपरा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इसे पहचान, अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराने वाली तथा समाज की सबसे बड़ी धरोहर बताया, जिसे बचाए रखना और आगे बढ़ाना हम सभी का परम दायित्व है। विधायक ने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी मातृभाषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया, साथ ही ग्रामीणों से समाज की एकता और जागरूकता को विकास की असली नींव मानते हुए आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर सुकरात उरांव (प्रखंड अध्यक्ष), जयंत दास (प्रखंड सचिव), रश्मि टेटे (मुखिया), सोम पहान, रोशन कुजूर जैसे गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ क्षेत्र के कई अन्य प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे। पूरा समारोह सामाजिक सौहार्द और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित पोकटा गांव में पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ भाग लिया। इस सांस्कृतिक और सामाजिक समागम में आदिवासी संस्कृति की अनूठी और समृद्ध झलक देखने को मिली, जहाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। समारोह के मुख्य अतिथि सिसई के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने पत्थलगड़ी परंपरा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इसे पहचान, अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराने वाली तथा समाज की सबसे बड़ी धरोहर बताया, जिसे बचाए रखना और आगे बढ़ाना हम सभी का परम दायित्व है। विधायक ने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी मातृभाषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया, साथ ही ग्रामीणों से समाज की एकता और जागरूकता को विकास की असली नींव मानते हुए आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर सुकरात उरांव (प्रखंड अध्यक्ष), जयंत दास (प्रखंड सचिव), रश्मि टेटे (मुखिया), सोम पहान, रोशन कुजूर जैसे गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ क्षेत्र के कई अन्य प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे। पूरा समारोह सामाजिक सौहार्द और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
- झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित पोकटा गांव में पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ भाग लिया। इस सांस्कृतिक और सामाजिक समागम में आदिवासी संस्कृति की अनूठी और समृद्ध झलक देखने को मिली, जहाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। समारोह के मुख्य अतिथि सिसई के विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने पत्थलगड़ी परंपरा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इसे पहचान, अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराने वाली तथा समाज की सबसे बड़ी धरोहर बताया, जिसे बचाए रखना और आगे बढ़ाना हम सभी का परम दायित्व है। विधायक ने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी मातृभाषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया, साथ ही ग्रामीणों से समाज की एकता और जागरूकता को विकास की असली नींव मानते हुए आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर सुकरात उरांव (प्रखंड अध्यक्ष), जयंत दास (प्रखंड सचिव), रश्मि टेटे (मुखिया), सोम पहान, रोशन कुजूर जैसे गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ क्षेत्र के कई अन्य प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे। पूरा समारोह सामाजिक सौहार्द और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शहीद अजय भगत के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर वीर सपूत को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा माहौल 'शहीद अजय भगत अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। एक अत्यंत भावुक क्षण में, रक्षा राज्य मंत्री ने देश के इस वीर सपूत को जन्म देने वाली माता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने माता के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश इन वीर परिवारों के बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा। शहीद के सम्मान में आज, 22 जून 2026 को क्षेत्र में एक विशाल 'तिरंगा यात्रा' भी निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सुरक्षा बल के जवानों ने हाथों में तिरंगा थामकर देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर हिस्सा लिया। एनएसजी कमांडो शहीद अजय भगत, जिनका जन्म 10 दिसंबर 1993 को हुआ था और जिन्होंने 9 नवंबर 2023 को हरियाणा के गुरुग्राम में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति प्राप्त की थी, उनकी याद में निकली इस तिरंगा यात्रा ने क्षेत्र के युवाओं में देशभक्ति का नया जोश भर दिया है।3
- सोशल मीडिया पर इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाने वाले लिवर सिरोसिस से पीड़ित जगरनाथ तिर्की के मामले में गुमला जिला प्रशासन ने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की है। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने स्वयं सदर अस्पताल पहुँचकर मरीज जगरनाथ तिर्की से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को समुचित इलाज सुनिश्चित करने तथा संबंधित अधिकारियों को मरीज को सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जगरनाथ तिर्की (30 वर्ष), जो रोपना उरांव के पुत्र हैं, गुमला के काटाशारू, खटगांव गाँव के निवासी हैं। वे 8 जून 2026 से सदर अस्पताल के वार्ड संख्या-125 के बेड संख्या-35 पर भर्ती हैं। चिकित्सकों के अनुसार, वे गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी लिवर सिरोसिस से पीड़ित हैं, जिससे उनके लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनका लगातार इलाज किया जा रहा है और विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मरीज व उनके परिजनों से बातचीत में पता चला कि लंबे समय तक राज्य से बाहर काम करने और जानकारी के अभाव में उनका राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका था, जिसके कारण उन्हें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था और इलाज के लिए आर्थिक मदद की नौबत आ गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपायुक्त ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड बनाने और उसके बाद दो दिनों के भीतर आयुष्मान कार्ड जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, मरीज को सभी पात्रता आधारित सरकारी योजनाओं से जोड़ने, परिवार को तत्काल राशन उपलब्ध कराने, आर्थिक सहयोग की व्यवस्था करने और इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने के भी निर्देश दिए गए। इससे पूर्व, सिविल सर्जन-सह-अधीक्षक, सदर अस्पताल ने भी स्पष्ट किया था कि जगरनाथ तिर्की का इलाज अस्पताल में पूरी गंभीरता से किया जा रहा है। उपायुक्त ने यह भी दोहराया कि जिला प्रशासन जरूरतमंद और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उपायुक्त के अस्पताल पहुँचकर हालचाल जानने और त्वरित सहायता के निर्देश देने पर मरीज के परिजनों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, डीसीएलआर, अस्पताल प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।3
- सोमवार को सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, बसिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिसई की अध्यक्षता में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले घर-घर मतदाता गणना अभियान के लिए तैयार करना था, जिसमें उन्हें प्रत्येक मतदाता के घर जाकर गणना प्रपत्र देने और भरवाने की पूरी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान बीएलओ की सहायता के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए 2 और स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाता से गणना प्रपत्र भरकर वापस लेते समय किसी भी प्रकार के दस्तावेज की माँग नहीं करेंगे। प्रशिक्षण में बीएलओ को गणना प्रपत्र भरने और उसे बीएलओ ऐप में अपलोड करने संबंधी विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण सत्र में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सुधीर प्रकाश (बसिया), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी रमेश कुमार यादव (सिसई), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सोमराई किंडो (सिसई), निर्वाचन शाखा से सुमित केशरी (सिसई), अनुमंडल कार्यालय बसिया की निर्वाचन शाखा से सौरभ गुप्ता, निर्वाचन पर्यवेक्षक (सिसई), और सिसई प्रखंड के सभी बीएलओ उपस्थित थे।1
- जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए अब पैसे खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। 'नेचुरल वेदा' द्वारा मुफ्त फैट लॉस का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई पैसा नहीं लगेगा।1
- मौसम विभाग ने झारखंड के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। यह अपडेट राज्य के लोगों से इसे अवश्य देखने का आग्रह करती है, जिससे इसकी गंभीरता और प्रासंगिकता का संकेत मिलता है।1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कातिंग गांव में सोमवार को जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने लगभग 24 लाख रुपये की लागत वाली पीसीसी सड़क का विधिवत शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत मुख्य सड़क से गोरटो तक करीब 500 मीटर लंबा मार्ग निर्मित होगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।1
- गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बसिया रोड बाईपास अंडर पास के समीप एक तेज रफ्तार दूध गाड़ी ने स्कूटी सवार को सीधी और जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण स्कूटी सवार जमीन पर गिर गया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटनास्थल से गुजर रहे आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तुरंत स्कूटी सवार को सहारा देकर उठाया। उन्होंने दूध गाड़ी के चालक और स्कूटी सवार दोनों को सावधानीपूर्वक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। इस दौरान आजसू युवा जिला अध्यक्ष मनीष सिंह, अजीत सह, गोलू श्रीवास्तव, अशोक सिंह, राजेश गोप, और सोनू साहु सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे।1