चित्रकूट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ रात के समय कुछ घुमक्कड़ लोगों को विभाग द्वारा पहले से ही जर्जर घोषित किए गए एक भवन में रखे जाने की जानकारी मिली। इस मामले की खबर मिलने पर जब मीडियाकर्मी सच्चाई जानने पहुँचे और सवाल पूछने लगे, तो आरोप है कि चित्रकूट थाना प्रभारी ने जवाब देने के बजाय दूर खड़े पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मीडियाकर्मियों ने इस कृत्य को उन्हें डराने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। इस घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि क्या उन्हें जनहित के मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से जानकारी हासिल करने और सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। यह पूरा प्रकरण कई अहम सवाल खड़े करता है। यदि किसी भवन को विभाग ने जर्जर घोषित कर दिया था, तो फिर किस आधार पर उसमें लोगों को रखने का निर्णय लिया गया? इसके अतिरिक्त, पत्रकारों द्वारा पूछे गए वैध सवालों का उत्तर देने के बजाय उनका वीडियो बनाना क्या प्रशासनिक दृष्टि से उचित व्यवहार माना जा सकता है?
चित्रकूट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ रात के समय कुछ घुमक्कड़ लोगों को विभाग द्वारा पहले से ही जर्जर घोषित किए गए एक भवन में रखे जाने की जानकारी मिली। इस मामले की खबर मिलने पर जब मीडियाकर्मी सच्चाई जानने पहुँचे और सवाल पूछने लगे, तो आरोप है कि चित्रकूट थाना प्रभारी ने जवाब देने के बजाय दूर खड़े पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मीडियाकर्मियों ने इस कृत्य को उन्हें डराने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। इस घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि क्या उन्हें जनहित के मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से जानकारी हासिल करने और सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। यह पूरा प्रकरण कई अहम सवाल खड़े करता है। यदि किसी भवन को विभाग ने जर्जर घोषित कर दिया था, तो फिर किस आधार पर उसमें लोगों को रखने का निर्णय लिया गया? इसके अतिरिक्त, पत्रकारों द्वारा पूछे गए वैध सवालों का उत्तर देने के बजाय उनका वीडियो बनाना क्या प्रशासनिक दृष्टि से उचित व्यवहार माना जा सकता है?
- चित्रकूट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ रात के समय कुछ घुमक्कड़ लोगों को विभाग द्वारा पहले से ही जर्जर घोषित किए गए एक भवन में रखे जाने की जानकारी मिली। इस मामले की खबर मिलने पर जब मीडियाकर्मी सच्चाई जानने पहुँचे और सवाल पूछने लगे, तो आरोप है कि चित्रकूट थाना प्रभारी ने जवाब देने के बजाय दूर खड़े पत्रकारों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मीडियाकर्मियों ने इस कृत्य को उन्हें डराने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। इस घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि क्या उन्हें जनहित के मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से जानकारी हासिल करने और सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। यह पूरा प्रकरण कई अहम सवाल खड़े करता है। यदि किसी भवन को विभाग ने जर्जर घोषित कर दिया था, तो फिर किस आधार पर उसमें लोगों को रखने का निर्णय लिया गया? इसके अतिरिक्त, पत्रकारों द्वारा पूछे गए वैध सवालों का उत्तर देने के बजाय उनका वीडियो बनाना क्या प्रशासनिक दृष्टि से उचित व्यवहार माना जा सकता है?1
- नगर पालिक निगम कटनी द्वारा वीर सावरकर वार्ड स्थित शंभू टॉकीज रोड पर आयोजित "राहगीरी डे" कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल कटनी को स्वस्थ, स्वच्छ और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से की गई थी, जिसके माध्यम से नगरवासियों के बीच स्वास्थ्य, स्वच्छता और फिटनेस के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश साझा किया गया। इस दौरान शंभू टॉकीज रोड पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में योग, खेलकूद, संगीत, नृत्य और साइकिलिंग जैसी विभिन्न मनोरंजक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि "स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं।" आयोजकों ने इस बात पर बल दिया कि नियमित व्यायाम, स्वच्छ वातावरण और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाकर नागरिक न केवल स्वयं को, बल्कि अपने शहर को भी बेहतर बना सकते हैं। साथ ही यह भी दोहराया गया कि "स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।" इस विशेष दिन पर, उपस्थित सभी नागरिकों ने कटनी को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण हितैषी बनाने की शपथ ली। विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली का संदेश जन-जन तक पहुँचा। "राहगीरी डे" जैसे आयोजन नागरिकों को स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुए। सभी प्रतिभागियों, आयोजकों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए, "स्वस्थ रहें, स्वच्छ रहें और अपने शहर को आदर्श बनाने में सहभागी बनें" का आह्वान किया गया।1
- कटनी नगर से एक श्रद्धालु ने माँ विंध्यवासिनी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है। भक्त ने अपनी माँ के समक्ष केवल एक ही अर्जी प्रस्तुत की है, साथ ही यह भी स्वीकार किया है कि अंततः सब कुछ माँ की ही मर्जी पर निर्भर करता है।1
- रविवार शाम रीठी रेलवे स्टेशन पर रीवा–चार पल्ली एक्सप्रेस ट्रेन लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। ट्रेन शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट पर स्टेशन पहुंची और लगभग 7 बजकर 33 मिनट तक वहीं रुकी रही। हालांकि, ट्रेन के इतने लंबे समय तक रुकने के पीछे के कारणों की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी। ट्रेन के लंबे ठहराव के दौरान यात्रियों को पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझना पड़ा। कई यात्री पानी की तलाश में स्टेशन परिसर में इधर-उधर भटकते नजर आए। कुछ यात्रियों ने अपनी प्यास बुझाने के लिए स्टेशन पर संचालित कैंटीन से बोतलबंद पानी खरीदकर काम चलाया। यात्रियों ने बताया कि गर्मी और उमस के बीच ट्रेन के इतने लंबे समय तक रुके रहने से उनकी परेशानी और बढ़ गई, और उन्हें पर्याप्त पेयजल उपलब्ध न होने के कारण अतिरिक्त पैसे खर्च कर पानी खरीदना पड़ा। रीठी स्टेशन पर ट्रेन के इस लंबे ठहराव और यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर उनमें काफी नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से ऐसी स्थितियों में पीने के पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की जोरदार मांग की है।1
- दिल्ली में जंतर मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा नीट (NEET) के पेपर को लेकर एक आंदोलन किया गया।1
- पन्ना जिले के बनौली गाँव में एक 17 वर्षीय बालिका सपना रैकवार को उसकी छत पर सोते समय सिर में गोली मार दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग ने अपनी प्रेमिका को गोली मारी थी। इस घटना पर सिमरिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए, गोलीकांड के आरोपी नाबालिग को मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।2
- राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा हो गया है। इस बात पर सबकी निगाहें हैं कि उनकी ये मांगें पूरी हो पाती हैं या नहीं।1
- रविवार की शाम को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर अचानक आई तेज आंधी और भारी बारिश के कारण एयर इंडिया के तीन नैरो-बॉडी विमान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस घटना में, अचानक आई तेज हवाओं और आंधी के चलते रनवे और पार्किंग क्षेत्र में रखे ग्राउंड सपोर्ट उपकरण, जैसे सीढ़ियां और ट्रिसल्स, अपनी जगह से खिसक गए और वहां खड़े एयर इंडिया के विमानों से जा टकराए। इसके बाद तीनों क्षतिग्रस्त विमानों को तुरंत सेवा से हटा दिया गया है और इस पूरे मामले में जांच शुरू कर दी गई है।1