लखीमपुर खीरी में यौमे आशूरा (10 मुहर्रम) के अवसर पर हैदरी टास्क फोर्स ने सेवा, इंसानियत और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की। संगठन ने आमजन, राहगीरों और अकीदतमंदों के लिए ठंडे पानी एवं शर्बत की सबील लगाई, भीषण गर्मी के बीच लोगों को ठंडा पानी और शर्बत पिलाकर मानव सेवा का संदेश दिया। इसके साथ ही, ताजिया जुलूस के दौरान संगठन के स्वयंसेवकों ने पेयजल वितरण, भीड़ प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और श्रद्धालुओं की सहायता जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर हैदरी टास्क फोर्स के जिला अध्यक्ष सैयद अलीशान ज़ैदी ने जोर देकर कहा कि आज देश और समाज को सबसे अधिक हिंदू-मुस्लिम भाईचारे, आपसी प्रेम और सौहार्द की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नफ़रत से किसी का भला नहीं हो सकता और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर ही मजबूत व खुशहाल समाज का निर्माण संभव है। ज़ैदी ने बताया कि मुहर्रम का संदेश इंसानियत, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है, और सभी लोगों से प्रेम व सम्मान के साथ मिल-जुलकर रहने की अपील की। संगठन के लीगल एडवाइज़र एडवोकेट मोहम्मद आफ़ताब ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की महान कुर्बानी पूरी इंसानियत के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि हुसैनियत सत्य, न्याय, मानवता और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े होने का संदेश देती है। आफ़ताब ने कहा कि तपती गर्मी में राहगीरों की सेवा कर हैदरी टास्क फोर्स कर्बला के इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। कार्यक्रम के दौरान संगठन के स्वयंसेवकों ने बिना किसी भेदभाव के पूरी व्यवस्था संभाली और सभी लोगों की सेवा की। स्थानीय नागरिकों ने हैदरी टास्क फोर्स की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं, जिससे लखीमपुर खीरी की गंगा-जमुनी तहजीब और सशक्त होती है। इस मौके पर संस्था के सरपरस्त डॉ. यासूब अब्बास, राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ने आगा, जिलाध्यक्ष सैय्यद अलीशान ज़ैदी, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो. आलम, जिला उपाध्यक्ष आज़म रिज़वी, जिला मंत्री मो. आतिफ, लीगल एडवाइज़र एडवोकेट मो. आफ़ताब, जिला महामंत्री मोहम्मद आलम अंसारी और आकिब खान सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लखीमपुर खीरी में यौमे आशूरा (10 मुहर्रम) के अवसर पर हैदरी टास्क फोर्स ने सेवा, इंसानियत और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की। संगठन ने आमजन, राहगीरों और अकीदतमंदों के लिए ठंडे पानी एवं शर्बत की सबील लगाई, भीषण गर्मी के बीच लोगों को ठंडा पानी और शर्बत पिलाकर मानव सेवा का संदेश दिया। इसके साथ ही, ताजिया जुलूस के दौरान संगठन के स्वयंसेवकों ने पेयजल वितरण, भीड़ प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और श्रद्धालुओं की सहायता जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर हैदरी टास्क फोर्स के जिला अध्यक्ष सैयद अलीशान ज़ैदी ने जोर देकर कहा कि आज देश और समाज को सबसे अधिक हिंदू-मुस्लिम भाईचारे, आपसी प्रेम और सौहार्द की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नफ़रत से किसी का भला नहीं हो सकता और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर ही मजबूत व खुशहाल समाज का निर्माण संभव है। ज़ैदी ने बताया कि मुहर्रम का संदेश इंसानियत, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है, और सभी लोगों से प्रेम व सम्मान के साथ मिल-जुलकर रहने की अपील की। संगठन के लीगल
एडवाइज़र एडवोकेट मोहम्मद आफ़ताब ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की महान कुर्बानी पूरी इंसानियत के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि हुसैनियत सत्य, न्याय, मानवता और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े होने का संदेश देती है। आफ़ताब ने कहा कि तपती गर्मी में राहगीरों की सेवा कर हैदरी टास्क फोर्स कर्बला के इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। कार्यक्रम के दौरान संगठन के स्वयंसेवकों ने बिना किसी भेदभाव के पूरी व्यवस्था संभाली और सभी लोगों की सेवा की। स्थानीय नागरिकों ने हैदरी टास्क फोर्स की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं, जिससे लखीमपुर खीरी की गंगा-जमुनी तहजीब और सशक्त होती है। इस मौके पर संस्था के सरपरस्त डॉ. यासूब अब्बास, राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ने आगा, जिलाध्यक्ष सैय्यद अलीशान ज़ैदी, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो. आलम, जिला उपाध्यक्ष आज़म रिज़वी, जिला मंत्री मो. आतिफ, लीगल एडवाइज़र एडवोकेट मो. आफ़ताब, जिला महामंत्री मोहम्मद आलम अंसारी और आकिब खान सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रशासन की सक्रियता के क्रम में, लखीमपुर-खीरी के फरधान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को फायर विभाग ने एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान सीएचसी के डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए बचाव एवं राहत कार्यों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। मॉक ड्रिल के दौरान, फायर विभाग के अधिकारियों ने अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग का प्रदर्शन किया और अस्पताल स्टाफ को आग लगने पर त्वरित बचाव, नियंत्रण और सुरक्षित निकासी की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी बताया गया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आग लगने की स्थिति में बिना घबराए किस प्रकार की कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को भी अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, उन्हें अस्पताल परिसर में बीड़ी, सिगरेट या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग न करने की सलाह दी गई, साथ ही आगाह किया गया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित बाजपेई ने बताया कि लखनऊ की घटना के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह मॉक ड्रिल कराई गई है। उन्होंने जोर दिया कि अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, इसलिए किसी भी आकस्मिक स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम रखना उनकी प्राथमिकता है। इस ड्रिल में डॉक्टरों, नर्सों, वार्ड बॉय और सुरक्षा कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, और नियमित रूप से ऐसे अभ्यासों की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। ड्रिल के बाद, अग्निशमन टीम ने सीएचसी फरधान में लगे अग्निशमन उपकरणों का निरीक्षण किया, उनकी कार्यक्षमता की जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई, थानाध्यक्ष निराला तिवारी, अग्निशमन टीम, फार्मासिस्ट यशपाल, डॉ. प्रतिभा अवस्थी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विनीत, बीपीएम रविंद्र अवस्थी और बीसीपीएम दिनेश कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।1
- पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन नई बस्ती स्थित एक खाली पड़े प्लॉट में शनिवार को एक अज्ञात अधेड़ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पलिया कोतवाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने जानकारी दी कि पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित किया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इसके उपरांत मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।4
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना क्षेत्र की झंडी चौकी अंतर्गत पचपेड़ी गांव में मोहर्रम के दौरान बनाए जा रहे 55 फीट ऊँचे ताजिए पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। मानक से अधिक ऊंचाई का ताजिया तैयार किए जाने की सूचना मिलने के बाद तहसील और पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा। प्रशासन ने ताजिए को गिराकर उसकी ऊंचाई कम करवाई, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ताजिया खड़ा होने के बाद उसे जबरन गिराकर काटा गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि जब पूरी रात ताजिया तैयार किया जा रहा था, तो झंडी चौकी पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत कर माहौल को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है और प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।2
- लखीमपुर खीरी जनपद के कस्बा खीरी में मोहर्रम की 10 तारीख यानी यौमे आशूरा के अवसर पर अकीदतमंदों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान एक से बढ़कर एक खूबसूरत और दिलों को छू लेने वाले ताज़ियों को पूरे एहतराम, मोहब्बत और अकीदत के साथ ज़ियारत के बाद नम आँखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मंज़र में हर आँख नम थी, हर चेहरा ग़मगीन था और हर ज़ुबान पर सिर्फ़ "या हुसैन… या हुसैन…" की सदा गूँज रही थी। मोहर्रम केवल एक तारीख या रस्म नहीं, बल्कि सब्र, कुर्बानी, इंसाफ और हक़ की राह पर कायम रहने का पैगाम है। यह दिन कर्बला के उस अज़ीम वाकये की याद दिलाता है, जहाँ इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके जानिसार साथियों ने इंसानियत, अमन, इंसाफ और सच्चाई के लिए तपती हुई रेत पर ऐसी मिसाल कायम की जिसे दुनिया कभी भूल नहीं सकती। उन्होंने कठिन हालात, प्यास और तकलीफ़ों के बावजूद हक़ के सामने झुकने के बजाय कुर्बानी को चुना, यही कारण है कि सदियाँ बीत जाने के बाद भी आज दुनिया भर में शहीदाने कर्बला को याद किया जाता है। कस्बा खीरी में भी उसी अकीदत और एहतराम की झलक देखने को मिली, जहाँ छोटे बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग सहित हर उम्र के लोग इस ग़म में शरीक हुए। रास्तों पर लोगों की भीड़, ताज़ियों की रौनक और ग़म का माहौल एक साथ छाया रहा। दूर-दूर से आए कई अकीदतमंदों ने फ़ातिहा पढ़ी, दुआ की और ख़ामोशी से खड़े होकर अपनी अकीदत पेश की। जैसे-जैसे ताज़िये अपने आखिरी मरहले की तरफ बढ़ते गए, माहौल और ज़्यादा पुरअसर होता गया। ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के दौरान कई लोगों की आँखें नम थीं और फ़िज़ाओं में "लब्बैक या हुसैन" की सदाएँ गूँज उठीं, जब लोगों ने शहीदाने कर्बला की कुर्बानियों को सलाम पेश किया। यह मोहर्रम हमें यह भी सिखाता है कि इंसानियत, सब्र, इखलास और सच्चाई का रास्ता कभी ख़त्म नहीं होता; वक्त बदल जाता है लेकिन कुर्बानी और हक़ की आवाज़ हमेशा ज़िंदा रहती है।1
- आज 26 जून, 2026 को जनपद खीरी में मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में आयोजित होने वाले ताजिया एवं शोक जुलूसों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए खीरी पुलिस द्वारा व्यापक एवं बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है। पुलिस प्रशासन लगातार अलर्ट रहकर सभी संबंधित आयोजकों, ताजिया समितियों, धर्मगुरुओं एवं शांति समिति के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है। इस प्रक्रिया के तहत, जुलूस मार्गों का संयुक्त निरीक्षण किया गया है और सुरक्षा, यातायात के साथ-साथ अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जा चुका है। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।1
- लखीमपुर खीरी जिले के अग्गरबुजुर्ग कर्बला में विभिन्न गांवों से आईं सभी ताजिया शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचीं और गमगीन माहौल के बीच दफन की गईं। कंचनपुर, तेंदुआ, मुड़िया, बहादुरपुर, गोला, अगर खुर्द, फूलबेहड़, अगर बुजुर्ग, बम्मनपुर, करारा, पिपरांव, गुलरिया, बड़ीपुरवा, मिठानबोझी, सल्लिहा, भीखनपुर और पिपरिया अंडू जैसे कई क्षेत्रों से आईं सभी ताजिया सकुशल कर्बला पहुंचीं और विधिवत रूप से दफन कर दी गईं।1
- सलेमपुर कौन से रामपुर नगर के बीच चल रहे अवैध मिट्टी खनन के दौरान 26 जून को सुबह लगभग 6:00 बजे पंकज कुमार (30 वर्ष), पिता मनु लाल, की मिट्टी में दबकर मौत हो गई। आरोप है कि मनोज, जो ट्रैक्टर चला रहा था, तथा धररा और राममूर्ति (पिता मेघे) को सुबह 6:00 बजे ही इस घटना की जानकारी हो गई थी, लेकिन उन्होंने मृतक के परिजनों को इसकी खबर नहीं दी। लगभग 9:00 बजे किसी अन्य व्यक्ति ने परिजनों को सूचित किया। जब मृतक की माताजी, पत्नी और बहन सहित परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि शव वहां नहीं था। बताया गया है कि पुलिस द्वारा युवक के शव को सुबह 6:00 बजे ही बिना परिजनों को सूचित किए पीएम हाउस ले जाया गया और वहां से गायब कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिस ट्रैक्टर से मृत्यु हुई थी, वह पॉवरट्रैक था, लेकिन मौके पर सोनालिका ट्रैक्टर दिखाया गया, क्योंकि उसके सभी कागजात पूरे थे। आरोप है कि मनोज, धररा और राममूर्ति मिलकर पुलिस प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और ट्रैक्टर बदलकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।1