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जगदलपुर के प्रतापगंज पारा की जमीन को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। सर्व समाज ने जैन दिगंबर समाज को 7500 स्क्वायर फीट जमीन आवंटित किए जाने का कड़ा विरोध किया है। सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने इस आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। वहीं, सर्व पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने इस मुद्दे को मूल निवासियों के सम्मान से जुड़ा हुआ बताया। समाज का स्पष्ट कहना है कि इस जमीन पर एक सामुदायिक भवन का निर्माण होना चाहिए, जिससे बस्तर दशहरा के दौरान आने वाले देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं को समुचित सुविधा मिल सके। इस मामले में समाज ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनप्रतिनिधियों के बंगलों के सामने धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
Yogesh Sao
जगदलपुर के प्रतापगंज पारा की जमीन को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। सर्व समाज ने जैन दिगंबर समाज को 7500 स्क्वायर फीट जमीन आवंटित किए जाने का कड़ा विरोध किया है। सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने इस आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। वहीं, सर्व पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने इस मुद्दे को मूल निवासियों के सम्मान से जुड़ा हुआ बताया। समाज का स्पष्ट कहना है कि इस जमीन पर एक सामुदायिक भवन का निर्माण होना चाहिए, जिससे बस्तर दशहरा के दौरान आने वाले देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं को समुचित सुविधा मिल सके। इस मामले में समाज ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनप्रतिनिधियों के बंगलों के सामने धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
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- बस्तर की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ कांग्रेस नेत्री कमल झज्ज ने महामंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। भाजपा नेताओं ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। कमल झज्ज लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय थीं, और उनके इस्तीफे के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जो अब सच साबित हुई हैं। पार्टी बदलने के अपने फैसले पर उन्होंने कहा कि वे भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर यह कदम उठा रही हैं। उनके इस कदम से भाजपा को बस्तर में मजबूती मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है।1
- बस्तर में एक सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने के कारण छह लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है। यह एक गंभीर घटना मानी जा रही है और प्रशासन द्वारा इसकी गहन जांच जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी मुन्नार जी अपनी अनोखी स्केटिंग यात्रा पर भारत भ्रमण के लिए निकले हैं। उन्होंने इस यात्रा के दौरान देश के 30 राज्यों का भ्रमण करने के साथ-साथ 12 ज्योतिर्लिंगों, चारधामों और 20 शक्तिपीठों के दर्शन का संकल्प लिया है। अपनी इस यात्रा में वे अब तक गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना का भ्रमण कर चुके हैं, और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। आज गुरुवार को, मुन्नार जी सुबह लगभग 09:30 बजे फरसगांव से बड़ेडोंगर के लिए रवाना हुए हैं। दोपहर तक उनके बड़ेडोंगर पहुँचकर मां दंतेश्वरी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेने की योजना है। मुन्नार जी की यह असाधारण स्केटिंग यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण संदेश दे रही है।2
- पखांजूर सिविल अस्पताल में एक मासूम बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में काफी बवाल हुआ है। इस घटना ने अब कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह बड़ा प्रश्न उठ रहा है कि आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है।1
- SA TrueStory CG YouTube चैनल पर जल्द ही एक विशेष कहानी प्रसारित होने वाली है, जिसमें एक IIT गोल्ड मेडलिस्ट के अनसुने सफर को दिखाया जाएगा। यह प्रस्तुति दर्शकों को एक प्रेरणादायक यात्रा से रूबरू कराएगी।1
- बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, खनिज अमले ने विकासखंड रामचन्द्रपुर के ग्राम पंचायत धौली लिबरा में एक रेत खदान का औचक निरीक्षण किया, जहाँ कन्हर नदी के किनारे अवैध रेत उत्खनन में लिप्त एक चैन माउंटेड मशीन को जब्त किया गया। खनिज अधिकारी श्री राहुल गुलाटी ने बताया कि रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पचावल स्थित पांगन नदी में तीन स्वीकृत खदानें संचालित हैं, इसके बावजूद प्राप्त सूचनाओं के आधार पर वहां नियम विरुद्ध मशीनों से उत्खनन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पांगन नदी किनारे एक पोकलेन मशीन रेत उत्खनन में संलिप्त पाए जाने पर उसे जब्त कर लिया गया। पूर्व में भी रामानुजगंज, रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पचावल स्थित पांगन नदी से अवैध रेत खनन और रैंप/रास्ता बनाने के आरोप में एक जेसीबी वाहन जब्त किया गया था, जिस पर एक लाख रुपये की शास्ति/समझौता राशि सरकारी कोष में जमा कराई गई। ग्राम पचावल से ही अवैध रेत भंडारण के आरोप में एक अन्य जेसीबी और एक हाइवा वाहन जब्त किए गए, जिस पर बयालीस हजार आठ सौ पचास रुपये की शास्ति/समझौता राशि जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त, खनिज अमले ने मई 2026 में राजपुर, बरियों और शंकरगढ़ क्षेत्र की महान नदी एवं गलफूला नदी से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए 19 वाहनों को जब्त कर राजपुर और बरियों थाना/चौकी तथा पुलिस सहायता केंद्र डिपाडीह की सुरक्षा में दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में अवैध परिवहन, अवैध उत्खनन और अवैध भंडारण के कुल 152 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 142 प्रकरणों का निराकरण कर 35,02,524 रुपये की वसूली की गई, जबकि 10 दर्ज प्रकरणों में नोटिस जारी किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 12 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 06 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 1,78,880 रुपये की वसूली की गई है तथा 06 दर्ज प्रकरणों में नोटिस जारी किए गए हैं। जिले में अवैध परिवहन, अवैध उत्खनन और अवैध भंडारण के खिलाफ यह निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।2
- बलरामपुर के ग्राम पंचायत संतोषीनगर की निवासी मंजू सय्यल ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी साबित होने से, कभी सीमित संसाधनों के कारण परिवार की ज़रूरतें पूरी करने में संघर्ष करने वाली मंजू आज आर्थिक रूप से सशक्त होकर 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। मंजू सय्यल ने खेती, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और सब्जी बिक्री जैसे माध्यमों से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया है, और अब वे अपना व्यवसाय बढ़ाते हुए किराना दुकान खोलने की योजना बना रही हैं। उन्होंने 'जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह' से जुड़कर आर्थिक सहयोग प्राप्त किया। समूह से ऋण लेकर मंजू ने खेती-बाड़ी और पशुपालन का कार्य शुरू किया; शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे प्रतिमाह लगभग ₹30,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। खेती को और बेहतर बनाने के लिए कृषि विभाग ने मंजू को सिंचाई हेतु पंप प्रदान किया है, जिससे समय पर खेतों में पानी मिल पा रहा है। साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से खेती-किसानी के कार्यों में उन्हें आर्थिक सहूलियत मिली है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है; प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें अपना पक्का घर मिला, जिससे उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण से घर में स्वच्छता और सुविधा बढ़ी है, और राशन कार्ड के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न भी प्राप्त हो रहा है। मंजू सय्यल का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय साबित हुआ है। पहले जहाँ परिवार की आर्थिक स्थिति कमज़ोर थी, वहीं आज अपनी मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से वे पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। अब मंजू अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं, दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।1
- जगदलपुर के प्रतापगंज पारा की जमीन को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। सर्व समाज ने जैन दिगंबर समाज को 7500 स्क्वायर फीट जमीन आवंटित किए जाने का कड़ा विरोध किया है। सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने इस आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। वहीं, सर्व पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने इस मुद्दे को मूल निवासियों के सम्मान से जुड़ा हुआ बताया। समाज का स्पष्ट कहना है कि इस जमीन पर एक सामुदायिक भवन का निर्माण होना चाहिए, जिससे बस्तर दशहरा के दौरान आने वाले देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं को समुचित सुविधा मिल सके। इस मामले में समाज ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनप्रतिनिधियों के बंगलों के सामने धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।3