दतिया जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय बिछड़ी हुई बालिका हर्षिता को खोजकर सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना दिनांक 28.06.2026 को हुई जब हर्षिता अपने माता-पिता से बिछड़कर राजगढ़ चौराहा पहुंच गई थी। दतिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए दतिया पुलिस लगातार सक्रिय है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बालिका को अपनी सुरक्षित हिरासत में लिया। पुलिस ने बालिका और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। थाना कोतवाली पुलिस के सक्रिय और त्वरित प्रयासों से बालिका के माता-पिता का पता लगाया गया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, बालिका को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने थाना कोतवाली पुलिस की तीव्र कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। दतिया पुलिस ने दोहराया कि वह नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।
दतिया जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय बिछड़ी हुई बालिका हर्षिता को खोजकर सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना दिनांक 28.06.2026 को हुई जब हर्षिता अपने माता-पिता से बिछड़कर राजगढ़ चौराहा पहुंच गई थी। दतिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए दतिया पुलिस लगातार सक्रिय है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बालिका को अपनी सुरक्षित हिरासत में लिया। पुलिस ने बालिका और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। थाना कोतवाली पुलिस के सक्रिय और त्वरित प्रयासों से बालिका के माता-पिता का पता लगाया गया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, बालिका को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने थाना कोतवाली पुलिस की तीव्र कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। दतिया पुलिस ने दोहराया कि वह नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।
- यह सवाल उठाया गया है कि क्या पूर्व गृहमंत्री द्वारा कही गई 'आखिरी पंक्ति' का अर्थ दतिया की जनता से किसी प्रकार की उम्मीद या अपेक्षा का संकेत है। यह पंक्ति, जैसा कि पूछा गया है, पूर्व गृहमंत्री के एक बयान का हिस्सा हो सकती है और इसे दतिया के लोगों से जुड़ी किसी आशा या पूर्वानुमान के तौर पर देखा जा रहा है।1
- दतिया में कोतवाली पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहाँ उन्होंने अपने माता-पिता से बिछड़ी हुई एक 6 वर्षीय बालिका को सुरक्षित खोजकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। यह घटना 28 जून 2026 को हुई जब लगभग 6 वर्षीय बालिका हर्षिता अपने माता-पिता से बिछड़कर घूमते-घूमते राजगढ़ चौराहे पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक दतिया के निर्देशन में आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए सक्रिय दतिया पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके उपरांत, पुलिस ने बालिका और आस-पास मौजूद लोगों से पूछताछ कर उसके परिजनों की जानकारी जुटाई। तत्परता और सक्रिय प्रयासों के बल पर पुलिस ने बालिका के माता-पिता का पता लगाया और आवश्यक सत्यापन के बाद उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। अपनी पुत्री को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने कोतवाली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया। दतिया पुलिस ने यह भी दोहराया है कि वे नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए हमेशा तत्पर हैं।1
- दतिया जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय बिछड़ी हुई बालिका हर्षिता को खोजकर सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना दिनांक 28.06.2026 को हुई जब हर्षिता अपने माता-पिता से बिछड़कर राजगढ़ चौराहा पहुंच गई थी। दतिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए दतिया पुलिस लगातार सक्रिय है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बालिका को अपनी सुरक्षित हिरासत में लिया। पुलिस ने बालिका और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। थाना कोतवाली पुलिस के सक्रिय और त्वरित प्रयासों से बालिका के माता-पिता का पता लगाया गया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, बालिका को सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने थाना कोतवाली पुलिस की तीव्र कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। दतिया पुलिस ने दोहराया कि वह नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुर गांव में शनिवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी, जिसके बाद उसने खुद भी रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना मुरैना जिला मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव की है। 35 वर्षीय बलराम कुशवाह ने देर रात अपनी 32 वर्षीय पत्नी रविता कुशवाह और बेटों, आठ वर्षीय आरव तथा छह वर्षीय देव की सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पत्नी ने बचने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उस पर लगातार वार किए। वारदात को अंजाम देने के बाद बलराम घर की दीवार फांदकर निकला और करीब छह किलोमीटर दूर शिकारपुर रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। घटना का खुलासा शनिवार सुबह तब हुआ, जब दूध देने वाला व्यक्ति घर पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद पड़ोस में रहने वाली महिला ने दीवार से झांककर देखा तो आंगन और खटिया पर तीनों शव पड़े मिले। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से खून से सनी कुल्हाड़ी और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बलराम अपनी पत्नी के सोशल मीडिया इस्तेमाल और इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए वीडियो को लेकर लंबे समय से नाराज था। कुछ दिन पहले गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान रविता का एक डांस वीडियो सामने आने के बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया था। इसी विवाद के चलते रविता मायके चली गई थी। परिजनों की समझाइश के बाद वह बच्चों के साथ वापस लौटी, लेकिन शुक्रवार रात फिर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और उसके बाद यह दर्दनाक वारदात हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बलराम की मां ने रोते हुए बताया कि वह रोज अंदर सोती थीं, लेकिन उसी रात कूलर की आवाज के कारण उन्हें किसी आहट का पता नहीं चला और वह बाहर सो गईं। सुबह बहू और पोतों के शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित आतरी गांव में आज अपने आप आग लगने की घटना सामने आई है। इस अनजान रहस्य को फिलहाल कोई भी समझ नहीं पा रहा है।1
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्रता प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। वर्तमान में, योजना के अंतर्गत भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। इस पूरी प्रक्रिया के पीछे मुख्य चिंता यह है कि कोई भी पात्र हितग्राही इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।1
- दतिया जिले के खलकापुरा से छोटू वाल्मीकि ने अपने 200 समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की है। इस घटनाक्रम से पार्टी को क्षेत्र में नई मजबूती मिली है।1
- शहर भिंड में अब माता बहनों के लिए सर्वार्थ अल्ट्रासाउंड नामक एक नई सेवा शुरू की गई है। यह अल्ट्रासाउंड सुविधा विशेष रूप से महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई जा रही है। लोगों को इस नई सुविधा में उपलब्ध विशेष चीज़ें देखने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।1