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राजस्थान के खाटूश्यामजी में स्थित होटल राधे की हवेली में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई, जिसके चलते समूची श्याम नगरी में हलचल मच गई। आग की तेज लपटों और घने धुएं से पूरी होटल घिर गई, जिससे आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल फैल गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कल शुक्ल पक्ष एकादशी का मेला है और आज से ही खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। आग पर काबू पाने के लिए मंदिर कमेटी और पालिका की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिन्होंने तंग गलियों के बावजूद कड़ी मशक्कत कर आग बुझाई। यह भी उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही 'पत्रिका' ने प्रशासन और सरकार को ऐसी किसी संभावित स्थिति के प्रति आगाह किया था। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
Arvind kumar sarsar
राजस्थान के खाटूश्यामजी में स्थित होटल राधे की हवेली में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई, जिसके चलते समूची श्याम नगरी में हलचल मच गई। आग की तेज लपटों और घने धुएं से पूरी होटल घिर गई, जिससे आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल फैल गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कल शुक्ल पक्ष एकादशी का मेला है और आज से ही खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। आग पर काबू पाने के लिए मंदिर कमेटी और पालिका की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिन्होंने तंग गलियों के बावजूद कड़ी मशक्कत कर आग बुझाई। यह भी उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही 'पत्रिका' ने प्रशासन और सरकार को ऐसी किसी संभावित स्थिति के प्रति आगाह किया था। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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- चिड़ावा के पास हिरवा गांव में मंगलवार को किसान राजपाल पुत्र हनुमानाराम के घर के नजदीक रखी करीब 60 मन कड़बी और पुलों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप ले लिया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा, जिसमें बड़ी मात्रा में कड़बी और पुलें जलकर राख हो गईं। सूचना मिलते ही चिड़ावा फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर फाइटर नरेश कुमार और अरविंद ने कड़ी मशक्कत के बाद समय रहते आग पर काबू पा लिया। टीम की इस तत्परता के कारण आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया।1
- जयपुर जिले के बिशनगढ़ स्थित घाटी में एक बाघ या चीते के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- झुंझुनूं जिले के अलसीसर स्थित मरोदिया तालाब में मंगलवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने इसकी अध्यक्षता की। कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक कलश यात्रा से हुआ, जिसके बाद पीपल पूजन, सरोवर पूजन और श्रमदान जैसे आयोजनों से जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वृक्षारोपण भी किया। अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि सरकार शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसके लिए हरियाणा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं और लगभग 32 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के पूरा होने पर सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों को पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत 19 विभागों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें वर्षा ऋतु से पहले पौधारोपण की तैयारी, प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण गतिविधियां और जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री ने लोगों से घरों में कुंड बनाकर वर्षा जल का संरक्षण करने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने "जल है तो जीवन है, जल है तो कल है" का संदेश देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पानी की हर बूंद का महत्व समझने और वर्षा जल संरक्षण अपनाने का आह्वान किया। पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ ने पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्थाओं को आधुनिक जीवन में पुनः अपनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरुषोत्तम धानका ने अभियान का उद्देश्य आमजन की भागीदारी बढ़ाना और व्यापक जनजागरूकता पैदा करना बताया, यह रेखांकित करते हुए कि समाज की सहभागिता के बिना प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी संरक्षण संभव नहीं है। कार्यक्रम के अंत में, बड़ी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन ने जल बचाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को पेड़-पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, सीईओ पुरुषोत्तम धानका, मलसीसर एसडीएम सुमन चौधरी, एसीईओ रामनिवास चौधरी, बीडीओ अलसीसर ममता चौधरी, बीडीओ मंडावा अमित चौधरी, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी, जिला कोषाधिकारी डॉ सतीश खेदड़, जिला रसद अधिकारी डॉ निकिता राठौड़, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अभिषेक चौपदार, एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एम के टिबडा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश मील, समग्र शिक्षा के सहायक निदेशक अशोक जांगिड़, स्काउट एंड गाइड सीओ महेश कालावत, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ पवन पूनिया, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मनोज गौड़, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ राजेंद्र लांबा, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ विजयपाल कस्वा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अरविंद लामोरिया, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता राजपाल सिंह, अभियान के जिला संयोजक राकेश शर्मा, पूर्व प्रधान अलसीसर गिरधारी लाल खिचड़, बनवारी लाल सैनी, रोहिताश धागड़, प्यारेलाल ढूकिया, राजेंद्र ठेकेदार, बलबीर, कुलदीप पूनिया, हारून भाटी, रामप्रताप खेदड़, बलबीरसिंह लादूसर, चिरंजीलाल चौमाल, अरुण कौशिक, लक्ष्मीकांत मिश्रा, पवन चौमाल, बालकृष्ण लालपुरिया, इंद्रसिंह चौहान, भवानीसिंह शेखावत, प्रदीप सैनी, कुलदीप पूनिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।4
- ग्यारस के दिन शरबत या शिकंजी पिलाने को जनसेवा का एक बहुत ही पुण्य का कार्य माना जाता है।1
- जयपुर जिले के विराटनगर स्थित बीलवाड़ी घाटी में सड़क पर घूम रहे एक गोवंश को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के कारण गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने तुरंत पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस को इस मामले की सूचना दी।1
- भीलवाड़ा शहर में श्री श्री 1008 महंत सुरेशदास जी महाराज और श्री निर्मल दास जी महाराज के सानिध्य में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का एक शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें विधायक उदयलाल भड़ाना, राष्ट्रीय महामंत्री बच्चूसिंह बैशला, प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद धाभाई, जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर, पूर्व विधायक गोपीचंद गुर्जर, गुजरात के पूर्व गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष गोर्धन भाई झाडपीया, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष कामिनी गुर्जर, विकास जांगल, पारस गुर्जर, पंजाब से कमल चौहान और हरियाणा से सावरमल सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। साथ ही, समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।3
- राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र से एक दलित युवक के साथ कथित अमानवीय अत्याचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खींवासर की झाझड़ियो की ढाणी निवासी पवन मेघवाल ने आरोप लगाया है कि गांव का ही एक युवक उसे ट्रैक्टर में बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसे नग्न कर तारों के बेंत से बेरहमी से पीटा गया। इस क्रूर घटना में युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान उभर आए हैं। पीड़ित पवन मेघवाल किसी तरह अपने गांव पहुंचा, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, साथ ही पुलिस को सूचना भी दी। हालांकि, परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस मामले में समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा से मुलाकात की। पूर्व मंत्री ने तुरंत झुंझुनूं के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बात की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इस अमानवीय घटना को लेकर दलित समाज और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि वे घटना की गहन जांच कर रही है।1
- बाबा भोमिया जी महाराज के सम्मान में एक विशाल मेला और भंडारा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।1
- कोटपुतली-बहरोड़ जिले के बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में धूमधाम से मेला और भंडारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु गाजे-बाजे और भजनों के साथ बेरी धाम बियावास से पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिला श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दोपहर 12 बजे तेजाजी महाराज की प्रतिमा को भोग लगाने के बाद प्रसादी वितरण शुरू हुआ। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची और श्रीराम (भक्त जी) ने इस आयोजन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बद्री बरसात, गिर्राज, तेजपाल, प्रकाश, मालीराम, पप्पू राम सैनी और मानाराम कसाना सहित कई लोग उपस्थित रहे।1