झुंझुनूं जिले के अलसीसर स्थित मरोदिया तालाब में मंगलवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने इसकी अध्यक्षता की। कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक कलश यात्रा से हुआ, जिसके बाद पीपल पूजन, सरोवर पूजन और श्रमदान जैसे आयोजनों से जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वृक्षारोपण भी किया। अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि सरकार शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसके लिए हरियाणा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं और लगभग 32 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के पूरा होने पर सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों को पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत 19 विभागों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें वर्षा ऋतु से पहले पौधारोपण की तैयारी, प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण गतिविधियां और जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री ने लोगों से घरों में कुंड बनाकर वर्षा जल का संरक्षण करने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने "जल है तो जीवन है, जल है तो कल है" का संदेश देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पानी की हर बूंद का महत्व समझने और वर्षा जल संरक्षण अपनाने का आह्वान किया। पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ ने पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्थाओं को आधुनिक जीवन में पुनः अपनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरुषोत्तम धानका ने अभियान का उद्देश्य आमजन की भागीदारी बढ़ाना और व्यापक जनजागरूकता पैदा करना बताया, यह रेखांकित करते हुए कि समाज की सहभागिता के बिना प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी संरक्षण संभव नहीं है। कार्यक्रम के अंत में, बड़ी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन ने जल बचाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को पेड़-पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, सीईओ पुरुषोत्तम धानका, मलसीसर एसडीएम सुमन चौधरी, एसीईओ रामनिवास चौधरी, बीडीओ अलसीसर ममता चौधरी, बीडीओ मंडावा अमित चौधरी, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी, जिला कोषाधिकारी डॉ सतीश खेदड़, जिला रसद अधिकारी डॉ निकिता राठौड़, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अभिषेक चौपदार, एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एम के टिबडा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश मील, समग्र शिक्षा के सहायक निदेशक अशोक जांगिड़, स्काउट एंड गाइड सीओ महेश कालावत, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ पवन पूनिया, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मनोज गौड़, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ राजेंद्र लांबा, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ विजयपाल कस्वा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अरविंद लामोरिया, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता राजपाल सिंह, अभियान के जिला संयोजक राकेश शर्मा, पूर्व प्रधान अलसीसर गिरधारी लाल खिचड़, बनवारी लाल सैनी, रोहिताश धागड़, प्यारेलाल ढूकिया, राजेंद्र ठेकेदार, बलबीर, कुलदीप पूनिया, हारून भाटी, रामप्रताप खेदड़, बलबीरसिंह लादूसर, चिरंजीलाल चौमाल, अरुण कौशिक, लक्ष्मीकांत मिश्रा, पवन चौमाल, बालकृष्ण लालपुरिया, इंद्रसिंह चौहान, भवानीसिंह शेखावत, प्रदीप सैनी, कुलदीप पूनिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
झुंझुनूं जिले के अलसीसर स्थित मरोदिया तालाब में मंगलवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने इसकी अध्यक्षता की। कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक कलश यात्रा से हुआ, जिसके बाद पीपल पूजन, सरोवर पूजन और श्रमदान जैसे आयोजनों से जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वृक्षारोपण भी किया। अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि सरकार शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसके लिए हरियाणा
सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं और लगभग 32 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के पूरा होने पर सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों को पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत 19 विभागों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें वर्षा ऋतु से पहले पौधारोपण की तैयारी, प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण गतिविधियां और जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री ने लोगों से घरों में कुंड बनाकर वर्षा जल का संरक्षण करने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने "जल है तो जीवन है, जल है तो कल है" का संदेश देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने
लोगों से पानी की हर बूंद का महत्व समझने और वर्षा जल संरक्षण अपनाने का आह्वान किया। पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ ने पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्थाओं को आधुनिक जीवन में पुनः अपनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरुषोत्तम धानका ने अभियान का उद्देश्य आमजन की भागीदारी बढ़ाना और व्यापक जनजागरूकता पैदा करना बताया, यह रेखांकित करते हुए कि समाज की सहभागिता के बिना प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी संरक्षण संभव नहीं है। कार्यक्रम के अंत में, बड़ी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन ने जल बचाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को पेड़-पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, सीईओ पुरुषोत्तम धानका, मलसीसर एसडीएम सुमन चौधरी, एसीईओ रामनिवास चौधरी, बीडीओ अलसीसर ममता चौधरी, बीडीओ मंडावा अमित चौधरी, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक
देवेंद्र चौधरी, जिला कोषाधिकारी डॉ सतीश खेदड़, जिला रसद अधिकारी डॉ निकिता राठौड़, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अभिषेक चौपदार, एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एम के टिबडा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश मील, समग्र शिक्षा के सहायक निदेशक अशोक जांगिड़, स्काउट एंड गाइड सीओ महेश कालावत, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ पवन पूनिया, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मनोज गौड़, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ राजेंद्र लांबा, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ विजयपाल कस्वा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अरविंद लामोरिया, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता राजपाल सिंह, अभियान के जिला संयोजक राकेश शर्मा, पूर्व प्रधान अलसीसर गिरधारी लाल खिचड़, बनवारी लाल सैनी, रोहिताश धागड़, प्यारेलाल ढूकिया, राजेंद्र ठेकेदार, बलबीर, कुलदीप पूनिया, हारून भाटी, रामप्रताप खेदड़, बलबीरसिंह लादूसर, चिरंजीलाल चौमाल, अरुण कौशिक, लक्ष्मीकांत मिश्रा, पवन चौमाल, बालकृष्ण लालपुरिया, इंद्रसिंह चौहान, भवानीसिंह शेखावत, प्रदीप सैनी, कुलदीप पूनिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- मंडावा कस्बे में मुकुंदगढ़ मार्ग पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल अलखियान जोहड़ में गंदा पानी जमा होने से इसकी खूबसूरती पर गहरा दाग लग रहा है। जिले में इन दिनों 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' चलाया जा रहा है, जिसके मद्देनजर नगर पालिका प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह जन सहयोग से इस जोहड़ की साफ-सफाई करवाकर इसकी सुंदरता को वापस लाए। आगामी मानसून से पहले यदि साफ-सफाई ठीक ढंग से हो जाती है, तो बरसाती पानी का भराव अत्यंत फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए प्रशासन को सबसे पहले जोहड़ में पानी आने वाले नालों पर जाली लगाकर उन्हें ढकना चाहिए, ताकि बाहरी गंदगी अंदर न आ सके। साथ ही, जोहड़ के अंदर जमा गंदे पानी को पूरी तरह बाहर निकालकर साफ-सफाई की जानी चाहिए। यदि इसका निचला फर्श क्षतिग्रस्त है, तो उसकी मरम्मत करवाना भी आवश्यक है ताकि पानी का रिसाव न हो और इसमें साफ पानी का भराव हो सके, जो पक्षियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जिले में तालाबों और बावड़ियों की सफाई की जा रही है, और यदि अलखियान जोहड़ में जमा गंदा पानी हटकर इसकी दशा सुधर जाती है, तो इस प्रमुख पर्यटन स्थल की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे।1
- झुंझुनूं जिले की मुकुंदगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी समीर पुत्र अब्दुल सलाम निवासी मुकुंदगढ़ को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर थानाधिकारी ताराचंद के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। मिली जानकारी के अनुसार, परिवादिया ने थाना में उपस्थित होकर एक प्रकरण दर्ज करवाया था। इसमें उसने बताया कि आरोपी ने उसे फोन करके अपने घर बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर तुरंत अनुसंधान शुरू किया। प्रकरण में घटना की गंभीरता को देखते हुए, गठित टीम ने आरोपी समीर को दस्तयाब कर गहन अनुसंधान के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है।1
- एक महत्वपूर्ण चिंता यह जताई गई है कि ईरान-अमेरिका के बीच संभावित जंग और अल-नीनो के प्रभावों से आम आदमी की खाने की थाली पर कितना और कैसा असर पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आम आदमी और किसानों को साल 2007 तक क्या कदम उठाने चाहिए।1
- आज दौसा जिला कलेक्ट्रेट पर नगर पालिका बसवा के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और समाज के लोग एकजुट होकर उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने हक-अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में कर्मचारियों ने समय पर वेतन भुगतान, स्थायी नियुक्ति प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और ठेका प्रथा को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की ताकत ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मजबूती से प्रशासन के सामने रखने के लिए जमकर नारेबाजी भी की, जिसमें वाल्मीकि सेना के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।2
- राजस्थान के खाटूश्यामजी में स्थित होटल राधे की हवेली में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई, जिसके चलते समूची श्याम नगरी में हलचल मच गई। आग की तेज लपटों और घने धुएं से पूरी होटल घिर गई, जिससे आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल फैल गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कल शुक्ल पक्ष एकादशी का मेला है और आज से ही खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। आग पर काबू पाने के लिए मंदिर कमेटी और पालिका की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिन्होंने तंग गलियों के बावजूद कड़ी मशक्कत कर आग बुझाई। यह भी उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही 'पत्रिका' ने प्रशासन और सरकार को ऐसी किसी संभावित स्थिति के प्रति आगाह किया था। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1
- तमिलनाडु में एक 10 साल के बच्चे के साथ बलात्कार का एक भयावह मामला सामने आया है। इस घटना की रिपोर्टिंग के दौरान समाचार अधिकारियों द्वारा मुस्कुराते हुए जानकारी दिए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या तमिलनाडु में ऐसी ही परिस्थितियाँ अपेक्षित हैं, और मांग की गई है कि इस मामले से जुड़े पुलिस कर्मचारियों को निश्चित रूप से दंडित किया जाना चाहिए।1
- विनोद जाखड़ से संबंधित मांगों को तुरंत पूरा करने की स्पष्ट और सशक्त अपील की गई है। इस दौरान विनोद जाखड़ की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया।1
- झुंझुनूं जिले के अलसीसर स्थित मरोदिया तालाब में मंगलवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने इसकी अध्यक्षता की। कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक कलश यात्रा से हुआ, जिसके बाद पीपल पूजन, सरोवर पूजन और श्रमदान जैसे आयोजनों से जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वृक्षारोपण भी किया। अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि सरकार शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसके लिए हरियाणा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं और लगभग 32 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के पूरा होने पर सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों को पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत 19 विभागों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें वर्षा ऋतु से पहले पौधारोपण की तैयारी, प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई, जल संरक्षण गतिविधियां और जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री ने लोगों से घरों में कुंड बनाकर वर्षा जल का संरक्षण करने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने "जल है तो जीवन है, जल है तो कल है" का संदेश देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पानी की हर बूंद का महत्व समझने और वर्षा जल संरक्षण अपनाने का आह्वान किया। पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ ने पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्थाओं को आधुनिक जीवन में पुनः अपनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरुषोत्तम धानका ने अभियान का उद्देश्य आमजन की भागीदारी बढ़ाना और व्यापक जनजागरूकता पैदा करना बताया, यह रेखांकित करते हुए कि समाज की सहभागिता के बिना प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी संरक्षण संभव नहीं है। कार्यक्रम के अंत में, बड़ी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन ने जल बचाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को पेड़-पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, सीईओ पुरुषोत्तम धानका, मलसीसर एसडीएम सुमन चौधरी, एसीईओ रामनिवास चौधरी, बीडीओ अलसीसर ममता चौधरी, बीडीओ मंडावा अमित चौधरी, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी, जिला कोषाधिकारी डॉ सतीश खेदड़, जिला रसद अधिकारी डॉ निकिता राठौड़, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अभिषेक चौपदार, एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एम के टिबडा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश मील, समग्र शिक्षा के सहायक निदेशक अशोक जांगिड़, स्काउट एंड गाइड सीओ महेश कालावत, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ पवन पूनिया, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड मनोज गौड़, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ राजेंद्र लांबा, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ विजयपाल कस्वा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अरविंद लामोरिया, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता राजपाल सिंह, अभियान के जिला संयोजक राकेश शर्मा, पूर्व प्रधान अलसीसर गिरधारी लाल खिचड़, बनवारी लाल सैनी, रोहिताश धागड़, प्यारेलाल ढूकिया, राजेंद्र ठेकेदार, बलबीर, कुलदीप पूनिया, हारून भाटी, रामप्रताप खेदड़, बलबीरसिंह लादूसर, चिरंजीलाल चौमाल, अरुण कौशिक, लक्ष्मीकांत मिश्रा, पवन चौमाल, बालकृष्ण लालपुरिया, इंद्रसिंह चौहान, भवानीसिंह शेखावत, प्रदीप सैनी, कुलदीप पूनिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।4