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विनोद जाखड़ से संबंधित मांगों को तुरंत पूरा करने की स्पष्ट और सशक्त अपील की गई है। इस दौरान विनोद जाखड़ की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया।

10 hrs ago
user_Keshari chand
Keshari chand
सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
10 hrs ago

विनोद जाखड़ से संबंधित मांगों को तुरंत पूरा करने की स्पष्ट और सशक्त अपील की गई है। इस दौरान विनोद जाखड़ की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • विनोद जाखड़ से संबंधित मांगों को तुरंत पूरा करने की स्पष्ट और सशक्त अपील की गई है। इस दौरान विनोद जाखड़ की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया।
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    विनोद जाखड़ से संबंधित मांगों को तुरंत पूरा करने की स्पष्ट और सशक्त अपील की गई है। इस दौरान विनोद जाखड़ की मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया।
    user_Keshari chand
    Keshari chand
    सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • एक महत्वपूर्ण चिंता यह जताई गई है कि ईरान-अमेरिका के बीच संभावित जंग और अल-नीनो के प्रभावों से आम आदमी की खाने की थाली पर कितना और कैसा असर पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आम आदमी और किसानों को साल 2007 तक क्या कदम उठाने चाहिए।
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    एक महत्वपूर्ण चिंता यह जताई गई है कि ईरान-अमेरिका के बीच संभावित जंग और अल-नीनो के प्रभावों से आम आदमी की खाने की थाली पर कितना और कैसा असर पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आम आदमी और किसानों को साल 2007 तक क्या कदम उठाने चाहिए।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मंडावा कस्बे में मुकुंदगढ़ मार्ग पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल अलखियान जोहड़ में गंदा पानी जमा होने से इसकी खूबसूरती पर गहरा दाग लग रहा है। जिले में इन दिनों 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' चलाया जा रहा है, जिसके मद्देनजर नगर पालिका प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह जन सहयोग से इस जोहड़ की साफ-सफाई करवाकर इसकी सुंदरता को वापस लाए। आगामी मानसून से पहले यदि साफ-सफाई ठीक ढंग से हो जाती है, तो बरसाती पानी का भराव अत्यंत फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए प्रशासन को सबसे पहले जोहड़ में पानी आने वाले नालों पर जाली लगाकर उन्हें ढकना चाहिए, ताकि बाहरी गंदगी अंदर न आ सके। साथ ही, जोहड़ के अंदर जमा गंदे पानी को पूरी तरह बाहर निकालकर साफ-सफाई की जानी चाहिए। यदि इसका निचला फर्श क्षतिग्रस्त है, तो उसकी मरम्मत करवाना भी आवश्यक है ताकि पानी का रिसाव न हो और इसमें साफ पानी का भराव हो सके, जो पक्षियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जिले में तालाबों और बावड़ियों की सफाई की जा रही है, और यदि अलखियान जोहड़ में जमा गंदा पानी हटकर इसकी दशा सुधर जाती है, तो इस प्रमुख पर्यटन स्थल की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे।
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    मंडावा कस्बे में मुकुंदगढ़ मार्ग पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल अलखियान जोहड़ में गंदा पानी जमा होने से इसकी खूबसूरती पर गहरा दाग लग रहा है। जिले में इन दिनों 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' चलाया जा रहा है, जिसके मद्देनजर नगर पालिका प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह जन सहयोग से इस जोहड़ की साफ-सफाई करवाकर इसकी सुंदरता को वापस लाए।

आगामी मानसून से पहले यदि साफ-सफाई ठीक ढंग से हो जाती है, तो बरसाती पानी का भराव अत्यंत फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए प्रशासन को सबसे पहले जोहड़ में पानी आने वाले नालों पर जाली लगाकर उन्हें ढकना चाहिए, ताकि बाहरी गंदगी अंदर न आ सके। साथ ही, जोहड़ के अंदर जमा गंदे पानी को पूरी तरह बाहर निकालकर साफ-सफाई की जानी चाहिए। यदि इसका निचला फर्श क्षतिग्रस्त है, तो उसकी मरम्मत करवाना भी आवश्यक है ताकि पानी का रिसाव न हो और इसमें साफ पानी का भराव हो सके, जो पक्षियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जिले में तालाबों और बावड़ियों की सफाई की जा रही है, और यदि अलखियान जोहड़ में जमा गंदा पानी हटकर इसकी दशा सुधर जाती है, तो इस प्रमुख पर्यटन स्थल की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे।
    user_Jitender singh
    Jitender singh
    Artist मंडावा, झुंझुनू, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • झुंझुनूं जिले की मुकुंदगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी समीर पुत्र अब्दुल सलाम निवासी मुकुंदगढ़ को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर थानाधिकारी ताराचंद के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। मिली जानकारी के अनुसार, परिवादिया ने थाना में उपस्थित होकर एक प्रकरण दर्ज करवाया था। इसमें उसने बताया कि आरोपी ने उसे फोन करके अपने घर बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर तुरंत अनुसंधान शुरू किया। प्रकरण में घटना की गंभीरता को देखते हुए, गठित टीम ने आरोपी समीर को दस्तयाब कर गहन अनुसंधान के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है।
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    झुंझुनूं जिले की मुकुंदगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी समीर पुत्र अब्दुल सलाम निवासी मुकुंदगढ़ को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर थानाधिकारी ताराचंद के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, परिवादिया ने थाना में उपस्थित होकर एक प्रकरण दर्ज करवाया था। इसमें उसने बताया कि आरोपी ने उसे फोन करके अपने घर बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर तुरंत अनुसंधान शुरू किया। प्रकरण में घटना की गंभीरता को देखते हुए, गठित टीम ने आरोपी समीर को दस्तयाब कर गहन अनुसंधान के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • श्री सैनकुल संस्था परिक्रमा यात्रियों के लिए स्नान और जलपान की व्यवस्था करेगी। यह एक ऐसा पुण्य अवसर है जो तीन साल बाद आ रहा है, जिसके तहत संस्था द्वारा यात्रियों की सेवा की जाएगी।
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    श्री सैनकुल संस्था परिक्रमा यात्रियों के लिए स्नान और जलपान की व्यवस्था करेगी। यह एक ऐसा पुण्य अवसर है जो तीन साल बाद आ रहा है, जिसके तहत संस्था द्वारा यात्रियों की सेवा की जाएगी।
    user_NEWS JAN AWAZ
    NEWS JAN AWAZ
    Local News Reporter पीलीबंगा, हनुमानगढ़, राजस्थान•
    16 min ago
  • देश में 1996 के बाद जन्मे युवा शायद ही हाजी मस्तान को जानते हों, लेकिन मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड में दाऊद इब्राहिम से पहले हाजी मस्तान का एक अलग ही मुकाम था। आज अचानक उनके पुराने इंटरव्यू, वीडियो और किस्से सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह शख्स कौन था जो खुद के सामने दाऊद को भी बच्चा बताता था। हाजी मस्तान का असली नाम मस्तान मिर्जा था। वह तमिलनाडु से मुंबई आए थे और शुरुआत में बेहद साधारण जीवन जीते थे, मजदूरी से काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने बंदरगाहों और समुद्री रास्तों से होने वाली तस्करी की दुनिया में कदम रखा। उस दौर में भारत में विदेशी सामान, सोना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर भारी पाबंदियां और टैक्स थे, जिसका फायदा उठाते हुए तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हुआ और हाजी मस्तान उसका एक प्रमुख चेहरा बन गए। मुंबई में उनका इतना प्रभाव था कि बड़े कारोबारी, फिल्मी हस्तियां और नेता भी उनके नाम से परिचित थे। सफेद कपड़े पहनना, महंगी गाड़ियां रखना और फिल्मी दुनिया से नजदीकी उनकी खास पहचान थी। कहा जाता है कि वह बाकी गैंगस्टरों की तरह खुलेआम हिंसा से बचते थे और खुद को एक बिजनेसमैन के तौर पर पेश करते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इंटरव्यू में हाजी मस्तान का आत्मविश्वास लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है, खासकर जब वह कहते हैं कि उनके ज़माने में दाऊद इब्राहिम नया था। यही वजह है कि लोग मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड की तुलना आज के दौर से करने लगे हैं। हालांकि इतिहास बताता है कि बाद में दाऊद इब्राहिम का नेटवर्क भारत से बाहर अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत तक फैल गया, लेकिन मुंबई के शुरुआती दौर में हाजी मस्तान को उन पहले डॉन में गिना जाता है जिन्होंने अंडरवर्ल्ड को एक नई पहचान दी। आज इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो पर उनके इंटरव्यू इसलिए वायरल हो रहे हैं क्योंकि लोगों को पुराने मुंबई, पुराने डॉन और उस दौर की कहानियों में काफी दिलचस्पी है, साथ ही उनके बोलने का अंदाज और आत्मविश्वास भी उन्हें अनूठा लगता है। हाजी मस्तान की मौत 25 जून 1994 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, लेकिन उनका नाम आज भी मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में सबसे चर्चित चेहरों में शुमार है।
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    देश में 1996 के बाद जन्मे युवा शायद ही हाजी मस्तान को जानते हों, लेकिन मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड में दाऊद इब्राहिम से पहले हाजी मस्तान का एक अलग ही मुकाम था। आज अचानक उनके पुराने इंटरव्यू, वीडियो और किस्से सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह शख्स कौन था जो खुद के सामने दाऊद को भी बच्चा बताता था।

हाजी मस्तान का असली नाम मस्तान मिर्जा था। वह तमिलनाडु से मुंबई आए थे और शुरुआत में बेहद साधारण जीवन जीते थे, मजदूरी से काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने बंदरगाहों और समुद्री रास्तों से होने वाली तस्करी की दुनिया में कदम रखा। उस दौर में भारत में विदेशी सामान, सोना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर भारी पाबंदियां और टैक्स थे, जिसका फायदा उठाते हुए तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हुआ और हाजी मस्तान उसका एक प्रमुख चेहरा बन गए। मुंबई में उनका इतना प्रभाव था कि बड़े कारोबारी, फिल्मी हस्तियां और नेता भी उनके नाम से परिचित थे। सफेद कपड़े पहनना, महंगी गाड़ियां रखना और फिल्मी दुनिया से नजदीकी उनकी खास पहचान थी। कहा जाता है कि वह बाकी गैंगस्टरों की तरह खुलेआम हिंसा से बचते थे और खुद को एक बिजनेसमैन के तौर पर पेश करते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इंटरव्यू में हाजी मस्तान का आत्मविश्वास लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है, खासकर जब वह कहते हैं कि उनके ज़माने में दाऊद इब्राहिम नया था। यही वजह है कि लोग मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड की तुलना आज के दौर से करने लगे हैं। हालांकि इतिहास बताता है कि बाद में दाऊद इब्राहिम का नेटवर्क भारत से बाहर अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत तक फैल गया, लेकिन मुंबई के शुरुआती दौर में हाजी मस्तान को उन पहले डॉन में गिना जाता है जिन्होंने अंडरवर्ल्ड को एक नई पहचान दी। आज इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो पर उनके इंटरव्यू इसलिए वायरल हो रहे हैं क्योंकि लोगों को पुराने मुंबई, पुराने डॉन और उस दौर की कहानियों में काफी दिलचस्पी है, साथ ही उनके बोलने का अंदाज और आत्मविश्वास भी उन्हें अनूठा लगता है। हाजी मस्तान की मौत 25 जून 1994 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, लेकिन उनका नाम आज भी मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में सबसे चर्चित चेहरों में शुमार है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • आज दौसा जिला कलेक्ट्रेट पर नगर पालिका बसवा के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और समाज के लोग एकजुट होकर उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने हक-अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में कर्मचारियों ने समय पर वेतन भुगतान, स्थायी नियुक्ति प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और ठेका प्रथा को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की ताकत ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मजबूती से प्रशासन के सामने रखने के लिए जमकर नारेबाजी भी की, जिसमें वाल्मीकि सेना के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।
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    आज दौसा जिला कलेक्ट्रेट पर नगर पालिका बसवा के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और समाज के लोग एकजुट होकर उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने हक-अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की।

प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में कर्मचारियों ने समय पर वेतन भुगतान, स्थायी नियुक्ति प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और ठेका प्रथा को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की ताकत ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मजबूती से प्रशासन के सामने रखने के लिए जमकर नारेबाजी भी की, जिसमें वाल्मीकि सेना के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।
    user_Neharu jedia
    Neharu jedia
    Local News Reporter उदयपुरवाटी, झुंझुनू, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • भयंकर 45°C की गर्मी के बीच, आदिवासी क्षेत्रों में माताओं और बहनों को पानी की एक घूंट के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 45 फीट गहरे कुएं में उतरना पड़ रहा है। इस दर्दनाक स्थिति की भयावहता 'कागज़ की पाइपलाइन' और 'सूखे हुए कंठ' जैसे वाक्यांशों से उजागर होती है, जो क्षेत्र में गंभीर जल संकट की ओर इशारा करते हैं। सूत्रों से मिली इस जानकारी के अनुसार, आदिवासियों की यह हकीकत गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या हम 'विश्व गुरु' बनने की होड़ में आगे बढ़ रहे हैं। यह स्थिति इस तरह के सभी सपनों और दावों को धूमिल कर देती है।
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    भयंकर 45°C की गर्मी के बीच, आदिवासी क्षेत्रों में माताओं और बहनों को पानी की एक घूंट के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 45 फीट गहरे कुएं में उतरना पड़ रहा है। इस दर्दनाक स्थिति की भयावहता 'कागज़ की पाइपलाइन' और 'सूखे हुए कंठ' जैसे वाक्यांशों से उजागर होती है, जो क्षेत्र में गंभीर जल संकट की ओर इशारा करते हैं।

सूत्रों से मिली इस जानकारी के अनुसार, आदिवासियों की यह हकीकत गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या हम 'विश्व गुरु' बनने की होड़ में आगे बढ़ रहे हैं। यह स्थिति इस तरह के सभी सपनों और दावों को धूमिल कर देती है।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    6 hrs ago
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