जिले के ग्राम पंचायत महई में 'एक पेड़ मां के नाम' और 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत एक बड़ा पौधरोपण एवं जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और ग्रामीणों ने मिलकर लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में 2500 औषधीय तथा फलदार पौधे लगाए। इन पौधों में आंवला, हर्रा, बहेरा, जामुन, बेल, अर्जुन और शतावर जैसी विभिन्न प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनसे न केवल हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि आयुष चिकित्सा और स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में करीब 350 श्रमिकों और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। जल संरक्षण की दिशा में 400 कंटूर ट्रेंच और वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, रिचार्ज ट्रेंच और कुंडों के माध्यम से वर्षा ऋतु में लगभग 30 लाख लीटर भूजल रिचार्ज होने का अनुमान है, जिससे भूजल स्तर में सुधार आने तथा जल संकट को कम करने में सहायता मिलेगी। कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े ने इस अवसर पर कहा कि ये लगाए गए पौधे केवल हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि भूजल संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लाइव फेंसिंग, प्रजातिवार क्लस्टर रोपण और जल संरक्षण संरचनाओं के विस्तार के निर्देश दिए। इस पूरे स्थल के संरक्षण और विकास की नोडल जिम्मेदारी उद्यान विभाग को सौंपी गई है। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए सामूहिक संकल्प लिया। जिला प्रशासन की इस पहल को ग्राम महई को भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिले के ग्राम पंचायत महई में 'एक पेड़ मां के नाम' और 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत एक बड़ा पौधरोपण एवं जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और ग्रामीणों ने मिलकर लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में 2500 औषधीय तथा फलदार पौधे लगाए। इन पौधों में आंवला, हर्रा, बहेरा, जामुन, बेल, अर्जुन और शतावर जैसी विभिन्न प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनसे न केवल
हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि आयुष चिकित्सा और स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में करीब 350 श्रमिकों और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। जल संरक्षण की दिशा में 400 कंटूर ट्रेंच और वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, रिचार्ज ट्रेंच और कुंडों के माध्यम से वर्षा ऋतु में लगभग 30 लाख लीटर भूजल रिचार्ज होने का अनुमान है, जिससे भूजल स्तर
में सुधार आने तथा जल संकट को कम करने में सहायता मिलेगी। कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े ने इस अवसर पर कहा कि ये लगाए गए पौधे केवल हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि भूजल संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लाइव फेंसिंग, प्रजातिवार क्लस्टर रोपण और जल संरक्षण संरचनाओं के विस्तार के निर्देश दिए। इस पूरे स्थल
के संरक्षण और विकास की नोडल जिम्मेदारी उद्यान विभाग को सौंपी गई है। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए सामूहिक संकल्प लिया। जिला प्रशासन की इस पहल को ग्राम महई को भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अवैध गांजा बिक्री का विरोध करने पर एक विक्रेता द्वारा कथित तौर पर एक गर्भवती महिला के पेट पर मुक्का मारने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस मामले में पुलिस से शिकायत करने के बाद भी पीड़िता को कोई सहायता नहीं मिली।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे को शासकीय वन विभाग रेस्ट हाउस में कमरा आवंटित नहीं किया गया। इस घटना से वन कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वन मंडल कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस फैसले का कड़ा विरोध जताया। हालात को देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे अपने जिला पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस घटना के बाद वन विभाग के भीतर प्रशासन और कर्मचारी संगठन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।1
- नागपुर के रहने वाले करण जायसवाल नामक व्यक्ति छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले से लापता हो गए हैं। उनके दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की अपील की है, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी को भी करण जायसवाल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे जल्द से जल्द एक दिए गए नंबर पर कॉल करके सूचित करें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों को एक संदेश दिया है। उन्होंने योग दिवस के इस खास मौके पर राज्य के निवासियों को संबोधित करते हुए यह संदेश जारी किया।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।1
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की बेटी की शादी संपन्न हुई है।1