नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है। नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है। नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
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- आज मुख्य बाजार में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी के मद्देनज़र ब्यावर जिला व्यापार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उप अधीक्षक एवं सर्किल अधिकारी से मुलाकात कर व्यापारियों की भावनाओं, आक्रोश एवं वर्तमान परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने शहर के मुख्य बाजार में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही व्यापारियों में व्याप्त असुरक्षा की भावना से भी अधिकारियों को अवगत कराया। इस अवसर पर ब्यावर जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय घीया, उपाध्यक्ष नवल सोमानी, महासचिव विजय लौंगानी, सचिव कपिल भारती, सचिव विनोद फुलवारी, सह सचिव किशोर साहू, सह कोषाध्यक्ष शैलेंद्र कुमावत, अनुशासन सचिव राजेश भूतड़ा, मीडिया प्रभारी गौरव सक्सेना, राजेश गिद्वानी, दिनेश सावलानी, नेमीचंद सेन, भारत शामदासानी, लकी भारती, कमलेश गोलानी, कपिल तेजवानी, राजेश बोहरा, अशोक लौंगानी, दीपू आसनानी सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण उपस्थित रहे।1
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- माकड़वाली रोड निवासी जमालुदीन चिता के खेत में काम कर रही महिलाओं को मोर के चिल्लाने की आवाज आ रही थी जब महिलाओं ने पास में आकर देखा तो लगभग 15 फीट लंबा अजगर मोर को आदा निगल गया था शोर मचाने पर आस पास लोग इकट्ठे हो गए खेत मालिक ने कोबरा टीम राजस्थान संस्थापक सुखदेव भट्ट से सम्पर्क किया गया भट्ट 20 मिनट में मौके पर पहुंचकर देखा तो मोर मरा हुआ था ग्रामीणों ने वन विभाग से संपर्क कर घटना के बारे में बताया और कहा कि विशाल काय अजगर को देखने के बाद मैं किसान खेत में काम करने से भी मना कर दिया1
- नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है। नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।1
- सर्प दंश से 28 वर्षीय महिला हुई अचेत,ब्लैक कोबरा सांप के काटने से निराज रावत हुई अचेत,निराज को उपचार के लिए परिजनों ने करवाया अजमेर अस्पताल में भर्ती, पीसांगन उपखंड क्षेत्र के अखेपुरा की घटना। सर्प दंश से 28 वर्षीय महिला हुई अचेत,ब्लैक कोबरा सांप के काटने से निराज रावत हुई अचेत,निराज को उपचार के लिए परिजनों ने करवाया अजमेर अस्पताल में भर्ती, पीसांगन उपखंड क्षेत्र के अखेपुरा की घटना। पीसांगन अस्पताल से अजमेर रैफर, अजमेर जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में चल रहा है उपचार1